- यह योजना वर्ष 1994 में शुरू की गई थी।
- इसके तहत पात्र खिलाड़ियों को ₹12,000 से ₹20,000 तक की मासिक पेंशन मिलती है।
- योजना का लाभ पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को मिलता है।
- पेंशन 30 वर्ष की आयु पूरी होने या सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद, दोनों में से जो भी बाद में हो, मिलनी शुरू होती है।
- पात्र खिलाड़ी DBT-YAS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- फोन नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-202-5155 / 1800-258-5155
- योजना से जुड़ी जानकारी के लिए ईमेल: [email protected]
- तकनीकी सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स |
| शुरू होने का वर्ष | 1994 |
| लाभ | ₹12,000 से ₹20,000 तक की आजीवन मासिक पेंशन |
| लाभार्थी | पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले सेवानिवृत्त भारतीय खिलाड़ी |
| संबंधित विभाग | खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | DBT-YAS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन |
योजना के बारे में
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को कई वर्षों तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, नियमित अभ्यास करना पड़ता है और पूरी लगन के साथ खेल की तैयारी करनी पड़ती है। हालांकि, खेल से संन्यास लेने के बाद कई खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सुरक्षा बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने और उनके खेल करियर के बाद आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स चलाती है, जिसे पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स स्कीम भी कहा जाता है। वर्ष 1994 में शुरू की गई इस योजना के तहत, निर्धारित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पात्र भारतीय खिलाड़ियों को हर महीने ₹12,000 से ₹20,000 तक की आजीवन पेंशन दी जाती है। योजना की शर्तों के अनुसार, पेंशन 30 वर्ष की आयु पूरी होने पर या सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद, दोनों में से जो भी बाद में हो, मिलनी शुरू होती है।
इस योजना का संचालन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत खेल विभाग करता है। इसका मुख्य उद्देश्य खेल से संन्यास लेने के बाद सफल खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देना और भारतीय खेलों में उनके योगदान को सम्मानित करना है। पेंशन का भुगतान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए स्वीकृत लाभार्थियों के लिए वार्षिकी (Annuity) की व्यवस्था की जाती है, जिसके तहत उन्हें हर महीने पेंशन मिलती है। योजना के अंतर्गत ओलंपिक खेलों, पैरालंपिक खेलों, एशियाई खेलों, पैरा एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है। वर्ष 2022 में घोषित संशोधित प्रावधानों के तहत डेफलिम्पिक्स पदक विजेताओं को भी शामिल किए जाने की घोषणा की गई थी।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को भारतीय नागरिक होना चाहिए, किसी पात्र प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीता होना चाहिए और सक्रिय खेल से संन्यास ले लिया होना चाहिए। आवेदक को निर्धारित आयु और संन्यास संबंधी शर्तें भी पूरी करनी होंगी तथा अपनी खेल उपलब्धियों की पुष्टि के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। पात्र खिलाड़ी खेल विभाग के DBT-YAS पोर्टल पर पंजीकरण करके, आवेदन फॉर्म भरकर, जरूरी दस्तावेज अपलोड करके और आवेदन की स्थिति देखकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में सहायता के लिए आवेदक खेल विभाग की हेल्पलाइन 1800-202-5155 या 1800-258-5155 पर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।
जिन खिलाड़ियों को इलाज के खर्च, चोट या आर्थिक परेशानी के कारण वित्तीय सहायता की जरूरत है, वे पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। पेंशन योजना पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल उपलब्धियों को पहचान देती है, जबकि यह कल्याण कार्यक्रम निर्धारित परेशानियों का सामना कर रहे पात्र खिलाड़ियों और इसमें शामिल अन्य लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
योजना के लाभ
स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत पात्र खिलाड़ियों को खेल से संन्यास लेने के बाद नियमित आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- पात्र ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेताओं को जीवनभर हर महीने ₹20,000 की पेंशन मिलती है।
- मंत्रालय के वर्ष 2025 के प्रकाशन में दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र डेफलिम्पिक्स पदक विजेताओं को भी ₹20,000 प्रति माह वाली पेंशन श्रेणी में शामिल किया गया है।
- निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को हर महीने ₹16,000 मिलते हैं।
- निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में रजत या कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को हर महीने ₹14,000 मिलते हैं।
- एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को हर महीने ₹14,000 मिलते हैं।
- एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और पैरा एशियाई खेलों में रजत या कांस्य पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को हर महीने ₹12,000 मिलते हैं।
- यह पेंशन खेल से संन्यास लेने के बाद नियमित आय का साधन देती है और पात्र खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सुरक्षित रहने में मदद करती है।
- योजना की शर्तों और हर साल जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की आवश्यकता के अधीन, पेंशन का भुगतान LIC के माध्यम से वार्षिकी व्यवस्था के तहत किया जाता है।
- योजना के तहत पात्र खिलाड़ी को उसकी सबसे बड़ी खेल उपलब्धि के आधार पर केवल एक पेंशन मिलती है।
योजना के तहत पेंशन की राशि
स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत उन पात्र भारतीय खिलाड़ियों को हर महीने पेंशन दी जाती है जिन्होंने निर्धारित अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीता हो और सक्रिय खेल से संन्यास ले लिया हो। पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि खिलाड़ी ने किस प्रतियोगिता में और कौन-सा पदक जीता है। प्रकाशित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, इस योजना के तहत हर महीने ₹12,000 से ₹20,000 तक की पेंशन दी जाती है।
नीचे दी गई तालिका में योजना के तहत पेंशन की राशि बताई गई है। ये दरें 1 अप्रैल 2018 से लागू हुई थीं। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के वर्ष 2025 के प्रकाशन में भी डेफलिम्पिक्स पदक विजेताओं को ₹20,000 की पेंशन श्रेणी में शामिल किए जाने की पुष्टि की गई है।
खेल उपलब्धि | मासिक पेंशन |
|---|---|
ओलंपिक खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक | ₹20,000 |
पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक | ₹20,000 |
डेफलिम्पिक्स में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक | ₹20,000 |
पात्र विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक | ₹16,000 |
पात्र विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप में रजत या कांस्य पदक | ₹14,000 |
एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों या पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक | ₹14,000 |
एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों या पैरा एशियाई खेलों में रजत या कांस्य पदक | ₹12,000 |
प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुसार, विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप में केवल उन्हीं प्रतियोगिताओं को पात्र माना जाता है जो ओलंपिक और एशियाई खेलों में शामिल खेलों में चार साल में एक बार आयोजित होती हैं। पात्र खिलाड़ी को उसकी सबसे बड़ी खेल उपलब्धि के आधार पर इस योजना के तहत केवल एक पेंशन मिल सकती है। योजना की शर्तों और जरूरी सत्यापन को पूरा करने पर यह पेंशन जीवनभर दी जाती है।
पात्रताएं
स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स का लाभ लेने के लिए आवेदकों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए किसी पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीता होना चाहिए।
- पात्र प्रतियोगिताओं में ओलंपिक खेल, पैरालंपिक खेल, डेफलिम्पिक्स, एशियाई खेल, पैरा एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले विश्व कप या विश्व चैंपियनशिप शामिल हैं।
- विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप की प्रतियोगिताएँ योजना की चार साल में एक बार आयोजित होने की शर्त को पूरा करती हों और ओलंपिक या एशियाई खेलों में शामिल खेलों से संबंधित हों।
- पेंशन के लिए आवेदन करने से पहले खिलाड़ी ने सक्रिय खेल से संन्यास ले लिया होना चाहिए।
- पेंशन 30 वर्ष की आयु पूरी होने पर या सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद, दोनों में से जो भी बाद में हो, मिलनी शुरू होती है।
- आवेदक को सक्रिय खेल से संन्यास लेने की पुष्टि करने वाला घोषणा-पत्र देना होगा और अपनी आयु तथा खेल उपलब्धियों को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज जमा करने होंगे।
- यदि किसी आवेदक ने एक से अधिक पात्र प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं, तो उसे उसकी सबसे बड़ी खेल उपलब्धि के आधार पर योजना के तहत केवल एक पेंशन मिल सकती है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदकों को अपनी पहचान, आयु, खेल उपलब्धियों और सक्रिय खेल से संन्यास की पुष्टि करने के लिए जरूरी दस्तावेज देने होंगे। योजना के निर्धारित आवेदन फॉर्म में निम्नलिखित दस्तावेजों और जानकारियों का उल्लेख किया गया है:
- आधार नंबर और व्यक्तिगत जानकारी।
- जन्मतिथि का प्रमाण।
- खेल, प्रतियोगिता, प्रतियोगिता के वर्ष और जीते गए पदक की जानकारी के साथ पदक प्रमाण-पत्र या उपलब्धियों से जुड़े अन्य प्रमाण।
- सक्रिय खेल से संन्यास लेने की पुष्टि करने वाला घोषणा-पत्र।
- बैंक खाते की जानकारी, जिसमें जरूरी बैंक मैंडेट फॉर्म भी शामिल है।
- बैंक खाते का रद्द किया हुआ चेक या बैंक द्वारा सत्यापित चेक की फोटोकॉपी।
- पेंशन पर लागू होने वाले किसी भी आयकर की जिम्मेदारी स्वीकार करने वाला घोषणा-पत्र।
आवेदन जमा करने से पहले दस्तावेज अपलोड करने और उनकी जाँच से जुड़ी नवीनतम आवश्यकताओं की जानकारी के लिए आवेदकों को आधिकारिक DBT-YAS पोर्टल देखना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
पात्र खिलाड़ी खेल विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण करने, आवेदन जमा करने और उसकी स्थिति देखने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- आवेदन पोर्टल खोलें: सबसे पहले DBT-YAS पोर्टल पर जाएँ। इस पोर्टल पर खेल विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है।
- अपना पंजीकरण करें: पोर्टल के होमपेज पर Registration का विकल्प चुनें और माँगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरें। आपके मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP के माध्यम से मोबाइल नंबर का सत्यापन करें और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें।
- अपने खाते में लॉग इन करें: पंजीकरण के बाद मिले लॉगिन विवरण का उपयोग करके अपने खाते में प्रवेश करें। यदि पोर्टल आपसे प्रोफाइल की जानकारी पूरी करने के लिए कहता है, तो जरूरी विवरण भरें।
- पेंशन योजना चुनें: पोर्टल के Schemes सेक्शन में जाएँ और उपलब्ध योजनाओं में से Pension to Meritorious Sportsperson Scheme का विकल्प चुनें।
- आवेदन फॉर्म भरें: फॉर्म में माँगी गई व्यक्तिगत जानकारी, खेल का नाम, जीते गए पदक का विवरण, प्रतियोगिता का वर्ष और संन्यास से जुड़ी जानकारी भरें।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें: पोर्टल पर माँगे गए दस्तावेज अपलोड करें। इनमें आयु का प्रमाण, खेल उपलब्धियों से जुड़े प्रमाण, संन्यास का घोषणा-पत्र और बैंक खाते की जानकारी शामिल हो सकती है।
- आवेदन जमा करें: आवेदन में भरी गई सभी जानकारियों को ध्यान से जाँचें और फॉर्म जमा कर दें। पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है।
- आवेदन की स्थिति देखें: अपने आवेदन की प्रगति जानने के लिए पोर्टल के Application Status सेक्शन में जाएँ। आवेदन से जुड़े अपडेट SMS के माध्यम से भी मिल सकते हैं।
- मंजूरी के बाद पेंशन प्राप्त करें: आवेदन मंजूर होने के बाद खेल विभाग भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से वार्षिकी की व्यवस्था करता है। इसके बाद LIC हर महीने पेंशन की राशि आपके निर्धारित बैंक खाते में जमा करता है।
पंजीकरण या आवेदन करते समय किसी परेशानी का सामना करने पर आप खेल विभाग की हेल्पडेस्क के नंबर 1800-202-5155 या 1800-258-5155 पर सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए सवाल-जवाब भी देख सकते हैं।
पेंशन का भुगतान कैसे किया जाता है?
इस योजना के तहत पेंशन का भुगतान हर महीने सीधे खेल विभाग द्वारा नहीं किया जाता है, बल्कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से किया जाता है। योजना के अंतर्गत खेल विभाग स्वीकृत लाभार्थियों के लिए पेंशन की व्यवस्था करने हेतु LIC को एकमुश्त राशि देता है। इसके बाद LIC वार्षिकी व्यवस्था के तहत लाभार्थी के निर्धारित बैंक खाते में हर महीने पेंशन जमा करता है।
पेंशन बिना रुकावट मिलती रहे, इसके लिए लाभार्थियों को हर साल LIC में जीवन प्रमाण-पत्र (Life Existence Certificate) जमा करना होता है। इस प्रमाण-पत्र से यह पुष्टि होती है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है और पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र है। खेल विभाग ने 29 सितंबर 2025 को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि लाभार्थी LIC Digital मोबाइल ऐप के माध्यम से भी यह प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
पात्र पेंशनधारक LIC Digital ऐप के माध्यम से जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- Google Play Store या Apple App Store से LIC Digital ऐप डाउनलोड करें।
- ऐप खोलें और Jeevan Saakshya विकल्प चुनें।
- पॉलिसी से जुड़े मोबाइल नंबर या ईमेल पते का उपयोग करके पंजीकरण करें, MPIN सेट करें और लॉग इन करें।
- प्रमाण-पत्र बनाने का विकल्प चुनें और संबंधित वार्षिकी नंबर दर्ज करें।
- DigiLocker या Aadhaar Offline eKYC ZIP तरीके का उपयोग करके जरूरी पहचान सत्यापन पूरा करें।
- ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी जानकारी की पुष्टि करें और सेल्फी के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें।
- प्रमाण-पत्र तैयार करें और ऐप में जाँच लें कि यह सफलतापूर्वक बन गया है।
लाभार्थियों को अपनी वार्षिकी पर लागू समय-सीमा के अनुसार जीवन प्रमाण-पत्र जमा करना चाहिए। वर्ष 2025 के सर्कुलर में पेंशनधारकों को LIC Digital ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है, ताकि प्रमाण-पत्र जमा करना आसान हो और हर महीने मिलने वाली पेंशन समय पर जारी रह सके।
महत्वपूर्ण लिंक
- खेल विभाग, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट
- DBT-YAS का आधिकारिक पोर्टल
- स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स
- ऑनलाइन पंजीकरण
- योजना के दिशानिर्देश और उपयोगकर्ता पुस्तिकाएँ
- पेंशनधारक डैशबोर्ड
- जीवन प्रमाण-पत्र से जुड़े दिशानिर्देश
संपर्क जानकारी
स्कीम ऑफ स्पोर्ट्स फंड फॉर पेंशन टू मेरिटोरियस स्पोर्ट्सपर्सन्स से जुड़ी सहायता के लिए आवेदक युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत खेल विभाग से नीचे दिए गए संपर्क विवरणों के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
- फोन नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
- टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-202-5155 / 1800-258-5155
- योजना से जुड़ी जानकारी के लिए ईमेल: [email protected]
- तकनीकी सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
- कार्यालय का पता: खेल विभाग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001, भारत
- विभाग के कार्यालय का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक, छुट्टियों को छोड़कर
- ऑनलाइन आवेदन हेल्पडेस्क का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
आवेदक योजना से जुड़ी जानकारी के लिए विभाग से संपर्क कर सकते हैं। पंजीकरण या ऑनलाइन आवेदन के दौरान तकनीकी समस्या आने पर वे ऑनलाइन आवेदन हेल्पडेस्क से भी सहायता ले सकते हैं।
संपर्क विवरण की नवीनतम जानकारी के लिए खेल विभाग का आधिकारिक संपर्क पेज देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह भारत सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले सेवानिवृत्त भारतीय खिलाड़ियों को हर महीने पेंशन दी जाती है।
यह योजना वर्ष 1994 में शुरू की गई थी।
योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर ₹12,000 से ₹20,000 तक की मासिक पेंशन मिलती है।
इसका लाभ उन भारतीय खिलाड़ियों को मिल सकता है जिन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पात्र अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीता हो और सक्रिय खेल से संन्यास ले लिया हो।
हाँ, योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले ओलंपिक पदक विजेताओं को ₹20,000 प्रति माह पेंशन मिलती है।
पेंशन 30 वर्ष की आयु पूरी होने या सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद, दोनों में से जो भी बाद में हो, मिलनी शुरू होती है।
नहीं, योजना के तहत खिलाड़ी को उसकी सबसे बड़ी खेल उपलब्धि के आधार पर केवल एक पेंशन मिलती है।
पात्र खिलाड़ी DBT-YAS पोर्टल https://dbtyas-sports.gov.in/ पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं, आवेदन फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
आवेदन के लिए आधार नंबर, जन्मतिथि का प्रमाण, खेल उपलब्धियों और पदक का प्रमाण, संन्यास का घोषणा-पत्र तथा बैंक खाते से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है। आवेदन करते समय पोर्टल पर दी गई नवीनतम आवश्यकताओं की जाँच करें।
पेंशन का भुगतान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से वार्षिकी व्यवस्था के तहत किया जाता है। स्वीकृत लाभार्थियों को हर महीने उनके निर्धारित बैंक खाते में पेंशन मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | योजना का प्रकार | सरकार |
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