मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 05/08/2026 - 13:47
मध्य प्रदेश CM
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मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • UPSC एवं MPPSC की सिविल सेवा परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में सफलता प्राप्त करने पर प्रोत्साहन राशि।
  • विभाग एवं लाभार्थी वर्ग के अनुसार ₹10,000 से ₹60,000 तक आर्थिक सहायता।
  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय के पात्र अभ्यर्थियों को लाभ।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • हेल्पलाइन नंबर: 181
योजना का संक्षिप्त विवरण
योजना का नाममध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
नोडल विभागअनुसूचित जाति कल्याण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु कल्याण विभाग
लाभसंबंधित विभाग एवं परीक्षा के चरण के अनुसार ₹10,000 से ₹60,000 तक प्रोत्साहन राशि की
लाभार्थीअनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय के पात्र अभ्यर्थी
सब्सक्रिप्शनइस योजना से संबंधित अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें।
आवेदन का माध्यमऑफलाइन (संबंधित विभाग के जिला कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से)।

योजना के बारे में

हर वर्ष लाखों युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय वन सेवा (IFS) तथा अन्य केंद्रीय एवं राज्य सिविल सेवाओं में चयनित होकर देश और समाज की सेवा करने का सपना देखते हैं। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं होता। UPSC और MPPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत, नियमित अध्ययन, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और पर्याप्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। कई बार आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी बीच में छोड़नी पड़ती है या वे परीक्षा के अगले चरण तक पहुंचने के बावजूद आगे की तैयारी जारी नहीं रख पाते।

मध्य प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को विभिन्न स्तरों पर सहायता प्रदान करने के लिए कई योजनाएं संचालित करती है। इनमें सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना, जिसके माध्यम से पात्र अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है, तथा मुख्यमंत्री जनकल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना, जो आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान करती है, जैसी योजनाएं शामिल हैं। मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण योजना है, जो UPSC एवं MPPSC की परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में सफलता प्राप्त करने वाले पात्र अभ्यर्थियों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर उनकी आगे की तैयारी को सहयोग प्रदान करती है।

इस योजना की विशेषता यह है कि इसे मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभाग अपने-अपने पात्र वर्गों के लिए संचालित करते हैं। इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय के पात्र अभ्यर्थियों को लाभ प्रदान किया जाता है। प्रत्येक विभाग अपने लाभार्थियों के लिए पात्रता, आय सीमा, प्रोत्साहन राशि, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक शर्तें निर्धारित करता है। इसलिए योजना का उद्देश्य एक होने के बावजूद विभिन्न वर्गों के लिए इसके नियम एवं लाभ अलग-अलग हो सकते हैं।

योजना के अंतर्गत परीक्षा के प्रारंभिक, मुख्य एवं साक्षात्कार/अंतिम चयन जैसे प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण में सफलता प्राप्त करने पर विभागवार निर्धारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इससे अभ्यर्थियों को न केवल आर्थिक सहायता मिलती है, बल्कि वे अगले चरण की तैयारी अधिक आत्मविश्वास के साथ जारी रख पाते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि समाज के सभी वर्गों के योग्य एवं मेधावी युवाओं को समान अवसर मिलें, प्रशासनिक सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व बढ़े और आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली अभ्यर्थी के सपनों के बीच बाधा न बने।

MP Civil Service Protsahan Yojana OBC.

योजना के लाभ

मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों को UPSC एवं MPPSC की सिविल सेवा परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में सफलता प्राप्त करने पर आर्थिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह प्रोत्साहन राशि संबंधित विभाग एवं लाभार्थी वर्ग के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें अगले चरण की तैयारी जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

लाभार्थी वर्ग
UPSC (प्रारंभिक / मुख्य / साक्षात्कार)
MPPSC
SC/ST एवं विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय
  • प्रारंभिक₹40,000
  • मुख्य ₹60,000
  • साक्षात्कार ₹50,000
  • प्रारंभिक ₹20,000
  • मुख्य ₹30,000
  • साक्षात्कार ₹25,000
OBC
  • प्रारंभिक ₹25,000
  • मुख्य ₹50,000
  • साक्षात्कार ₹25,000
  • प्रारंभिक ₹15,000
  • मुख्य ₹25,000
  • साक्षात्कार ₹10,000
दिव्यांगजन
  • प्रारंभिक ₹20,000
  • मुख्य ₹30,000
  • अंतिम चयन ₹20,000
  • प्रारंभिक ₹20,000
  • मुख्य ₹30,000
  • अंतिम चयन ₹20,000

पात्रता मानदंड

मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को दिया जाता है। चूंकि यह योजना विभिन्न विभागों के माध्यम से अलग-अलग वर्गों के लिए संचालित की जाती है, इसलिए पात्रता की कुछ शर्तें सभी के लिए समान हैं, जबकि कुछ शर्तें संबंधित विभाग एवं लाभार्थी वर्ग के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

सामान्य पात्रता

  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के संबंधित चरण में सफलता प्राप्त की हो।
  • प्रोत्साहन राशि केवल उसी परीक्षा चरण के लिए प्रदान की जाएगी जिसमें अभ्यर्थी सफल हुआ हो।
  • प्रत्येक परीक्षा चरण के लिए प्रोत्साहन राशि केवल एक बार प्रदान की जाती है।
  • आवेदन संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा करना आवश्यक है। (जहां लागू हो)

श्रेणीवार पात्रता

1. अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST)

  • आवेदक अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का होना चाहिए।
  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक ने UPSC या MPPSC की सिविल सेवा परीक्षा के किसी निर्धारित चरण में सफलता प्राप्त की हो।
  • आवेदक के माता-पिता/अभिभावक की वार्षिक आय ₹6,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

2. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)

  • आवेदक मध्य प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित होना चाहिए।
  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक ने UPSC या MPPSC सिविल सेवा परीक्षा के किसी चरण में सफलता प्राप्त की हो।
  • MPPSC के लिए आय सीमा विभाग द्वारा पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु निर्धारित आय सीमा के अनुसार होगी।
  • UPSC के लिए आय सीमा लागू नहीं है।

3. दिव्यांगजन

  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक की दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक ने UPSC या MPPSC सिविल सेवा परीक्षा के किसी भी चरण (प्रारंभिक, मुख्य या अंतिम चयन) में सफलता प्राप्त की हो।
  • परीक्षा परिणाम घोषित होने की निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।

4. विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय

  • आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक विमुक्त, घुमंतु या अर्द्ध घुमंतु समुदाय से संबंधित होना चाहिए।
  • आवेदक ने UPSC या MPPSC सिविल सेवा परीक्षा के निर्धारित चरण में सफलता प्राप्त की हो।
  • संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों का पालन करना आवश्यक होगा।

आवश्यक दस्तावेज़

मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आवेदन करते समय अभ्यर्थी को अपने संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित सभी आवश्यक दस्तावेज़ आवेदन पत्र के साथ संलग्न करने होंगे। विभिन्न विभागों के अनुसार दस्तावेज़ों में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन सामान्य रूप से निम्नलिखित दस्तावेज़ आवश्यक होते हैं—

सामान्य दस्तावेज़

  • पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो।
  • आधार कार्ड।
  • मध्य प्रदेश का मूल निवासी (डोमिसाइल) प्रमाण पत्र।
  • समग्र आईडी।
  • बैंक पासबुक अथवा बैंक खाते का विवरण।
  • संबंधित परीक्षा (UPSC/MPPSC) के परिणाम, अंकसूची अथवा आयोग द्वारा जारी सफलता पत्र।
  • निर्धारित आवेदन पत्र।
  • विभाग द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज़ (यदि लागू हों)।

श्रेणीवार अतिरिक्त दस्तावेज़

  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • जाति प्रमाण पत्र।
    • आय प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)।
    • पिछली शैक्षणिक परीक्षा की अंकसूची/प्रमाण पत्र (यदि विभाग द्वारा आवश्यक हो)।
  • दिव्यांगजन
    • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी 40% या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
    • संबंधित परीक्षा चरण (प्रारंभिक, मुख्य या अंतिम चयन) में सफलता का आयोग द्वारा जारी पत्र एवं अंकसूची।
    • विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय
    • संबंधित समुदाय का प्रमाण पत्र (यदि विभाग द्वारा आवश्यक हो)।
    • विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज़।

ध्यान दें: आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी दस्तावेज़ों की स्व-सत्यापित (Self-Attested) प्रतियां संलग्न करें तथा मूल दस्तावेज़ सत्यापन के लिए अपने पास सुरक्षित रखें। संबंधित विभाग आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज़ भी मांग सकता है।

आवेदन की समय-सीमा (विभागवार)

वर्ग/विभाग
आवेदन की समय-सीमा
OBC
परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से 1 वर्ष के भीतर
दिव्यांगजन
परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से 30 दिन के भीतर
SC/ST
परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से 30 दिन के भीतर
विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु
उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज़ों में स्पष्ट समय-सीमा का उल्लेख नहीं है; संबंधित विभाग से पुष्टि करें।

ध्यान दें: दिव्यांगजन वर्ग की समय-सीमा (30 दिन) अन्य वर्गों की तुलना में बहुत कम है। इसलिए दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम आते ही तुरंत आवेदन करना चाहिए, अन्यथा दावा अस्वीकृत हो सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

मध्य प्रदेश सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। चूंकि यह योजना विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग लाभार्थी वर्गों के लिए संचालित की जाती है, इसलिए सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप किस श्रेणी के अंतर्गत आवेदन कर रहे हैं। इसके बाद संबंधित विभाग के जिला कार्यालय में जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

  • चरण 1: संबंधित विभाग से आवेदन पत्र प्राप्त करें
  • सबसे पहले अपने वर्ग के अनुसार संबंधित विभाग के जिला कार्यालय में जाएं और योजना का निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • SC एवं ST अभ्यर्थी – सहायक आयुक्त/जिला संयोजक, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • OBC अभ्यर्थी – सहायक आयुक्त/जिला संयोजक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • दिव्यांगजन अभ्यर्थी – संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के जिला कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय के अभ्यर्थी – संबंधित विभाग के जिला कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
  • चरण 2: आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें और जहां आवश्यक हो वहां अपना नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो चिपकाएं। आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की एक बार जांच अवश्य कर लें।
  • चरण 3: आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की स्व-सत्यापित (Self-Attested) प्रतियां संलग्न करें। यह सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज़ स्पष्ट, पूर्ण और वैध हों।
  • चरण 4: पूरी तरह भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक दस्तावेज़ों सहित संबंधित विभाग के जिला कार्यालय में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा कर दें।
  • चरण 5: आवेदन जमा करने के बाद संबंधित अधिकारी से उसकी रसीद अवश्य प्राप्त करें। यह रसीद इस बात का प्रमाण होती है कि आपका आवेदन विभाग में जमा हो गया है और भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने या किसी अन्य आवश्यकता के समय आपके काम आएगी।

ध्यान दें: आवेदन जमा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही है और सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न किए गए हैं। अधूरा आवेदन या आवश्यक दस्तावेज़ों की कमी होने पर संबंधित विभाग आवेदन अस्वीकार कर सकता है।

आवेदन के बाद की प्रक्रिया

आवेदन पत्र जमा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उसकी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच एवं सत्यापन किया जाता है। यदि आवेदन में दी गई जानकारी और संलग्न दस्तावेज़ सही पाए जाते हैं तथा आवेदक सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता है, तो प्रोत्साहन राशि स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

आवेदन के बाद सामान्यतः निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है-

  • चरण 1: संबंधित विभाग आवेदन पत्र एवं सभी संलग्न दस्तावेज़ों का परीक्षण और सत्यापन करता है।
  • चरण 2: आवश्यकता होने पर संबंधित अधिकारी आवेदक से अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए कह सकते हैं।
  • चरण 3: पात्रता की पुष्टि होने के बाद सक्षम अधिकारी द्वारा प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की जाती है।
  • चरण 4: स्वीकृति के पश्चात प्रोत्साहन राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हस्तांतरित कर दी जाती है।

ध्यान दें: आवेदन की स्वीकृति संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेज़ों के सत्यापन एवं योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करती है। यदि आवेदन अधूरा हो, आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न न हों या पात्रता शर्तें पूरी न हों, तो आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बातें

  • आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही एवं अद्यतन होनी चाहिए।
  • सभी दस्तावेज़ निर्धारित प्रारूप और आकार में ही अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जाँच कर लें।
  • भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर संदर्भ के लिए आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत, सुझाव या सहायता की आवश्यकता हो, तो अभ्यर्थी मध्य प्रदेश शासन की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) पर संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रोत्साहन योजना है, जिसके तहत UPSC एवं MPPSC की सिविल सेवा परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में सफल होने वाले पात्र अभ्यर्थियों को विभागवार आर्थिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
 

इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांगजन तथा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु समुदाय के पात्र अभ्यर्थियों को मिलता है।
 

संबंधित विभाग एवं परीक्षा के चरण के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को अधिकतम ₹60,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
 

नहीं। यह योजना UPSC और MPPSC दोनों परीक्षाओं के विभिन्न चरणों में सफल होने वाले पात्र अभ्यर्थियों के लिए लागू है।
 

योजना के अंतर्गत आवेदन संबंधित विभाग के जिला कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से ऑफलाइन किया जाता है।
 

नहीं। प्रोत्साहन राशि संबंधित विभाग, लाभार्थी वर्ग तथा परीक्षा के चरण के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है।
 

हाँ। आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रोत्साहन राशि लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
 

हाँ। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार/अंतिम चयन में सफलता प्राप्त करने पर विभाग द्वारा निर्धारित अलग-अलग प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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