उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Wed, 23/09/2026 - 10:46
Yogi Adityanath CM Uttar Pradesh
Scheme Open
UP Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana Image
हाइलाइट
  • छोटे और सीमांत किसानों को 6% वार्षिक ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण मिलता है।
  • सरकार द्वारा 5% ब्याज अनुदान की सुविधा।
  • ऋण की सुविधा राज्य के सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
  • ऋण सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि कार्यों में निवेश के लिए दिया जाएगा ना कि मौसमी फसल खर्च के लिए नहीं।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना सहायता नंबर: 9151058244
  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ईमेल सहायता: [email protected]
  • मुख्य कार्यालय का टेलीफोन नंबर:
    • 0522-2238844
    • 0522-2236899
योजना का अवलोकन
योजना का नामउत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना
शुरुआत का वर्ष2026
लाभ
  • ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण
  • 6% वार्षिक रियायती ब्याज दर पर ऋण
  • उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 5% ब्याज सब्सिडी
लाभार्थीउत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसान
नोडल विभागउत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का माध्यमअधिसूचना जारी होना बाकी है

योजना के बारे में

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना राज्य सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक कृषि ऋण की सुविधा को बेहतर बनाना है। यह योजना ब्याज पर सब्सिडी देकर लंबे समय के लिए लिए जाने वाले ऋण का आर्थिक बोझ कम करने और कृषि ऋण उपलब्ध कराने वाली सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए ₹38 करोड़ का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग दीर्घकालिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी, सहकारी ग्रामीण विकास बैंक को कार्यशील पूंजी सहायता तथा उसकी शाखाओं के आधुनिकीकरण और ब्रांडिंग के लिए किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान 6% वार्षिक रियायती ब्याज दर पर अधिकतम ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण प्राप्त कर सकते हैं। 15 सितंबर 2026 की मंत्रिमंडल सूचना के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार पात्र ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी प्रदान करेगी। यह ऋण सहायता किसानों को मौसमी फसल खर्च तक सीमित रहने के बजाय दीर्घकालिक निवेश करने और कृषि से जुड़ी उत्पादक संपत्तियां बनाने में मदद करने के लिए दी जाएगी।

योजना के तहत दीर्घकालिक ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में सहकारी बैंक को कार्यशील पूंजी तथा उसकी शाखाओं के आधुनिकीकरण और ब्रांडिंग के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य संस्थागत ऋण व्यवस्था को मजबूत करना और पात्र किसानों के लिए दीर्घकालिक कृषि वित्त की सुविधा बेहतर बनाना है। जो किसान पहले से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) व्यवस्था के माध्यम से अल्पकालिक ऋण लेते हैं, वे पात्र कृषि निवेश के लिए अलग से दीर्घकालिक ऋण की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश के लगभग 92% किसान परिवार छोटे और सीमांत किसान श्रेणी में आते हैं और इन्हीं परिवारों को इस योजना के मुख्य लाभार्थियों के रूप में चिन्हित किया गया है। कम लागत वाले दीर्घकालिक ऋण की सुविधा से पात्र किसान सिंचाई, कृषि उपकरण और कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों में निवेश कर सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह का निवेश कृषि उत्पादकता और परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। यह योजना सरकार के विकसित उत्तर प्रदेश@2047 के लक्ष्य से भी जुड़ी हुई है।

राज्य मंत्रिमंडल ने 2026-27 से 2030-31 तक कुल ₹384 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इसमें 2026-27 के राज्य बजट में ₹38 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से किसान योजना के लिए ऑनलाइन लाभार्थी पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, सरकार का विस्तृत आदेश और योजना को लागू करने से जुड़े दिशा-निर्देश अभी जारी नहीं हुए हैं। इसलिए किसानों को पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दी गई जानकारी का पालन करना चाहिए और पात्रता, जरूरी दस्तावेज, ऋण प्रक्रिया और ब्याज सहायता से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए सरकार के अंतिम दिशा-निर्देशों को देखना चाहिए।

ब्याज सहायता समय पर किस्त चुकाने से भी जुड़ी है। इसलिए ऋण लेने से पहले आवेदकों को लागू शर्तों की जांच करनी चाहिए। राज्य सरकार किसानों के कल्याण और विकास के लिए कई योजनाओं पर भी काम कर रही है। इनमें उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना भी शामिल है, जिसके तहत तय परिस्थितियों में पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

ताजा अपडेट

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का पोर्टल अब शुरू हो गया है। पात्र आवेदक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर लाभार्थी पंजीकरण की सुविधा के माध्यम से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण शुरू करने के लिए आवेदक को अपना जिला, संबंधित शाखा, तहसील और ब्लॉक चुनना होगा। इसके बाद जरूरी आवेदन जानकारी दर्ज करके पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

Krishak Samriddhi Yojna info

योजना के लाभ

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दीर्घकालिक कृषि ऋण की सुविधा दी जाती है। राज्य सरकार ऋण पर ब्याज सब्सिडी भी प्रदान करती है, जिससे किसानों पर ऋण से जुड़ा आर्थिक बोझ कम हो सके।

  • पात्र छोटे और सीमांत किसानों को ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण की सुविधा।
  • यह ऋण 6% वार्षिक रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध है।
  • उत्तर प्रदेश सरकार पात्र ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है।
  • ऋण सहायता का उद्देश्य केवल मौसमी फसल खर्च पूरा करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक कृषि निवेश और कृषि से जुड़ी संपत्तियां बनाने में सहायता करना है।
  • ऋण की सुविधा उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दी जाती है।
  • उत्तर प्रदेश के लगभग 92% किसान परिवार छोटे और सीमांत किसान श्रेणी में आते हैं और उन्हें इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है।
  • योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
  • इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।

पात्रताएं

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को दीर्घकालिक ऋण पर ब्याज सब्सिडी देने पर ध्यान दिया गया है। योजना की विस्तृत पात्रता शर्तें संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी योजना के दिशानिर्देशों और ऋण से जुड़ी आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित की जाएंगी।

  • आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए।
  • योजना मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए है।
  • आवेदक को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दीर्घकालिक ऋण प्राप्त करने के लिए लागू आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
  • आवेदक को ऋण स्वीकृत कराने के लिए संबंधित सहकारी बैंक द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।

नोट: उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक उपलब्ध आधिकारिक योजना जानकारी में पूरी पात्रता शर्तें जारी नहीं की हैं। इनमें भूमि रखने की निर्धारित सीमा, आयु की शर्त, आय सीमा, ऋण चुकाने से जुड़ी शर्तें और आवेदक से संबंधित अन्य आवश्यकताएं शामिल हैं। विस्तृत सरकारी दिशानिर्देश या शासनादेश जारी होने के बाद इन जानकारियों को अपडेट किया जाना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। आवेदक दीर्घकालिक ऋण के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रख सकते हैं। ऋण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित सहकारी बैंक अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड, जहां लागू हो
  • पासपोर्ट आकार का फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र
  • भूमि के स्वामित्व या कब्जे से जुड़े दस्तावेज, जैसे खतौनी/खसरा
  • बैंक खाते का विवरण या बैंक पासबुक
  • छोटे या सीमांत किसान होने का प्रमाण, जहां आवश्यक हो
  • ऋण आवेदन पत्र
  • प्रस्तावित कृषि गतिविधि या ऋण के उद्देश्य से संबंधित दस्तावेज
  • पहले से लिए गए ऋण या ऋण सुविधा से संबंधित विवरण, यदि लागू हो
  • उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज या जमानत से जुड़े दस्तावेज

नोट: उत्तर प्रदेश सरकार या संबंधित सहकारी बैंक द्वारा योजना के लिए विस्तृत आवेदन दिशानिर्देश जारी किए जाने तक ऊपर दी गई सूची को अंतिम अनिवार्य दस्तावेज सूची नहीं माना जाना चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया

किसान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लाभार्थी पंजीकरण की प्रक्रिया आवेदक के स्थान की जानकारी चुनने से शुरू होती है। इसके बाद आवेदक को खेती, व्यक्तिगत जानकारी, संपर्क और ऋण से जुड़ी जानकारी देनी होती है। आवेदन करने के चरण नीचे दिए गए हैं।

  • आधिकारिक मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पोर्टल पर जाएं।
  • इसके मुख्य पेज से ऋण आवेदन करें के विकल्प का चयन करें। 
    Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana Apply
  • आवेदन के लिए सबसे पहले लाभार्थी को अपना पंजीकरण करना होगा।
  • लाभार्थी पंजीकरण के लिए जिला/जनपद, संबंधित शाखा, तहसील और ब्लॉक चुनें।
  • यह बताएं कि आवेदक की कुल कृषि भूमि 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) से कम है या नहीं। इसके लिए सही हां या नहीं का विकल्प चुनें।
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पंजीकरण
  • इसके बाद पंजीकरण की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
    मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना आवेदन पत्र
  • संबंधित ग्राम पंचायत और गांव/राजस्व गांव चुनें।
  • मोबाइल नंबर दर्ज करें और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
  • प्रस्तावित ऋण राशि और आवेदक की सालाना आय दर्ज करें।
  • ऋण लेने का सही उद्देश्य चुनें और लागू योजना का नाम चुनें।
  • लागू किसान वर्ग चुनें।
  • पंजीकरण पत्र में मांगे गए अनुसार आवेदक का नाम और आधार नंबर दर्ज करें।
  • पासवर्ड बनाएं और पुष्टि के लिए उसे दोबारा दर्ज करें।
  • पंजीकरण पत्र में दर्ज जानकारी की जांच करें और लाभार्थी पंजीकरण पूरा करने के लिए पंजीकरण करें बटन पर क्लिक करें।
  • जिन आवेदकों ने पहले ही पंजीकरण कर लिया है, वे आगे की प्रक्रिया के लिए पोर्टल पर दिए गए प्रवेश विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। 
    उत्तर प्रदेश कृषक समृद्धि योजना आवेदक प्रवेश
  • प्रवेश करने के बाद पोर्टल पर दिखाई देने वाली बाकी आवेदन या ऋण से जुड़ी जानकारी पूरी करें।
  • पोर्टल के निर्देश के अनुसार जरूरी जानकारी जमा करें और भविष्य के लिए आवेदन या पंजीकरण की जानकारी सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना सहायता नंबर: 9151058244
  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ईमेल सहायता: [email protected]
  • मुख्य कार्यालय का टेलीफोन नंबर:
    • 0522-2238844
    • 0522-2236899

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना राज्य सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को कम ब्याज दर पर दीर्घकालिक कृषि ऋण उपलब्ध कराना है। 

पात्र छोटे और सीमांत किसान अंतिम योजना और ऋण संबंधी शर्तों के अनुसार ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण ले सकते हैं। 

योजना के तहत ऋण 6% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार योजना के तहत पात्र ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी देगी। यह लाभ अंतिम कार्यान्वयन दिशानिर्देशों में निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलेगा।

यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए है। 

दीर्घकालिक ऋण की सुविधा उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दी जाएगी। 

योजना का उद्देश्य दीर्घकालिक कृषि निवेश और उपयोगी कृषि संपत्तियां बनाने में सहायता करना है। इसका उपयोग सामान्य मौसमी फसल खर्च के लिए नहीं किया जाएगा। किन कृषि गतिविधियों के लिए ऋण मिलेगा, इसकी जानकारी विस्तृत योजना दिशानिर्देशों में दी जाएगी।

लाभार्थी किसान योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से इसके आधिकारिक पोर्टल से कर सकते है। 

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