- एग्रीजंक्शन केंद्र के लिए ₹3.50 लाख तक का ऋण और ₹42,000 तक की ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
- सरकार एक वर्ष तक दुकान के किराए का 50% या अधिकतम ₹2,000 प्रति माह की सहायता प्रदान करती है।
- चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क लाइसेंस और व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग संपर्क विवरण
- एग्रीजंक्शन हेल्पडेस्क: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना |
| लाभ | बैंक ऋण, ब्याज सब्सिडी, किराया सहायता, निःशुल्क लाइसेंस और प्रशिक्षण देना |
| लाभार्थी | कृषि एवं संबद्ध विषयों के पात्र स्नातक |
| नोडल विभाग | उत्तर प्रदेश कृषि विभाग |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | एग्रीजंक्शन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जिला कृषि अधिकारी/कृषि निदेशालय कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना, जिसे आधिकारिक रूप से प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना कहा जाता है, उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित एक योजना है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2022-23 में की गई थी। इसका उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध विषयों में प्रशिक्षित स्नातकों को अपना कृषि निवेश केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करना है। इन केंद्रों को एग्रीजंक्शन केंद्र कहा जाता है, जहां किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि संबंधी तकनीकी सलाह भी प्रदान की जाती है।
एग्रीजंक्शन योजना के दो प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला, किसानों को अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना। दूसरा, कृषि एवं संबद्ध विषयों में शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना, ताकि वे अपने तकनीकी ज्ञान का उपयोग कृषि क्षेत्र और किसान समुदाय के हित में कर सकें।
इस योजना के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थी एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹3,50,000 तक का बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बैंक के माध्यम से ऋण पर अधिकतम ₹42,000 तक की ब्याज सब्सिडी दी जाती है। सरकार एक वर्ष तक दुकान के किराए का 50% या अधिकतम ₹2,000 प्रति माह की सहायता भी प्रदान करती है। इसके साथ ही, चयनित अभ्यर्थियों को बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री के लिए निःशुल्क लाइसेंस तथा व्यवसाय शुरू करने और संचालित करने के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
योजना को वर्ष 2027 तक पांच वर्षों की अवधि में संचालित करने तथा पूरे राज्य में 10,000 एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। योजना के क्रियान्वयन में नाबार्ड तकनीकी सहयोग प्रदान करता है, जबकि सहकारी और वाणिज्यिक बैंक ऋण उपलब्ध कराते हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से एक लाभार्थी का चयन किया जाता है। आवेदनों की जांच और चयन की प्रक्रिया जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाती है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी करते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत 4,395 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
वर्ष 2026 के आवेदन चक्र के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई 2026 निर्धारित की थी। यह तिथि बीत चुकी है और फिलहाल पंजीकरण बंद है। अगले आवेदन चक्र के लिए नई तिथियों की आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है। इच्छुक अभ्यर्थियों को नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक एग्रीजंक्शन पोर्टल देखते रहना चाहिए।
एग्रीजंक्शन योजना के अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के हित में अन्य योजनाएं भी संचालित करती है। इनमें मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना और आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को सहायता प्रदान करना और किसानों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी संबंधित लिंक पर देखी जा सकती है।
योजना के लाभ
एग्रीजंक्शन योजना के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को कृषि व्यवसाय स्थापित करने और उसका संचालन करने में सहायता देने के लिए निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं।
- बैंक ऋण: एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹3,50,000 तक का बैंक ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
- ब्याज सब्सिडी: बैंक ऋण पर अधिकतम ₹42,000 तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।
- किराया सब्सिडी: सरकार एक वर्ष तक दुकान के किराए का 50% या अधिकतम ₹2,000 प्रति माह की सहायता देती है।
- निःशुल्क लाइसेंस: चयनित लाभार्थियों को बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री के लिए निःशुल्क लाइसेंस दिए जाते हैं।
- निःशुल्क प्रशिक्षण: कृषि विभाग द्वारा व्यवसाय शुरू करने और उसका संचालन करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- स्वरोजगार का अवसर: कृषि स्नातकों को अपने विकासखंड में कृषि व्यवसाय स्थापित कर आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।
- किसानों को लाभ: किसानों को एक ही स्थान पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक, कीटनाशक और बेहतर कृषि तकनीकों से संबंधित जानकारी उपलब्ध होती है।
पात्रता मानदंड
उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को निवास, शैक्षणिक योग्यता और आयु से संबंधित जैसे इसकी निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक के पास कृषि, कृषि व्यवसाय प्रबंधन या कृषि एवं संबद्ध विषयों में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। संबद्ध विषयों में बागवानी, पशुपालन, वानिकी, डेयरी, पशु चिकित्सा विज्ञान, कुक्कुट पालन तथा अन् संबंधित क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।
- शैक्षणिक डिग्री किसी राज्य या केंद्रीय विश्वविद्यालय अथवा ICAR/UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राप्त की गई होनी चाहिए।
- यदि पात्र स्नातक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो विभाग कृषि क्षेत्र में अनुभव रखने वाले डिप्लोमा धारकों या कृषि विषय के साथ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों पर भी विचार कर सकता है।
- आवेदक की अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की आयु में छूट दी जा सकती है।
- आवेदक बेरोजगार होना चाहिए।
- प्रत्येक विकासखंड से केवल एक लाभार्थी का चयन किया जाता है।
चयन प्रक्रिया
एग्रीजंक्शन योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित कृषि युवाओं का चयन आवेदनों की जांच के बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है।
- समिति की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) करते हैं।
- उप कृषि निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) तथा जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के सचिव या मुख्य कार्यकारी अधिकारी समिति के सदस्य होते हैं।
- समिति आवश्यकता के अनुसार अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकती है।
- प्रत्येक विकासखंड से एक अभ्यर्थी का चयन किया जाता है।
आवश्यक दस्तावेज
एग्रीजंक्शन योजना के लिए आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को आधिकारिक पोर्टल पर निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- पैन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जन्मतिथि प्रमाण के लिए हाई स्कूल की अंकतालिका
- हाईस्कूल की अंकतालिका
- इंटरमीडिएट की अंकतालिका
- कृषि स्नातक की अंकतालिका
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट आकार का फोटो
- सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक एग्रीजंक्शन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन की जांच और चयन के लिए उसे संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले आधिकारिक एग्रीजंक्शन पोर्टल पर जाएं।
- होमपेज पर Apply सेक्शन के अंतर्गत Apply for the Scheme विकल्प पर क्लिक करें।
- आवेदन संबंधी निर्देश पढ़ें और आवेदन फॉर्म खोलने के लिए "I Agree" पर क्लिक करें।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें और OTP के माध्यम से मोबाइल नंबर सत्यापित करें। इसके बाद पता, जाति, पैन कार्ड और बैंक खाते से संबंधित विवरण दर्ज करें।
- प्रारंभिक पंजीकरण पूरा करें और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त यूजरनेम तथा पासवर्ड से लॉगिन करें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज PDF प्रारूप में अपलोड करें।
- हाईस्कूल, इंटरमीडिएट (कृषि) और कृषि स्नातक से संबंधित शैक्षणिक विवरण भरें तथा संबंधित अंकतालिकाएं अपलोड करें।
- यदि कोई मौजूदा ऋण है, तो उससे संबंधित विवरण दर्ज करें। इसके बाद आवेदन में भरी गई सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करें।
- "Submit Application" पर क्लिक करके आवेदन जमा करें और सबमिशन की पुष्टि करें।
- अपने डैशबोर्ड पर जाकर सुनिश्चित करें कि आवेदन की स्थिति "Reviewed and Submitted" दिखाई दे रही है।
महत्वपूर्ण सूचना: एग्रीजंक्शन योजना के लिए वर्ष 2026 का ऑनलाइन पंजीकरण 30 मई 2026 तक स्वीकार किया गया था। वर्तमान में आवेदन प्रक्रिया बंद है। अगले आवेदन चक्र की नई तिथियों की आधिकारिक घोषणा अभी उपलब्ध नहीं है। इच्छुक अभ्यर्थियों को नए पंजीकरण और आवेदन संबंधी अपडेट के लिए आधिकारिक एग्रीजंक्शन पोर्टल नियमित रूप से देखना चाहिए।
ऑफलाइन सहायता
अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया से संबंधित मार्गदर्शन और अपने जिले की आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक या कृषि निदेशालय के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन जमा करने के बाद: सत्यापन और स्वीकृति
- जिला स्तरीय अधिकारी जमा किए गए आवेदनों और दस्तावेजों की जांच करते हैं।
- जिलाधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति प्रत्येक विकासखंड से एक लाभार्थी का चयन करती है।
- चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और बीज, उर्वरक तथा कीटनाशकों की बिक्री के लिए निःशुल्क लाइसेंस प्रदान किए जाते हैं।
- इसके बाद लाभार्थी बैंक ऋण लेकर एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करता है और योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ब्याज तथा किराया सब्सिडी का लाभ प्राप्त करता है।
DBT और भुगतान संबंधी जानकारी
एग्रीजंक्शन योजना के अंतर्गत बैंक ऋण पर मिलने वाली ब्याज सब्सिडी को बैंक के माध्यम से समायोजित किया जाता है, जबकि दुकान के किराए से संबंधित सहायता एक वर्ष तक प्रदान की जाती है। हालांकि, इन लाभों के भुगतान के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), आधार सीडिंग या ई-केवाईसी की सटीक प्रक्रिया से संबंधित नवीनतम आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए अभ्यर्थियों को भुगतान प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताओं की पुष्टि के लिए जिला कृषि अधिकारी या संबंधित बैंक से संपर्क करना चाहिए।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना लॉगिन
- उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना आवेदन फॉर्म
- उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन पोर्टल
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
- उत्तर प्रदेश एग्रीजंक्शन योजना विवरण
संपर्क जानकारी
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग संपर्क विवरण
- एग्रीजंक्शन हेल्पडेस्क: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत कृषि स्नातकों को कृषि निवेश केंद्र खोलने में सहायता दी जाती है, जहां किसानों को कृषि सामग्री और तकनीकी सलाह मिलती है।
कृषि विभाग के मुख्य पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत ₹3,50,000 तक का बैंक ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
योजना के अंतर्गत बैंक ऋण पर अधिकतम ₹42,000 तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।
हां। सरकार एक वर्ष तक दुकान के किराए का 50% या अधिकतम ₹2,000 प्रति माह की सहायता प्रदान करती है।
इस योजना के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिला अभ्यर्थियों को अधिकतम 5 वर्ष की आयु में छूट दी जाती है।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से एक लाभार्थी का चयन किया जाता है।
लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी (DM) या मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है।
वर्ष 2026 में एग्रीजंक्शन योजना के ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई 2026 थी।
हां। कृषि विभाग चयनित अभ्यर्थियों को व्यवसाय शुरू करने और उसका संचालन करने के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है।
इस योजना को पांच वर्षों की अवधि में, वर्ष 2027 तक संचालित करने तथा राज्य में कुल 10,000 एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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