- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप योजना (PMRF) उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देती है।
- यह योजना शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित होती है।
- चयनित शोधार्थियों को ₹70,000 से ₹80,000 प्रति माह तक फेलोशिप मिल सकती है।
- रिसर्च के स्वीकृत खर्चों के लिए प्रति वर्ष ₹2 लाख की ग्रांट दी जाती है
- आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तारीख के लिए आधिकारिक वेबसाइट और अपने संस्थान की सूचना देखें।
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना से जुड़ी पूछताछ के लिए – राष्ट्रीय समन्वय संस्थान, IIT मद्रास
- फोन: 044-2257 8079
- ईमेल: [email protected]
- वित्त से जुड़े सवाल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना |
| शुरू होने का साल | 2018 |
| योजना के लाभ | हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 तक फेलोशिप और हर साल ₹2 लाख का रिसर्च ग्रांट |
| लाभार्थी | PMRF से जुड़े संस्थानों में विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में PhD करने वाले योग्य छात्र |
| नोडल एजेंसी | उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय |
| अपडेट पाने के लिए | यहाँ सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | PhD संस्थान के जरिए नामांकन। छात्र सीधे राष्ट्रीय स्तर पर आवेदन नहीं कर सकते। |
योजना के बारे में
किसी भी देश की तरक्की में रिसर्च और नई तकनीक का बहुत बड़ा योगदान होता है। रिसर्च की मदद से मुश्किल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है और विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में नई खोज की जा सकती है। लेकिन उच्च स्तर पर रिसर्च करने में कई साल लगते हैं। इसके लिए अच्छी सुविधाओं, पढ़ाई और रिसर्च से जुड़े खर्चों की भी जरूरत होती है।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने साल 2018 में प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना शुरू की। इस योजना के तहत चुने गए PhD छात्रों को हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 तक की फेलोशिप दी जाती है। इसके अलावा, रिसर्च से जुड़े जरूरी खर्चों के लिए हर साल ₹2 लाख का रिसर्च ग्रांट भी मिलता है। इससे छात्रों को आर्थिक मदद मिलती है और वे अपने रिसर्च कार्य पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकते हैं।
इस योजना को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करना, विज्ञान और तकनीक में नई खोजों को बढ़ावा देना और भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में रिसर्च की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इसके जरिए ऐसी रिसर्च को भी बढ़ावा दिया जाता है, जिससे देश की महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।
इस योजना के तहत योग्य छात्रों को उनकी डिग्री और लागू नियमों के आधार पर अधिकतम पांच साल तक फेलोशिप मिल सकती है। हर महीने मिलने वाली फेलोशिप के अलावा, सालाना रिसर्च ग्रांट का इस्तेमाल मंजूर किए गए शैक्षणिक और रिसर्च संबंधी खर्चों के लिए किया जा सकता है। इसमें रिसर्च से जुड़े जरूरी खर्च और देश या विदेश में होने वाले रिसर्च कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का यात्रा खर्च भी शामिल हो सकता है। इन खर्चों के लिए योजना के वित्तीय नियमों का पालन करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना का लाभ विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में PhD करने वाले योग्य छात्र ले सकते हैं। इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त PMRF संस्थान में दाखिला लेना और निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है। योजना में आवेदन के दो रास्ते हैं: डायरेक्ट एंट्री और लेटरल एंट्री। दोनों के लिए शैक्षणिक योग्यता, कोर्स और आवेदन के समय से जुड़ी अलग-अलग शर्तें हैं।
इस योजना में आवेदन करने का तरीका सामान्य स्कॉलरशिप से थोड़ा अलग है। छात्र सीधे PMRF पोर्टल पर जाकर नया आवेदन जमा नहीं कर सकते। सबसे पहले उन्हें PMRF से जुड़े संस्थान में PhD में दाखिला लेना होता है। इसके बाद अपनी पात्रता के अनुसार संस्थान से नामांकन करवाना होता है। नामांकन के बाद आवेदन में शैक्षणिक रिकॉर्ड, रिसर्च प्रस्ताव और रेफरी की जानकारी जैसी चीजें देनी पड़ सकती हैं। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा आवेदन का मूल्यांकन किया जाता है।
अगर आपको आवेदन से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो सबसे पहले अपने संस्थान के PMRF कोऑर्डिनेटर से संपर्क करें। आप PMRF की आधिकारिक वेबसाइट पर भी योजना के नियम, संस्थानों की सूची और संपर्क संबंधी जानकारी देख सकते हैं।
योजना के लाभ
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप योजना के तहत विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में रिसर्च करने वाले योग्य छात्रों को आर्थिक मदद और रिसर्च के अवसर मिलते हैं। इस योजना के मुख्य लाभ नीचे दिए गए हैं:
- चुने गए छात्रों को PhD के साल के हिसाब से हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 तक की फेलोशिप मिलती है।
- रिसर्च से जुड़े मंजूर किए गए खर्चों के लिए हर साल ₹2 लाख का रिसर्च ग्रांट मिलता है।
- योग्य छात्र अपनी डिग्री और योजना के नियमों के अनुसार अधिकतम पांच साल तक फेलोशिप पा सकते हैं।
- आर्थिक मदद मिलने से छात्रों को अपने रिसर्च कार्य पर ध्यान देने में आसानी होती है।
- रिसर्च ग्रांट का इस्तेमाल मंजूर किए गए शैक्षणिक खर्चों और देश या विदेश में रिसर्च कॉन्फ्रेंस में जाने के लिए किया जा सकता है।
- छात्र IIT, IISc और अन्य योग्य PMRF संस्थानों में उच्च स्तर की रिसर्च कर सकते हैं।
- यह योजना विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई खोजों को बढ़ावा देती है।
- छात्रों की रिसर्च प्रगति की हर साल समीक्षा की जाती है। विशेषज्ञ उनकी प्रगति का मूल्यांकन करते हैं और जरूरी सुझाव देते हैं।
- छात्रों को अपनी पढ़ाई और अकादमिक प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में तय नियमों के अनुसार पढ़ाने से जुड़ी जिम्मेदारियाँ भी निभानी होती हैं।
PMRF योजना में फेलोशिप की राशि और रिसर्च ग्रांट
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना के तहत चुने गए PhD छात्रों को हर महीने फेलोशिप और हर साल अलग से रिसर्च ग्रांट दिया जाता है। PhD के साल के अनुसार फेलोशिप की राशि बढ़ती है। रिसर्च ग्रांट का इस्तेमाल मंजूर किए गए शैक्षणिक और रिसर्च संबंधी खर्चों के लिए किया जाता है।
PhD का साल | हर महीने फेलोशिप | एक साल में फेलोशिप की कुल राशि |
|---|---|---|
पहला साल | ₹70,000 | ₹8,40,000 |
दूसरा साल | ₹70,000 | ₹8,40,000 |
तीसरा साल | ₹75,000 | ₹9,00,000 |
चौथा साल | ₹80,000 | ₹9,60,000 |
पाँचवाँ साल | ₹80,000 | ₹9,60,000 |
हर महीने मिलने वाली फेलोशिप के अलावा, योग्य छात्रों को हर साल ₹2 लाख का रिसर्च ग्रांट भी मिलता है। अगर किसी छात्र को पूरे पांच साल तक योजना का लाभ मिलता है, तो रिसर्च ग्रांट की कुल राशि ₹10 लाख हो सकती है।
- पाँच साल की अधिकतम फेलोशिप राशि: ₹45 लाख
- पाँच साल का कुल रिसर्च ग्रांट: ₹10 लाख
- पाँच साल में कुल संभावित आर्थिक मदद: ₹55 लाख
₹55 लाख की कुल राशि तभी लागू होती है, जब छात्र को तय दरों पर पूरे पांच साल तक फेलोशिप मिलती है। जिन छात्रों को कम समय के लिए फेलोशिप मिलती है, जैसे कुछ इंटीग्रेटेड कोर्स या लेटरल एंट्री वाले छात्र, उन्हें उनके योग्य समय और PMRF के लागू नियमों के अनुसार सहायता मिलती है।
ध्यान दें: रिसर्च ग्रांट का इस्तेमाल मंजूर किए गए खर्चों, जैसे रिसर्च से जुड़े जरूरी शैक्षणिक खर्चों और देश या विदेश में रिसर्च कॉन्फ्रेंस में जाने के लिए किया जा सकता है। यह हर महीने मिलने वाली फेलोशिप से अलग होता है। इसका इस्तेमाल योजना के वित्तीय नियमों के अनुसार ही करना होता है।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आप योजना की शर्तें पूरी करते हैं या नहीं। पात्रता इस बात पर निर्भर करती है कि आप डायरेक्ट एंट्री से आवेदन कर रहे हैं या लेटरल एंट्री से। मुख्य शर्तें नीचे दी गई हैं।
- PhD में दाखिला: आपको विज्ञान, इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में किसी मान्यता प्राप्त PMRF संस्थान के PhD प्रोग्राम में दाखिला लेना जरूरी है।
- डायरेक्ट एंट्री के लिए डिग्री: आम तौर पर आपकी योग्यता वाली डिग्री पिछले तीन साल के अंदर पूरी हुई होनी चाहिए। इसके अलावा, मौजूदा दिशानिर्देशों में दी गई अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
- डायरेक्ट एंट्री के लिए योग्य कोर्स: डायरेक्ट एंट्री के एक रास्ते के तहत, कुछ तय संस्थानों के चार या पाँच साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम, इंटीग्रेटेड M.Tech, दो साल के M.Sc या डुअल डिग्री प्रोग्राम के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र या इनकी डिग्री पूरी कर चुके छात्र आवेदन के योग्य हो सकते हैं। इसके लिए आम तौर पर 10 में से कम से कम 8.0 CGPA/CPI होना चाहिए।
दूसरे भारतीय संस्थानों या विदेशी यूनिवर्सिटी के छात्र: मान्यता प्राप्त दूसरे भारतीय संस्थानों या विदेशी यूनिवर्सिटी के छात्र भी संबंधित डायरेक्ट एंट्री नियमों के तहत योग्य हो सकते हैं। इसके लिए जरूरी CGPA के साथ नीचे दी गई योग्यताओं में से कम से कम एक होना चाहिए:
- संबंधित विषय में GATE स्कोर कम से कम 650 हो।
- UGC/CSIR Junior Research Fellowship (JRF) में रैंक 100 या उससे बेहतर हो।
- NBHM फेलोशिप हो।
ये शर्तें संबंधित प्रवेश नियमों के अनुसार लागू होंगी।
GATE पास M.Tech या MS by Research के छात्र: PMRF से जुड़े संस्थान में M.Tech या MS by Research कर रहे या उसमें दाखिला ले चुके छात्र डायरेक्ट एंट्री के लिए योग्य हो सकते हैं। इसके लिए कम से कम 8.0 CGPA/CPI और चार योग्य कोर्स पूरे करने की शर्त है।
- लेटरल एंट्री के लिए शैक्षणिक योग्यता: आपको PMRF से जुड़े संस्थान में पहले से PhD करनी चाहिए। आम तौर पर कम से कम चार योग्य पूरे सेमेस्टर के कोर्स पूरे करने और 8.5 CGPA हासिल करने की शर्त होती है।
- लेटरल एंट्री की समय-सीमा: आवेदन करने के लिए आपको PhD में दाखिला लेने की तारीख या किसी दूसरे कोर्स से PhD में अपग्रेड होने की तारीख के आधार पर तय समय-सीमा पूरी करनी होगी।
- कितनी बार आवेदन कर सकते हैं: डायरेक्ट एंट्री के तहत केवल एक बार और लेटरल एंट्री के तहत अधिकतम दो बार आवेदन कर सकते हैं।
- मास्टर डिग्री से PhD में जाने वाले छात्र: तय नियमों के अनुसार, मास्टर कोर्स से PhD में अपग्रेड होने वाले या इंटीग्रेटेड मास्टर-PhD प्रोग्राम में मास्टर डिग्री की शर्तें पूरी करने वाले छात्र डायरेक्ट एंट्री से आवेदन नहीं कर सकते। हालांकि, वे लेटरल एंट्री के लिए योग्य हो सकते हैं, अगर बाकी शर्तें पूरी करते हैं।
- रिसर्च के योग्य विषय: यह योजना विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में PhD रिसर्च के लिए है। बताई गई पात्रता शर्तों के अनुसार, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस के विषय इसमें शामिल नहीं हैं।
महत्वपूर्ण: केवल शैक्षणिक योग्यता पूरी करने से फेलोशिप मिलना तय नहीं होता। आपकी पात्रता, संस्थान, आवेदन का तरीका और चयन प्रक्रिया के नियम भी देखे जाते हैं। आवेदन करने से पहले PMRF की आधिकारिक वेबसाइट पर नए दिशानिर्देश जरूर पढ़ें।
PMRF से जुड़े संस्थानों की सूची
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना के लिए विचार किए जाने से पहले किसी तय PMRF संस्थान के PhD प्रोग्राम में दाखिला लेना जरूरी है। योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर भाग लेने वाले संस्थानों और उनके कोऑर्डिनेटर की जानकारी दी जाती है। नीचे उन संस्थानों की सूची दी गई है, जिन्हें इस लेख के लिए इस्तेमाल की गई योजना संबंधी जानकारी में शामिल किया गया है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT)
- IIT भिलाई
- IIT (BHU), वाराणसी
- IIT भुवनेश्वर
- IIT बॉम्बे
- IIT दिल्ली
- IIT धारवाड़
- IIT गांधीनगर
- IIT गोवा
- IIT गुवाहाटी
- IIT हैदराबाद
- IIT इंदौर
- IIT (ISM), धनबाद
- IIT जम्मू
- IIT जोधपुर
- IIT कानपुर
- IIT खड़गपुर
- IIT मद्रास
- IIT मंडी
- IIT पलक्कड़
- IIT पटना
- IIT रुड़की
- IIT रोपड़
- IIT तिरुपति
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER)
- IISER बरहमपुर
- IISER भोपाल
- IISER कोलकाता
- IISER मोहाली
- IISER पुणे
- IISER तिरुपति
- IISER तिरुवनंतपुरम
अन्य भाग लेने वाले संस्थान
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), तिरुचिरापल्ली
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU)
- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU)
- जामिया मिल्लिया इस्लामिया
- जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)
- दिल्ली यूनिवर्सिटी
- यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद
ऊपर दी गई सूची इस लेख के लिए इस्तेमाल की गई प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना की जानकारी पर आधारित है। संस्थानों की भागीदारी और कोऑर्डिनेटर की जानकारी में बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले PMRF की आधिकारिक संस्थान सूची पर वर्तमान जानकारी जरूर जाँचें।
आवश्यक दस्तावेज
जब आपका संस्थान PMRF योजना के लिए आपके नाम की सिफारिश कर देता है, तो आवेदन के दौरान आपको अपनी पढ़ाई और रिसर्च से जुड़े रिकॉर्ड देने पड़ सकते हैं। कौन-से दस्तावेज जरूरी होंगे, यह आपके आवेदन के तरीके और पोर्टल पर दिए गए निर्देशों पर निर्भर करता है।
- अंकपत्र या अकादमिक ट्रांसक्रिप्ट, जिसमें आपके अंक और CGPA/CPI की जानकारी हो।
- डिग्री सर्टिफिकेट या प्रोविजनल सर्टिफिकेट, जहाँ लागू हो।
- GATE स्कोरकार्ड, अगर आपके आवेदन के तरीके में इसकी जरूरत हो।
- UGC/CSIR JRF रैंक या NBHM फेलोशिप का प्रमाण, जहाँ लागू हो।
- अपडेट किया हुआ बायोडाटा (CV), जिसमें आपकी पढ़ाई और रिसर्च के अनुभव की जानकारी हो।
- रिसर्च प्रस्ताव या स्टेटमेंट ऑफ पर्पस, जिसमें बताया गया हो कि आप किस विषय पर रिसर्च करना चाहते हैं।
- रिसर्च प्रोजेक्ट, इंटर्नशिप और पढ़ाई से जुड़े दूसरे अनुभवों की जानकारी।
- रिसर्च पेपर या पब्लिकेशन की सूची, अगर कोई हो। जमा किए गए या समीक्षा के लिए भेजे गए पेपर की जानकारी भी माँगी जा सकती है।
- रेफरी के नाम और संपर्क की जानकारी, जो तय ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए सिफारिश पत्र जमा करेंगे।
- PhD में दाखिले, संस्थान के नामांकन और जरूरत पड़ने पर कोर्सवर्क से जुड़े दस्तावेज।
यह दस्तावेजों की एक सामान्य सूची है। जरूरी नहीं कि हर आवेदक को सभी दस्तावेज देने हों। नामांकन के बाद PMRF पोर्टल और अपने संस्थान से मिले निर्देशों के अनुसार ही दस्तावेज जमा करें। ज्यादा जानकारी के लिए PMRF के आधिकारिक FAQs भी देख सकते हैं।
डायरेक्ट एंट्री और लेटरल एंट्री में क्या अंतर है?
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना में योग्य छात्रों के लिए आवेदन के दो तरीके हैं। डायरेक्ट एंट्री उन छात्रों के लिए है, जो PhD की शुरुआत में निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। वहीं, लेटरल एंट्री उन योग्य छात्रों के लिए है, जो PMRF से जुड़े संस्थान में पहले से PhD कर रहे हैं और तय शर्तों के अनुसार फेलोशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं।
जानकारी | डायरेक्ट एंट्री | लेटरल एंट्री |
|---|---|---|
| कौन आवेदन कर सकता है? | PhD में दाखिला ले चुके वे छात्र, जो डायरेक्ट एंट्री की शर्तें पूरी करते हैं। | PMRF से जुड़े संस्थान में पहले से PhD कर रहे योग्य छात्र। |
| शैक्षणिक योग्यता | कुछ रास्तों में कम से कम 10 में से 8.0 CGPA/CPI और अन्य तय योग्यताएँ जरूरी हैं। | आम तौर पर चार योग्य पूरे सेमेस्टर के कोर्स पूरे करने के बाद कम से कम 8.5 CGPA जरूरी है। |
| GATE या फेलोशिप की योग्यता | कुछ रास्तों में GATE या दूसरी तय योग्यताओं की जरूरत होती है। | पात्रता लागू लेटरल एंट्री नियमों और अकादमिक रिकॉर्ड पर निर्भर करती है। |
| आवेदन का समय | आम तौर पर योग्यता वाली डिग्री पिछले तीन साल के अंदर पूरी हुई होनी चाहिए। | PhD में दाखिले या दूसरे कोर्स से PhD में अपग्रेड होने के आधार पर तय समय-सीमा लागू होती है। |
| आवेदन के मौके | केवल एक बार। | अधिकतम दो बार। |
| फेलोशिप कितने समय मिलेगी? | योग्यता वाली डिग्री और योजना के नियमों पर निर्भर करता है। | PhD की बची हुई योग्य अवधि के लिए सहायता मिलती है। पिछली अवधि के लिए पुरानी तारीख से भुगतान नहीं किया जाता। |
डायरेक्ट एंट्री के लिए पात्रता के रास्ते
- कुछ तय संस्थानों के योग्य ग्रेजुएशन, इंटीग्रेटेड, डुअल डिग्री या पोस्टग्रेजुएट कोर्स के छात्र जरूरी शैक्षणिक शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं।
- दूसरे मान्यता प्राप्त भारतीय संस्थानों या विदेशी यूनिवर्सिटी के छात्र तय CGPA के साथ GATE में कम से कम 650 स्कोर, UGC/CSIR JRF में 100 या उससे बेहतर रैंक या NBHM फेलोशिप जैसी निर्धारित योग्यता पूरी करके आवेदन कर सकते हैं।
- PMRF से जुड़े संस्थान में M.Tech या MS by Research कर रहे योग्य GATE पास छात्र भी जरूरी CGPA/CPI और कोर्सवर्क की शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं।
लेटरल एंट्री के लिए पात्रता की शर्तें
- आप PMRF से जुड़े संस्थान में पहले से PhD कर रहे हों।
- आपने जरूरी CGPA और योग्य कोर्सवर्क की शर्तें पूरी की हों।
- मास्टर डिग्री के बाद PhD में दाखिला लेने वाले छात्रों को आम तौर पर दाखिले के 12 महीने के अंदर आवेदन करना होता है।
- ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD में दाखिला लेने वाले छात्रों को आम तौर पर दाखिले के 24 महीने के अंदर आवेदन करना होता है।
- M.S., M.Tech. या M.Sc. प्रोग्राम से PhD में अपग्रेड होने वाले छात्रों के लिए अलग समय-सीमा लागू हो सकती है।
ये शर्तें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। आपकी डिग्री, प्रवेश परीक्षा, कोर्स, CGPA और आवेदन की समय-सीमा के हिसाब से नियम अलग हो सकते हैं। किस रास्ते से आवेदन करना है, यह तय करने से पहले PMRF के नवीनतम दिशानिर्देश जरूर पढ़ें।
आवेदन प्रक्रिया
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले किसी तय PMRF संस्थान में PhD में दाखिला लेना जरूरी है। दूसरी कई स्कॉलरशिप की तरह इसमें छात्र सीधे आवेदन करके फेलोशिप के लिए नामांकन नहीं कर सकते। पहले संस्थान की ओर से नामांकन होता है, फिर आगे की आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
- सबसे पहले PMRF के नवीनतम दिशानिर्देश पढ़ें। देखें कि आप डायरेक्ट एंट्री या लेटरल एंट्री में से किस रास्ते के लिए योग्य हैं। अपने CGPA, डिग्री, GATE या दूसरी जरूरी योग्यताओं और आवेदन की समय-सीमा की जाँच करें।
- किसी योग्य विज्ञान, इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी विषय में PhD के लिए PMRF से जुड़े संस्थानों में आवेदन करें। फेलोशिप के लिए विचार किए जाने से पहले योग्य PhD प्रोग्राम में दाखिला लेना जरूरी है।
- दाखिला लेने के बाद या अगर आप पहले से PhD कर रहे हैं, तो अपने संस्थान के PMRF कोऑर्डिनेटर से बात करें। उनसे नामांकन की तारीखों, संस्थान की शुरुआती जाँच, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन की अंतिम तारीख के बारे में पूछें।
- अगर आपका संस्थान आपको योग्य मानता है, तो वह PMRF पोर्टल पर आपके नाम की सिफारिश कर सकता है। छात्र खुद से सार्वजनिक रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरकर राष्ट्रीय स्तर पर नामांकन नहीं कर सकते। कोऑर्डिनेटर की जानकारी के लिए PMRF का संपर्क पेज देखें।
- नामांकन स्वीकार होने के बाद आपको PMRF आवेदन पोर्टल पर लॉगिन करने के निर्देश मिल सकते हैं। वहाँ अपनी पढ़ाई, रिसर्च अनुभव, पब्लिकेशन, CV और रिसर्च प्रस्ताव या स्टेटमेंट ऑफ पर्पस की जानकारी भरें। अपने आवेदन के तरीके के अनुसार जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करें।
- निर्देशों के अनुसार अपने रेफरी या सिफारिश पत्र देने वाले लोगों के नाम और संपर्क की जानकारी भरें। उन्हें पहले से बता दें, ताकि वे तय समय-सीमा के अंदर ऑनलाइन सिफारिश पत्र जमा कर सकें।
- आवेदन और सिफारिश पत्र जमा होने के बाद विशेषज्ञ पैनल उम्मीदवारों का मूल्यांकन करता है और अपनी सिफारिशें देता है। इसके बाद राष्ट्रीय समन्वय समिति (National Coordination Committee) उम्मीदवारों की रैंकिंग और संस्थानों को आवंटित फेलोशिप सीटों के आधार पर अंतिम चयन करती है। केवल संस्थान से नामांकन होने का मतलब यह नहीं है कि फेलोशिप मिलना तय है।
जरूरी सूचना: PMRF में नामांकन और आवेदन की अंतिम तारीखें अलग-अलग प्रवेश चक्रों के लिए जारी की जाती हैं। इसलिए आवेदन तैयार करने से पहले अपने संस्थान से तारीख की पुष्टि करें और PMRF के आधिकारिक घोषणाओं वाले पेज पर नए नोटिस देखें। मदद के लिए सबसे पहले अपने संस्थान के PMRF कोऑर्डिनेटर से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण तारीखें और आवेदन की अंतिम तिथि
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना में सभी छात्रों के लिए एक ही स्थायी आवेदन की अंतिम तारीख नहीं होती। पहले पात्रता की शर्तें पूरी करनी होती हैं और अपने PhD संस्थान से नामांकन करवाना होता है। इसलिए आवेदन और नामांकन की तारीखों के बारे में अपने संस्थान के कोऑर्डिनेटर से जानकारी लेना जरूरी है।
कार्यक्रम | आधिकारिक रूप से दी गई तारीख |
|---|---|
| मई 2026 की वार्षिक समीक्षा के लिए आवेदन | 8 मई से 14 मई 2026 |
| मई 2026 की वार्षिक समीक्षा का मूल्यांकन | 18 मई से 2 जुलाई 2026 |
| मई 2026 की वार्षिक समीक्षा का परिणाम | 27 जुलाई 2026 |
महत्वपूर्ण: ऊपर दी गई तारीखें पहले से PMRF फेलोशिप पा रहे छात्रों की सालाना प्रगति समीक्षा से जुड़ी हैं। ये नए छात्रों के लिए फेलोशिप आवेदन की अंतिम तारीखें नहीं हैं। 23 अक्टूबर 2026 तक, इस लेख के लिए देखी गई आधिकारिक कैलेंडर जानकारी से अगले चक्र में डायरेक्ट एंट्री या लेटरल एंट्री के नए आवेदन की कोई पक्की सामान्य अंतिम तारीख तय नहीं होती। किसी अनुमानित तारीख पर भरोसा न करें। नए नोटिस के लिए PMRF घोषणाएँ और PMRF कैलेंडर देखें या अपने संस्थान के कोऑर्डिनेटर से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण लिंक
- शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना की आधिकारिक वेबसाइट
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना आवेदन पोर्टल
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना के दिशानिर्देश
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना संस्थानों और को ऑर्डिनेटर की सूची
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना के संशोधित दिशानिर्देश
संपर्क जानकारी
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (PMRF) योजना से जुड़ी पूछताछ के लिए – राष्ट्रीय समन्वय संस्थान, IIT मद्रास
- फोन: 044-2257 8079
- ईमेल: [email protected]
- वित्त से जुड़े सवाल: [email protected]
- राष्ट्रीय समन्वय समिति: [email protected]
- पता: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास, IIT P.O., चेन्नई, तमिलनाडु – 600036, भारत।
- PMRF की आधिकारिक संपर्क जानकारी
अगर आपको पात्रता, संस्थान से नामांकन या आवेदन की अंतिम तारीख के बारे में कोई सवाल है, तो सबसे पहले अपने संस्थान के PMRF कोऑर्डिनेटर से संपर्क करें। योजना से जुड़े सामान्य सवालों के लिए ऊपर दिए गए IIT मद्रास के संपर्क विवरण का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप योजना भारत सरकार की एक योजना है, जिसका उद्देश्य विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा देना है।
यह योजना शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित की जाती है।
चयनित शोधार्थियों को फेलोशिप के वर्ष के अनुसार ₹70,000 से ₹80,000 प्रति माह तक मिलते हैं।
चयनित शोधार्थियों को रिसर्च से जुड़े स्वीकृत खर्चों के लिए प्रति वर्ष ₹2 लाख की रिसर्च ग्रांट मिलती है।
इस योजना के लिए पात्रता उम्मीदवार के शैक्षणिक रिकॉर्ड, संबंधित संस्थान, कोर्स और आवेदन के तरीके पर निर्भर करती है। आवेदन से पहले आधिकारिक दिशानिर्देश देखें।
Direct Entry के तहत पात्र उम्मीदवार निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करते हैं। Lateral Entry के तहत पात्र मौजूदा PhD शोधार्थी योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
उम्मीदवार को पहले अपनी पात्रता जाँचनी चाहिए और अपने संस्थान के PMRF समन्वयक से संपर्क करना चाहिए। आवेदन या नामांकन की प्रक्रिया संबंधित प्रवेश चक्र और संस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार होती है।
आवेदन और नामांकन की अंतिम तारीख हर प्रवेश चक्र में अलग हो सकती है। नवीनतम जानकारी के लिए अपने संस्थान और PMRF की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाएँ देखें।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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