बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 01/08/2026 - 18:06
बिहार CM
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बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना
हाइलाइट
  • पात्र सेवानिवृत्त पत्रकारों को ₹6,000 प्रतिमाह पेंशन।
  • पात्र आश्रित पति या पत्नी को ₹3,000 प्रतिमाह परिवार पेंशन।
  • कम से कम 20 वर्ष की पत्रकारिता सेवा वाले सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए लागू।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
योजना का सारांश
योजना का नाम
बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना
कार्यान्वयन विभागसूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार
लाभ
₹6,000 मासिक पेंशन | पत्रकार की मृत्यु के बाद ₹3,000 पारिवारिक पेंशन
लाभार्थी
बिहार के पात्र सेवानिवृत्त पत्रकार
सब्सक्रिप्शन
आवेदन का माध्यम
ऑफलाइन

योजना का परिचय

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। पत्रकार तथ्य जुटाने, महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग करने और नागरिकों को सही एवं समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य करते हैं। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान वे जनहित से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों, चुनावों, प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी समाज तक पहुँचाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद कई पत्रकारों को नियमित आय और पेंशन जैसी सुविधाओं के अभाव में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

वरिष्ठ पत्रकारों के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से वर्ष 2019 में बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य ऐसे सेवानिवृत्त पत्रकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना और उन्हें सम्मानित करना है जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा पत्रकारिता के क्षेत्र को समर्पित किया है।

इस योजना के तहत बिहार के प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कम से कम 20 वर्ष तक कार्य कर चुके तथा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले पात्र सेवानिवृत्त पत्रकारों को जीवनभर ₹6,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, यदि पेंशन प्राप्त कर रहे पत्रकार का निधन हो जाता है, तो योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उनके पात्र आश्रित पति या पत्नी को ₹3,000 प्रतिमाह परिवार सम्मान पेंशन प्रदान की जाती है। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।

यह योजना बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना नियमावली, 2019 के अनुसार संचालित की जाती है। इस नियमावली में पात्रता, पेंशन राशि, परिवार पेंशन, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन प्रक्रिया, स्वीकृति प्रक्रिया तथा योजना से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। योजना के अंतर्गत पेंशन स्वीकृत करने का अधिकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को प्राप्त है तथा आवेदन स्वीकृत होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका विस्तृत सत्यापन किया जाता है।

योजना के लाभ

पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • जीवनभर ₹6,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाती है।
  • पेंशन की राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
  • यदि पत्रकार का निधन हो जाता है, तो उनके आश्रित पति या पत्नी को ₹3,000 प्रतिमाह परिवार पेंशन प्रदान की जाती है, बशर्ते कि पति या पत्नी किसी मीडिया संस्थान या सरकारी सेवा में कार्यरत न हों।
  • यह योजना सेवानिवृत्ति के बाद नियमित वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक दिए गए योगदान के लिए बिहार सरकार द्वारा सम्मान प्रदान किया जाता है।

बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के अंतर्गत परिवार पेंशन

  • यदि योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे पत्रकार का निधन हो जाता है, तो उनके आश्रित पति या पत्नी ₹3,000 प्रतिमाह परिवार सम्मान पेंशन प्राप्त करने के पात्र होंगे।
  • हालांकि, परिवार पेंशन केवल उसी स्थिति में देय होगी जब आश्रित पति या पत्नी किसी मीडिया संस्थान या सरकारी सेवा में कार्यरत न हों।
  • परिवार पेंशन योजना के प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी।

पात्रता

बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:

  • आवेदक बिहार का निवासी होना चाहिए तथा सामान्य रूप से बिहार राज्य में निवास करता हो।
  • आवेदक ने बिहार के किसी प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान से नियमित सेवा से सेवानिवृत्ति प्राप्त की हो।
  • आवेदक ने बिहार के एक या एक से अधिक प्रिंट अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में नियमित वेतन, मानदेय या पारिश्रमिक के आधार पर पत्रकार के रूप में कम से कम 20 वर्ष तक कार्य किया हो।
  • योजना के लिए आवेदन करने हेतु सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है। हालांकि, केवल पंजीकरण होने मात्र से पेंशन के लिए पात्रता सुनिश्चित नहीं होती।
  • आवेदक ने उस मीडिया संस्थान के सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित 58 वर्ष या 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु पूरी कर ली हो, जहाँ से वह सेवानिवृत्त हुआ है।
  • आवेदक बिहार सरकार से किसी अन्य प्रकार की पेंशन प्राप्त नहीं कर रहा होना चाहिए।
  • आवेदक किसी भी आपराधिक या अन्य मामले में दोषसिद्ध नहीं होना चाहिए। यदि बाद में यह पाया जाता है कि आवेदक ने यह जानकारी छिपाई है या गलत जानकारी देकर पेंशन प्राप्त की है, तो सरकार पेंशन बंद कर सकती है तथा पहले से दी गई पेंशन राशि की वसूली भी कर सकती है।

इस योजना के अंतर्गत पत्रकार किसे माना जाएगा?

इस योजना के उद्देश्य से पत्रकार से आशय ऐसे व्यक्ति से है जिसने निम्नलिखित में से किसी भी पद पर कार्य किया हो:

  • रिपोर्टर
  • संवाददाता
  • संपादक
  • समाचार संपादक
  • सहायक संपादक
  • कार्टूनिस्ट
  • फोटो पत्रकार
  • या ऐसा कोई अन्य व्यक्ति जिसने निम्नलिखित माध्यमों में पत्रकार के रूप में कार्य किया हो:
  • दैनिक समाचार पत्र
  • साप्ताहिक समाचार पत्र
  • पाक्षिक समाचार पत्र
  • पत्रिकाएँ
  • समाचार एजेंसियाँ
  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
  • न्यूज़ पोर्टल
  • न्यूज़ चैनल

व्यक्ति को वर्किंग जर्नलिस्ट्स एंड अदर न्यूज़पेपर एम्प्लॉइज़ (कंडीशंस ऑफ सर्विस) एंड मिसलेनियस प्रोविज़न्स एक्ट, 1955 के अंतर्गत कार्यरत पत्रकार की परिभाषा में आना चाहिए तथा उसने किसी प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान से नियमित सेवा के बाद सेवानिवृत्ति प्राप्त की हो।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदक को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक सहायक दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन पर विचार करने से पहले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।

आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।
  • जन्म तिथि का प्रमाण।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • मोबाइल नंबर एवं संपर्क विवरण।
  • पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • आधार कार्ड या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य फोटो पहचान पत्र।
  • बैंक खाते का विवरण तथा IFSC कोड।
  • उस मीडिया संस्थान/संस्थानों का विवरण जहाँ आवेदक ने कार्य किया है।
  • सेवानिवृत्ति के समय धारण किए गए पद का प्रमाण।
  • सेवानिवृत्ति का प्रमाण पत्र।
  • जिस मीडिया संस्थान में आवेदक ने कार्य किया है, उसके संपादक/प्रबंधक/प्रबंध निदेशक की अनुशंसा।
  • पत्रकार के रूप में कम से कम 20 वर्ष कार्य करने का प्रमाण।
  • वेतन, मानदेय, पारिश्रमिक, टीडीएस प्रमाण पत्र, भविष्य निधि (Provident Fund) अभिलेख या सेवा अवधि एवं रोजगार सिद्ध करने वाले अन्य दस्तावेज।
  • जहाँ लागू हो, EPF का विवरण।
  • इस आशय का शपथ पत्र कि आवेदक किसी भी आपराधिक मामले में दोषसिद्ध नहीं है।
  • किसी अन्य सरकारी पेंशन या वित्तीय सहायता प्राप्त होने अथवा न होने संबंधी घोषणा।
  • सत्यापन के दौरान विभाग द्वारा मांगा गया कोई अन्य आवश्यक दस्तावेज।

आवेदन प्रक्रिया

  • निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग या संबंधित जिला जनसंपर्क कार्यालय जाएँ।
  • आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, जन्म तिथि, आवासीय पता, मोबाइल नंबर, मीडिया संस्थान का विवरण, सेवानिवृत्ति के समय का पद, कुल सेवा अवधि, सेवानिवृत्ति संबंधी जानकारी, बैंक खाते का विवरण, EPF का विवरण (जहाँ लागू हो), किसी अन्य पेंशन या वित्तीय सहायता की जानकारी तथा आश्रित परिवार के सदस्यों का विवरण शामिल है।
  • सभी आवश्यक सहायक दस्तावेज संलग्न करें, जैसे पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र, सेवा अभिलेख, मीडिया संस्थान की अनुशंसा, बैंक खाते का विवरण, शपथ पत्र तथा योजना के अंतर्गत आवश्यक अन्य दस्तावेज।
  • भरे हुए आवेदन पत्र को सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) के पास जमा करें। सत्यापन के बाद जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आवेदन को आगे की प्रक्रिया के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को अग्रेषित करते हैं।

आवेदन जमा करने के बाद क्या होता है?

आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग पेंशन स्वीकृत करने से पहले कई चरणों में सत्यापन प्रक्रिया पूरी करता है।

जिला स्तर पर सत्यापन

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आवेदन की जांच कर निम्नलिखित बिंदुओं का सत्यापन करते हैं:

  • व्यक्तिगत जानकारी।
  • पहचान।
  • सेवा संबंधी विवरण।
  • संलग्न दस्तावेज।
  • योजना के अंतर्गत पात्रता।

सत्यापन पूर्ण होने के बाद आवेदन को अपनी अनुशंसा सहित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भेज दिया जाता है।

विभागीय सत्यापन

विभाग द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की जांच की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर निम्नलिखित स्रोतों से अतिरिक्त सत्यापन भी कराया जा सकता है:

  • नियोक्ता।
  • मीडिया संस्थान।
  • EPF कार्यालय।
  • अन्य सक्षम प्राधिकारी।

आवश्यकता होने पर विभाग द्वारा स्थल पर जाकर भी सत्यापन किया जा सकता है।

लाभार्थी चयन प्रक्रिया

पात्र आवेदकों का चयन विस्तृत सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाता है।

चयन प्रक्रिया में सामान्यतः निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  • आवेदन प्राप्त होना।
  • जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सत्यापन।
  • सेवा अभिलेखों का सत्यापन।
  • वेतन, मानदेय, टीडीएस, EPF अथवा समान अभिलेखों का सत्यापन।
  • आपराधिक मामले से संबंधित घोषणा का सत्यापन।
  • स्क्रीनिंग समिति द्वारा आवेदन की जांच।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम स्वीकृति।
  • स्वीकृति के बाद पेंशन जारी की जाती है।

पेंशन का भुगतान

पेंशन स्वीकृत होने के बाद:

  • पेंशन की राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
  • लाभार्थी के पास सक्रिय बचत बैंक खाता होना चाहिए।
  • आवेदन में दिया गया बैंक खाते का विवरण सही एवं सक्रिय होना चाहिए, ताकि पेंशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की देरी न हो।

वार्षिक सत्यापन

पेंशन प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों को पेंशन का लाभ जारी रखने के लिए प्रत्येक वर्ष वार्षिक सत्यापन कराना अनिवार्य है।

पेंशनधारी को निम्नलिखित कार्य करने होंगे:

  • संबंधित जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के समक्ष स्वयं उपस्थित होना होगा।
  • प्रत्येक वर्ष मार्च माह के अंतिम सप्ताह से पहले अपना सत्यापन पूरा कराना होगा।
  • यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी उपस्थिति दर्ज की गई है।

यदि निर्धारित अवधि के भीतर वार्षिक सत्यापन पूरा नहीं किया जाता है, तो सत्यापन पूर्ण होने तक पेंशन का भुगतान स्थगित किया जा सकता है।

पेंशन निरस्त किए जाने की स्थितियाँ

निम्नलिखित परिस्थितियों में योजना के अंतर्गत स्वीकृत पेंशन निरस्त की जा सकती है:

  • यदि लाभार्थी पेंशन स्वीकृत होने के बाद किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषसिद्ध हो जाता है।
  • यदि लाभार्थी ने गलत जानकारी दी हो या महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर पेंशन प्राप्त की हो।
  • यदि धोखाधड़ी, मिथ्या प्रस्तुतीकरण या जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने का मामला सामने आता है।
  • यदि निर्धारित अवधि के भीतर वार्षिक सत्यापन पूरा नहीं किया जाता है।
  • यदि योजना के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन पाया जाता है।

यदि यह पाया जाता है कि पेंशन गलत जानकारी देकर या महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर प्राप्त की गई है, तो सरकार पेंशन बंद कर सकती है तथा पहले से दी गई पेंशन राशि की वसूली भी कर सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि पेंशन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी किसी मामले में दोषसिद्ध होता है, तो विभाग उस मामले की पुनः समीक्षा करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

महत्वपूर्ण नियम एवं शर्तें

  • पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास एक सक्रिय बैंक खाता होना आवश्यक है।
  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में पंजीकरण होने मात्र से आवेदक पेंशन के लिए स्वतः पात्र नहीं हो जाता।
  • विभाग आवश्यकता पड़ने पर नियोक्ता, मीडिया संस्थान, EPF कार्यालय अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी से जानकारी का सत्यापन कर सकता है।
  • आवेदक द्वारा सभी जानकारी सही एवं सत्य प्रस्तुत की जानी चाहिए।
  • पेंशन का भुगतान केवल सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद ही किया जाएगा।
  • परिवार पेंशन केवल योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र आश्रित पति या पत्नी को ही देय होगी।
  • योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बिहार सरकार समय-समय पर इसके प्रावधानों में संशोधन कर सकती है।

संबंधित लिंक

संपर्क विवरण

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र सेवानिवृत्त पत्रकारों को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
 

इस योजना का संचालन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार द्वारा किया जाता है।
 

पात्र सेवानिवृत्त पत्रकारों को ₹6,000 प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
 

हाँ। यदि पेंशन प्राप्त कर रहे पत्रकार का निधन हो जाता है, तो योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र आश्रित पति या पत्नी को ₹3,000 प्रतिमाह परिवार पेंशन प्रदान की जाती है।
 

आवेदक ने बिहार के प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में कम से कम 20 वर्ष तक पत्रकार के रूप में कार्य किया होना चाहिए।
 

नहीं। यदि आवेदक बिहार सरकार से किसी अन्य प्रकार की पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
 

इस योजना के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों सहित संबंधित जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) के पास ऑफलाइन आवेदन जमा करना होता है।
 

आवेदन पत्र के साथ पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, सेवा अभिलेख, सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, मीडिया संस्थान की अनुशंसा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।

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