- कृषि से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए निःशुल्क सहायता
- विशेष फार्म टेली सलाहकार द्वारा कृषि से संबंधित प्रश्नो का हल किया जाएगा।
- किसान कॉल सेंटर हेल्पलाइन नंबर:-
- 18001801551 (किसी भी लैंडलाइन या मोबाइल से)
- 1551 (बीएसएनएल लैंडलाइन से)
| योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | किसान कॉल सेंटर (KCC) |
| शुरू होने का साल | 2004 |
| लाभ | टोल-फ्री हेल्पलाइन के ज़रिए 22 स्थानीय भाषाओं में खेती से जुड़ी मुफ्त सलाह। |
| लाभार्थी | खेती और उससे जुड़ी दूसरी गतिविधियों के बारे में सलाह लेने वाले किसान। |
| नोडल विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | सीधे संपर्क करें |
योजना के बारे में
किसानों के लिए सही समय पर सही फैसला लेना अच्छी फसल पाने के लिए बहुत ज़रूरी है। लेकिन फसलों में लगने वाली बीमारियों, कीटों, बीजों, खाद, बदलते मौसम और मंडी के भाव से जुड़े सवाल कई बार खेती को मुश्किल बना देते हैं। किसानों की इन समस्याओं को हल करने में मदद करने के लिए भारत सरकार ने 21 जनवरी 2004 को किसान कॉल सेंटर (KCC) शुरू किया था। इस सेवा के ज़रिए किसान कृषि कार्यालय जाए बिना ही फोन पर खेती से जुड़ी सलाह ले सकते हैं और अपने सवालों के जवाब पा सकते हैं। इसके लिए किसान 1800-180-1551 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। यहाँ 22 स्थानीय भाषाओं में मुफ्त सलाह दी जाती है। यह सेवा हर दिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती है, ताकि किसान खेती से जुड़ी जानकारी या सलाह की ज़रूरत पड़ने पर संपर्क कर सकें।
किसान कॉल सेंटर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों तक खेती से जुड़ी ज़रूरी जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह आसानी से पहुँचाना है। कृषि या उससे जुड़े विषयों की जानकारी रखने वाले प्रशिक्षित फार्म टेली एडवाइज़र (FTA) किसानों के सवालों के जवाब देते हैं। अगर किसी सवाल का जवाब देने के लिए विशेष जानकारी की ज़रूरत हो, तो उसे राज्य के कृषि विभागों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) या राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAU) के विशेषज्ञों के पास भेजा जा सकता है।
किसान कॉल सेंटर पर फसल उगाने के तरीकों, कीटों और बीमारियों से बचाव, बीजों, खाद, मौसम, मंडी की जानकारी, खेती की नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं के बारे में सलाह मिल सकती है। किसान बागवानी, पशुपालन और मछली पालन जैसी खेती से जुड़ी दूसरी गतिविधियों के बारे में भी सवाल पूछ सकते हैं। अगर सभी फोन लाइनें व्यस्त हों, तो सिस्टम के ज़रिए इंतज़ार कर रहे लोगों की जानकारी दी जा सकती है और मौसम या फसल के हिसाब से खेती से जुड़ी सलाह सुनाई जा सकती है। किसान अपनी समस्या रिकॉर्ड करने के लिए वॉइस मैसेज भी छोड़ सकते हैं और उन्हें जवाब या वापस कॉल मिल सकती है। अगर किसान मोबाइल पर SMS के ज़रिए खेती की जानकारी पाना चाहते हैं, तो वे अलग SMS सलाह सेवा में रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछ सकते हैं।
यह सेवा पूरे भारत में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में सलाह लेने वाले किसानों और अन्य लोगों के लिए उपलब्ध है। हेल्पलाइन पर सवाल पूछने के लिए किसी अलग पात्रता परीक्षा, आय सीमा या ज़रूरी दस्तावेज़ की शर्त नहीं बताई गई है। किसान सीधे 1800-180-1551 या शॉर्ट कोड 1551 पर कॉल करके अपनी खेती से जुड़ी समस्या बता सकते हैं और सलाह ले सकते हैं। अगर सलाहकार किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाता है, तो किसान की समस्या को संबंधित विशेषज्ञों के पास भेजा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए किसान किसान कॉल सेंटर के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।
खेती के लिए दूसरी तरह की सहायता पाने के इच्छुक किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के बारे में भी जान सकते हैं। इस योजना के तहत तय जोखिमों से फसल को होने वाले नुकसान के लिए बीमा सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के ज़रिए पात्र किसानों को खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए कर्ज़ मिल सकता है। सीधे आर्थिक सहायता पाने के इच्छुक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। इन सभी योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग है और किसान अपनी ज़रूरत के अनुसार इनका लाभ लेने के बारे में जान सकते हैं। ये योजनाएँ किसान कॉल सेंटर से मिलने वाली खेती की सलाह के साथ भी उपयोगी हो सकती हैं।
योजना के लाभ
किसान कॉल सेंटर की मदद से किसान कृषि कार्यालय जाए बिना फोन पर खेती से जुड़ी ज़रूरी जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह ले सकते हैं। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- किसान 1800-180-1551 टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके मुफ्त कृषि सलाह ले सकते हैं।
- यह सेवा 22 स्थानीय भाषाओं में जानकारी देती है, जिससे किसानों को बात समझने में आसानी होती है।
- किसान फसल उगाने, बुवाई के तरीकों, बीजों, खाद और फसलों की सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।
- किसान फसलों में लगने वाले कीटों और बीमारियों की पहचान करने और उनसे बचाव के तरीके जानने के लिए सलाह ले सकते हैं।
- किसानों को मौसम और कृषि मंडियों से जुड़ी जानकारी दी जाती है, ताकि वे खेती से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सकें।
- किसान खेती से जुड़ी सरकारी योजनाओं और उनके लाभों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
- इस सेवा में बागवानी, पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं।
- अगर फार्म टेली एडवाइज़र किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाता है, तो उस सवाल को ICAR के संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAU) और राज्य कृषि विभागों के विशेषज्ञों के पास भेजा जा सकता है।
- अगर सभी फोन लाइनें व्यस्त हों, तो किसान दो मिनट तक का वॉइस मैसेज छोड़ सकते हैं और उन्हें जवाब या वापस कॉल मिल सकती है।
- किसान अपने मोबाइल फोन पर खेती से जुड़ी जानकारी पाने के लिए SMS आधारित कृषि सलाह सेवा में रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछ सकते हैं।
- हेल्पलाइन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, सप्ताह के सातों दिन चालू रहती है। किसान रविवार और छुट्टियों के दिन भी मदद ले सकते हैं।
पात्रताएं
किसान कॉल सेंटर का उद्देश्य पूरे भारत के लोगों तक खेती से जुड़ी जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह पहुँचाना है। इस हेल्पलाइन पर सवाल पूछने के लिए किसानों को किसी खास आय सीमा या ज़मीन के मालिकाना हक से जुड़ी शर्त को पूरा करने की ज़रूरत नहीं है। इसके लिए मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- खेती करने वाले किसान खेती से जुड़ी सलाह लेने के लिए हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं।
- बागवानी, पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों के बारे में जानकारी लेने वाले लोग भी इस सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- हेल्पलाइन पर सवाल पूछने के लिए अलग से आवेदन फॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं बताई गई है।
- सवाल पूछने के लिए किसानों को ज़मीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज़ या आय प्रमाण पत्र जमा करने की ज़रूरत नहीं है।
- मदद लेने के लिए किसान 1800-180-1551 टोल-फ्री नंबर या शॉर्ट कोड 1551 पर कॉल कर सकते हैं।
- जो किसान SMS के ज़रिए खेती से जुड़ी सलाह पाना चाहते हैं, उन्हें इस सेवा के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन करना पड़ सकता है।
आवश्यक दस्तावेज़
किसान कॉल सेंटर पर खेती से जुड़े सवाल पूछने के लिए किसानों को अलग से आवेदन जमा करने की ज़रूरत नहीं है। आधिकारिक जानकारी में हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने के लिए किसी ज़रूरी दस्तावेज़ का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए, सिर्फ सलाह लेने के लिए किसानों को आम तौर पर नीचे दिए गए दस्तावेज़ तैयार करने की ज़रूरत नहीं होती:
- आधार कार्ड
- ज़मीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज़
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- अलग से आवेदन फॉर्म
आवेदन प्रक्रिया
किसान कॉल सेंटर से सलाह लेने के लिए किसानों को आवेदन फॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं है। वे सीधे हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी खेती से जुड़ी समस्या सलाहकार को बता सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए तरीके अपनाएँ:
- हेल्पलाइन पर कॉल करें: अपने मोबाइल फोन या लैंडलाइन से टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 या शॉर्ट कोड 1551 डायल करें।
- अपना सवाल बताएँ: सलाहकार को खेती से जुड़ी अपनी समस्या बताएँ। यह समस्या फसल उगाने, बीजों, खाद, कीटों, बीमारियों, मौसम या मंडी की जानकारी से जुड़ी हो सकती है।
- खेती से जुड़ी सलाह लें: कृषि या उससे जुड़े किसी विषय का प्रशिक्षण प्राप्त फार्म टेली एडवाइज़र (FTA) आपकी बात सुनेगा और उपलब्ध भाषा में सही जानकारी देने की कोशिश करेगा।
- ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लें: अगर सलाहकार आपकी समस्या का समाधान नहीं कर पाता है, तो आपका सवाल राज्य कृषि विभाग, ICAR संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या राज्य कृषि विश्वविद्यालय (SAU) के विशेषज्ञों के पास भेजा जा सकता है।
- मिली हुई सलाह के अनुसार आगे बढ़ें: दी गई जानकारी को समझें और अपनी खेती से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए उचित अगला कदम तय करें।
हेल्पलाइन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, सप्ताह के सातों दिन चालू रहती है। अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
अगर हेल्पलाइन नंबर व्यस्त हो तो क्या करें?
कई बार फोन करने वालों की संख्या ज़्यादा होने के कारण किसानों को फार्म टेली एडवाइज़र से बात करने के लिए इंतज़ार करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में मदद के लिए किसान कॉल सेंटर में कॉल होल्ड करने और वॉइस मैसेज छोड़ने की सुविधा दी गई है।
- कॉल की कतार में इंतज़ार करें: अगर सभी सलाहकार व्यस्त हैं, तो इंटरैक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम (IVRS) आपको कतार में अपना नंबर और अनुमानित इंतज़ार का समय बता सकता है। इंतज़ार करते समय मौसम या फसल के हिसाब से खेती से जुड़ी सलाह भी सुनाई जा सकती है।
- वॉइस मैसेज छोड़ें: अगर आप इंतज़ार नहीं करना चाहते, तो आपको अधिकतम दो मिनट का वॉइस मैसेज रिकॉर्ड करने का विकल्प मिल सकता है। इसमें अपनी खेती से जुड़ी समस्या और अपना फोन नंबर बताएँ।
- जवाब मिलने का इंतज़ार करें: वॉइस मैसेज छोड़ने वाले किसानों को रिकॉर्ड किया हुआ जवाब मिल सकता है। अगर किसान वापस कॉल करने का अनुरोध करते हैं, तो कम कॉल आने के समय सुपरवाइज़र या फार्म टेली एडवाइज़र उनसे संपर्क कर सकता है।
- दोबारा कॉल करें: अगर आप संपर्क नहीं कर पाते हैं या मैसेज छोड़ने का विकल्प नहीं मिलता है, तो कुछ समय बाद दोबारा हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं।
इन सुविधाओं की जानकारी भारत सरकार की ओर से 9 दिसंबर 2025 को जारी किसान कॉल सेंटर से जुड़े आधिकारिक अपडेट में दी गई है। हालाँकि, जवाब या वापस कॉल तुरंत मिलने की गारंटी नहीं है। यह उपलब्ध सुविधा और उस समय आने वाली कॉल की संख्या पर निर्भर करता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार
- किसान कॉल सेंटर का आधिकारिक पोर्टल
- किसान कॉल सेंटर का संपर्क पेज
- किसान कॉल सेंटर के काम करने का तरीका
- किसान कॉल सेंटर पर सरकार का विस्तृत अपडेट (9 दिसंबर 2025)
- mKisan SMS सलाह सेवा में रजिस्ट्रेशन की जानकारी
संपर्क जानकारी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- फोन: 1800-180-1551 (किसान कॉल सेंटर टोल-फ्री हेल्पलाइन) / 1551
- ईमेल: आधिकारिक संपर्क पेज पर किसान कॉल सेंटर का कोई अलग ईमेल पता सत्यापित नहीं हुआ है।
- पता: आधिकारिक संपर्क पेज पर किसान कॉल सेंटर हेल्पलाइन का कोई अलग डाक पता नहीं दिया गया है।
- आधिकारिक संपर्क पेज: किसान कॉल सेंटर से संपर्क करें
- MANAGE का संपर्क (संस्थान से जुड़ी जानकारी): 040-24594509; [email protected]
- MANAGE का पता: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE), राजेंद्रनगर, हैदराबाद – 500 030, तेलंगाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसान कॉल सेंटर भारत सरकार की एक सेवा है, जहाँ किसान फोन के ज़रिए खेती से जुड़ी समस्याओं के बारे में मुफ्त सलाह और अपने सवालों के जवाब पा सकते हैं।
भारत सरकार ने किसान कॉल सेंटर की शुरुआत 21 जनवरी 2004 को की थी।
किसान खेती से जुड़ी सलाह लेने के लिए 1800-180-1551 पर कॉल कर सकते हैं या शॉर्ट कोड 1551 डायल कर सकते हैं।
यह हेल्पलाइन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक, सप्ताह के सातों दिन चालू रहती है। किसान रविवार और छुट्टियों के दिन भी इस सेवा का लाभ ले सकते हैं।
हाँ, किसान कॉल सेंटर पर कृषि सलाह मुफ्त दी जाती है। हालाँकि, फोन कॉल पर लगने वाला कोई सामान्य शुल्क आपके टेलीकॉम ऑपरेटर और कनेक्शन पर निर्भर कर सकता है।
यह सेवा 22 स्थानीय भाषाओं में कृषि संबंधी सलाह देती है, ताकि किसान अपनी भाषा में जानकारी आसानी से समझ सकें।
किसान फसल उगाने, बीजों, खाद, कीटों, फसलों की बीमारियों, मौसम, मंडी की जानकारी, खेती की तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं।
पूरे भारत में खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में सलाह लेने वाले किसान और अन्य लोग इस हेल्पलाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं। सवाल पूछने के लिए आय या ज़मीन से जुड़ी कोई अलग पात्रता शर्त नहीं बताई गई है।
हेल्पलाइन पर सवाल पूछने के लिए किसी अनिवार्य दस्तावेज़ का उल्लेख नहीं किया गया है। किसान सीधे कॉल करके अपनी खेती से जुड़ी समस्या बता सकते हैं।
अगर सभी सलाहकार व्यस्त हैं, तो फोन करने वालों को अपनी कतार की जानकारी और मौसम के हिसाब से खेती की सलाह मिल सकती है। वे दो मिनट तक का वॉइस मैसेज भी छोड़ सकते हैं। उपलब्ध सुविधा के आधार पर उन्हें जवाब या वापस कॉल मिल सकती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|---|
टिप्पणियाँ
koi phone h ni utata ha
hn most of the time yahi…
call cantar wala bahut…
Jalandhar vich soil testing…
bhopal me ye centre kahan…
Achi jankari de rhe hai
soil testing krani thi
Is call center pr hr prakar…
Loan chahiye tactor khridne…
इनके बताए हुवे बीज बोए थे…
gehun ki fasal ko aag lgne…
baat krne ki tamez nhi inhe…
bhopal me gehu ki fasal me…
Kisi bhi tarah ka beej…
Hr baar bolte puch kr…
pilibhit up me barish kb…
finally some useful info
fasal bima karaya tha nuksan…
डेरा बस्सी में भरी बारिश से…
Useful
makka lgana se beej bta diyo…
beej free me lene ki koi…
address of mogha punjab…
Faisal bima ka claim…
most of the time they didn't…
fasal bima ke bare me…
punjab me sarkar ke itna…
pm kisan ki 12 installment…
phne hi nhi uthate ye log
inke kahe anusaar is baar…
District Agriculture Officer…
give another number for…
koi na phone uthave hai, hr…
urea 10 bags needed in…
crop insurance scheme in…
Crop loan ki faculty…
Not receiving call they are
crop insurance nhi hai,…
apple yar fully destroyed…
free seed
not attending call. do what…
पानी न मिलने के कारण सारी…
paisa nahi milne ke karan
sar mai nausad ansari fathar reyasat ansari vill hesmi po sosai asram ps mandar ranchi jh 835214 mobail no 8298025549 adhar no 824925452534 hai mera pm kisan ka paisa 2 kist 2020 me aya aur atak gya hai jabki stetas ok hai ape se anurodh hai ki stetas chek karke dalwa dijye sar dhanyawad
Hello govtschemes.in…
Hello govtschemes.in administrator, You always provide useful tips and best practices.
Koi call receive nai karta…
Koi call receive nai karta hai ?
पशु पालन ऋण योजना
भैंस पालन के लिए ऋण चाहिए
Murgi palan yojana
Murgi palan jojana ka labh kena chahta hu
नई टिप्पणी जोड़ें