- नेशनल फेलोशिप फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए आर्थिक सहायता देती है।
- आवेदन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या उससे अधिक होना और वैध UDID कार्ड होना जरूरी है।
- पात्र विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों तक हर महीने ₹37,000 और अगले तीन वर्षों तक हर महीने ₹42,000 मिल सकते हैं।
- इस स्कीम के तहत हर साल कुल 200 फेलोशिप दी जाती हैं।
- नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NDFDC)
- फोन: 011-45803730
- ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| स्कीम का नाम | नेशनल फेलोशिप फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) |
| शुरू होने का वर्ष | 2012–13 |
| लाभ | पहले 2 वर्षों तक हर महीने ₹37,000 की फेलोशिप और इसके बाद 3 साल तक हर महीने ₹42,000 की फेलोशिप, साथ ही नियमों के अनुसार अन्य लाभ। |
| लाभार्थी | भारत के ऐसे विद्यार्थी जिनकी बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है और जो पात्रता के अनुसार फुल-टाइम रिसर्च कर रहे हैं। |
| नोडल एजेंसी | नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NDFDC) |
| सब्सक्रिप्शन | स्कीम से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल होना होता है। इसके बाद आधिकारिक फेलोशिप प्रक्रिया के तहत चयन और दस्तावेजों की जांच की जाती है। |
योजना के बारे में
उच्च शिक्षा और रिसर्च से करियर के अच्छे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन Ph.D. करने का खर्च दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आर्थिक परेशानी पैदा कर सकता है। नेशनल फेलोशिप फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (एनएफपीडब्ल्यूडी)केंद्र सरकार की एक स्कीम है, जिसका उद्देश्य बेंचमार्क दिव्यांगता वाले पात्र विद्यार्थियों को भारत में फुल-टाइम रिसर्च करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। फेलोशिप की निर्धारित दरों के अनुसार, चुने गए विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों तक हर महीने ₹37,000 और अगले तीन वर्षों तक हर महीने ₹42,000 मिलते हैं। यह सहायता लागू नियमों और शर्तों के अनुसार दी जाती है। पात्र विद्यार्थियों को रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए कंटिजेंसी ग्रांट, मकान किराया भत्ता (HRA) और एस्कॉर्ट या रीडर की सहायता के लिए हर महीने ₹2,000 भी मिल सकते हैं। इस स्कीम के तहत हर साल 200 फेलोशिप दी जाती हैं, जिनमें से 150 UGC-NET और 50 Joint CSIR-UGC NET के माध्यम से आवंटित की जाती हैं।
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की केंद्रीय क्षेत्र की अम्ब्रेला स्कीम का हिस्सा है। इसका संचालन भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) करता है। वहीं, नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NDFDC) इस स्कीम को लागू करने वाली एजेंसी है। यह फेलोशिप उन भारतीय नागरिकों के लिए है जिनकी बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है और जो परीक्षा, रिसर्च में प्रवेश तथा अन्य जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) जरूरी हैं। NFPwD के लिए अलग से कोई आवेदन फॉर्म नहीं है। उम्मीदवारों को UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET की प्रक्रिया के माध्यम से शामिल होना होता है और निर्धारित चयन, संस्थान द्वारा दस्तावेजों की जांच तथा जॉइनिंग की औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
यह फेलोशिप स्कीम के नियमों और UGC के मौजूदा नियमों के अनुसार, भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में पात्र विद्यार्थियों को फुल-टाइम रिसर्च करने के लिए सहायता देती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को कोर्स की पात्रता, रिसर्च की अवधि, दस्तावेजों की जांच और भुगतान से जुड़ी शर्तों के लिए नए दिशानिर्देश देखने चाहिए। फेलोशिप के सत्यापन और इसे जारी रखने से जुड़ी मदद के लिए उम्मीदवार अपने विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। वे सरकारी नोटिस, दिशानिर्देश और चयनित उम्मीदवारों की सूची देखने के लिए DEPwD के आधिकारिक स्कॉलरशिप सेक्शन पर भी जा सकते हैं।
शिक्षा से जुड़ी दूसरी आर्थिक सहायता की तलाश कर रहे विद्यार्थी दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप के बारे में भी जान सकते हैं। यह स्कीम अधिसूचित संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को सहायता देती है। इसके अलावा, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप भी उपलब्ध है, जो कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए है। ये स्कीम शिक्षा के अलग-अलग स्तरों पर सहायता देती हैं और इनकी पात्रता शर्तें तथा आवेदन की प्रक्रिया भी अलग-अलग हैं।
योजना के लाभ
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप (NFPwD) के तहत उच्च शिक्षा और रिसर्च करने वाले बेंचमार्क दिव्यांगता वाले पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस स्कीम के मुख्य लाभ नीचे दिए गए हैं:
- चुने गए विद्यार्थियों को रिसर्च के पहले दो वर्षों के दौरान जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के तहत हर महीने ₹37,000 मिलते हैं।
- पहले दो साल पूरे होने के बाद, रिसर्च में संतोषजनक प्रगति करने वाले पात्र विद्यार्थियों को सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) के तहत अगले तीन वर्षों तक हर महीने ₹42,000 मिल सकते हैं।
- ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज, कॉमर्स, आर्ट्स और फाइन आर्ट्स विषयों के विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों में हर साल ₹10,000 और उसके बाद हर साल ₹20,500 की कंटिजेंसी ग्रांट मिलती है।
- साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी विषयों के विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों में हर साल ₹12,000 और उसके बाद हर साल ₹25,000 की कंटिजेंसी ग्रांट मिलती है।
- पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को संस्थान द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद एस्कॉर्ट या रीडर की सहायता के लिए हर महीने ₹2,000 मिल सकते हैं।
- जिन विद्यार्थियों को हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जाती, उन्हें सरकारी नियमों और शहर की श्रेणी के अनुसार 9%, 18% या 27% की लागू दर पर मकान किराया भत्ता (HRA) मिल सकता है।
- इस फेलोशिप के तहत पात्र Ph.D. रिसर्च के लिए अधिकतम पांच साल तक आर्थिक सहायता मिल सकती है। यह स्कीम की शर्तों और थीसिस जमा करने से जुड़े लागू नियमों पर निर्भर करता है।
- पात्र विद्यार्थियों को UGC की लागू फेलोशिप गाइडलाइंस के अनुसार चिकित्सा सुविधाएं और छुट्टी से जुड़े लाभ भी मिल सकते हैं। इनमें मातृत्व अवकाश भी शामिल है।
- यह फेलोशिप बेंचमार्क दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों को रिसर्च करने और शिक्षा तथा रिसर्च के क्षेत्र में करियर के अवसर बढ़ाने में मदद करती है।
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज के तहत आर्थिक सहायता
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) के तहत लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, फुल-टाइम M.Phil. या Ph.D. रिसर्च करने वाले पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। फेलोशिप की राशि और दूसरे लाभ नीचे दिए गए हैं।
आर्थिक सहायता का प्रकार | राशि | अवधि या शर्तें |
|---|---|---|
जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) | हर महीने ₹37,000 | पहले दो वर्षों के लिए |
सीनियर रिसर्च फेलोशिप (SRF) | हर महीने ₹42,000 | संतोषजनक मूल्यांकन के आधार पर अगले तीन वर्षों तक |
कंटिजेंसी ग्रांट – ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज, कॉमर्स और आर्ट्स | JRF के लिए हर साल ₹10,000; SRF के लिए हर साल ₹20,500 | पात्र रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए |
कंटिजेंसी ग्रांट – साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी | JRF के लिए हर साल ₹12,000; SRF के लिए हर साल ₹25,000 | पात्र रिसर्च से जुड़े खर्चों के लिए |
एस्कॉर्ट या रीडर की सहायता | हर महीने ₹2,000 | पात्रता और सत्यापन के अधीन |
मकान किराया भत्ता (HRA) | निर्धारित नियमों के अनुसार | आमतौर पर शहर की लागू श्रेणी और हॉस्टल की सुविधा से जुड़े नियमों पर निर्भर करता है। |
चिकित्सा और छुट्टी से जुड़े लाभ | UGC के लागू नियमों के अनुसार | संबंधित नियमों के अधीन, जिनमें लागू होने पर मातृत्व अवकाश के प्रावधान भी शामिल हैं। |
ध्यान दें: लागू नियमों और रिसर्च में संतोषजनक प्रगति के आधार पर इस फेलोशिप का लाभ अधिकतम पांच साल तक मिल सकता है। फेलोशिप की संशोधित दरें 1 जनवरी 2023 से लागू हैं।
पात्रताएं
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए विद्यार्थियों को नीचे दी गई पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी दिव्यांगता, रिसर्च प्रोग्राम और परीक्षा से जुड़ी योग्यताओं की जांच कर लेनी चाहिए।
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत 40% या उससे अधिक बेंचमार्क दिव्यांगता होनी चाहिए। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र जरूरी है।
- लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, फेलोशिप पाने वाले विद्यार्थियों के लिए वैध यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) जरूरी है।
- आवेदक को निर्धारित UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET चयन प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह फेलोशिप उन पात्र उम्मीदवारों के लिए है जो NET की परीक्षा पास करते हैं, लेकिन JRF के लिए क्वालिफाई नहीं करते।
- आवेदक को UGC के लागू नियमों के अनुसार भारत के किसी पात्र विश्वविद्यालय या रिसर्च संस्थान में नियमित रूप से फुल-टाइम M.Phil. या Ph.D. प्रोग्राम करना चाहिए।
- M.Phil. के लिए फेलोशिप उन्हीं कोर्सों में मिल सकती है जिन्हें UGC ने अनुमति दी है। प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुसार, क्लिनिकल साइकोलॉजी और साइकियाट्रिक सोशल वर्क में M.Phil. के दाखिले केवल 2025–26 के शैक्षणिक सत्र तक ही अनुमति प्राप्त थे। उम्मीदवारों को इसके बाद जारी हुए किसी भी आधिकारिक अपडेट की जांच करनी चाहिए।
- आवेदक को स्कीम के तहत शामिल किसी संस्थान में पढ़ाई करनी चाहिए। इनमें UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, पात्र मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, पूरी तरह से सरकारी वित्तपोषण पाने वाले डिग्री देने के लिए अधिकृत संस्थान या राष्ट्रीय महत्व के संस्थान शामिल हो सकते हैं।
- विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों या केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों में काम करने वाले कर्मचारी पात्र नहीं हैं। यह नियम उन कर्मचारियों पर भी लागू होता है जो स्टडी लीव या असाधारण अवकाश पर हैं।
- आवेदक को कोई दूसरी ऐसी फेलोशिप, स्कॉलरशिप, स्टाइपेंड, वेतन या अन्य आर्थिक लाभ नहीं मिलना चाहिए, जिसे स्कीम के नियमों के तहत एक साथ लेना मना है। पहले से ऐसी सहायता पाने वाले उम्मीदवारों को NFPwD फेलोशिप स्वीकार करने के लिए उस सहायता को छोड़ना पड़ सकता है।
- आवेदक ने पहले Ph.D. के लिए NFPwD फेलोशिप का पूरा या कुछ हिस्सा प्राप्त न किया हो। यह फेलोशिप जीवन में केवल एक बार दी जा सकती है।
- जिन उम्मीदवारों को फेलोशिप मिलने के समय दाखिला नहीं मिला है, उन्हें फेलोशिप के नियमों के अनुसार पहले उपलब्ध अवसर पर और पुरस्कार मिलने के तीन साल के भीतर किसी पात्र नियमित फुल-टाइम रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला लेना होगा।
- प्रकाशित NFPwD दिशानिर्देशों में इस फेलोशिप के लिए परिवार की आय की कोई अलग सीमा तय नहीं की गई है।
- स्कीम के दिशानिर्देशों में अलग से कोई आयु सीमा तय नहीं की गई है। हालांकि, आवेदकों को संबंधित UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET परीक्षा की आयु और शैक्षणिक योग्यता संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
ध्यान दें: आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को नए दिशानिर्देश और परीक्षा से जुड़े नोटिस जरूर देखने चाहिए, क्योंकि पात्रता की शर्तों में बदलाव हो सकता है।
उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले NDFDC द्वारा जारी NFPwD के आधिकारिक दिशानिर्देश पढ़ने चाहिए और नए नोटिस देखने चाहिए, क्योंकि पात्रता की शर्तों और परीक्षा के नियमों में बदलाव हो सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) के लिए चुने गए विद्यार्थियों को अपनी पात्रता की पुष्टि करने और फेलोशिप शुरू करवाने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। जॉइनिंग और सत्यापन की प्रक्रिया के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए।
- आधार कार्ड और 12 अंकों का आधार नंबर।
- सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र।
- यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड और UDID नंबर।
- पोस्टग्रेजुएट योग्यता से जुड़ी जानकारी, जिसमें प्राप्त अंक, प्रतिशत और पास करने का वर्ष शामिल हो।
- NFPwD में चयन से जुड़ी जानकारी, जिसमें चयन का वर्ष, उम्मीदवार की ID और फेलोशिप का पुरस्कार पत्र शामिल हो।
- पात्र M.Phil. या Ph.D. प्रोग्राम में दाखिले और रजिस्ट्रेशन का प्रमाण, जिसमें दाखिले की तारीख, रजिस्ट्रेशन की तारीख और रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल हों।
- विश्वविद्यालय, संस्थान, विभाग, रिसर्च गाइड और रिसर्च के विषय से जुड़ी जानकारी।
- संस्थान का प्रमाणपत्र, जिसमें यह पुष्टि हो कि उम्मीदवार नियमित रूप से फुल-टाइम रिसर्च कर रहा है और स्कीम की लागू शर्तें पूरी करता है।
- नौकरी से जुड़ी घोषणा और इस बात की जानकारी कि उम्मीदवार को कोई दूसरी फेलोशिप, स्कॉलरशिप या आर्थिक सहायता मिल रही है या नहीं।
- जहां निर्धारित जॉइनिंग फॉर्म में जरूरी हो, वहां नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) का वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) नंबर।
- निर्धारित भुगतान प्रक्रिया के तहत फेलोशिप पाने के लिए आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी।
- हाल की फोटो और निर्धारित वेरिफिकेशन फॉर्म-कम-जॉइनिंग रिपोर्ट में मांगी गई अन्य जानकारी।
फेलोशिप के दौरान विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार कंटिन्यूएशन सर्टिफिकेट, हर छह महीने की रिसर्च प्रोग्रेस रिपोर्ट, कंटिजेंसी ग्रांट के खर्चों का हिसाब और उपयोगिता प्रमाणपत्र, HRA प्रमाणपत्र तथा जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) से सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) में अपग्रेड होने के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ सकती है।
विश्वविद्यालय का नोडल अधिकारी दस्तावेजों की जांच करता है और जरूरी जानकारी फेलोशिप पोर्टल पर अपलोड करता है। नए फॉर्म और दस्तावेजों की जरूरत जानने के लिए NDFDC के आधिकारिक स्कॉलरशिप पेज पर जाएं। इस पेज पर NFPwD के मौजूदा दिशानिर्देश और निर्धारित अनुलग्नक उपलब्ध हैं।
आवेदन प्रक्रिया
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज (NFPwD) के लिए आवेदन करने में निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पास करना और फेलोशिप के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना शामिल है। शुरुआत में NFPwD के लिए अलग से कोई आवेदन फॉर्म नहीं भरना होता। फेलोशिप के लिए विचार किए जाने और आर्थिक सहायता पाने के लिए पात्र उम्मीदवारों को नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा।
- सबसे पहले, अपने विषय और पात्रता के अनुसार UGC-NET की आधिकारिक वेबसाइट या Joint CSIR-UGC NET की वेबसाइट खोलें। आवेदन शुरू करने से पहले परीक्षा का नया नोटिस देखें और रजिस्ट्रेशन की तारीखों की पुष्टि करें।
- संबंधित परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करें और अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक तथा दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी सावधानी से भरें। लागू PwD/PwBD श्रेणी चुनें, जहां जरूरी हो वहां UDID की जानकारी दें और लागू होने पर JRF का विकल्प चुनें। ध्यान रखें कि फॉर्म में भरी गई जानकारी आपके दस्तावेजों से मेल खानी चाहिए।
- परीक्षा का आवेदन पूरा करें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, लागू परीक्षा शुल्क का भुगतान करें और आखिरी तारीख से पहले फॉर्म जमा कर दें। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए जमा किए गए आवेदन की कॉपी डाउनलोड करके रख लें।
- UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET की परीक्षा दें और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी परिणाम देखें। स्कीम के दिशानिर्देशों में बताई गई चयन प्रक्रिया के अनुसार, बेंचमार्क दिव्यांगता वाले ऐसे पात्र उम्मीदवारों पर निर्धारित मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया के तहत फेलोशिप के लिए विचार किया जा सकता है जो NET पास करते हैं, लेकिन JRF के लिए क्वालिफाई नहीं करते।
- NFPwD की चयन सूची, पुरस्कार से जुड़ी जानकारी और अन्य नोटिस देखने के लिए DEPwD के स्कॉलरशिप सेक्शन पर जाएं। चयन उपलब्ध फेलोशिप की संख्या, पात्रता शर्तों और विभाग के अंतिम निर्णय पर निर्भर करता है।
- चयन होने के बाद, फेलोशिप के नियमों में दी गई समय-सीमा के भीतर किसी पात्र नियमित फुल-टाइम रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला लें। रिसर्च प्रोग्राम और संस्थान को स्कीम तथा UGC की लागू शर्तें पूरी करनी होंगी।
- NDFDC का स्कॉलरशिप पेज खोलें और वहां Canara Bank Scholarship and Fellowship Management Portal (SFMP) का लिंक खोजें। रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समझने के लिए उस पेज पर दिए गए पोर्टल लिंक और नए यूजर मैनुअल का इस्तेमाल करें। फेलोशिप पोर्टल के लिए वैध UDID जरूरी है।
- निर्धारित वेरिफिकेशन फॉर्म-कम-जॉइनिंग रिपोर्ट और संस्थान का प्रमाणपत्र तैयार करें। इनके साथ फेलोशिप का पुरस्कार पत्र, आधार की जानकारी, UDID कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, रिसर्च में दाखिले और रजिस्ट्रेशन की जानकारी तथा बैंक खाते की जानकारी भी रखें। निर्देशों के अनुसार ये दस्तावेज अपने विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी को जमा करें।
- आपके विश्वविद्यालय का नोडल अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेगा और जरूरी जानकारी फेलोशिप पोर्टल पर अपलोड करेगा। अगर किसी दस्तावेज में सुधार या अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत हो, तो फेलोशिप शुरू होने से पहले अपने संस्थान से संपर्क करके इसकी जानकारी लें।
- फेलोशिप शुरू होने के बाद, तय समय-सीमा के भीतर जरूरी कंटिन्यूएशन सर्टिफिकेट, रिसर्च प्रोग्रेस रिपोर्ट, कंटिजेंसी ग्रांट के खर्चों का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जमा करें। यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और आधार तथा UDID की जानकारी सही तरीके से अपडेट हो, ताकि आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से फेलोशिप का भुगतान किया जा सके।
आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन में मदद के लिए उम्मीदवार NDFDC से [email protected] पर ईमेल करके या 011-45803730 पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं। जॉइनिंग से जुड़े दस्तावेजों, पोर्टल सत्यापन और फेलोशिप जारी रखने की प्रक्रिया में मदद के लिए वे अपने विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
फेलोशिप की अवधि
नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज की अवधि रिसर्च प्रोग्राम और स्कीम के दिशानिर्देशों में दी गई शर्तों पर निर्भर करती है। इस फेलोशिप में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) और सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) की व्यवस्था है। पात्र Ph.D. रिसर्च के लिए अधिकतम पांच साल तक आर्थिक सहायता मिल सकती है।
- M.Phil. रिसर्च: लागू UGC नियमों के तहत जिन कोर्सों की अनुमति है, उनमें फेलोशिप अधिकतम दो साल तक या शोध-प्रबंध जमा करने तक मिल सकती है। इनमें से जो भी पहले हो, उसी के अनुसार सहायता बंद हो जाएगी।
- Ph.D. रिसर्च: फेलोशिप अधिकतम पांच साल तक या Ph.D. की थीसिस जमा करने तक मिल सकती है। इनमें से जो भी पहले हो, उसी के अनुसार फेलोशिप समाप्त हो जाएगी।
- एकीकृत M.Phil. और Ph.D. रिसर्च: लागू स्कीम की शर्तों और थीसिस जमा करने के नियमों के अनुसार फेलोशिप की अधिकतम अवधि पांच साल है।
- JRF की अवधि: प्रकाशित फेलोशिप दरों के अनुसार, पहले दो वर्षों तक विद्यार्थियों को हर महीने ₹37,000 मिलते हैं।
- SRF की अवधि: पहले दो साल पूरे होने के बाद, रिसर्च में संतोषजनक प्रगति और निर्धारित मूल्यांकन के आधार पर पात्र विद्यार्थियों को अगले तीन वर्षों तक हर महीने ₹42,000 मिल सकते हैं।
- JRF से SRF में अपग्रेड होना: स्कॉलर की रिसर्च प्रगति का निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया जाना जरूरी है। इसमें स्कीम के दस्तावेजों में बताई गई मूल्यांकन समिति की शर्तें भी शामिल हैं।
- अवधि बढ़ाने की सुविधा नहीं: फेलोशिप अधिकतम निर्धारित अवधि से आगे जारी नहीं रह सकती। Ph.D. करने वाले विद्यार्थियों की थीसिस पांच साल पूरे होने से पहले जमा हो जाती है, तो फेलोशिप पहले ही समाप्त हो जाएगी।
- स्कीम के दिशानिर्देशों के अनुसार, फेलोशिप का भुगतान आमतौर पर चयन वर्ष की 1 अप्रैल की तारीख, रिसर्च रजिस्ट्रेशन की तारीख या प्रोग्राम में शामिल होने की तारीख में से जो तारीख सबसे बाद में आती है, उससे शुरू होता है।
फेलोशिप की अवधि, रिसर्च प्रगति और JRF से SRF में अपग्रेड होने के नए नियमों के लिए DEPwD के स्कॉलरशिप दस्तावेज और NDFDC के फेलोशिप दिशानिर्देश देखें।
महत्वपूर्ण लिंक
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) – स्कॉलरशिप सेक्शन
- नेशनल फेलोशिप फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज (एनएफपीडब्ल्यूडी) – NDFDC स्कीम पोर्टल
- नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसेबिलिटीज के दिशानिर्देश – NDFDC
- UGC-NET की आधिकारिक वेबसाइट
- Joint CSIR-UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट
संपर्क जानकारी
नेशनल दिव्यांगजन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NDFDC)
- फोन: 011-45803730
- ईमेल: [email protected]
- पता: यूनिट नंबर 11 और 12, ग्राउंड फ्लोर, DLF प्राइम टावर, ओखला फेज-I, तेहखंड गांव के पास, नई दिल्ली – 110020।
- NDFDC की संपर्क जानकारी
फेलोशिप से जुड़े दस्तावेजों, जॉइनिंग रिपोर्ट, कंटिन्यूएशन सर्टिफिकेट या पोर्टल सत्यापन में मदद के लिए उम्मीदवार अपने विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं। विभाग के नोटिस और चयन सूची देखने के लिए DEPwD के स्कॉलरशिप सेक्शन पर जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नेशनल फेलोशिप फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज केंद्र सरकार की एक स्कीम है। इसका उद्देश्य पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को भारत में फुल-टाइम रिसर्च और Ph.D. करने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
चुने गए विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों तक हर महीने ₹37,000 और अगले तीन वर्षों तक हर महीने ₹42,000 की फेलोशिप मिल सकती है। SRF की राशि रिसर्च में संतोषजनक प्रगति और निर्धारित मूल्यांकन पर निर्भर करती है।
भारत के ऐसे विद्यार्थी आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं जिनकी बेंचमार्क दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है और जो निर्धारित परीक्षा, शैक्षणिक योग्यता तथा रिसर्च प्रोग्राम से जुड़ी शर्तें पूरी करते हैं।
हाँ, स्कीम के लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, फेलोशिप पाने वाले विद्यार्थियों के पास वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) होना जरूरी है।
उम्मीदवारों को निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET में शामिल होना होता है। स्कीम के दिशानिर्देशों के अनुसार, NET पास करने लेकिन JRF के लिए क्वालिफाई नहीं करने वाले पात्र उम्मीदवारों पर भी फेलोशिप के लिए विचार किया जा सकता है।
इस स्कीम के तहत हर साल कुल 200 फेलोशिप दी जाती हैं। इनमें से 150 फेलोशिप UGC-NET और 50 Joint CSIR-UGC NET के माध्यम से आवंटित की जाती हैं।
हाँ, पात्र विद्यार्थियों को रिसर्च के विषय के अनुसार कंटिजेंसी ग्रांट मिल सकती है। ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज, कॉमर्स और आर्ट्स के लिए JRF के दौरान ₹10,000 और SRF के दौरान ₹20,500 सालाना निर्धारित हैं। साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए ये राशि क्रमशः ₹12,000 और ₹25,000 सालाना है।
हाँ, पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को संस्थान द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद एस्कॉर्ट या रीडर की सहायता के लिए हर महीने ₹2,000 मिल सकते हैं।
पात्र Ph.D. रिसर्च के लिए अधिकतम पांच साल तक फेलोशिप मिल सकती है। हालांकि, सहायता की अवधि स्कीम के नियमों, रिसर्च की प्रगति और थीसिस जमा करने की तारीख पर निर्भर करती है।
सबसे पहले उम्मीदवार को अपनी पात्रता के अनुसार UGC-NET या Joint CSIR-UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। परीक्षा और चयन प्रक्रिया के बाद पात्र उम्मीदवार को रिसर्च प्रोग्राम में दाखिला, दस्तावेजों का सत्यापन और फेलोशिप से जुड़ी अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए NDFDC और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नए दिशानिर्देश देखने चाहिए।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|---|
नई टिप्पणी जोड़ें