- कोविड-19 महामारी से प्रभावित पात्र बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- पात्र बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए शैक्षणिक सहायता उपलब्ध की जाती है।
- योजना के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों की स्कूल फीस का भुगतान किया जाता है।
- छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल हेल्पलाइन नंबर: 0771-2511192
- छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना |
| लाभ | निःशुल्क शिक्षा एवं आर्थिक सहायता |
| लाभार्थी | कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले पात्र बच्चे |
| नोडल विभाग | स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई एक शैक्षणिक सहायता योजना है। इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को आर्थिक एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इस योजना को राज्य में शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू किया गया है। योजना का संचालन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाता है, जबकि लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर, राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से इसकी दैनिक प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी करता है।
कोविड-19 महामारी के दौरान अनेक परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया था। इसके कारण कई बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने और उनके स्कूल छोड़ने का खतराछत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना बढ़ गया था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महतारी दुलार योजना शुरू की, ताकि कोविड-19 के कारण माता-पिता को खोने वाले असहाय बच्चों की स्कूली शिक्षा बाधित न हो। इस योजना का उद्देश्य केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से पात्र बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने और मेधावी विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी के लिए सहायता देने का भी प्रयास किया जाता है।
महतारी दुलार योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को सरकारी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा तथा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश में प्राथमिकता प्रदान की जाती है। यदि किसी बच्चे ने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है, तो उसकी शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को कक्षा 1 से 8 तक ₹500 प्रतिमाह और कक्षा 9 से 12 तक ₹1,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है।
जो बच्चे कम से कम एक वर्ष से निजी विद्यालय में पढ़ रहे हैं, उन्हें उसी विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने या स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश लेने का विकल्प दिया जाता है। निर्धारित शर्तों के अनुसार, सरकार उनकी स्कूल फीस का भुगतान करती है। निजी विद्यालयों में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के मामले में सरकार द्वारा फीस की सहायता की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत केंद्रीय सरकार के आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय या एकलव्य विद्यालय की शैक्षणिक लागत अथवा संबंधित निजी विद्यालय का वास्तविक खर्च इनमें से जो भी कम हो- उसके अनुसार सहायता दी जाती है।
योजना के अंतर्गत आवेदन और लाभार्थियों का सत्यापन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से किया जाता है। विद्यार्थी या उसके अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिला कलेक्टर को किसी भी स्रोत से पात्र बच्चे की जानकारी मिलने पर वे उसे आगे की कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भेज सकते हैं। जिला स्तर पर गठित समिति आवेदन की जाँच करती है और उसकी अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर अंतिम स्वीकृति प्रदान करते हैं। लाभार्थियों का रिकॉर्ड जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रखा जाता है। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है, जबकि विभाग आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल का उपयोग लाभार्थियों का विवरण दर्ज करने, पात्र एवं अपात्र विद्यार्थियों की सूची प्रकाशित करने और नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए करता है।
छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अन्य योजनाएँ भी संचालित करती है। इनमें पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के दिवंगत होने पर उनके बच्चों को शैक्षणिक सहायता देने वाली विशेष शिक्षा सहायता योजना तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को प्रतिवर्ष ₹1,000 से ₹10,000 तक छात्रवृत्ति प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना शामिल हैं। इच्छुक छात्र दोनों योजनाओं की पूरी जानकारी यहां देख सकते हैं।
महतारी दुलार योजना के लाभ
महतारी दुलार योजना के अंतर्गत कोविड-19 से प्रभावित पात्र बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं।
- निःशुल्क शिक्षा: पात्र बच्चों को राज्य के सरकारी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
- स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में प्रवेश में प्राथमिकता: पात्र बच्चों को राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जाती है।
- शिक्षा का पूरा खर्च: यदि बच्चे के माता-पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई है, तो उसकी शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है।
- कमाने वाले माता या पिता की मृत्यु पर सहायता: यदि बच्चे के कमाने वाले माता या पिता की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई है, तो उसे योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलता है।
- मासिक छात्रवृत्ति: कक्षा 1 से 8 तक के पात्र विद्यार्थियों को ₹500 प्रतिमाह तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को ₹1,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। यह लाभ सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है।
- निजी विद्यालय की फीस का भुगतान: जो पात्र बच्चे पिछले एक वर्ष से निजी विद्यालय में पढ़ रहे हैं, वे उसी विद्यालय में पढ़ाई जारी रख सकते हैं। निर्धारित नियमों के अनुसार, उनकी स्कूल फीस का भुगतान राज्य सरकार करती है।
- विद्यालय चुनने का विकल्प: पात्र बच्चे अपनी पसंद के अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में भी प्रवेश ले सकते हैं।
- निजी विद्यालय में नए प्रवेश पर सहायता: नए प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों की निजी विद्यालय की फीस का भुगतान निर्धारित अधिकतम सीमा तक किया जाता है।
- उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन: पात्र विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग: मेधावी विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी के लिए प्रशिक्षण या कोचिंग संबंधी सहायता प्रदान की जाती है।
महतारी दुलार योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति राशि
योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनकी कक्षा के अनुसार मासिक छात्रवृत्ति दी जाती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, छात्रवृत्ति की राशि और अधिकतम वार्षिक सीमा निम्नलिखित है।
| कक्षा | मासिक छात्रवृत्ति | अधिकतम वार्षिक राशि |
|---|---|---|
| कक्षा 1 से 8 | ₹500 | ₹5,000 |
| कक्षा 9 से 12 | ₹1,000 | ₹10,000 |
महतारी दुलार योजना के अंतर्गत निजी स्कूल की फीस
राज्य सरकार ने योजना में संशोधन करके निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों को भी शामिल किया है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए सहायता के नियम उनके विद्यालय में प्रवेश की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हैं।
- पहले से निजी विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थ: जो बच्चे पिछले एक वर्ष से निजी विद्यालय में पढ़ रहे हैं, वे उसी विद्यालय में अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं या स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं। निर्धारित नियमों के अनुसार, सरकार उनकी स्कूल फीस का भुगतान करती है।
- निजी विद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी: निजी विद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए सरकार द्वारा फीस की सहायता निर्धारित सीमा तक दी जाती है। सहायता की गणना केंद्रीय सरकार के आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय या एकलव्य विद्यालय की शैक्षणिक लागत और संबंधित निजी विद्यालय के वास्तविक खर्च की तुलना करके की जाती है। इनमें से जो राशि कम होती है, उसी के अनुसार सहायता निर्धारित की जाती है।
- फीस सहायता की अधिकतम सीमा: जनजातीय विकास विभाग ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रति विद्यार्थी की कुल वार्षिक लागत ₹1,09,000 बताई है। इस राशि को योजना के अंतर्गत निजी विद्यालय की फीस की प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा के रूप में संदर्भित किया जाता है।
- फीस भुगतान की स्वीकृति: निजी विद्यालय की फीस की प्रतिपूर्ति को सामान्यतः जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा राज्य के छात्रवृत्ति संबंधी नियमों के अनुसार स्वीकृति दी जाती है।
महतारी दुलार योजना के लिए पात्रता
छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बच्चे को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- बच्चा छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए।
- बच्चे के कमाने वाले माता या पिता अथवा दोनों की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई होनी चाहिए।
- बच्चे को स्कूली शिक्षा के लिए निर्धारित आयु संबंधी पात्रता पूरी करनी चाहिए।
- परिवार की आजीविका प्रभावित हुई हो और परिवार में कोई कमाने वाला वयस्क सदस्य शेष न हो।
- बच्चा छत्तीसगढ़ के किसी सरकारी विद्यालय या राज्य में मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में पढ़ता हो।
नोट: सामान्य प्रशासन विभाग आवश्यकता पड़ने पर योजना की शर्तों में छूट दे सकता है। किसी विवाद की स्थिति में विभाग का निर्णय अंतिम होगा।
आवश्यक दस्तावेज
योजना के अंतर्गत आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है।
- माता या पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र, जिसमें कोविड-19 के कारण मृत्यु होने का उल्लेख हो।
- छत्तीसगढ़ निवास प्रमाणपत्र।
- बच्चे का आधार कार्ड।
- विद्यालय का प्रमाणपत्र या अंकसूची।
- छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने के लिए बैंक खाते का विवरण।
आवेदन प्रक्रिया
महतारी दुलार योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन है। पात्र विद्यार्थी या उनके अभिभावक अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के कार्यालय में संपर्क करके आवेदन कर सकते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में सीधे आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।
- अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के कार्यालय जाएँ।
- महतारी दुलार योजना के अंतर्गत नए आवेदन स्वीकार किए जाने की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
- कार्यालय से आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप और आवश्यक दस्तावेजों की सूची की पुष्टि करें।
- आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ भरकर जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा करें।
जिला कलेक्टर के माध्यम से जानकारी देना
योजना के अंतर्गत पात्र बच्चे की जानकारी प्रशासन तक पहुँचने पर भी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
- कोविड-19 के कारण माता-पिता को खोने वाले किसी पात्र बच्चे की जानकारी जिला कलेक्टर को दी जा सकती है।
- जिला कलेक्टर प्राप्त जानकारी को आगे की कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को भेजते हैं।
- जिला शिक्षा अधिकारी बच्चे की पात्रता और संबंधित विवरणों का सत्यापन शुरू करते हैं।
आवेदन का सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया
आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा निम्नलिखित प्रक्रिया के अनुसार जाँच और स्वीकृति की कार्रवाई की जाती है।
- जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला समिति आवेदन की जाँच करती है। इस समिति में स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग का एक-एक अधिकारी शामिल होता है।
- समिति जाँच के बाद अपनी अनुशंसा जिला कलेक्टर को भेजती है।
- समिति की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर आवेदन को स्वीकृति प्रदान करते हैं।
- जिला शिक्षा अधिकारी सभी लाभार्थियों का रिकॉर्ड रजिस्टर में सुरक्षित रखते हैं।
- जिला कलेक्टर समय-समय पर योजना की समीक्षा करते हैं।
महतारी दुलार योजना के लाभार्थियों के लिए नवीनीकरण प्रक्रिया
महतारी दुलार योजना के मौजूदा लाभार्थियों को सामान्यतः दोबारा नया आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं होती। जिला स्तर पर सत्यापन पूरा होने के बाद विभाग आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से उनके लाभों का नवीनीकरण करता है। नवीनीकरण की प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल हैं।
- संबंधित जिले द्वारा मौजूदा लाभार्थियों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाता है।
- लाभार्थियों के आवश्यक प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं।
- इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय संबंधित जिले के लिए पोर्टल पर नवीनीकरण का लिंक उपलब्ध कराता है।
- शैक्षणिक सत्र 2025-26 की स्थिति: उपलब्ध सामग्री के अनुसार, कबीरधाम और मुंगेली सहित 25 जिलों में नवीनीकरण लिंक उपलब्ध था। इन जिलों ने हाल ही में लाभार्थियों का विवरण दर्ज करने का कार्य पूरा किया था।
- जिलों द्वारा लंबित कार्य पूरा करने के बाद विभाग वर्तमान सत्र के नवीनीकरण के लिए पोर्टल खोलेगा।
पात्र और अपात्र विद्यार्थियों की सूची कैसे देखें?
विभाग आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल के सार्वजनिक अनुभाग में शैक्षणिक सत्र के अनुसार पात्र और अपात्र विद्यार्थियों की सूची प्रकाशित करता है। अपनी स्थिति जानने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें।
- छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- होमपेज पर महतारी दुलार योजना से संबंधित अनुभाग या नवीनतम परिपत्र देखें।
- अपने जिले और संबंधित शैक्षणिक सत्र की पात्र एवं अपात्र विद्यार्थियों की सूची देखें।
- आवेदन में किसी त्रुटि या स्थिति से संबंधित प्रश्न होने पर अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क विवरण
- छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल हेल्पलाइन नंबर: 0771-2511192
- छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह छत्तीसगढ़ सरकार की एक योजना है, जिसके तहत कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है।
छत्तीसगढ़ के निवासी वे बच्चे पात्र हैं, जिनके कमाने वाले माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई है और परिवार आजीविका संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहा है।
हाँ। कम से कम एक वर्ष से निजी स्कूल में पढ़ रहे पात्र बच्चों की फीस सरकार वहन करती है। नए विद्यार्थियों को वास्तविक फीस या नवोदय/एकलव्य आवासीय विद्यालय की लागत, जो कम हो, उतनी सहायता मिलती है।
हाँ। निजी स्कूल में पिछले एक वर्ष से पढ़ रहा बच्चा अपनी पसंद के अनुसार उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रख सकता है या स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश ले सकता है।
हाँ। निजी स्कूल में पिछले एक वर्ष से पढ़ रहा बच्चा अपनी पसंद के अनुसार उसी स्कूल में पढ़ाई जारी रख सकता है या स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश ले सकता है।
ऐसे बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। इसके साथ ही उन्हें मासिक छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
हाँ। राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पात्र बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
विद्यार्थी या उसका अभिभावक अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के कार्यालय में सीधे ऑफलाइन आवेदन कर सकता है। जिला कलेक्टर भी किसी पात्र बच्चे की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेज सकते हैं।
मौजूदा लाभार्थियों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। जिला स्तर पर आवश्यक डेटा दर्ज किया जाता है और प्रमाण-पत्र अपलोड किए जाते हैं। इसके बाद विभाग पोर्टल के माध्यम से लाभ का नवीनीकरण करता है।
जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व वाली जिला समिति आवेदन की जाँच करती है। इस समिति में स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग से एक-एक अधिकारी शामिल होते हैं। समिति की अनुशंसा के आधार पर जिला कलेक्टर आवेदन को मंजूरी देते हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
नई टिप्पणी जोड़ें