हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Tue, 26/05/2026 - 14:49
हरियाणा CM
Scheme Open
Haryana Mera Pani Meri Virasat Yojana Image
हाइलाइट
  • धान की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता।
  • कपास, दलहन और तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस। 
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल टोल फ्री नंबर: 18001802117
  • हरियाणा कृषि विभाग:
    • फोन नंबर: 0172-2571544
    • ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नामहरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना
शुरू होने का वर्ष2020
लाभकिसानों को ₹8000 प्रति एकड़ सहायता तथा चयनित फसलों पर अतिरिक्त ₹2000 बोनस
लाभार्थीहरियाणा के वे किसान जो धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की जगह वैकल्पिक फसलें अपनाते हैं।
नोडल विभागकृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन आवेदन फॉर्म के माध्यम से।

योजना के बारे में

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण फसल विविधीकरण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में तेजी से घटते भूजल स्तर की समस्या का समाधान करना है। हरियाणा भारत के सबसे बड़े धान उत्पादक राज्यों में से एक है, लेकिन धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की लगातार खेती से भूजल संसाधनों पर गंभीर दबाव पड़ा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने किसानों को कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें अपनाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने हेतु मेरा पानी मेरी विरासत योजना शुरू की।

यह योजना व्यापक फसल विविधीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है और धान की खेती के स्थान पर मक्का, कपास, दलहन, तिलहन, सब्जियां, चारा फसलें, बागवानी फसलें तथा कृषि वानिकी पौधों की खेती को बढ़ावा देती है। इस पहल के माध्यम से सरकार भूजल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता में सुधार, पर्यावरणीय दबाव में कमी, गिरते जलस्तर की बहाली, मिट्टी की थकान और प्रदूषण में कमी तथा हरियाणा में संतुलित कृषि व्यवस्था विकसित करना चाहती है।

योजना के तहत धान की जगह कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें उगाने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा कपास, दलहन और तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस भी दिया जाता है।

जो किसान धान की खेती करने के बजाय अपनी भूमि खाली छोड़ते हैं, वे भी योजना के लाभ के पात्र हैं। यह योजना केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक, जल संरक्षण तकनीक, मिट्टी स्वास्थ्य सुधार उपाय, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, क्लस्टर प्रदर्शन, किसान मेले तथा मिट्टी की गुणवत्ता सुधार के लिए ढैंचा बीज वितरण को भी बढ़ावा देती है।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए "मेरी फसल मेरा ब्यौरा" पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए 20 मई 2026 से पोर्टल पर पंजीकरण शुरू कर दिए हैं।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, किसानों की आय बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण अनुकूल खेती को अपनाने हेतु किसानों को प्रेरित करना है।

Mera Paani Meri Virasat Yojana Info

योजना के लाभ

  • धान की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ सहायता मिलती है।
  • कपास, दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस दिया जाता है।
  • धान की खेती न करके भूमि खाली छोड़ने वाले किसान भी योजना के लाभ के पात्र हैं।
  • योजना के तहत कम पानी वाली फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाता है, जैसे:
    • मक्का,
    • कपास,
    • दलहन,
    • तिलहन,
    • सब्जियां,
    • चारा फसलें,
    • बागवानी फसलें, तथा
    • पॉपलर और सफेदा जैसे कृषि वानिकी पौधे।
  • किसानों को जल संरक्षण तकनीक और टिकाऊ खेती पद्धतियों के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
  • किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, जागरूकता शिविर, किसान मेले और फसल प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं।
  • मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य सुधार के लिए ढैंचा बीज वितरित किए जाते हैं।
  • यह योजना हरियाणा में भूजल संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देती है।

पात्रताएं

  • आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी किसान होना चाहिए।
  • किसान हरियाणा में कृषि भूमि की खेती करता हो।
  • आवेदक को धान की खेती छोड़कर स्वीकृत कम पानी वाली फसलें अपनानी होंगी।
  • मक्का, दलहन, कपास, तिलहन, सब्जियां, चारा फसलें, बागवानी फसलें और कृषि वानिकी पौधों की खेती करने वाले किसान पात्र हो सकते हैं।
  • धान की खेती के बजाय भूमि खाली छोड़ने वाले किसान भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • योजना का लाभ लेने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।
  • आवेदक के पास वैध भूमि स्वामित्व या खेती से संबंधित दस्तावेज होने चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • हरियाणा निवास प्रमाण पत्र
  • किसान आईडी / परिवार पहचान पत्र (PPP)
  • भूमि स्वामित्व दस्तावेज
  • जमाबंदी की प्रति
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन प्रक्रिया

  • पात्र किसान मेरा पानी मेरी विरासत योजना के आवेदन ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकते है।
  • इसके लिए हरियाणा सरकार के आधिकारिक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जाएं।
  • जो किसान पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें पहले मोबाइल नंबर, आधार विवरण और भूमि जानकारी के माध्यम से किसान पंजीकरण पूरा करना होगा।
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड या OTP की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • पोर्टल पर फसल विवरण, भूमि विवरण, सिंचाई जानकारी और बैंक खाता जानकारी भरें।
  • हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान के स्थान पर उगाई जा रही वैकल्पिक फसल का चयन करें।
  • कपास, दलहन या तिलहन की खेती करने वाले किसान अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस के पात्र बन सकते हैं।
  • आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक खाता विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड या सत्यापित करें।
  • आवेदन जमा करने से पहले दर्ज की गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें।
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से आवेदन फॉर्म ऑनलाइन जमा करें।
  • सफलतापूर्वक आवेदन जमा होने के बाद भविष्य के लिए रसीद सुरक्षित रखें या उसका प्रिंट निकाल लें।
  • योजना स्वीकृति से पहले संबंधित कृषि विभाग फसल और भूमि विवरण का सत्यापन कर सकता है।
  • सत्यापन पूरा होने के बाद वित्तीय सहायता राशि DBT के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल टोल फ्री नंबर: 18001802117
  • हरियाणा कृषि विभाग:
    • फोन नंबर: 0172-2571544
    • ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धान की खेती छोड़कर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को ₹8000 प्रति एकड़ की सहायता दी जाती है। इसके अलावा कपास, दलहन और तिलहन जैसी चयनित फसलों की खेती करने पर किसानों को अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस भी प्रदान किया जाता है।

धान की खेती छोड़कर स्वीकृत कम पानी वाली वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले हरियाणा के किसान इस योजना के लिए पात्र हैं

यह योजना धान की खेती के स्थान पर मक्का, कपास, दलहन, तिलहन, सब्जियां, चारा फसलें, बागवानी फसलें तथा कृषि वानिकी पौधों की खेती को बढ़ावा देती है।

हाँ, योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।

योजना का लाभ लेने हेतु किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर आवेदन कर सकते है। 

हाँ, धान की खेती करने के बजाय कृषि भूमि खाली छोड़ने वाले किसान भी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

हरियाणा सरकार ने योजना के तहत खरीफ सीजन 2026 के लिए 20 मई 2026 से मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण शुरू किए थे।

हाँ, धान की खेती के स्थान पर कपास की खेती करने वाले किसानों को योजना के तहत अतिरिक्त ₹2000 प्रति एकड़ बोनस प्रदान किया जाता है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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