सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 24/10/2026 - 14:17
Narendra Modi PM of India
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सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप
हाइलाइट
  • सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप योजना UGC द्वारा चलाई जाती है।
  • यह योजना परिवार की इकलौती बेटी को नियमित और फुल-टाइम Ph.D. की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देती है।
  • UGC के योजना पेज पर पहले दो वर्षों के लिए ₹37,000 और उसके बाद ₹42,000 प्रति माह की फेलोशिप दरें दी गई हैं।
  • पात्र छात्राओं को नियमों के अनुसार शोध कार्य के लिए आकस्मिक अनुदान और अन्य लागू सहायता भी मिल सकती है।
  • आवेदन के लिए UGC के आधिकारिक फेलोशिप पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम सूचना और दिशानिर्देश देखना जरूरी है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
योजना का अवलोकन
योजना का नामसावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप (SJSGC)
शुरू होने का वर्ष2022
लाभपहले 2 साल हर महीने ₹37,000 और उसके बाद बाकी पात्र अवधि के लिए हर महीने ₹42,000। इसके अलावा, रिसर्च के खर्चों के लिए सालाना सहायता और लागू नियमों के अनुसार अन्य भत्ते भी मिल सकते हैं।
लाभार्थीनियमित और फुल-टाइम Ph.D. कर रही पात्र इकलौती बेटियाँ।
नोडल एजेंसीविश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC)
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाUGC फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

योजना के बारे में

उच्च शिक्षा और रिसर्च के जरिए लड़कियाँ अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं और अपने करियर में नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकती हैं। लेकिन Ph.D. की पढ़ाई के दौरान रिसर्च, किताबों और दूसरी जरूरतों पर खर्च भी होता है। ऐसे में आर्थिक सहायता मिलने से पढ़ाई जारी रखना आसान हो सकता है। इसी उद्देश्य से भारत में इकलौती बेटियों को डॉक्टरेट की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने के लिए सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप (SJSGC) योजना शुरू की गई। यह फेलोशिप पात्र छात्राओं को आर्थिक मदद देकर उन्हें उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देती है।

इस फेलोशिप के तहत भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में नियमित और फुल-टाइम Ph.D. करने वाली पात्र छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। UGC की आधिकारिक योजना वेबसाइट पर दी गई मौजूदा दरों के अनुसार, चुनी गई छात्राओं को पहले दो साल जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के रूप में हर महीने ₹37,000 और उसके बाद बाकी पात्र अवधि के लिए सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) के रूप में हर महीने ₹42,000 मिलते हैं। यह सहायता लागू नियमों और शर्तों के अनुसार दी जाती है। इसके अलावा, रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए सालाना सहायता और अन्य लागू भत्ते भी मिल सकते हैं।

 

इस फेलोशिप को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) चलाता है। इस योजना का उद्देश्य इकलौती बेटियों को उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए प्रोत्साहित करना, छोटे परिवार के महत्व को बढ़ावा देना और समाज में इकलौती बेटियों को पहचान दिलाना है। हालाँकि, योजना के उद्देश्यों में सामाजिक विज्ञान का उल्लेख मिलता है, लेकिन पात्र छात्राएँ तय शर्तों को पूरा करने पर किसी भी विषय में Ph.D. कर सकती हैं।

इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाली छात्रा अपने माता-पिता की इकलौती बेटी होनी चाहिए। उसके कोई भाई या बहन नहीं होनी चाहिए। हालाँकि, जुड़वाँ या एक साथ जन्मी बेटियाँ भी तय नियमों के अनुसार पात्र हो सकती हैं। आवेदक नियमित और फुल-टाइम Ph.D. कर रही होनी चाहिए। उम्र की सामान्य सीमा 40 साल तक है। तय नियमों के अनुसार SC, ST, OBC वर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) के लिए उम्र की सीमा 45 साल तक हो सकती है। पार्ट-टाइम, डिस्टेंस मोड या ओपन मोड से Ph.D. करने वाली छात्राएँ इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। आवेदन के साथ इकलौती बेटी होने का निर्धारित शपथ पत्र देना और संस्थान से जुड़ी दूसरी जरूरी शर्तें पूरी करना भी आवश्यक है।

इस फेलोशिप का लाभ अधिकतम 5 साल तक मिल सकता है या Ph.D. की थीसिस जमा करने तक, इनमें से जो भी पहले हो। आवेदन तभी किया जा सकता है, जब UGC की ओर से आवेदन आमंत्रित किए जाएँ। इसके लिए UGC फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है। आवेदन करने से पहले UGC की वेबसाइट और फेलोशिप पोर्टल पर नई सूचना जरूर जाँच लें।

मदद के लिए छात्राएँ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के आधिकारिक संपर्क पेज पर दी गई जानकारी देख सकती हैं। UGC के प्रकाशित संपर्क विवरण के अनुसार, फोन नंबर 011-23604446 और 011-23604200 हैं। ईमेल पता [email protected] है। योजना से जुड़े किसी खास सवाल के लिए फेलोशिप पोर्टल पर दी गई जानकारी और निर्देश भी देखें।

योजना के लाभ

सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप के तहत भारत में फुल-टाइम Ph.D. कर रही पात्र इकलौती बेटियों को आर्थिक मदद दी जाती है। इस फेलोशिप के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • चुनी गई छात्राओं को Ph.D. के पहले दो साल जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के रूप में हर महीने ₹37,000 मिलते हैं।
  • पहले दो साल पूरे होने के बाद, लागू नियमों और रिसर्च की संतोषजनक प्रगति के आधार पर बाकी पात्र अवधि के लिए सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) के रूप में हर महीने ₹42,000 मिलते हैं।
  • मानविकी और सामाजिक विज्ञान की छात्राओं को पहले दो साल हर साल ₹10,000 और उसके बाद हर साल ₹20,500 रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए मिलते हैं।
  • विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की छात्राओं को पहले दो साल हर साल ₹12,000 और उसके बाद हर साल ₹25,000 रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए मिलते हैं।
  • योजना के नियमों के अनुसार, पात्र दिव्यांग छात्राओं को एस्कॉर्ट या रीडर की सहायता के लिए हर महीने ₹3,000 मिल सकते हैं।
  • भारत सरकार के लागू नियमों और छात्रा के रहने की व्यवस्था के अनुसार, मकान किराया भत्ता (HRA) भी मिल सकता है।
  • यह फेलोशिप अधिकतम पाँच साल तक या Ph.D. की थीसिस जमा करने तक मिल सकती है। दोनों में से जो भी पहले हो, उसी के अनुसार फेलोशिप की अवधि तय होती है। इसके लिए योजना की शर्तें पूरी करना जरूरी है।
  • इस आर्थिक मदद से छात्राओं को रहने और रिसर्च से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलती है, जिससे वे अपनी डॉक्टरेट की पढ़ाई पर ध्यान दे सकती हैं।

फेलोशिप की राशि और आर्थिक सहायता

सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप के तहत पात्र Ph.D. छात्राओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा, रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए हर साल एक निश्चित राशि भी दी जाती है। छात्रा को कितनी सहायता मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह फेलोशिप के किस चरण में है और किस विषय में रिसर्च कर रही है।

आर्थिक सहायता का प्रकारमिलने वाली राशि
जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF)पहले दो साल हर महीने ₹37,000
सीनियर रिसर्च फेलोशिप (SRF)बाकी पात्र अवधि के लिए हर महीने ₹42,000, लागू शर्तों के अनुसार
मानविकी और सामाजिक विज्ञान के लिए रिसर्च खर्च की सहायतापहले दो साल हर साल ₹10,000 और उसके बाद हर साल ₹20,500
विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए रिसर्च खर्च की सहायतापहले दो साल हर साल ₹12,000 और उसके बाद हर साल ₹25,000

रिसर्च खर्चों के लिए मिलने वाली सालाना सहायता का इस्तेमाल पात्र रिसर्च से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। यह राशि हर साल मिलती है, हर महीने नहीं। फेलोशिप अधिकतम पाँच साल तक या Ph.D. की थीसिस जमा करने तक मिल सकती है। दोनों में से जो भी पहले हो, वही लागू होगा। इसके लिए योजना की शर्तें पूरी करना जरूरी है।

जरूरी सूचना: UGC की मौजूदा योजना वेबसाइट पर ऊपर दी गई मासिक फेलोशिप राशि बताई गई है। लेकिन UGC फेलोशिप पोर्टल पर उपलब्ध विस्तृत दिशा-निर्देशों की PDF में JRF के लिए ₹31,000 और SRF के लिए ₹35,000 की पुरानी राशि दी गई है। इसलिए आवेदन करने वाली छात्राओं को अपने चयन वर्ष के लिए लागू नई सूचना और फेलोशिप के स्वीकृति पत्र में दी गई राशि जरूर जाँचनी चाहिए।

पात्रता की शर्तें

सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप के लिए आवेदन करने से पहले यह जाँच लें कि आप इसकी सभी जरूरी शर्तें पूरी करती हैं या नहीं। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • आवेदक अपने माता-पिता की इकलौती बेटी होनी चाहिए। उसका कोई भाई या बहन नहीं होना चाहिए। हालाँकि, जुड़वाँ या एक साथ जन्मी बेटियाँ भी लागू नियमों के अनुसार पात्र हो सकती हैं।
  • आवेदक भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में किसी भी विषय में Ph.D. कर रही होनी चाहिए।
  • Ph.D. की पढ़ाई नियमित और फुल-टाइम होनी चाहिए। पार्ट-टाइम, डिस्टेंस लर्निंग और ओपन मोड से Ph.D. करने वाली छात्राएँ पात्र नहीं हैं।
  • आवेदक की उम्र सामान्य रूप से 40 साल तक होनी चाहिए। योजना के नियमों के अनुसार SC, ST, OBC वर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों (PwD) के लिए उम्र की सीमा 45 साल तक है। उम्र की गणना आवेदन की आखिरी तारीख के आधार पर की जाती है।
  • आवेदक को यह बताने वाला निर्धारित शपथ पत्र जमा करना होगा कि वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी है। यह शपथ पत्र ₹100 के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर बनवाना होगा और दिशा-निर्देशों में बताए गए अधिकृत अधिकारी से सत्यापित करवाना होगा।
  • आवेदक को UGC और अपने शिक्षण संस्थान की ओर से माँगे गए दस्तावेज और सत्यापन से जुड़ी सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।
  • हर साल मिलने वाली फेलोशिप की संख्या पूरी और पात्र आवेदनों के आधार पर तय की जाती है। इसलिए केवल पात्रता की शर्तें पूरी करने से फेलोशिप मिलना पक्का नहीं होता।

आवेदन करने से पहले UGC की आधिकारिक योजना वेबसाइट पर दिए गए दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें। आवेदन की नई सूचना में दी गई शर्तों को भी जरूर जाँच लें।

आवश्यक दस्तावेज

सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप का ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। इन दस्तावेजों से आवेदक की पात्रता और Ph.D. की जानकारी की जाँच की जाती है। इनमें ये दस्तावेज शामिल हो सकते हैं:

  • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट साइज फोटो और निर्धारित फॉर्मेट में स्कैन किए हुए हस्ताक्षर।
  • ₹100 के स्टाम्प पेपर पर बना शपथ पत्र, जिसमें यह बताया गया हो कि आवेदक अपने माता-पिता की इकलौती बेटी है। यह शपथ पत्र UGC के दिशा-निर्देशों में दिए गए फॉर्मेट में होना चाहिए और SDM, प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट या तहसीलदार से सत्यापित होना चाहिए। अगर माता-पिता जीवित नहीं हैं, तो दिशा-निर्देशों के अनुसार अभिभावक शपथ पत्र दे सकते हैं।
  • पोस्टग्रेजुएशन यानी स्नातकोत्तर पढ़ाई से जुड़े विवरण और प्रमाण पत्र।
  • मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में Ph.D. के रजिस्ट्रेशन और एडमिशन से जुड़े विवरण।
  • रिसर्च प्रपोजल और उसका सारांश (Abstract), अगर आवेदन पोर्टल पर माँगा गया हो।
  • पोर्टल से तैयार आवेदन फॉर्म, जिस पर विभागाध्यक्ष (HoD) या रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर जरूरी हों, अगर मौजूदा आवेदन निर्देशों में ऐसा कहा गया हो।

जरूरी दस्तावेजों की सही सूची, फाइल के फॉर्मेट और अपलोड करने की सीमा आवेदन के निर्देशों के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन जमा करने से पहले UGC की आधिकारिक फेलोशिप गाइडलाइन पढ़ें और फेलोशिप पोर्टल पर दी गई नई जानकारी के अनुसार दस्तावेज तैयार करें।

आवेदन प्रक्रिया

अगर आप सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप की पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो अगला कदम ऑनलाइन आवेदन भरना है। जब इस योजना के आवेदन खुले हों, तब UGC फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। फॉर्म भरने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

  • सबसे पहले UGC फेलोशिप और रिसर्च ग्रांट पोर्टल खोलें और सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले सिंगल गर्ल चाइल्ड फेलोशिप को खोजें। अगर आवेदन खुले हैं, तो रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए "New User" जैसे विकल्प पर क्लिक करें और माँगी गई जानकारी भरें। अपना ईमेल पता, स्कैन की हुई फोटो और हस्ताक्षर तैयार रखें। फोटो और हस्ताक्षर का फॉर्मेट वही रखें, जो पोर्टल पर बताया गया है।
  • रजिस्ट्रेशन करने के बाद अपने ईमेल पर लॉगिन से जुड़ी जानकारी या निर्देश देखें। इन जानकारियों की मदद से अपने अकाउंट में लॉगिन करें। अगर पहली बार लॉगिन करने पर पासवर्ड बदलने के लिए कहा जाता है, तो अपना पासवर्ड बदल लें।
  • लॉगिन करने के बाद अपने डैशबोर्ड में जाएँ और अपनी निजी जानकारी जाँच लें। वहाँ "Eligibility Criteria" यानी पात्रता से जुड़ा विकल्प खोजें। उसमें दी गई शर्तों को ध्यान से पढ़ें और जाँचें कि आप इस फेलोशिप के लिए योग्य हैं या नहीं। इसके बाद ही आगे बढ़ें।
  • पात्रता वाले हिस्से में माँगी गई जानकारी भरें और यह बताने वाला जरूरी शपथ पत्र अपलोड करें कि आप अपने माता-पिता की इकलौती बेटी हैं। शपथ पत्र UGC के दिशा-निर्देशों में बताए गए फॉर्मेट और सत्यापन के नियमों के अनुसार होना चाहिए। आगे बढ़ने से पहले इसमें भरी गई सभी जानकारियों को ध्यान से जाँच लें।
  • अब अपनी पोस्टग्रेजुएशन यानी स्नातकोत्तर पढ़ाई से जुड़ी जानकारी भरें। इसके बाद अपनी Ph.D. में रजिस्ट्रेशन और रिसर्च से जुड़ी माँगी गई जानकारी दें। आवेदन फॉर्म में जहाँ रिसर्च प्रपोजल, उसका सारांश (Abstract) या दूसरे दस्तावेज माँगे जाएँ, वहाँ उन्हें अपलोड करें।
  • आवेदन में दिए गए घोषणा-पत्र (Declaration) को ध्यान से पढ़ें और जाँच लें कि आपके द्वारा भरी गई सभी जानकारियाँ सही हैं। इसके बाद पोर्टल के निर्देशों के अनुसार आवेदन जमा करें। अगर आपके विभागाध्यक्ष (Head of Department यानी HoD) या रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर वाला फॉर्म माँगा गया है, तो बताए गए तरीके से उस प्रक्रिया को पूरा करें।
  • आवेदन पूरा करने से पहले जाँच लें कि सभी जरूरी हिस्से भर दिए गए हैं और अपलोड किए गए दस्तावेज साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं। आवेदन जमा होने के बाद उसकी कॉपी डाउनलोड कर लें या अपने पास सेव करके रखें, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल कर सकें।

ध्यान रखें कि आवेदन करने का तरीका और जरूरी दस्तावेज हर आवेदन प्रक्रिया में बदल सकते हैं। इसलिए पोर्टल पर दिए गए निर्देशों और UGC की नई सूचना को ध्यान से पढ़ें। अगर फिलहाल आवेदन खुले नहीं हैं, तो नई सूचना जारी होने पर पोर्टल पर दोबारा जाँच करें।

जरूरी सूचना: आवेदन जमा करने का मतलब यह नहीं है कि फेलोशिप मिलना पक्का हो गया है। UGC को मिलने वाले पूरे और पात्र आवेदनों के आधार पर हर साल फेलोशिप की संख्या तय की जाती है। इसलिए आवेदन केवल तय की गई अवधि में ही जमा करें। योजना की जानकारी के लिए UGC की आधिकारिक योजना वेबसाइट और आवेदन की स्थिति जानने के लिए फेलोशिप पोर्टल पर नई जानकारी देखें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार

आवेदन करने के तरीके या जरूरी दस्तावेजों से जुड़े सवालों के लिए सबसे पहले योजना की गाइडलाइन और फेलोशिप पोर्टल पर दी गई जानकारी देखें। ऊपर दिए गए संपर्क विवरण UGC के सामान्य पूछताछ के लिए हैं। अगर योजना से जुड़ा कोई अलग संपर्क नंबर या ईमेल नई सूचना में दिया गया है, तो उसे भी जरूर जाँच लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की फेलोशिप योजना है। इसका उद्देश्य परिवार की इकलौती बेटी को भारत में नियमित और फुल-टाइम Ph.D. की पढ़ाई करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
 

परिवार की इकलौती बेटी, जो किसी मान्यता प्राप्त भारतीय संस्थान में नियमित और फुल-टाइम Ph.D. कर रही है और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करती है, आवेदन कर सकती है। जुड़वाँ या एक साथ जन्मी दो बेटियाँ भी निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र हो सकती हैं।
 

उपलब्ध योजना संबंधी जानकारी में परिवार की आय की कोई निश्चित सीमा स्पष्ट नहीं है। आवेदन करने से पहले UGC के नवीनतम दिशानिर्देशों में पात्रता की शर्तें जरूर जाँचें।
 

सामान्य वर्ग की छात्राओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष और SC/ST/OBC/PwD श्रेणियों की पात्र छात्राओं के लिए 45 वर्ष बताई गई है। आयु की गणना आवेदन की अंतिम तारीख के आधार पर की जाती है। आवेदन से पहले नवीनतम दिशानिर्देश देखें।
 

UGC के योजना पेज पर पहले दो वर्षों के लिए ₹37,000 प्रति माह और उसके बाद ₹42,000 प्रति माह की फेलोशिप दरें दी गई हैं। हालाँकि, विस्तृत दिशानिर्देशों में पुरानी दरें भी मिलती हैं। इसलिए आवेदन या लेख में राशि की पुष्टि नवीनतम आधिकारिक सूचना से करें।
 

 हाँ, पात्रता और लागू नियमों के अनुसार शोध कार्य के लिए सालाना आकस्मिक अनुदान (Contingency Grant) भी दिया जाता है। इसकी राशि विषय और फेलोशिप के वर्ष के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
 

नहीं। योजना के नियमों के अनुसार पार्ट-टाइम, डिस्टेंस या ओपन मोड से Ph.D. करने वाली छात्राएँ पात्र नहीं हैं।
 

फेलोशिप अधिकतम पाँच साल तक या Ph.D. की थीसिस जमा करने तक, जो भी पहले हो, नियमों और शर्तों के अनुसार मिल सकती है।
 

आम तौर पर आवेदन के लिए शैक्षणिक रिकॉर्ड, Ph.D. में प्रवेश या पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज और इकलौती बेटी होने का निर्धारित शपथपत्र चाहिए। दस्तावेजों की पूरी सूची के लिए UGC के नवीनतम दिशानिर्देश देखें।
 

दिशानिर्देशों के अनुसार, निर्धारित प्रारूप में ₹100 के स्टाम्प पेपर पर शपथपत्र देना होता है। इसे SDM, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या तहसीलदार से सत्यापित करवाने की शर्त दी गई है। केवल नोटरी से सत्यापन स्वीकार न होने की बात भी दिशानिर्देशों में बताई गई है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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