- बिहार के पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना।
- कक्षा 1 से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों को लाभ।
- छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रवृत्ति राशि।
- 01 अप्रैल 2025 से छात्रवृत्ति राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है।
योजना का सारांश | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना |
| नोडल विभाग | शिक्षा विभाग, बिहार |
| लाभ | वार्षिक छात्रवृत्ति |
| लाभार्थी | पिछड़ा वर्ग (BC) एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्र-छात्राएं |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें . |
| आवेदन का माध्यम | विद्यालय के माध्यम से |
योजना के बारे में
बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना बिहार सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है। इसके तहत बिहार के सरकारी एवं सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग (BC) एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के पात्र विद्यार्थियों को ₹1,200 से ₹6,000 प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता देना तथा पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के बच्चों की विद्यालयी शिक्षा में भागीदारी बढ़ाना है। छात्रावास में रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी योजना के तहत अलग से निर्धारित छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है।
योजना के अंतर्गत अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्र-छात्राओं के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है। वहीं पिछड़ा वर्ग (BC) के लड़कों के लिए माता-पिता अथवा अभिभावक की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹3,00,000 तक होनी चाहिए, जबकि पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है। केवल बिहार के सरकारी विद्यालयों या सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
एक विद्यार्थी को एक ही कक्षा के लिए केवल एक बार छात्रवृत्ति दी जाती है। यदि वह उसी कक्षा में अनुत्तीर्ण होकर दोबारा पढ़ाई करता है, तो उस कक्षा के लिए दोबारा छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। इसके अलावा, इस योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थी किसी अन्य प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ एक साथ प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
योजना के पात्र विद्यार्थियों का चयन एवं सत्यापन शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है तथा सत्यापन पूरा होने के बाद छात्रवृत्ति की राशि डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
बिहार सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित करती है। यदि आप इनके बारे में भी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो बिहार मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास खाद्यान्न आपूर्ति योजना तथा मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के बारे में भी अवश्य पढ़ें। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, छात्रावास सुविधा तथा अन्य शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के उद्देश्य
- पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों की विद्यालय में भागीदारी बढ़ाना।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर रखना।
- विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करना।
- विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना।
- पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना।
योजना के लाभ
इस योजना का उद्देश्य निम्नलिखित है—
- पात्र विद्यार्थियों को ₹1,200 से ₹6,000 प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
- छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थी की कक्षा के अनुसार निर्धारित की जाती है।
- छात्रावास में रहने वाले पात्र विद्यार्थियों को अधिक छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाती है।
- छात्रवृत्ति की राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) तथा पिछड़ा वर्ग (BC) के छात्र-छात्राओं के लिए कोई आय सीमा नहीं है।
- आर्थिक सहायता मिलने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलती है।
छात्रवृत्ति राशि
वर्तमान छात्रवृत्ति राशि (01 अप्रैल 2025 से लागू)
कक्षा | छात्रवृत्ति राशि |
कक्षा 1 से 4 | ₹1,200 प्रति वर्ष |
कक्षा 5 से 6 | ₹2,400 प्रति वर्ष |
कक्षा 7 से 10 | ₹3,600 प्रति वर्ष |
छात्रावासी (कक्षा 1 से 10) | ₹6,000 प्रति वर्ष |
नोट: प्रारंभ में इस योजना के अंतर्गत ₹600, ₹1,200, ₹1,800 तथा छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए ₹3,000 की छात्रवृत्ति दी जाती थी। बिहार सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2025 से इन राशियों को बढ़ाकर क्रमशः ₹1,200, ₹2,400, ₹3,600 और ₹6,000 कर दिया गया है। यह संशोधित राशि विभाग द्वारा जारी नवीनतम सूचना में दर्शाई गई है।
पात्रताएँ
बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रताओं को पूरा करना होगा—
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक कक्षा 1 से कक्षा 10 के बीच अध्ययनरत होना चाहिए।
- आवेदक निम्नलिखित वर्गों में से किसी एक से संबंधित होना चाहिए—
- पिछड़ा वर्ग (BC)
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC)
- आवेदक बिहार के सरकारी विद्यालय या सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत विद्यालय में अध्ययनरत होना चाहिए।
- अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्र-छात्राओं के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है।
- पिछड़ा वर्ग (BC) के छात्र-छात्राओं में केवल लड़कों के लिए माता-पिता/अभिभावक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹3,00,000 या उससे कम होनी चाहिए।
- पिछड़ा वर्ग (BC) की छात्राओं के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है।
- एक विद्यार्थी को एक ही कक्षा के लिए केवल एक बार छात्रवृत्ति दी जाएगी।
- यदि विद्यार्थी किसी कक्षा में अनुत्तीर्ण होकर उसी कक्षा में दोबारा प्रवेश लेता है, तो उसी कक्षा के लिए दोबारा छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
- योजना का लाभ प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को किसी अन्य प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आवश्यक दस्तावेज
- बिहार का स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड।
- जाति प्रमाण पत्र।
- आय प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो)।
- बैंक खाते की जानकारी।
- बैंक पासबुक की प्रति।
- विद्यालय का नामांकन/बोनाफाइड प्रमाण पत्र।
- पिछली कक्षा की अंकतालिका (यदि आवश्यक हो)।
- पासपोर्ट आकार का फोटो।
- मोबाइल नंबर।
- ईमेल आईडी (यदि उपलब्ध हो)।
नोट: आवेदन विद्यालय के माध्यम से किया जाता है। आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित विद्यालय या शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए विद्यार्थी स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं करते। आवेदन की प्रक्रिया विद्यालय के माध्यम से पूरी की जाती है।
- स्टेप 1: पात्र विद्यार्थी अपने विद्यालय से संपर्क करें और छात्रवृत्ति आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त करें।
- स्टेप 2: विद्यालय द्वारा पात्र पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से आवेदन पत्र भरवाया जाएगा।
- स्टेप 3: विद्यार्थी आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें तथा मांगे गए दस्तावेज संलग्न करें।
- स्टेप 4: सभी दस्तावेज जमा होने के बाद विद्यालय आवेदन की जांच करेगा।
- स्टेप 5: विद्यालय पात्र विद्यार्थियों के आवेदन शिक्षा विभाग को भेजेगा।
- स्टेप 6: शिक्षा विभाग आवेदन पत्रों एवं दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
- स्टेप 7: सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
- स्टेप 8: चयनित विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन निम्न प्रकार से किया जाता है—
- विद्यालय पात्र विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकार करता है।
- आवेदन एवं दस्तावेज शिक्षा विभाग को भेजे जाते हैं।
- शिक्षा विभाग पात्रता का सत्यापन करता है।
- सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाती है।
- चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि भेजी जाती है।
महत्वपूर्ण शर्तें
- छात्रवृत्ति का भुगतान प्रत्येक वर्ष एकमुश्त किया जाता है।
- एक कक्षा के लिए छात्रवृत्ति केवल एक बार ही दी जाएगी।
- यदि विद्यार्थी छात्रवृत्ति की शर्तों या अनुशासन का उल्लंघन करता है, तो उसकी छात्रवृत्ति रोकी या रद्द की जा सकती है।
- इस योजना के लाभार्थी को किसी अन्य प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
- छात्रवृत्ति का भुगतान केवल पात्र एवं सत्यापित विद्यार्थियों को किया जाएगा।
- छात्रवृत्ति राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- Official Webiste of Goverment of Bihar
- Education Department Page
- बिहार मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना दिशानिर्देश
संपर्क विवरण
- बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर: 06122233333
- बिहार शिक्षा विभाग का संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार की छात्रवृत्ति योजना है, जिसके तहत कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
बिहार के पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के कक्षा 1 से 10 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को।
आवेदन संबंधित विद्यालय के माध्यम से कराया जाता है।
हाँ। छात्रवृत्ति की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
नहीं। अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्र-छात्राओं के लिए कोई आय सीमा नहीं है।
पिछड़ा वर्ग के लड़कों के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय ₹3,00,000 तक होनी चाहिए। पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए आय सीमा लागू नहीं है।
नहीं। एक ही कक्षा के लिए छात्रवृत्ति केवल एक बार दी जाती है।
केवल वही विद्यालय पात्र हैं जो सरकार से मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत हों।
नहीं। एक साथ किसी अन्य प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं लिया जा सकता।
01 अप्रैल 2025 से कक्षा 1–4 के लिए ₹1,200, कक्षा 5–6 के लिए ₹2,400, कक्षा 7–10 के लिए ₹3,600 तथा छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए ₹6,000 प्रति वर्ष निर्धारित है।
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| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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