हिमाचल प्रदेश फिशिंग गियर सब्सिडी योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 12/08/2026 - 16:38
हिमाचल प्रदेश CM
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 हिमाचल प्रदेश फिशिंग गियर सब्सिडी योजना
हाइलाइट
  • फिशिंग गियर सब्सिडी योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के पात्र नदी और जलाशय मछुआरों को, कास्ट नेट और गिल नेट की निर्धारित लागत पर 90% सब्सिडी दी जाती है।
  • पात्र नदी और जलाशय मछुआरों को कास्ट नेट के लिए केवल ₹300 और गिल नेट के लिए ₹500 का योगदान करना होगा।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
योजना का अवलोकन
योजना का नामहिमाचल प्रदेश फिशिंग गियर सब्सिडी योजना
शुरुआत का वर्ष2026
लाभकास्ट नेट और गिल नेट पर 90% सब्सिडी
लाभार्थीनदी एवं जलाशय में मछली पकड़ने वाले पात्र मछुआरे
नोडल एजेंसीहिमाचल प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग
सब्सक्रिप्शनयोजना से संबंधित अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाअधिसूचना जारी होना बाकी है

योजना के बारे में

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सक्रिय मछुआरों के लिए मछली पकड़ने वाले जाल की लागत कम करने और मछली पकड़ने की गतिविधियों के लिए सीधे वित्तीय सहयोग देने के उद्देश्य से फिशिंग गियर सब्सिडी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दो प्रकार के मछली पकड़ने वाले जाल पर 90% सब्सिडी दी जाती है: नदी में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के लिए कास्ट नेट और जलाशय में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के लिए गिल नेट। सरकार ने हिमाचल प्रदेश फिशिंग बोट सब्सिडी योजना भी शुरू की है, जिसके तहत पात्र मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नाव खरीदने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

फिशिंग गियर सब्सिडी योजना के तहत मिलने वाली सहायता प्रत्येक प्रकार के जाल की निर्धारित लागत के आधार पर दी जाती है। एक कास्ट नेट की लागत ₹3,000 है, जिसमें सरकार ₹2,700 की सब्सिडी देगी और लाभार्थी को ₹300 का योगदान करना होगा। इसी तरह, ₹5,000 की लागत वाले गिल नेट पर सरकार ₹4,500 की सब्सिडी देगी और लाभार्थी को ₹500 का योगदान करना होगा।

इस योजना के तहत 4,000 सक्रिय नदी मछुआरों को कास्ट नेट और 3,000 सक्रिय जलाशय मछुआरों को गिल नेट देने का लक्ष्य रखा गया है। सब्सिडी की राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।

लाभ लेने के लिए आवेदक के पास मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए और उसके पास यह लाइसेंस लगातार कम से कम तीन वर्षों से होना चाहिए। निर्धारित लागत का केवल 10% हिस्सा लाभार्थी द्वारा देने से मछली पकड़ने का जाल खरीदने में होने वाला शुरुआती खर्च कम हो जाता है।

योजना के लाभ

  • कास्ट नेट और गिल नेट की निर्धारित लागत पर 90% सब्सिडी दी जाएगी।
  • नदी में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को कास्ट नेट खरीदने के लिए सहायता मिलेगी।
  • जलाशय में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को गिल नेट खरीदने के लिए सहायता मिलेगी।
  • लाभार्थियों को पात्र मछली पकड़ने वाले जाल की निर्धारित लागत का केवल 10% योगदान करना होगा।
  • कास्ट नेट के लिए 4,000 सक्रिय नदी मछुआरों को कवर किया जाएगा।
  • गिल नेट के लिए 3,000 सक्रिय जलाशय मछुआरों को कवर किया जाएगा।
  • सब्सिडी की राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।

योजना के तहत वित्तीय सहायता

मछली पकड़ने का जाल
इकाई लागत
सरकारी सब्सिडी
लाभार्थी का योगदान
कास्ट नेट
₹3,000
₹2,700 (90%)
₹300 (10%)
गिल नेट
₹5,000
₹4,500 (90%)
₹500 (10%)

पात्रताएं

हिमाचल प्रदेश फिशिंग गियर सब्सिडी योजना के तहत सहायता पाने के लिए आवेदक को:

  • हिमाचल प्रदेश में मछली पकड़ने के काम में सक्रिय रूप से जुड़ा मछुआरा होना चाहिए।
  • कास्ट नेट के लिए नदी में मछली पकड़ने का काम करना चाहिए।
  • गिल नेट के लिए जलाशय में मछली पकड़ने का काम करना चाहिए।
  • मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए।
  • मछली पकड़ने का लाइसेंस लगातार कम से कम तीन वर्षों से होना चाहिए।

महत्वपूर्ण नोट: ये पात्रता शर्तें हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी जानकारी के आधार पर हैं। आवेदकों को मत्स्य विभाग द्वारा जारी विस्तृत योजना दिशानिर्देशों में बताई गई अन्य शर्तों को भी पूरा करना होगा।

योजना के तहत शामिल मछली पकड़ने के जाल

इस योजना के तहत लाभार्थी द्वारा की जाने वाली मछली पकड़ने की गतिविधि के अनुसार अलग-अलग प्रकार के जाल शामिल किए गए हैं।

  • कास्ट नेट: कास्ट नेट का लाभ पात्र नदी मछुआरों के लिए है। इसकी निर्धारित इकाई लागत ₹3,000 है और सरकार इस पर 90% सब्सिडी देती है।
  • गिल नेट: गिल नेट का लाभ पात्र जलाशय मछुआरों के लिए है। इसकी निर्धारित इकाई लागत ₹5,000 है और सरकार इस पर 90% सब्सिडी देती है।

लाभार्थियों का कवरेज

मछुआरों की श्रेणी
मछली पकड़ने का जाल
कवरेज
नदी मछुआरे
कास्ट नेट
4,000 मछुआरे
जलाशय मछुआरे
गिल नेट
3,000 मछुआरे

इस प्रकार, योजना के तहत नदी और जलाशय में मछली पकड़ने वाले कुल 7,000 सक्रिय मछुआरों को कवर करने का लक्ष्य है। स्वीकृत सहायता पात्र लाभार्थियों को DBT के माध्यम से दी जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज

  • मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस
  • कम से कम लगातार तीन वर्षों से मछली पकड़ने का लाइसेंस होने का प्रमाण
  • आवेदन प्रक्रिया के दौरान मत्स्य विभाग द्वारा बताए गए अन्य दस्तावेज

महत्वपूर्ण नोट: उपलब्ध सरकारी घोषणा में आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी सूची नहीं दी गई है। मत्स्य विभाग द्वारा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जारी किए जाने के बाद आवेदकों को अंतिम दस्तावेजों की सूची की जांच करनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया

  • फिशिंग गियर सब्सिडी योजना की जानकारी के लिए अपने निकटतम मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें।
  • पात्रता शर्तों के अनुसार यह सुनिश्चित करें कि आप नदी मछुआरे या जलाशय मछुआरे की श्रेणी में आते हैं।
  • अपने मछली पकड़ने के लाइसेंस की वैधता और अवधि की जांच करें। लाइसेंस वैध होना चाहिए और आपके पास लगातार कम से कम तीन वर्षों से होना चाहिए।
  • अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और विभाग के निर्देश के अनुसार सभी जरूरी जानकारी भरें।
  • आवेदन के साथ वैध मछली पकड़ने के लाइसेंस की प्रति, लगातार कम से कम तीन वर्षों से लाइसेंस होने का प्रमाण और विभाग द्वारा मांगे गए अन्य जरूरी दस्तावेज संलग्न करें।
  • फॉर्म में भरी गई जानकारी और सभी दस्तावेजों की जांच करने के बाद पूरा आवेदन निर्धारित स्थान पर जमा करें।
  • मत्स्य विभाग के अधिकारी आपके आवेदन, मछली पकड़ने के लाइसेंस और पात्रता की जांच करेंगे।
  • जांच में पात्र पाए जाने पर आपका आवेदन स्वीकृत किया जाएगा और आपको योजना के तहत सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी की राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

महत्वपूर्ण नोट: उपलब्ध घोषणा में आधिकारिक आवेदन फॉर्म, आवेदन का तरीका, आवेदन जमा करने की प्रक्रिया और आवेदन की समय-सीमा के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। मत्स्य विभाग द्वारा आगे के निर्देश जारी किए जाने के बाद इन जानकारियों को अपडेट किया जाएगा।

संबंधित लिंक

संपर्क जानकारी

हिमाचल प्रदेश सरकार का मत्स्य विभाग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश फिशिंग गियर सब्सिडी योजना के तहत पात्र सक्रिय नदी और जलाशय मछुआरों को कास्ट नेट और गिल नेट पर 90% सब्सिडी दी जाती है।
 

कास्ट नेट की निर्धारित लागत ₹3,000 है। सरकार इसमें ₹2,700 की सब्सिडी देती है, जबकि लाभार्थी को ₹300 का योगदान करना होता है।
 

गिल नेट की निर्धारित लागत ₹5,000 है। सरकार इसमें ₹4,500 की सब्सिडी देती है, जबकि लाभार्थी को ₹500 का योगदान करना होता है।
 

हिमाचल प्रदेश में नदी या जलाशय में मछली पकड़ने वाले सक्रिय मछुआरे इस योजना का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।
 

हां। आवेदक के पास मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए और यह लाइसेंस उसके पास लगातार कम से कम तीन वर्षों से होना चाहिए।
 

योजना के तहत कास्ट नेट के लिए 4,000 सक्रिय नदी मछुआरों और गिल नेट के लिए 3,000 सक्रिय जलाशय मछुआरों को कवर करने का लक्ष्य है। इस तरह कुल 7,000 मछुआरों को कवर किया जाएगा।
 

स्वीकृत सब्सिडी की राशि पात्र लाभार्थियों को Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
 

फिलहाल योजना का आधिकारिक आवेदन फॉर्म, आवेदन का तरीका और आवेदन की समय-सीमा अधिसूचित नहीं की गई है। आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मत्स्य विभाग द्वारा जारी किए जाने के बाद उपलब्ध होगी।
 

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