विश्वास योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Fri, 24/07/2026 - 17:18
Narendra Modi PM of India
Scheme Open
विश्वास योजना
हाइलाइट
  • पात्र ऋणों पर प्रति वर्ष 5% तक ब्याज सब्सिडी।
  • व्यक्तिगत लाभार्थियों को ₹5 लाख तक के ऋण पर लाभ।
  • पात्र SHGs को ₹10 लाख तक के ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज सब्सिडी।
  • SC, OBC तथा सफाई कर्मचारियों के लिए लागू।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर

यदि आपको VISVAS योजना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या सहायता चाहिए, तो अपनी श्रेणी के अनुसार संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं।

  • राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC) हेल्पलाइन: 1800110396
  • ईमेल: [email protected]
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) हेल्पलाइन: 18001023399
  • ईमेल: [email protected]
  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) हेल्पलाइन: 01126382476
  • ईमेल: [email protected]
Summary of Scheme
योजना का नाम
वंचित इकाई समूह और वर्गों की आर्थिक सहायता (VISVAS) योजना
शुरू की गईसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
योजना का लाभ
पात्र ऋणों पर प्रति वर्ष 5% तक ब्याज सब्सिडी
लाभार्थी
अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं सफाई कर्मचारी (पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स और उनके आश्रित सहित)
Subscription
आवेदन का माध्यम

योजना के बारे में

वंचित इकाई समूह और वर्गों की आर्थिक सहायता (VISVAS) योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) योजना है। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा सफाई कर्मचारियों (पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स और उनके आश्रित सहित) को संस्थागत ऋण (Institutional Loan) सस्ती ब्याज दर पर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों के ऋण पर ब्याज का बोझ कम किया जाता है, ताकि वे स्वरोजगार, उद्यमिता तथा अन्य आय सृजन करने वाली गतिविधियों के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकें।

इस योजना के अंतर्गत सरकार पात्र लाभार्थियों द्वारा भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थानों (Lending Institutions) से लिए गए ऋणों पर प्रति वर्ष 5% तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है। व्यक्तिगत लाभार्थी ₹5 लाख तक के ऋण पर यह लाभ प्राप्त कर सकते हैं, जबकि पात्र स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups - SHGs) ₹10 लाख तक के ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। इससे लाभार्थियों के लिए बैंक ऋण की वास्तविक लागत कम हो जाती है और वे नया व्यवसाय शुरू करने, अपने मौजूदा रोजगार या व्यवसाय का विस्तार करने तथा अपनी आय बढ़ाने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

योजना को अधिक सरल और सुलभ बनाने के लिए सरकार ने VISVAS Applicant Portal भी उपलब्ध कराया है। इस पोर्टल के माध्यम से पात्र आवेदक अपनी श्रेणी का चयन कर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, व्यक्तिगत एवं ऋण संबंधी जानकारी भर सकते हैं, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं तथा New Loan Request या Existing Loan में से उपयुक्त विकल्प चुन सकते हैं। दूसरी ओर, भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थान इसी पोर्टल के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का विवरण अपलोड करते हैं और ब्याज सब्सिडी का दावा (Claim) प्रस्तुत करते हैं।

यह योजना पब्लिक सेक्टर बैंक (PSBs), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs), निजी क्षेत्र के बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) तथा अन्य पात्र वित्तीय संस्थानों के माध्यम से संचालित की जाती है, जिन्होंने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी के साथ साझेदारी की है। लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार योजना का संचालन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) तथा राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) द्वारा किया जाता है। पात्रता की पुष्टि और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वीकृत ब्याज सब्सिडी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

योजना का उद्देश्य

VISVAS योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • पात्र लाभार्थियों को कम प्रभावी ब्याज दर (Lower Effective Rate of Interest) का लाभ प्रदान करना।
  • SC, OBC और सफाई कर्मचारियों के लिए संस्थागत ऋण तक पहुँच को आसान बनाना।
  • स्वरोजगार, उद्यमिता और आय सृजन करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना।
  • पात्र स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और व्यक्तिगत ऋणकर्ताओं का वित्तीय बोझ कम करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि पात्र लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी सीधे बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हो।

योजना के लाभ

VISVAS योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • पात्र ऋणों पर प्रति वर्ष 5% तक ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • व्यक्तिगत लाभार्थी ₹5 लाख तक के ऋण पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • पात्र स्वयं सहायता समूह (SHGs) ₹10 लाख तक के ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट पर ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
  • लाभार्थियों के ऋण पर ब्याज का कुल बोझ कम होता है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है।
  • आय सृजन करने वाली गतिविधियों के लिए सस्ती संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध होती है।
  • स्वीकृत ब्याज सब्सिडी DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • योजना का लाभ केवल स्टैंडर्ड लोन अकाउंट पर उपलब्ध है तथा उसी ऋण पर मिलेगा जिस पर किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी प्राप्त नहीं हो रही हो।

पात्रताएँ

व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए

  • कोई व्यक्ति निम्नलिखित शर्तों को पूरा करने पर VISVAS योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है:
  • आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या सफाई कर्मचारी श्रेणी से संबंधित हो। इसमें पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स तथा उनके आश्रित भी शामिल हैं।
  • SC और OBC आवेदकों की वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • आवेदक ने किसी भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थान (Lending Institution) से पात्र ऋण प्राप्त किया हो।
  • आवेदक का ऋण खाता स्टैंडर्ड लोन अकाउंट (Standard Loan Account) होना चाहिए।
  • सफाई कर्मचारियों (Safai Karamcharis) के लिए कोई आय सीमा लागू नहीं है।

स्वयं सहायता समूह (SHGs) के लिए

कोई स्वयं सहायता समूह (SHG) निम्नलिखित शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है:

  • समूह के कम से कम 70% सदस्य लक्षित वर्ग (Target Group) से संबंधित होने चाहिए।
  • शेष सदस्य अन्य कमजोर या वंचित वर्गों से संबंधित हो सकते हैं।
  • समूह ने किसी भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थान से पात्र ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट प्राप्त की हो।
  • समूह का ऋण खाता स्टैंडर्ड लोन अकाउंट होना चाहिए।
  • समूह के अध्यक्ष, सचिव या मुख्य पदाधिकारी द्वारा यह घोषणा (Declaration) प्रस्तुत की जानी चाहिए कि समूह के कम से कम 70% सदस्य लक्षित वर्ग से संबंधित हैं।
  • ब्याज सब्सिडी केवल उसी ऋण पर उपलब्ध होगी, जिस पर किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत पहले से ब्याज सब्सिडी नहीं मिल रही हो।

लक्षित वर्ग (Target Group)

VISVAS योजना के अंतर्गत निम्नलिखित वर्गों के लोग लाभ प्राप्त कर सकते हैं:

  • अनुसूचित जाति (SC)
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
  • सफाई कर्मचारी (Safai Karamचारी)
  • पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर
  • वेस्ट पिकर्स (Waste Pickers)
  • पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर एवं वेस्ट पिकर्स के आश्रित

आय मानदंड

SC और OBC श्रेणी के लाभार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आय की पुष्टि निम्नलिखित माध्यमों से की जा सकती है:

  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड।
  • गरीबी रेखा (BPL) कार्ड।
  • सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC-2011) के वंचना मानदंड।
  • अधिसूचित राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित स्व-घोषणा (Self-Certification)।
  • बैंक से ऋण लेने की स्थिति में शाखा प्रबंधक द्वारा प्रमाणित स्व-घोषणा।

इसके अतिरिक्त, कुछ कृषि श्रेणियों के लिए निम्नलिखित आय मानदंड निर्धारित किए गए हैं:

श्रेणी
वार्षिक पारिवारिक आय
भूमिहीन कृषि मजदूर एवं सीमांत किसान (एक हेक्टेयर तक भूमि)
₹1.5 लाख
लघु किसान (एक से दो हेक्टेयर भूमि)
₹3 लाख तक
सफाई कर्मचारी (मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स एवं उनके आश्रित सहित)
कोई आय सीमा नहीं

वित्तीय सहायता

VISVAS योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रति वर्ष 5% तक ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) प्रदान की जाती है।

योजना के तहत अधिकतम पात्र ऋण सीमा निम्नलिखित है:

लाभार्थी
अधिकतम पात्र ऋण राशि
व्यक्तिगत लाभार्थी
₹5 लाख
स्वयं सहायता समूह (SHG)
₹10 लाख (ऋण/कैश क्रेडिट लिमिट)

कार्यान्वयन एजेंसियाँ

VISVAS योजना का संचालन लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार निम्नलिखित तीन राष्ट्रीय निगमों द्वारा किया जाता है:

कार्यांवयन एजेंसी
लाभार्थी श्रेणी
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC)
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC)
अनुसूचित जाति (SC)
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC)
सफाई कर्मचारी

योजना की अवधि

VISVAS योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान लागू रहेगी।

इस अवधि में योजना के अंतर्गत शामिल किए गए लाभार्थियों को उनके ऋण की अवधि या वित्तीय वर्ष 2029-30, जो भी पहले हो, तक स्वीकृत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा।

पात्र ऋणदाता संस्थान VISVAS योजना का संचालन उन पात्र ऋणदाता संस्थानों (Lending Institutions) के माध्यम से किया जाता है, जिन्होंने संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी के साथ आवश्यक समझौता किया हो।

योजना के अंतर्गत निम्नलिखित संस्थान पात्र ऋण प्रदान कर सकते हैं:

  • पब्लिक सेक्टर बैंक (Public Sector Banks - PSBs)
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks - RRBs)
  • निजी क्षेत्र के बैंक (Private Sector Banks)
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks - SFBs)
  • योजना के अंतर्गत स्वीकृत अन्य समान वित्तीय संस्थान।

नोट: आवेदक PM-SURAJ पोर्टल पर जाकर VISVAS योजना से जुड़े ऋणदाता संस्थानों की सूची तथा योजना से संबंधित अन्य जानकारी देख सकते हैं।

अन्य सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय

VISVAS योजना का लाभ कुछ अन्य सरकारी ऋण योजनाओं के साथ भी लिया जा सकता है। हालांकि, ब्याज सब्सिडी केवल उसी ऋण या ऋण के उस हिस्से पर मिलेगी, जिस पर किसी अन्य योजना के अंतर्गत पहले से ब्याज सब्सिडी प्राप्त नहीं हो रही हो।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित योजनाओं के साथ समन्वय (Convergence) किया जा सकता है:

  • मुद्रा शिशु ऋण (MUDRA Shishu) – ₹50,000 तक।
  • मुद्रा किशोर ऋण (MUDRA Kishore) – ₹50,000 से ₹5 लाख तक।
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत ₹5 लाख से ₹10 लाख तक के ऋण।
  • पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi)।
  • योजना की शर्तों के अनुसार अन्य पात्र सरकारी ऋण योजनाएँ।

योजना की महत्वपूर्ण शर्तें

आवेदकों और ऋणदाता संस्थानों को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना आवश्यक है:

  • ऋण केवल आय सृजन (Income-Generating) गतिविधियों के लिए लिया जाना चाहिए।
  • केवल स्टैंडर्ड लोन अकाउंट ही ब्याज सब्सिडी के लिए पात्र होंगे।
  • जिस ऋण या ऋण के हिस्से पर पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत ब्याज सब्सिडी मिल रही है, उस पर VISVAS योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • स्वयं सहायता समूह (SHGs) को सदस्यों की श्रेणी तथा आय संबंधी निर्धारित घोषणा (Declaration) प्रस्तुत करनी होगी।
  • ऋणदाता संस्थानों को पात्र लाभार्थियों का विवरण VISVAS पोर्टल पर अपलोड करना होगा तथा निर्धारित प्रारूप में प्रत्येक तिमाही (Quarterly) ब्याज सब्सिडी का दावा (Claim) प्रस्तुत करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज

योजना के दिशा-निर्देशों में आवेदकों के लिए किसी निश्चित दस्तावेज़ सूची का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर आवेदकों से निम्नलिखित दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र।
  • जाति प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो)।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र या आय का अन्य स्वीकार्य प्रमाण।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड या बीपीएल (BPL) कार्ड, यदि लागू हो।
  • वार्षिक पारिवारिक आय का स्व-प्रमाणन (Self-Certification), जहाँ इसकी अनुमति हो।
  • ऋणदाता संस्थान द्वारा जारी ऋण खाते का विवरण।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) के लिए सदस्यों की श्रेणी तथा वार्षिक पारिवारिक आय संबंधी निर्धारित घोषणा (Declaration)।

नोट: ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न ऋणदाता संस्थानों द्वारा आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची अलग-अलग हो सकती है।

आवेदन प्रक्रिया

  • चरण 1: PM-SURAJ पोर्टल पर जाएँ
    • सबसे पहले आधिकारिक PM-SURAJ Portal पर जाएँ और होम पेज खोलें।
  • चरण 2: VISVAS मेनू खोलें

Applicant Log in

  • होम पेज पर ऊपर दिए गए VISVAS मेनू पर क्लिक करें। इसके बाद निम्नलिखित विकल्प दिखाई देंगे:
    • Applicant Login
    • Partner Login
    • Scheme Details
    • Lending Institutions
  • यदि आप योजना के लाभार्थी के रूप में आवेदन कर रहे हैं, तो Applicant Login पर क्लिक करें। Partner Login केवल भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थानों (Lending Institutions) और कार्यान्वयन एजेंसियों (Implementing Agencies) के लिए है।
  • चरण 3: Register पर क्लिक करें
    • Applicant Login पेज खुलने के बाद ऊपर दाईं ओर दिए गए Register विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद VISVAS का पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा।
  • चरण 4: अपनी श्रेणी का चयन करें

 Choose Cast

  • अब अपनी पात्रता के अनुसार निम्नलिखित में से संबंधित श्रेणी चुनें:
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • सफाई कर्मचारी (Safai Karamcharis)
    • अनुसूचित जाति (SC)
  • चरण 5: व्यक्तिगत जानकारी भरें

 Application Form.

  • पंजीकरण फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें, जैसे:
    • आवेदक का नाम
    • पिता/पति का नाम
    • जन्म तिथि
    • आधार संख्या
    • पैन (PAN) संख्या
    • लिंग
    • जाति एवं उप-जाति
    • वार्षिक पारिवारिक आय (SC एवं OBC आवेदकों के लिए)
    • पूरा पता
    • गाँव/शहर
    • राज्य
    • जिला
    • पिन कोड
    • मोबाइल नंबर
    • ईमेल आईडी
    • शहरी या ग्रामीण क्षेत्र का विवरण
  • चरण 6: ऋण आवेदन का प्रकार चुनें
  • अब निम्नलिखित में से उपयुक्त विकल्प का चयन करें:
    • New Loan Request – यदि आप नया ऋण लेना चाहते हैं। Existing Loan – यदि आपने पहले से पात्र ऋण लिया हुआ है और उस पर VISVAS योजना के अंतर्गत ब्याज सब्सिडी प्राप्त करना चाहते हैं।
  • चरण 7: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें
  • निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
    • जाति प्रमाण पत्र आय
    • प्रमाण पत्र चरण
  • 8: CAPTCHA सत्यापन पूरा करें
    • स्क्रीन पर दिखाई दे रहे CAPTCHA को दर्ज करें। यदि CAPTCHA स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है, तो Refresh आइकन पर क्लिक करके नया CAPTCHA प्राप्त करें।
  • चरण 9: आवेदन जमा करें
    • सभी जानकारी की जांच करने के बाद Save बटन पर क्लिक करके अपना पंजीकरण फॉर्म जमा करें।
    • यदि किसी जानकारी में सुधार करना हो, तो Reset बटन पर क्लिक करके फॉर्म को पुनः भर सकते हैं।
  • चरण 10: आगे की प्रक्रिया की प्रतीक्षा करें
    • सफलतापूर्वक पंजीकरण करने के बाद अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय रखें।
    • आवश्यकता पड़ने पर संबंधित Lending Institution या Implementing Agency आपसे सत्यापन अथवा ऋण एवं ब्याज सब्सिडी की अगली प्रक्रिया के लिए संपर्क कर सकती है।

पंजीकरण के बाद क्या होगा?

  • चरण 1: पंजीकरण का सत्यापन
    • आवेदक द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन संबंधित प्राधिकरण एवं भाग लेने वाले ऋणदाता संस्थान द्वारा किया जाएगा।
  • चरण 2: ऋण प्रक्रिया
    • यदि आवेदक ने New Loan Request चुना है, तो ऋणदाता संस्थान अपने पात्रता मानदंड एवं ऋण स्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार आवेदन की जांच करेगा।
    • यदि आवेदक ने Existing Loan चुना है, तो पात्रता की पुष्टि होने पर संबंधित ऋण को ब्याज सब्सिडी के लिए विचार किया जाएगा।
  • चरण 3: ऋण स्वीकृति
    • सभी पात्रता शर्तें पूरी होने पर ऋणदाता संस्थान पात्र ऋण स्वीकृत करेगा अथवा मौजूदा ऋण खाते को VISVAS योजना के अंतर्गत सत्यापित करेगा।
  • चरण 4: लाभार्थी का विवरण अपलोड करना
    • ऋणदाता संस्थान पात्र लाभार्थी का विवरण VISVAS Portal पर अपलोड करेगा और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को ब्याज सब्सिडी का निर्धारित दावा (Claim) भेजेगा।
  • चरण 5: ब्याज सब्सिडी जारी होना
    • दावे के सत्यापन और स्वीकृति के बाद संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी ब्याज सब्सिडी जारी करेगी।
    • यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के चालू (Operational) बैंक खाते में जमा की जाएगी।
    • सब्सिडी जमा होने के बाद लाभार्थी को SMS के माध्यम से भी सूचना भेजी जाएगी।

निगरानी एवं मूल्यांकन

VISVAS योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभार्थियों तक ब्याज सब्सिडी का लाभ पहुँचाने के लिए इसकी निगरानी विभिन्न स्तरों पर की जाती है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग संस्थाओं को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

योजना की निगरानी निम्नानुसार की जाती है:

  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJ&E): केंद्र स्तर पर योजना के समग्र क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC): OBC लाभार्थियों के लिए योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
  • राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC): SC लाभार्थियों के लिए योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।
  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC): सफाई कर्मचारी, पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स तथा उनके आश्रितों के लिए योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।

भौतिक मूल्यांकन

संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियाँ तथा उनकी अधिकृत राज्य एजेंसियाँ समय-समय पर क्षेत्र स्तर पर निरीक्षण (Field Inspection) करती हैं। इन निरीक्षणों का उद्देश्य निम्नलिखित है:

  • यह सुनिश्चित करना कि योजना के लाभ का सही उपयोग किया जा रहा है।
  • लाभार्थियों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में हुए सुधार का मूल्यांकन करना।
  • योजना के वास्तविक क्रियान्वयन का क्षेत्र स्तर पर सत्यापन करना।

इन निरीक्षणों के दौरान संबंधित ऋणदाता संस्थानों (Lending Institutions) को आवश्यक अभिलेख तथा अन्य जानकारी उपलब्ध करानी होती है।

तृतीय-पक्ष मूल्यांकन

योजना के प्रभाव का स्वतंत्र आकलन करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय आवश्यकता पड़ने पर किसी स्वतंत्र संस्था के माध्यम से थर्ड-पार्टी मूल्यांकन (Third-Party Evaluation) या प्रभाव आकलन (Impact Assessment) करवा सकता है।

ऐसे मूल्यांकन के दौरान संबंधित ऋणदाता संस्थानों को आवश्यक सहयोग एवं जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

यदि आपको VISVAS योजना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या सहायता चाहिए, तो अपनी श्रेणी के अनुसार संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं।

  • राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC)
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC)
  • राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC)

अधिक जानकारी के लिए अपने संबंधित बैंक या ऋणदाता संस्थान से भी संपर्क किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा सफाई कर्मचारी (पहचाने गए मैनुअल स्कैवेंजर, वेस्ट पिकर्स और उनके आश्रित सहित) इस योजना का लाभ ले सकते हैं। SC और OBC आवेदकों की वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक होनी चाहिए, जबकि सफाई कर्मचारियों के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं है।
 

पात्र स्वयं सहायता समूह (SHGs), जिनके कम से कम 70% सदस्य लक्षित वर्ग से हों, वे ₹10 लाख तक के ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट पर 5% तक ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
 

 योजना का संचालन NSFDC, NBCFDC और NSKFDC द्वारा लाभार्थी की श्रेणी के अनुसार किया जाता है।
 

नहीं। केवल वे SHGs पात्र हैं जिनका स्टैंडर्ड लोन अकाउंट है और जो योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
 

SC और OBC लाभार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक होनी चाहिए। सफाई कर्मचारियों के लिए कोई आय सीमा लागू नहीं है।
 

SHG के अध्यक्ष, सचिव या मुख्य पदाधिकारी सदस्यों की श्रेणी तथा उनकी वार्षिक पारिवारिक आय से संबंधित घोषणा (Declaration) प्रस्तुत कर सकते हैं।
 

हाँ। ऋणदाता संस्थान आवश्यकता पड़ने पर SHG द्वारा दी गई जानकारी का यादृच्छिक (Random) सत्यापन कर सकते हैं।
 

 हाँ, लेकिन ब्याज सब्सिडी केवल उस ऋण या ऋण के हिस्से पर मिलेगी जिस पर किसी अन्य योजना के तहत पहले से ब्याज सब्सिडी नहीं मिल रही हो। केवल पूंजी सब्सिडी (Capital Subsidy) प्राप्त करने वाले SHGs भी पात्र हो सकते हैं।
 

हाँ। यदि वे सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो उन्हें केवल उस ऋण के हिस्से पर ब्याज सब्सिडी मिलेगी जिस पर किसी अन्य योजना के तहत ब्याज सब्सिडी नहीं मिल रही हो।
 

नहीं। VISVAS योजना के अंतर्गत पात्र SHGs को अधिकतम ₹10 लाख तक के ऋण या कैश क्रेडिट लिमिट पर ही ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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