- पात्र ओ.डी.ओ.पी कारीगरों को 10 दिनों का निःशुल्क कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाता है।
- प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹200 मानदेय, यानी 10 भुगतान योग्य दिनों के लिए कुल ₹2,000 दिए जाते हैं।
- पात्र प्रशिक्षुओं को ₹20,000 तक मूल्य की उन्नत टूलकिट निःशुल्क प्रदान की जाती है।
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
- 0512-2218401
- 0512-2234956
- 0512-2219166
- उद्योग निदेशालय हेल्पलाइन नंबर: 155343
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना |
| लाभ | निःशुल्क प्रशिक्षण, मानदेय और टूलकिट |
| लाभार्थी | उत्तर प्रदेश के ओ.डी.ओ.पी. कारीगर एवं श्रमिक |
| नोडल विभाग | उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना, उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख 'एक जनपद, एक उत्पाद' (ओ.डी.ओ.पी.) पहल के अंतर्गत संचालित कौशल विकास और टूलकिट वितरण योजना है। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले के पारंपरिक एवं स्थानीय उत्पादों से जुड़े उत्पादन आधार को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत कारीगरों, शिल्पकारों और श्रमिकों को उनके जिले के लिए निर्धारित उत्पाद से संबंधित तकनीकी एवं उद्यमिता प्रशिक्षण निःशुल्क दिया जाता है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर लाभार्थियों को उनके काम के अनुरूप आधुनिक टूलकिट निःशुल्क प्रदान की जाती है, जिससे उत्पादकता, उत्पाद की गुणवत्ता और कमाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
यह योजना ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों की पूरी मूल्य-श्रृंखला में कुशल श्रमिकों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू की गई। कई पारंपरिक कारीगर अब भी पुराने औजारों और सीमित तकनीकी जानकारी के साथ काम करते हैं, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और आय प्रभावित हो सकती है। इस कमी को दूर करने के लिए योजना में जिले के ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों से संबंधित सामान्य तकनीकी प्रशिक्षण, बुनियादी एवं उन्नत शिल्प प्रशिक्षण तथा उद्यमिता विकास प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों के लिए कुशल और आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करना तथा प्रशिक्षित कारीगरों को उपयुक्त एवं बेहतर टूलकिट उपलब्ध कराना है।
ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत चयनित उम्मीदवार को कुल 10 दिनों का कौशल एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण निःशुल्क और गैर-आवासीय होता है। प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रतिदिन ₹200 मानदेय मिलता है। प्रशिक्षण संतोषजनक ढंग से पूरा होने के बाद उद्योग उपायुक्त यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रशिक्षु के बैंक खाते में भेजते हैं। विभाग प्रत्येक प्रशिक्षित कारीगर को उन्नत टूलकिट भी निःशुल्क देता है, जिसकी कीमत ₹20,000 तक हो सकती है। जिन कारीगरों के पास पहले से आवश्यक कौशल हैं, उन्हें संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता (आरपीएल) के अंतर्गत प्रमाणित किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग नोडल विभाग है। उद्योग निदेशालय एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय (ओ.डी.ओ.पी. प्रकोष्ठ) के अंतर्गत जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र (डीआईईपीसी) योजना लागू करते हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (यूपीआईडी), उद्यमिता विकास संस्थान, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और पॉलिटेक्निक जैसे संस्थान प्रशिक्षण देते हैं। उद्योग उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय चयन समिति प्रशिक्षुओं का चयन करती है।
उत्तर प्रदेश का मूल निवासी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। योजना में किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है। आवेदन उद्योग निदेशालय के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखना उचित है। ऑनलाइन आवेदन में कठिनाई होने पर निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सहायता ली जा सकती है, जहाँ केंद्र संचालक की मदद से फॉर्म भरा जा सकता है।
इस योजना के अलावा राज्य सरकार ओ.डी.ओ.पी. वित्तीय सहायता योजना और 'एक जनपद, एक व्यंजन' (ओ.डी.ओ.सी.) वित्तीय सहायता योजना भी संचालित करती है। ओ.डी.ओ.पी. वित्तीय सहायता योजना जिले के निर्धारित उत्पादों से संबंधित इकाइयों के लिए बैंक ऋण के साथ ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता देती है, जबकि ओ.डी.ओ.सी. वित्तीय सहायता योजना जिले के पारंपरिक व्यंजनों से संबंधित इकाइयों को इसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इच्छुक आवेदक दोनों योजनाओं का विस्तृत विवरण संबंधित लिंक पर देख सकते हैं।
योजना के लाभ
उत्तर प्रदेश ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना पात्र कारीगरों को अपने कौशल और उत्पादकता में सुधार के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण, दैनिक मानदेय तथा टूलकिट उपलब्ध कराती है। चयनित लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
- निःशुल्क प्रशिक्षण: बिना किसी शुल्क के 10 दिनों का कौशल एवं उद्यमिता विकास प्रशिक्षण।
- गैर-आवासीय प्रशिक्षण: प्रशिक्षण के दौरान रहने की व्यवस्था शामिल नहीं होती।
- दैनिक मानदेय: प्रशिक्षण के दौरान ₹200 प्रतिदिन, यानी पूरे 10 दिनों के लिए कुल ₹2,000।
- डीबीटी के माध्यम से भुगतान: प्रशिक्षण संतोषजनक रूप से पूरा करने के बाद उद्योग उपायुक्त मानदेय सीधे प्रशिक्षु के बैंक खाते में भेजते हैं।
- निःशुल्क उन्नत टूलकिट: प्रशिक्षित कारीगरों को उनके उत्पाद से संबंधित अधिकतम ₹20,000 मूल्य तक की टूलकिट दी जाती है।
- आरपीएल प्रमाणन: कुशल कारीगरों का मूल्यांकन कर संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता के अंतर्गत प्रमाणन किया जाता है।
- अगले वित्त वर्ष में प्राथमिकता: यदि चालू वित्त वर्ष में धन की कमी के कारण किसी प्रशिक्षित व्यक्ति को टूलकिट नहीं मिल पाती, तो अगले वित्त वर्ष में उसे प्राथमिकता के आधार पर टूलकिट दी जाती है।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण की संरचना
जिले के ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद के लिए योग्यता पैक क्वालिफिकेशन पैक (क्यू.पी.) उपलब्ध है या नहीं, इसके आधार पर विभाग 10 दिनों के प्रशिक्षण की रूपरेखा तय करता है।
योग्यता पैक (क्यू.पी.) वाले उत्पाद
- ब्रिज कोर्स के माध्यम से 5 दिनों का कौशल प्रशिक्षण।
- 5 दिनों का उद्यमिता विकास प्रशिक्षण।
- प्रशिक्षण संस्थान कारीगरों का पूर्व अर्जित कौशल की मान्यता (आरपीएल) के अंतर्गत मूल्यांकन कराता है और संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल से प्रमाणन करवाता है।
योग्यता पैक के बिना वाले उत्पाद
- 5 दिनों का सामान्य कौशल विकास प्रशिक्षण।
- 5 दिनों का उद्यमिता विकास प्रशिक्षण।
- विभाग संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के माध्यम से भविष्य में इन उत्पादों के लिए योग्यता पैक विकसित करने का प्रयास करेगा।
प्रशिक्षण की अन्य शर्तें
- एक बैच में अधिकतम 25 प्रशिक्षु हो सकते हैं।
- प्रशिक्षण संस्थानों का चयन उद्योग आयुक्त एवं निदेशक करते हैं।
- पात्र संस्थानों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, यूपीआईडी, उद्यमिता विकास संस्थान, आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थान शामिल हैं।
- प्रशिक्षण संस्थान उपस्थिति रजिस्टर और प्रशिक्षण का रिकॉर्ड रखता है तथा प्रशिक्षण के बाद उसे डीआईईपीसी में जमा करता है।
टूलकिट का वितरण
यूपी ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के अंतर्गत प्रत्येक प्रशिक्षित कारीगर को उसके ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद से संबंधित बेहतर टूलकिट निःशुल्क दी जाती है।
- एक टूलकिट का अधिकतम मूल्य ₹20,000 है।
- उद्योग आयुक्त एवं निदेशक (ओ.डी.ओ.पी. प्रकोष्ठ) की अध्यक्षता वाली समिति, उद्योग उपायुक्त से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिले और उत्पाद के अनुसार औजारों तथा उनकी लागत को अंतिम रूप देती है।
- संबंधित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र टूलकिट खरीदता है।
- केंद्र सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से टूलकिट खरीदता है। यदि टूलकिट GeM पर उपलब्ध नहीं होती, तो लागू वित्तीय नियमों का पालन किया जाता है।
- योजना की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार विभाग प्रशिक्षण के समय टूलकिट उपलब्ध कराता है। वितरण की सटीक तारीख के लिए आवेदक अपने जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
पात्रताएं
उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
- आवेदन की तारीख को आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
- आवेदक अपने जिले के लिए निर्धारित ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद के उत्पादन कार्य से जुड़ा होना चाहिए।
- किसी शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है।
- आवेदक ने पिछले 2 वर्षों में भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के अंतर्गत संबंधित उत्पाद की टूलकिट प्राप्त न की हो।
- प्रति परिवार केवल एक व्यक्ति को और केवल एक बार योजना का लाभ मिलेगा। यहाँ परिवार से आशय पति-पत्नी से है।
- आवेदक को सभी पात्रता शर्तें पूरी करने की पुष्टि करने वाला घोषणा-पत्र/शपथ-पत्र जमा करना होगा।
आवश्यक दस्तावेज़
ऑनलाइन आवेदन जमा करने से पहले आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपलोड करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण-पत्र
- बैंक पासबुक या रद्द किया हुआ चेक
- जाति प्रमाण-पत्र (आरक्षित श्रेणी के आवेदकों के लिए)
- दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)
- पात्रता की पुष्टि करने वाला घोषणा-पत्र/शपथ-पत्र
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने में परेशानी होने पर निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की मदद से भी ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर जाएँ।
- मुख्य पृष्ठ पर "Schemes & Apply" पर क्लिक करें और "उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना" चुनें।
- योजना के विवरण के नीचे दिए गए पंजीकरण फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें।
- फॉर्म जमा करने के बाद आपको एसएमएस के माध्यम से यूज़र आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा।
- पंजीकरण के बाद अपने लॉगिन विवरण से पोर्टल पर लॉगिन करें।
- पहली बार लॉगिन करने पर यदि पोर्टल पासवर्ड बदलने के लिए कहे, तो पासवर्ड बदल दें।
- लाभार्थी अनुभाग में जाकर "उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना" चुनें।
- आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, पता, उत्पाद और बैंक खाते का विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
- पोर्टल पर बताए गए फ़ाइल प्रारूप और आकार के अनुसार आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- पात्रता की पुष्टि करने वाला नोटरीकृत शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र अपलोड करें।
- आवेदन का प्रारूप जाँचें, गलतियाँ सुधारें और "Final Submit" पर क्लिक करें।
- आवेदन संख्या नोट कर लें और भविष्य के संदर्भ के लिए जमा किए गए फॉर्म का प्रिंटआउट निकाल लें।
चयन प्रक्रिया
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में जमा किए गए आवेदनों में से जिला स्तरीय चयन समिति प्रशिक्षुओं का चयन करती है। प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आवेदन जमा करना: आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन संबंधित डीआईईपीसी में उद्योग उपायुक्त को जमा करते हैं।
- समिति द्वारा चयन: जिला स्तरीय चयन समिति जिले के लिए प्रशिक्षुओं का चयन करती है।
- समिति के सदस्य: उद्योग उपायुक्त (अध्यक्ष), ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद से संबंधित विभाग के जिला अधिकारी या जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक, आईटीआई के प्रधानाचार्य तथा उद्योग उपायुक्त द्वारा नामित 2 ओ.डी.ओ.पी. उद्यमी।
- प्रशिक्षण आवंटन: चयनित उम्मीदवार उद्योग आयुक्त एवं निदेशक द्वारा चुने गए संस्थान में अधिकतम 25 प्रशिक्षुओं के बैच में प्रशिक्षण लेते हैं।
ध्यान दें: चयन के बाद उम्मीदवार प्रशिक्षण लेते हैं। प्रशिक्षण संतोषजनक रूप से पूरा करने पर उन्हें डीबीटी के माध्यम से मानदेय मिलता है और विभाग टूलकिट प्रदान करता है। उद्योग आयुक्त एवं निदेशक बजट की उपलब्धता के आधार पर जिलेवार लक्ष्य निर्धारित करते हैं। प्रत्येक डीआईईपीसी योजना का प्रचार-प्रसार करने के लिए सार्वजनिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करता है।
महत्त्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना पंजीकरण
- उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना लॉगिन
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश योजना विवरण
- ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना विवरण
- ओ.डी.ओ.पी, उत्तर प्रदेश पोर्टल
- उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना की अधिसूचना
- उत्तर प्रदेश ओ.डी.ओ.पी प्रशिक्षण एवं टूलकिट वितरण योजना के दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
- 0512-2218401
- 0512-2234956
- 0512-2219166
- उद्योग निदेशालय हेल्पलाइन नंबर: 155343
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसके अंतर्गत ओ.डी.ओ.पी. कारीगरों को 10 दिनों का निःशुल्क कौशल एवं उद्यमिता प्रशिक्षण, प्रतिदिन ₹200 का मानदेय और ₹20,000 तक मूल्य की टूलकिट निःशुल्क प्रदान की जाती है।
उत्तर प्रदेश का कोई भी मूल निवासी, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो अपने जिले के निर्धारित ओ.डी.ओ.पी. उत्पाद के कार्य से जुड़ा है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
नहीं, इस योजना के लिए किसी भी शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है।
प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिदिन ₹200 का मानदेय दिया जाता है। इस प्रकार, 10 दिनों के पूरे प्रशिक्षण के लिए कुल ₹2,000 मिलते हैं।
प्रशिक्षण संतोषजनक रूप से पूरा होने के बाद उद्योग उपायुक्त प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से मानदेय की राशि प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में भेजते हैं।
विभाग प्रत्येक पात्र प्रशिक्षणार्थी को ₹20,000 तक मूल्य की टूलकिट निःशुल्क प्रदान करता है।
नहीं, एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है। यहाँ परिवार से आशय पति-पत्नी से है और योजना का लाभ केवल एक बार दिया जाता है।
संबंधित प्राधिकरण ने अभी तक आवेदन की अंतिम तिथि की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
यदि चालू वित्त वर्ष में धनराशि की कमी के कारण टूलकिट उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो विभाग अगले वित्त वर्ष में टूलकिट प्रदान करने के लिए लाभार्थी को प्राथमिकता देता है।
एक प्रशिक्षण बैच में अधिकतम 25 प्रशिक्षणार्थी हो सकते हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | सरकार |
|---|---|
नई टिप्पणी जोड़ें