हाइलाइट
- एकल महिलाओ को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु स्वरोजगार के लिए अनुदान की सुविधा।
- 2 लाख तक का व्यवसाय स्थापित करने हेतु 75% प्रतिशत अधिकतम 1.5 लाख की राशि का अनुदान।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
- किसी भी प्रकार की समस्या या और अधिक जानकारी हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकती है।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना |
| आरंभ वर्ष | 2025 |
| लाभ | 1.5 लाख रूपए तक का अनुदान। |
| लाभार्थी | राज्य की एकल महिला। |
| नोडल विभाग | उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग। |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन पत्र के माध्यम से। |
योजना के बारे मे
- महिलाओ के समग्र विकास एवं उनके उत्थान हेतु उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट द्वारा हाल ही में एक योजना को मंजूरी दी है।
- राज्य की बेसहारा महिलाओ पर केंद्रित इस योजना का नाम है "मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोज़गार योजना" है।
- सरकार द्वारा महिला के विभिन्न वर्गों को अनेक योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है लेकिन अभी एकल एवं बेसहारा महिलाओ पर केंद्रित कोई भी योजना संचालन में नहीं थी।
- योजना के सफल संचालन की जिम्मेदारी राज्य के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की होगी।
- इसी कमी को पूरी करते हुए राज्य सरकार ने "मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोज़गार योजना" को लागु करने का निर्णय लिया है।
- राज्य में पहले से उत्तराखंड मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना एवं उत्तराखण्ड लखपति दीदी योजना संचालित है जो महिलाओ को अग्रसित करने हेतु प्रतिबद्ध है।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा महिलाओ को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- स्वरोजगार हेतु राज्य सरकार पात्र महिलाओ को अनुदान दिया जाएगा, जिसकी राशि अधिकतम 1.5 लाख रूपए की होगी ।
- इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा महिलाओ को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अनुदान दिया जाएगा, जो की अधिकतम 1.5 लाख रूपए तक का होगा।
- योजना अनुसार यदि कोई महिला अपना खुद का व्यवसाय करना चाहती है तो योजना स्वरुप महिला को 2 लाख तक की राशि पर 75% का अनुदान दिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को लागु करने का मुख्य उद्देश्य राज्य की एकल महिला को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
- मुख्य तौर पर योजना का लाभ एकल निराश्रित महिलाए, विधवा, परित्यक्ता, किन्नर, अपराध से पीड़ित या एसिड हमले से पीड़ित महिला या महिलाओ के बच्चे या तो अविवाहित है या नाबालिक है, को प्राप्त होगा।
- इसके साथ महिलाओ की आयु 21 से 50 वर्ष के मध्य हो और राज्य की स्थायी निवासी हो।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत महिला किसी भी व्यवसाय का चयन कर खुद का स्वरोजगार स्थापित कर सकती है।
- व्यवसाय के लिए मुख्य तौर पर बागवानी, कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन, प्लम्बर कार्य, इलेक्ट्रीशियन, डाटा एंट्री, ब्यूटी पार्लर आदि जैसे व्यवसायों को शुरू कर सकती है।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ पाने हेतु पात्र महिलाओ को इसके आवेदन पत्र दर्शाये गए माध्यम से जमा करना अनिवार्य है।
- पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर जारी इस योजना का लाभ प्रथम वर्ष में केवल 2,000 हजार महिलाओ को ही दिया जाएगा।
- नोडल विभाग द्वारा प्रत्येक जिले में एक समिति गठित की जाएगी जिनके द्वारा प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
- सफलतापूर्वक स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को पूरा करने वाले आवेदकों को ही एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ दिया जाएगा।
- लाभार्थी महिलाएं अपना एकल महिला स्वरोजगार योजना आवेदन पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में जमा कर सकती हैं।
- प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच हेतु प्राधिकरण द्वारा जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए आवेदन 18-06-2025 से प्रारंभ हो चुके हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 20-08-2025 है।
योजना में लाभार्थियों को मिलने वाले लाभ
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत राज्य की एकल महिलाओ को निम्नलिखित लाभ दिए जाएंगे : -
- महिलाओ को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाना।
- 2 लाख तक का व्यवसाय स्थापित करने हेतु 75% प्रतिशत की राशि अनुदान स्वरुप दी जाएगी।
- अनुदान स्वरूप एक व्यक्ति अधिकतम 1.5 लाख की राशि ही प्राप्त कर सकता है।
- अनुदान की राशि निम्नलिखित रोजगार शुरू करने के लिए दी जाएगी : -
- कृषि।
- बागवानी।
- पशुपालन।
- प्लंबिंग।
- डाटा एंट्री।
- इलेक्ट्रीशियन।
- ब्यूटी पार्लर।
- मुर्गी पालन इत्यादि।
पात्रता की शर्तें
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का लाभ केवल उन्ही महिलाओ को प्राप्त होगा जो योजना के अंतर्गतज़ारी निम्नलिखित पात्रता को पूर्ण करेंगे : -
- महिला उत्तराखण्ड राज्य की स्थायी निवासी हो।
- महिला को आयु 21 से 50 वर्ष के मध्य हो।
- ऐसी बेसहारा महिलाए जो निम्नलिखित में से किसी भी श्रेणी से हो : -
- विधवा।
- परित्यक्ता।
- किन्नर।
- अपराध या एसिड हमले की पीड़ित।
- अवयस्क या अविवाहित बच्चों की माँ।
- महिला को योजना के सामान किसी अन्य योजना से लाभ न मिल रहा हो।
- महिला आयकर दाता न हो।
लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- उत्तराखण्ड सरकार की एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन पत्र में लाभार्थी महिलाओ को अपने निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है : -
- आधार कार्ड।
- निवास प्रमाण पत्र।
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- आयु प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र।
- पति का मृत्यु प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक।
- पैन कार्ड।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- योजना निर्देशित अन्य दस्तावेज।
आवेदन करने की प्रक्रिया
- पात्र महिला आवेदक उत्तराखण्ड सरकार की मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं।
- मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का आवेदन पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी या बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध है।
- आवेदन पत्र प्राप्त करें, उसे भरें और सभी आवश्यक दस्तावेजों को इसके साथ संलग्न करें।
- आवेदन पत्र और सभी दस्तावेजों को केवल पंजीकृत डाक द्वारा डीपीओ या सीडीपीओ कार्यालय में भेजना अनिवार्य है।
- प्राप्त आवेदन पत्र और दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
- आवेदकों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
- चयनित महिला लाभार्थियों को सरकार द्वारा सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाएगी।
- पहली किश्त तब जारी की जाएगी जब महिला लाभार्थी अपनी 12.5% हिस्सेदारी संबंधित बैंक खाते में जमा कर देगी।
- उसके बाद कुल राशि का 50% भाग महिला लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
- पहली किश्त जारी होने के बाद 6 महीने के भीतर व्यवसाय प्रारंभ करना अनिवार्य होगा।
- दूसरी किश्त कुल राशि का 30% तब जारी की जाएगी जब महिला लाभार्थी अपनी 30% हिस्सेदारी संबंधित बैंक खाते में जमा कर देगी।
- संबंधित अधिकारी महिला लाभार्थी के व्यवसाय स्थल का निरीक्षण कर ऑडिट करेंगे।
- इसके बाद शेष 20% राशि यानी तीसरी किश्त सरकार द्वारा जारी की जाएगी।
योजना के महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना आवेदन पत्र।
- उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना दिशानिर्देश।
- उत्तराखण्ड महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पोर्टल।
संपर्क कैसे करे
- किसी भी प्रकार की समस्या या और अधिक जानकारी हेतु महिलाए योजना के नोडल विभाग के कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकती है।
- नंदा की चौकी सुद्धोवाला के पास,
विकासनगर रोड, देहरादून
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| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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