- पात्र ODOP परियोजनाओं के लिए ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता मिल सकती है।
- ₹25 लाख तक की परियोजनाओं पर 25% सहायता मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹6.25 लाख है।
- 2 वर्ष तक सफल संचालन और ऋण चूक न होने पर मार्जिन मनी अनुदान में परिवर्तित कर दिया जाता है।
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
- 0512-2218401
- 0512-2234956
- 0512-2219166
- उद्योग निदेशालय हेल्पलाइन नंबर: 155343
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) वित्त पोषण सहायता योजना |
| लाभ | मार्जिन मनी सब्सिडी एवं बैंक ऋण |
| लाभार्थी | ODOP कारीगर, श्रमिक एवं उद्यमी |
| नोडल विभाग | उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) वित्तपोषण सहायता योजना, जिसे ODOP मार्जिन मनी योजना भी कहा जाता है, राज्य के उन लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है जो अपने जिले के विशिष्ट उत्पाद पर आधारित व्यवसाय शुरू करना या उसका विस्तार करना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिए एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष उत्पाद की पहचान की गई है। इसमें हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और स्थानीय उद्योगों से संबंधित उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों पर आधारित इकाई स्थापित करने के लिए पात्र आवेदकों को बैंक ऋण के साथ वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर 2018 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसका संचालन उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के ODOP प्रकोष्ठ और जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के माध्यम से किया जाता है।
अनेक छोटे कारीगरों और नए उद्यमियों के सामने व्यवसाय शुरू करने के लिए अपनी ओर से आवश्यक धनराशि जुटाने की समस्या होती है। बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए भी परियोजना में आवेदक का स्वयं का योगदान आवश्यक होता है। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने ODOP मार्जिन मनी योजना शुरू की। इसका उद्देश्य कारीगरों, श्रमिकों और उद्यमियों को वित्तीय प्रोत्साहन देकर प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत उद्योग, सेवा और व्यवसाय क्षेत्र की वे इकाइयाँ पात्र हो सकती हैं जो आवेदक के जिले के निर्धारित ODOP उत्पाद से संबंधित हों।
इस योजना में बैंक ऋण प्रदान करता है, जबकि सरकार परियोजना के लिए अतिरिक्त मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध कराती है। ₹25 लाख तक की परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 25% या अधिकतम ₹6.25 लाख, जो भी कम हो, प्रदान किया जाता है। इससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम ₹20 लाख तक की सहायता मिल सकती है। मार्जिन मनी की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है और इस राशि पर बैंक द्वारा ब्याज नहीं लिया जाता है।
यदि इकाई दो वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित होती है और ऋण में कोई चूक नहीं होती है, तो निर्धारित शर्तों के अधीन मार्जिन मनी को अनुदान में परिवर्तित कर दिया जाता है, अर्थात लाभार्थी को यह राशि वापस नहीं करनी होती है। सामान्यतः लाभार्थी को परियोजना लागत का 10% स्वयं वहन करना होता है, जबकि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह योगदान 5% निर्धारित है।
एक जनपद एक उत्पाद वित्तपोषण सहायता योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जाती है। जुलाई 2020 में योजना में आवश्यक संशोधन किए गए, जिनके अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन को अनिवार्य बनाया गया। इसलिए जिला उद्योग केंद्र में कागजी आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते हैं। चयन के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया भी समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर विभाग 100 अंकों की क्रेडिट स्कोरकार्ड प्रणाली के आधार पर आवेदन का मूल्यांकन करता है। कम से कम 50 अंक प्राप्त करने वाले आवेदन बैंक को ऋण स्वीकृति के लिए भेजे जाते हैं। बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद नए लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने से पहले निर्धारित उद्यमिता प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
राज्य में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी संचालित करती है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और रियायती ऋण प्राप्त करने में सहायता दी जाती है। वहीं, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत विनिर्माण इकाइयों के लिए ₹25 लाख और सेवा क्षेत्र की इकाइयों के लिए ₹10 लाख तक का ऋण तथा 25% मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जाती है। इन दोनों योजनाओं की पूरी जानकारी संबंधित लिंक पर देख सकते हैं।
योजना के लाभ
एक जनपद एक उत्पाद वित्तपोषण सहायता योजना के अंतर्गत मार्जिन मनी सहायता की राशि इकाई की कुल परियोजना लागत के आधार पर निर्धारित की जाती है। इसका विवरण निम्नलिखित है।
| कुल परियोजना लागत | मार्जिन मनी सहायता |
|---|---|
| ₹25 लाख तक | परियोजना लागत का 25% या ₹6.25 लाख, जो भी कम हो |
| ₹25 लाख से अधिक और ₹50 लाख तक | ₹6.25 लाख या परियोजना लागत का 20%, जो भी अधिक हो |
| ₹50 लाख से अधिक और ₹150 लाख तक | ₹10 लाख या परियोजना लागत का 10%, जो भी अधिक हो |
| ₹150 लाख से अधिक | परियोजना लागत का 10% या ₹20 लाख, जो भी कम हो |
अन्य लाभ
उत्तर प्रदेश ODOP मार्जिन मनी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।
- बैंक ऋण: राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और अन्य अनुसूचित बैंक परियोजना के लिए ऋण उपलब्ध कराते हैं।
- अनुदान में परिवर्तन: बिना ऋण चूक के दो वर्षों तक इकाई का सफल संचालन होने पर मार्जिन मनी को अनुदान में परिवर्तित किया जाता है।
- मार्जिन मनी पर ब्याज नहीं: मार्जिन मनी की राशि पर बैंक द्वारा ब्याज नहीं लिया जाता है।
- DBT के माध्यम से भुगतान: जिला उद्योग केंद्र (DIC) मार्जिन मनी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजता है।
- स्वयं के योगदान में छूट: विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को परियोजना लागत का केवल 5% स्वयं लगाना होता है।
- निःशुल्क प्रशिक्षण: ऋण स्वीकृत होने के बाद लाभार्थियों को उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाता है। पहले से प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को इससे छूट मिल सकती है।
- आवेदन में सहायता: ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होने पर उपायुक्त (उद्योग) आवेदकों को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
परियोजना लागत में क्या शामिल होता है?
- भूमि खरीदने की लागत को छोड़कर पूंजीगत व्यय।
- कार्यशील पूंजी का एक चक्र।
- किराये पर लिए गए कार्यशाला या कार्यस्थल का किराया।
- भूमि खरीदने की लागत परियोजना लागत में शामिल नहीं होती है।
पात्रता की शर्तें
एक जनपद एक उत्पाद वित्तपोषण सहायता योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी।
- आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है।
- आवेदक की इकाई उद्योग, सेवा या व्यवसाय क्षेत्र में होनी चाहिए और उसके जिले के निर्धारित ODOP उत्पाद से संबंधित होनी चाहिए।
- आवेदक या उसकी इकाई किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, वित्तीय संस्था या सरकारी संस्था की ऋण चूककर्ता नहीं होनी चाहिए।
- आवेदक ने भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
- एक परिवार से केवल एक सदस्य को और केवल एक बार योजना का लाभ मिल सकता है।
- आवेदक को सभी पात्रता शर्तों को पूरा करने की पुष्टि करने वाला शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं और दिव्यांगजनों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी संबंधित प्रमाणपत्रों की सत्यापित प्रतियाँ संलग्न करनी होंगी।
- आवेदन को बैंक के पास भेजे जाने के लिए 100 अंकों के क्रेडिट स्कोरकार्ड में कम से कम 50 अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज
ODOP वित्तपोषण सहायता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियाँ तैयार रखनी चाहिए।
- पहचान प्रमाण, जैसे आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र।
- आयु प्रमाणपत्र।
- जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)।
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)।
- परियोजना रिपोर्ट या परियोजना प्रपत्र।
- नोटरी से सत्यापित पात्रता संबंधी शपथपत्र।
- हाल ही में खिंचवाया गया पासपोर्ट आकार का फोटो।
- विभाग द्वारा माँगा गया कोई अन्य दस्तावेज।
आवेदन कैसे करें?
उत्तर प्रदेश ODOP मार्जिन मनी योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदकों को उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। जिला उद्योग केंद्र (DIC) में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते हैं। आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया निम्नलिखित है।
ऑनलाइन पंजीकरण और लॉगिन
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- होम पेज पर "Schemes & Apply" विकल्प पर क्लिक करें और ODOP Financing Assistance (Margin Money) Scheme चुनें।
- योजना की जानकारी के नीचे उपलब्ध पंजीकरण फॉर्म में आवश्यक विवरण भरकर अपना पंजीकरण पूरा करें।
- पंजीकरण के बाद Registered Applicant Login पेज खोलें।
- अपना यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करें।
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
- ODOP योजना का चयन करके "ऑनलाइन लाभार्थी-उन्मुख योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश" अनुभाग में अनिवार्य दस्तावेजों और संलग्नकों की सूची देखें।
- सभी आवश्यक दस्तावेजों और हाल ही में खिंचवाए गए फोटो की स्कैन की गई प्रतियाँ तैयार रखें।
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के सभी आवश्यक कॉलम भरें।
- योजना के लिए माँगे गए सभी दस्तावेज अपलोड करें।
- शपथपत्र का निर्धारित प्रारूप डाउनलोड करें, उसे नोटरी से सत्यापित करवाएँ और सत्यापित प्रति अपलोड करें।
- आवेदन के ड्राफ्ट का प्रिंट निकालकर सभी विवरण ध्यानपूर्वक जाँचें। किसी भी गलती को संबंधित विकल्प के माध्यम से ठीक करें।
- सुनिश्चित करें कि अपलोड किए गए सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य हों।
- आवेदन की प्रति से संबंधित विकल्प में "Final Submit" पर क्लिक करें।
- भविष्य में संदर्भ के लिए जमा किए गए आवेदन का प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।
आवेदन की जाँच, बैंक प्रक्रिया और राशि का भुगतान
- उपायुक्त (उद्योग) आवेदन की जाँच करते हैं, आवेदक से बातचीत करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर सुधार के लिए आवेदन वापस भेजते हैं।
- जिला उद्योग केंद्र (DIC) क्रेडिट स्कोरकार्ड के आधार पर आवेदन का मूल्यांकन करता है। कम से कम 50 अंक प्राप्त करने वाले आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए भेजे जाते हैं।
- प्रारंभिक मूल्यांकन के सात दिनों के भीतर DIC ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन संबंधित बैंक शाखा को भेजता है।
- आवेदन प्राप्त होने के एक महीने के भीतर शाखा प्रबंधक ऋण स्वीकृत या अस्वीकृत करने का निर्णय लेता है और इसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करता है।
- ऋण स्वीकृत होने के बाद नए लाभार्थियों को किसी प्रतिष्ठित संस्थान से अनिवार्य उद्यमिता प्रशिक्षण पूरा करना होता है। पहले से प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को छूट मिल सकती है।
- प्रशिक्षण पूरा होने के एक महीने के भीतर बैंक ऋण की पहली किस्त जारी करता है और इसका विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करता है।
- ऋण स्वीकृत होने के बाद सक्षम प्राधिकारी बजट की उपलब्धता और योजना की सभी शर्तें पूरी होने के अधीन मार्जिन मनी की मंजूरी देता है। इसके बाद DIC DBT के माध्यम से यह राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजता है।
- इकाई के दो वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित होने और DIC तथा बैंक अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किए जाने के बाद सरकार निर्धारित शर्तों के अनुसार मार्जिन मनी को अनुदान में समायोजित करती है।
ऑनलाइन आवेदन में सहायता
ऑनलाइन आवेदन करने में कठिनाई होने पर आवेदक अपने जिले के जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र (DIC) में उपायुक्त (उद्योग) से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन भरने और जमा करने में सहायता के लिए निकटतम जन सेवा केंद्र (CSC) पर भी जा सकते हैं।
आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?
अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जानने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- Application Status विकल्प खोलें।
- अपना आवेदन नंबर, जन्मतिथि (DOB) और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- आवेदन की नवीनतम स्थिति देखने के लिए "Check Status" पर क्लिक करें।
महत्वपूर्ण शर्तें
ऋण और मार्जिन मनी प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों को निम्नलिखित शर्तों का ध्यान रखना चाहिए।
- मार्जिन मनी की राशि अनुदान में परिवर्तित होने तक लाभार्थी के खाते में सावधि जमा (TDR) के रूप में रखी जाती है।
- ऋण का जानबूझकर दुरुपयोग होने की स्थिति में बैंक मार्जिन मनी की राशि जिला उद्योग केंद्र (DIC) को वापस कर देता है।
- प्राकृतिक आपदा या अन्य असाधारण परिस्थितियों के कारण इकाई बंद होने पर बैंक मार्जिन मनी को लाभार्थी के ऋण के विरुद्ध समायोजित कर सकता है।
- सरकार संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित बजट सीमा से अधिक आवेदनों को मंजूरी नहीं देती है।
- प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग, कानपुर विभिन्न जिलों के बीच लाभार्थियों की संख्या में बदलाव कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- UP ODOP मार्जिन मनी योजना पंजीकरण
- ODOP मार्जिन मनी योजना लॉगिन
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश योजना का विवरण
- एक जनपद एक उत्पाद वित्तपोषण सहायता योजना की अधिसूचना
- एक जनपद एक उत्पाद वित्तपोषण सहायता योजना संबंधी जानकारी
- उत्तर प्रदेश ODOP वित्तपोषण सहायता योजना के दिशा-निर्देश
- ODOP मार्जिन मनी योजना के संशोधित दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- उद्योग निदेशालय, उत्तर प्रदेश के फोन नंबर:
- 0512-2218401
- 0512-2234956
- 0512-2219166
- उद्योग निदेशालय हेल्पलाइन नंबर: 155343
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत ODOP आधारित इकाई स्थापित करने या उसका विस्तार करने के लिए ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता और बैंक ऋण मिलता है।
हाँ, दो वर्ष तक सफल संचालन और ऋण चूक न होने पर संयुक्त निरीक्षण के बाद इसे अनुदान में समायोजित किया जाता है।
18 वर्ष या उससे अधिक आयु का व्यक्ति, जो अपने जिले के निर्धारित ODOP उत्पाद पर इकाई स्थापित करना चाहता हो और बैंक डिफॉल्टर न हो।
नहीं, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। हालाँकि, शिक्षा के अंक क्रेडिट स्कोरकार्ड में शामिल हो सकते हैं।
बैंक या सरकारी संस्था के डिफॉल्टर, अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ ले चुके व्यक्ति और पहले लाभ प्राप्त कर चुके परिवार पात्र नहीं हैं।
सामान्य वर्ग को परियोजना लागत का 10% और SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग आवेदकों को 5% योगदान देना होता है।
क्रेडिट स्कोरकार्ड में 100 में से कम से कम 50 अंक आवश्यक हैं।
नहीं, इसमें पूंजीगत व्यय, एक चक्र की कार्यशील पूंजी और कार्यस्थल का किराया शामिल है, लेकिन भूमि खरीद की लागत नहीं।
DIC DBT के माध्यम से राशि लाभार्थी के खाते में भेजता है। यह राशि TDR के रूप में रखी जाती है और इस पर ब्याज नहीं लगता।
अस्वीकृति के कारण और स्कोरकार्ड की जानकारी लेकर कमियों को सुधारें और नियमानुसार दोबारा आवेदन करें।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|
नई टिप्पणी जोड़ें