पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स

author
द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 14/10/2026 - 12:41
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स
हाइलाइट
  • यह योजना आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे खिलाड़ियों की मदद करती है।
  • पात्र खिलाड़ियों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • पात्र खिलाड़ियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • दिवंगत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • इस योजना के लिए आधिकारिक DBT-YAS पोर्टल पर बिना किसी आवेदन शुल्क के ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • खेल विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
    • हेल्पलाइन: 1800-202-5155 / 1800-258-5155 (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक)
    • योजना से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
    • तकनीकी सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
    • DBT सेल के संपर्क नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
योजना का अवलोकन
योजना का नामपंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स
शुरू होने का वर्ष1982
लाभ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता
लाभार्थीआर्थिक तंगी का सामना कर रहे खिलाड़ी, पात्र परिवार के सदस्य, कोच और खेल सहायक कर्मचारी
नोडल एजेंसीयुवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी जानकारी और अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाDBT-YAS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन

योजना के बारे में

अपने खेल प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को जीवन के बाद के वर्षों में या किसी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इलाज, खेल के दौरान लगी चोटों, ट्रेनिंग और खेल के सामान पर होने वाला खर्च भी खिलाड़ियों के लिए अपना खेल जारी रखना मुश्किल बना सकता है। ऐसी परिस्थितियों में पात्र खिलाड़ियों की मदद करने के लिए भारत सरकार पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स चलाती है। इस योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को इलाज और खेल से जुड़ी चोटों के लिए ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा, आर्थिक तंगी का सामना कर रहे उत्कृष्ट खिलाड़ियों और मृत खिलाड़ियों के पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक की सहायता दी जाती है।

इस कार्यक्रम की शुरुआत मूल रूप से मार्च 1982 में राष्ट्रीय खेलकूद कल्याण निधि के नाम से हुई थी। सितंबर 2017 में इसका नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय खेलकूद कल्याण निधि (PDUNWFS) कर दिया गया। इसके बाद 10 अक्टूबर 2023 को इसमें फिर से बदलाव किए गए। इस योजना का संचालन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत खेल विभाग करता है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक तंगी का सामना कर रहे उत्कृष्ट खिलाड़ियों, ट्रेनिंग या प्रतियोगिताओं के दौरान घायल हुए खिलाड़ियों और इलाज के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत वाले पात्र परिवार के सदस्यों की मदद करना है। कुछ विशेष परिस्थितियों में यह योजना ट्रेनिंग, खेल का सामान खरीदने और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी आर्थिक सहायता देती है।

संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, खेल का सामान खरीदने और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए ₹2.5 लाख तक की सहायता मिल सकती है। पात्र कोच और खेल सहायक कर्मचारियों को भी आर्थिक सहायता दी जा सकती है। इसमें इलाज के लिए ₹4 लाख तक और संबंधित कल्याण श्रेणी के तहत ₹2 लाख तक की सहायता शामिल है। आर्थिक तंगी की श्रेणी में पात्र होने के लिए आवेदक या उसके परिवार की सभी स्रोतों से सालाना आय आम तौर पर ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। हालांकि, यह शर्त संबंधित सहायता श्रेणी के नियमों के अनुसार लागू होती है। सहायता की वास्तविक राशि आवेदक की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और सक्षम अधिकारी के निर्णय पर निर्भर करती है।

पात्र आवेदक मंत्रालय के निर्धारित DBT-YAS पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं। आम तौर पर आवेदकों को अपनी खेल उपलब्धियों के प्रमाण, आय का विवरण, बैंक खाते की जानकारी और मामले से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। इलाज या खेल में लगी चोट के लिए आवेदन करने पर मेडिकल रिपोर्ट की जरूरत होती है। वहीं, मृत खिलाड़ी के परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र और रिश्ते या आश्रित होने का प्रमाण देना पड़ सकता है। पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन की स्थिति से जुड़ी मदद के लिए आवेदक आधिकारिक योजना पोर्टल या खेल विभाग से संपर्क कर सकते हैं। यह आर्थिक सहायता देने वाला कार्यक्रम है। इसे मेधावी खिलाड़ियों के लिए चलाई जाने वाली अलग पेंशन योजना से अलग समझना चाहिए, जिसके तहत पात्र पदक विजेताओं को हर महीने पेंशन दी जाती है।

खिलाड़ी और उनके परिवार दूसरी संबंधित योजनाओं के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, ONGC स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप योजना के तहत पात्र खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और खेल से जुड़ी सहायता दी जाती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित योजना के दिशा-निर्देशों को जरूर देखना चाहिए।

योजना के लाभ

पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे पात्र खिलाड़ियों और खेल से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • आर्थिक तंगी का सामना कर रहे पात्र उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • मृत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के परिवारों को योजना की शर्तों के अनुसार ₹5 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • खिलाड़ियों और उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • ट्रेनिंग या खेल प्रतियोगिताओं के दौरान घायल हुए खिलाड़ियों को ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है। इसमें पात्र जूनियर और सब-जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं।
  • जिन पात्र खिलाड़ियों के माता-पिता आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या जो मान्यता रद्द किए गए, निलंबित या गैर-मान्यता प्राप्त खेल महासंघों से जुड़े हैं, उन्हें ट्रेनिंग, खेल का सामान खरीदने और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए ₹2.5 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • पात्र कोच और खेल सहायक कर्मचारियों को संबंधित कल्याण श्रेणी के तहत ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
  • इलाज से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे पात्र कोच और खेल सहायक कर्मचारियों को उपचार के लिए ₹4 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • विशेष मामलों में, योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, खेल मंत्री लिखित रूप में कारण दर्ज करके ₹20 लाख तक की सहायता मंजूर कर सकते हैं।
  • मंजूर की गई आर्थिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • आवेदक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बिना किसी आवेदन शुल्क के आवेदन कर सकते हैं।

दी जाने वाली सहायता की राशि आवेदक की पात्रता, आर्थिक स्थिति, जरूरी दस्तावेजों और सक्षम अधिकारी की मंजूरी पर निर्भर करती है।

योजना के तहत आर्थिक सहायता

पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत इलाज, खेल के दौरान लगी चोटों, आर्थिक तंगी और ट्रेनिंग के खर्च जैसी अलग-अलग जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता की अधिकतम राशि आवेदक की स्थिति और आवेदन की संबंधित श्रेणी पर निर्भर करती है।

सहायता किस काम के लिए मिलेगी

अधिकतम आर्थिक सहायता
आर्थिक तंगी का सामना कर रहे उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए
₹5 लाख तक
मृत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के पात्र परिवारों के लिए आर्थिक सहायता
₹5 लाख तक
खिलाड़ियों या उनके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए
₹10 लाख तक
खेल की ट्रेनिंग या प्रतियोगिताओं के दौरान लगी चोटों के लिए, जिसमें पात्र जूनियर और सब-जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं
₹10 लाख तक
ऐसे पात्र खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, खेल का सामान और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए, जिनके माता-पिता आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या जो मान्यता रद्द किए गए, निलंबित या गैर-मान्यता प्राप्त खेल महासंघों से जुड़े हैं
₹2.5 लाख तक
पात्र कोच और खेल सहायक कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहायता
₹2 लाख तक
पात्र कोच और खेल सहायक कर्मचारियों के इलाज के लिए
₹4 लाख तक

विशेष मामलों में, खेल मंत्री ₹20 लाख तक की आर्थिक सहायता मंजूर कर सकते हैं। ऐसा तब भी किया जा सकता है, जब आवेदक सामान्य पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता हो। हालांकि, इसकी अनुमति योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए और इसके कारण लिखित रूप में दर्ज करना जरूरी है।

यहां दी गई राशियां आर्थिक सहायता की अधिकतम सीमाएं हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर आवेदक को पूरी राशि मिलेगी। सक्षम अधिकारी लागू नियमों, जरूरी दस्तावेजों और आवेदक की व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर हर मामले की जांच करता है और सहायता की राशि तय करता है। आवेदकों को उसी उद्देश्य के लिए दूसरे स्रोतों से मिली किसी भी आर्थिक सहायता की जानकारी भी देनी होगी।

पात्रताएं

पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे पात्र खिलाड़ियों और खेल से जुड़े कर्मचारियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता की जरूरत के आधार पर आवेदकों को नीचे दी गई पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

  • आर्थिक तंगी की श्रेणी में पात्र होने के लिए आवेदक या उसके परिवार की सभी स्रोतों से सालाना आय आम तौर पर शून्य या ₹8 लाख से कम होनी चाहिए।
  • सेवानिवृत्त खिलाड़ियों को खेल उपलब्धियों से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतना या तय की गई सीनियर स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शामिल हो सकता है।
  • मृत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य योजना की शर्तों को पूरा करने पर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • जो खिलाड़ी अपना इलाज कराने का खर्च नहीं उठा सकते, वे अपने या अपने पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए सहायता मांग सकते हैं।
  • ट्रेनिंग या खेल प्रतियोगिताओं के दौरान चोट लगने वाले खिलाड़ी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें पात्र जूनियर और सब-जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं।
  • जिन खिलाड़ियों के माता-पिता आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, वे ट्रेनिंग, खेल का सामान और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के खर्च के लिए सहायता पाने के पात्र हो सकते हैं।
  • मान्यता रद्द किए गए, निलंबित या गैर-मान्यता प्राप्त खेल महासंघों से जुड़े खिलाड़ी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर ट्रेनिंग और खेल के सामान के लिए सहायता पा सकते हैं।
  • कोच और खेल सहायक कर्मचारियों को राष्ट्रीय कोचिंग कैंप, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय चैंपियनशिप या अन्य निर्धारित खेल आयोजनों में सेवा देने से जुड़ी योजना की शर्तों को पूरा करना होगा।
  • केंद्र सरकार, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, उनके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी स्वायत्त संस्थाओं के नियमित कर्मचारी इस योजना के तहत सहायता पाने के पात्र नहीं हैं।

इन शर्तों को पूरा करने का मतलब यह नहीं है कि आवेदक को आर्थिक सहायता जरूर मिलेगी। सहायता मंजूर करने से पहले मंत्रालय हर आवेदन, जरूरी दस्तावेजों और योजना के लागू दिशा-निर्देशों की जांच करता है।

आवश्यक दस्तावेज

पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के तहत आवेदन करने वालों को अपनी पात्रता साबित करने और आर्थिक सहायता की जरूरत बताने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। दस्तावेजों की सूची इस बात पर निर्भर कर सकती है कि आवेदक किस प्रकार की सहायता के लिए आवेदन कर रहा है।

  • आवेदक की उम्र की पुष्टि करने के लिए जन्मतिथि का प्रमाण।
  • खेल उपलब्धियों और मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में भाग लेने की पुष्टि करने वाले खेल प्रमाण पत्र।
  • सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र, जिससे यह साबित हो सके कि आवेदक या उसका परिवार आर्थिक तंगी से जुड़ी शर्तों को पूरा करता है।
  • इलाज या खेल से जुड़ी चोटों के लिए सहायता मांगने वाले आवेदकों की मेडिकल रिपोर्ट और इलाज से संबंधित जरूरी दस्तावेज।
  • यदि लागू हो, तो उसी उद्देश्य के लिए दूसरे स्रोतों या सरकारी योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता का विवरण।
  • परिवार के किसी सदस्य द्वारा आवेदन करने पर, जहां जरूरी हो, खिलाड़ी का मृत्यु प्रमाण पत्र और रिश्ते या आश्रित होने का प्रमाण।
  • यदि कोई गोद लिया हुआ बच्चा आश्रित परिवार के सदस्य के रूप में सहायता का दावा कर रहा है, तो गोद लेने से संबंधित प्रमाण, जहां लागू हो।
  • मंजूर की गई आर्थिक सहायता बैंक खाते में भेजने के लिए बैंक खाते का विवरण।

आवेदन करने से पहले आवेदकों को नवीनतम आवेदन फॉर्म और योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जांच करनी चाहिए, क्योंकि उनकी स्थिति और मांगी गई सहायता की श्रेणी के आधार पर अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत हो सकती है।

आवेदन प्रक्रिया

आर्थिक सहायता की जरूरत वाले खिलाड़ी युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के DBT-YAS पोर्टल के माध्यम से पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया निःशुल्क है। आवेदन जमा करने के लिए खिलाड़ी नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं।

  • सबसे पहले, मंत्रालय की ऑनलाइन आवेदन करने के लिए DBT-YAS पोर्टल पर जाएं।
  • यदि आप नए उपयोगकर्ता हैं, तो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें। मांगी गई जानकारी भरें और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
  • रजिस्ट्रेशन करने के बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और उस पर भेजे गए OTP की मदद से लॉगिन करें। जहां लागू हो, वहां स्पोर्ट्सपर्सन लॉगिन का विकल्प चुनें।
  • पंडित डीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स को खोजें और अपनी जरूरत के अनुसार आवेदन की सही श्रेणी चुनें। इसमें आर्थिक तंगी, इलाज, खेल के दौरान लगी चोट या ट्रेनिंग के लिए सहायता जैसी श्रेणियां शामिल हो सकती हैं।
  • आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, खेल उपलब्धियों, आय और बैंक खाते का विवरण भरें। ध्यान रखें कि दी गई जानकारी आपके दस्तावेजों से मेल खाती हो।
  • जहां जरूरी हो, वहां खेल प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और मेडिकल रिपोर्ट जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांच लें।
  • आवेदन जमा करने के बाद अपना आवेदन नंबर या पावती से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रख लें, ताकि बाद में आवेदन की स्थिति देख सकें।
  • मंत्रालय आवेदन की जांच करता है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) या कोई दूसरी निर्धारित एजेंसी दी गई जानकारी का सत्यापन कर सकती है। इसके बाद सक्षम अधिकारी मामले की जांच करते हैं और तय करते हैं कि सहायता मंजूर की जा सकती है या नहीं।
  • सहायता मंजूर होने के बाद राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है। आवेदक पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और SMS अपडेट भी जांच सकते हैं।

मंत्रालय के दिशा-निर्देशों में आवेदन पर फैसला लेने के लिए 45 कार्य दिवस का लक्ष्य तय किया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा सत्यापन के लिए 10 कार्य दिवस का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, दस्तावेजों की जांच और मामले की परिस्थितियों के कारण वास्तविक समय अलग हो सकता है। आवेदन से जुड़ी मदद की जरूरत होने पर आवेदक आधिकारिक पोर्टल पर दिए गए संपर्क विवरण के माध्यम से मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।

संबंधित लिंक

संपर्क जानकारी

खेल विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय

  • हेल्पलाइन: 1800-202-5155 / 1800-258-5155 (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक)
  • योजना से जुड़े सवालों के लिए ईमेल: [email protected]
  • तकनीकी सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
  • DBT सेल के संपर्क नंबर: 011-23387432 / 011-23385101
  • कार्यालय का पता: खेल विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001
  • DBT सेल में पूछताछ का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक, सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर।
  • आधिकारिक वेबसाइट: https://yas.gov.in/

ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी मदद के लिए आवेदक टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं। योजना की पात्रता या आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों से जुड़े सवालों के लिए वे योजना से संबंधित ईमेल पते पर संपर्क कर सकते हैं। DBT-YAS पोर्टल में तकनीकी समस्या आने पर तकनीकी सहायता के ईमेल पते पर इसकी जानकारी दी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नेशनल वेलफेयर प्रोग्राम फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स भारत सरकार की एक योजना है। इसके तहत आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे खिलाड़ियों को आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा, पात्र खिलाड़ियों और उनके परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए भी सहायता मिल सकती है।
 

यह योजना मार्च 1982 में नेशनल वेलफेयर फंड फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स के नाम से शुरू हुई थी। सितंबर 2017 में इसका नाम बदल दिया गया।
 

आर्थिक परेशानी से जूझ रहे उत्कृष्ट खिलाड़ी, दिवंगत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के पात्र परिवार के सदस्य और कुछ पात्र कोच व सहयोगी कर्मचारी इस योजना के तहत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
 

आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे पात्र खिलाड़ियों को ₹5 लाख तक की सहायता मिल सकती है। विशेष मामलों में खेल मंत्री लिखित कारणों के आधार पर ₹20 लाख तक की सहायता मंजूर कर सकते हैं।
 

पात्र खिलाड़ियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है। सहायता की राशि मामले और योजना के नियमों पर निर्भर करती है।
 

आर्थिक परेशानी के आधार पर सहायता पाने के लिए सामान्य रूप से खिलाड़ी की कोई आय नहीं होनी चाहिए या सभी स्रोतों से उसकी सालाना आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। हालांकि, पात्रता की शर्तें संबंधित श्रेणी के अनुसार लागू होती हैं।
 

हां, दिवंगत उत्कृष्ट खिलाड़ी के पात्र परिवार के सदस्यों को योजना के नियमों के अनुसार ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
 

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक DBT-YAS पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
 

नहीं, आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं देना पड़ता है।
 

आवेदन पर कार्रवाई के लिए 45 कार्य दिवसों का लक्ष्य निर्धारित है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) द्वारा सत्यापन का लक्ष्य 10 कार्य दिवस है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

नई टिप्पणी जोड़ें

सादा टेक्स्ट

  • No HTML tags allowed.
  • लाइन और पैराग्राफ स्वतः भंजन