हिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Tue, 11/08/2026 - 17:51
हिमाचल प्रदेश CM
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हिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना
हाइलाइट
  • हिमाचल प्रदेश के पात्र जलाशय मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने पर 70% सब्सिडी मिलेगी।
  • नाव की बाकी 30% लागत लाभार्थी को खुद वहन करनी होगी।
  • योजना में गोबिंद सागर, पोंग डैम, चामेरा, रंजीत सागर और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशय शामिल हैं।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर

योजना का अवलोकन

योजना का नामहिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना
आरम्भ वर्षअगस्त 2026
लाभमछली पकड़ने वाली नाव खरीदने पर 70% सब्सिडी
लाभार्थीपात्र जलाशय मछुआरे
नोडल विभागहिमाचल प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाअधिसूचना जारी होना बाकी है

योजना के बारे में

हिमाचल प्रदेश सरकार ने फिशिंग बोट सब्सिडी योजना शुरू की है, जिसके तहत पात्र जलाशय मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत ₹50,000 की लागत वाली मछली पकड़ने वाली नाव पर सरकार 70% सब्सिडी देगी। लाभार्थी को सरकार की ओर से ₹35,000 की सहायता मिलेगी और बाकी ₹15,000 का खर्च लाभार्थी को खुद उठाना होगा।

इस योजना का उद्देश्य मछुआरों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम करना, मछली पकड़ने के काम में सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाना तथा जलाशय में मछली पकड़ने पर निर्भर लोगों की आजीविका और आय के अवसरों को मजबूत करना है। पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।

इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के प्रमुख जलाशयों को शामिल किया गया है, जिनमें गोबिंद सागर, पोंग डैम, चामेरा, रंजीत सागर और कोल डैम शामिल हैं।

इससे पहले मत्स्य विभाग ने RKVY के तहत मछली पकड़ने के उपकरणों के लिए 25% आर्थिक सहायता दी थी, जबकि बाकी 75% खर्च मछुआरों को खुद उठाना पड़ता था। नई बोट सब्सिडी योजना खास तौर पर मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए पहले से अधिक सहायता प्रदान करती है।

फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश सरकार ने फिशिंग गियर सब्सिडी योजना भी शुरू की है। इसके तहत पात्र मछुआरों को कास्ट नेट और गिल नेट पर 90% सब्सिडी दी जाएगी, ताकि मछली पकड़ने के उपकरण अधिक किफायती हो सकें और पूरे राज्य में मछली पकड़ने की गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

योजना के लाभ

  • हिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के तहत पात्र जलाशय मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए अच्छी आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • सरकार नाव की निर्धारित लागत का 70% हिस्सा वहन करती है, जिससे लाभार्थी को अपनी ओर से कम राशि खर्च करनी पड़ती है।
  • ₹50,000 की लागत वाली मछली पकड़ने वाली नाव के लिए:
    • सरकारी सब्सिडी: ₹35,000
    • लाभार्थी का योगदान: ₹15,000
  • पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।

पात्रताएं

फिशिंग बोट सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को:

  • हिमाचल प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • पात्र जलाशय मछुआरा होना चाहिए।
  • किसी पंजीकृत प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति का सक्रिय सदस्य होना चाहिए।
  • एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 50 दिन मछली पकड़ने का काम किया होना चाहिए।
  • यदि लागू नियमों के अनुसार जरूरी हो, तो हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए।
महत्वपूर्ण नोट: विभाग ने अभी पात्रता की विस्तृत शर्तें जारी नहीं की हैं। आधिकारिक योजना दिशानिर्देश जारी होने के बाद इस सेक्शन को अपडेट किया जाएगा।

योजना के तहत शामिल जलाशय

हिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना के तहत इन प्रमुख जलाशयों में मछली पकड़ने वाले पात्र जलाशय मछुआरों को शामिल किया गया है:

  • गोबिंद सागर
  • पोंग डैम
  • चामेरा
  • रंजीत सागर
  • कोल डैम

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान प्रमाण
  • हिमाचल प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र, यदि आवश्यक हो
  • वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस, यदि लागू हो
  • पंजीकृत प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति की सदस्यता का प्रमाण
  • मछली पकड़ने के काम या मछली पकड़ने के दिनों का रिकॉर्ड, जहां लागू हो
  • DBT के माध्यम से सब्सिडी प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मत्स्य विभाग द्वारा मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज
महत्वपूर्ण नोट: ऊपर दी गई दस्तावेजों की सूची केवल संभावित सूची है और इसे अंतिम आधिकारिक दस्तावेज सूची नहीं माना जाना चाहिए। विभाग द्वारा योजना के विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद जरूरी दस्तावेजों की सही सूची अपडेट की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए संबंधित मत्स्य विभाग के कार्यालय या प्राथमिक मत्स्य सहकारी समिति से संपर्क करें।
  • जांच लें कि आप योजना के तहत निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
  • जरूरी पहचान, मछली पकड़ने, सहकारी समिति की सदस्यता और बैंक से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें।
  • मत्स्य विभाग द्वारा बताए गए तरीके से आवेदन पूरा करके जमा करें।
  • जमा किए गए आवेदन और दस्तावेजों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाएगी।
  • मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए विभाग द्वारा बताई गई प्रक्रिया का पालन करें।
  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र सब्सिडी की राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
महत्वपूर्ण नोट: मत्स्य विभाग द्वारा योजना के विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद आधिकारिक आवेदन फॉर्म, आवेदन का तरीका, आवेदन जमा करने की प्रक्रिया और समय-सीमा को अपडेट किया जाएगा।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

हिमाचल प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह योजना पात्र जलाशय मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके तहत नाव की लागत पर 70% सब्सिडी दी जाती है।
 

पात्र लाभार्थियों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने पर 70% सब्सिडी मिलेगी।
 

₹50,000 की नाव पर सरकार की ओर से ₹35,000 की सब्सिडी मिलेगी, जबकि बाकी ₹15,000 लाभार्थी को देना होगा।
 

इस योजना का लाभ हिमाचल प्रदेश के पात्र जलाशय मछुआरों को दिया जाएगा, जो योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं।
 

योजना के तहत गोबिंद सागर, पोंग डैम, चामेरा, रंजीत सागर और कोल डैम जैसे प्रमुख जलाशय शामिल हैं।
 

हां, पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
 

यदि लागू नियमों के अनुसार जरूरी हो, तो आवेदक के पास हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए।
 

अभी योजना की आधिकारिक आवेदन प्रक्रिया अधिसूचित नहीं हुई है। आवेदन प्रक्रिया जारी होने के बाद मत्स्य विभाग द्वारा इसकी जानकारी दी जाएगी।
 

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