छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना

द्वारा प्रस्तुत shivanibanduni… on Mon, 07/09/2026 - 13:24
Vishnu Deo Sai CM Chhattisgarh
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छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना इमेज
हाइलाइट
  • सभी वर्गों के इच्छुक भूमि स्वामी, पंचायतें, निजी संस्थान और ट्रस्ट किसान वृक्ष मित्र योजना के पात्र हैं।
  • वाणिज्यिक प्रजातियों जैसे नीलगिरी, बांस, सागौन और मिलिया डुबिया के रोपण को बढ़ावा दिया जाता है।
  • सहयोगी संस्थाओं एवं निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद की Buyback व्यवस्था है।
  • वन विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और रोपण संबंधी सहयोग दिया जाता है। 
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 233 7000
योजना का अवलोकन
योजना का नामछत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना
लाभवृक्षारोपण पर अनुदान एवं buyback सुविधा
लाभार्थीकिसान, संस्थाएं, पंचायत एवं लीजधारक
नोडल विभागवन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑफलाइन

योजना के बारे में

छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना, छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित राज्य के किसानों तथा अन्य हितग्राहियों की निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषकों और अन्य पात्र हितग्राहियों की निजी भूमि पर क्लोनल नीलगिरी, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया जैसी आर्थिक रूप से लाभकारी प्रजातियों का रोपण कराना, सहयोगी संस्थाओं तथा निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद की वापस खरीद (buyback) की व्यवस्था सुनिश्चित करना और इससे शासन पर पड़ने वाले वित्तीय भार को कम करना है। योजना के माध्यम से हितग्राहियों को दीर्घकालिक आय का स्रोत उपलब्ध कराने के साथ-साथ गैर-वन भूमि पर वानिकी का विस्तार भी किया जा रहा है।

किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत 05 एकड़ तक की भूमि पर रोपण करने पर 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र पर रोपण करने पर 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया जाता है। यह अनुदान स्वीकृत नॉर्म्स के आधार पर वर्षवार दिया जाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना का लक्ष्य प्रतिवर्ष 36,000 एकड़ भूमि पर रोपण कर पांच वर्षों में कुल 1,80,000 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ पौधों का रोपण करना है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन से हितग्राहियों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ ₹15,000 से ₹50,000 तक की आय प्राप्त होने की संभावना है।

पात्रता के अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाएं (जो अपनी स्वयं की भूमि पर रोपण करना चाहती हैं) तथा निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें एवं भूमि अनुबंध धारक शामिल हैं। हितग्राहियों का चयन वन विभाग के क्षेत्रीय अमले, सहयोगी संस्थाओं/निजी कंपनियों के क्षेत्रीय अमले तथा विभाग की विभिन्न योजनाओं में कार्यरत प्रेरकों द्वारा इच्छुक व्यक्तियों से संपर्क कर उनकी सहमति के आधार पर किया जाता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं अन्य हितग्राहियों की निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों का वृक्षारोपण कराना तथा सहयोगी संस्थाओं व निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद की वापस खरीद सुनिश्चित करना है। छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को वन विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन तथा रोपण संबंधी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है। इच्छुक किसान तथा अन्य पात्र व्यक्ति नजदीकी वन परिक्षेत्र कार्यालय या वनमंडल कार्यालय से संपर्क कर आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया क्षेत्रीय अमले द्वारा सहमति के आधार पर संपन्न होती है, जिसके बाद स्वीकृत नॉर्म्स के अनुसार अनुदान एवं buyback व्यवस्था का लाभ दिया जाता है।

राज्य सरकार किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना और कृषक जीवन ज्योति योजना जैसी योजनाएँ भी चला रही है, जो किसानों को आर्थिक सहायता और सिंचाई के लिए रियायती बिजली उपलब्ध कराती हैं। इसी कड़ी किसान वृक्ष मित्र योजना इन प्रयासों को और मजबूत करते हुए किसानों को अपनी भूमि पर वृक्षारोपण कर अतिरिक्त आय कमाने का अवसर प्रदान करती है।

योजना के लाभ

छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की जानकारी निम्नलिखित है:

  • योजना के अंतर्गत 5 एकड़ तक की भूमि पर अधिकतम 5,000 पौधों के रोपण पर 100 प्रतिशत वित्तीय अनुदान, 03 वर्षों तक दिया जाएगा।
  • 5 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रति एकड़ अधिकतम 1,000 पौधों के रोपण पर 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान, 03 वर्षों तक।
  • किसान वृक्ष मित्र योजना में सहयोगी संस्थाओं एवं निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद की वापस खरीद (buyback) की व्यवस्था।
  • हितग्राहियों को प्रतिवर्ष प्रति एकड़ ₹15,000 से ₹50,000 तक आय प्राप्त होने की संभावना।
  • तीन वर्षों तक रख-रखाव सहायता।
  • वन विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं रोपण संबंधी सहयोग।

योजना में शामिल प्रमुख प्रजातियां

  • टिशू कल्चर सागौन
  • टिशू कल्चर बांस
  • मिलिया डुबिया (मालाबार नीम)
  • क्लोनल नीलगिरी
  • चंदन
  • अन्य आर्थिक रूप से लाभकारी प्रजातियां

वित्तीय सहायता एवं योजना के मॉडल

किसान वृक्ष मित्र योजना योजना के अंतर्गत वृक्षारोपण हेतु मॉडल निम्नानुसार हैं:

मॉडल 1

  • पात्र: कृषक / शासकीय / अर्ध-शासकीय / स्वायत्त संस्थाएं
  • भूमि: 5 एकड़ तक (अधिकतम 5000 पौधे)
  • अनुदान: 100% विभाग द्वारा (3 वर्ष)
  • घेराबंदी व सिंचाई: हितग्राही स्वयं

मॉडल 2

  • पात्र: कृषक / शासकीय / अर्ध-शासकीय / स्वायत्त संस्थाएं
  • भूमि: 5 एकड़ से अधिक (प्रति एकड़ अधिकतम 1000 पौधे)
  • अनुदान: 50% विभाग द्वारा (3 वर्ष)
  • शेष 50%: हितग्राही स्वयं
  • घेराबंदी व सिंचाई: हितग्राही स्वयं

मॉडल 3

  • पात्र: निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर-शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, भूमि अनुबंध धारक
  • अनुदान: 50% विभाग द्वारा (3 वर्ष)
  • भूमि व पौधों की कोई अधिकतम सीमा नहीं
  • शेष राशि: हितग्राही स्वयं

मॉडल 4 (सहयोगी संस्था के साथ)

  • पात्र: कृषक / शासकीय संस्थाएं (5 एकड़ तक, अधिकतम 5000 पौधे)
  • अनुदान: 50% सहयोगी संस्था/कंपनी + 50% विभाग (3 वर्ष)
  • Buyback अनिवार्य (समर्थन मूल्य पर)
  • घेराबंदी व सिंचाई: हितग्राही स्वयं

मॉडल 5 (सहयोगी संस्था के साथ)

  • पात्र: कृषक / शासकीय संस्थाएं (5 एकड़ से अधिक, प्रति एकड़ अधिकतम 1000 पौधे)
  • अनुदान: 50% सहयोगी संस्था/कंपनी + 25% विभाग + 25% हितग्राही
  • Buyback अनिवार्य
  • घेराबंदी व सिंचाई: हितग्राही स्वयं

मॉडल 6 (सहयोगी संस्था के साथ)

  • पात्र: निजी शिक्षण संस्थाएं, ट्रस्ट, गैर-शासकीय संस्थाएं, पंचायतें, लीजधारक
  • अनुदान: 25% विभाग + 25% सहयोगी संस्था/कंपनी (कुल 50%)
  • शेष 50%: हितग्राही स्वयं
  • Buyback अनिवार्य
  • घेराबंदी व सिंचाई: हितग्राही स्वयं

पात्रताएं

छत्तीसगढ़ किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

  • समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी।
  • शासकीय, अर्ध-शासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाएं जो अपनी स्वयं की भूमि पर रोपण करना चाहती हैं।
  • निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक (leased land holder) जो अपनी भूमि पर रोपण करना चाहते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

इस योजना में आवेदन के लिए आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी

  • भूमि के बी-1 एवं खसरा नंबर की प्रति
  • आधार कार्ड की छायाप्रति
  • बैंक खाता विवरण

आवेदन प्रक्रिया

किसान वृक्ष मित्र योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। आवेदन के लिए आप यहाँ बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें:

  • अपने क्षेत्र के वन परिक्षेत्र कार्यालय या वनमंडल कार्यालय में संपर्क करें।
  • योजना का आवेदन प्रारूप प्राप्त करें और उसमें आवश्यक जानकारी भरें (नाम, पता, भूमि का खसरा नंबर, रकबा, रोपण के लिए चुनी गई प्रजाति आदि)।
  • भूमि संबंधित दस्तावेज (बी-1 / खसरा की प्रति) और आधार कार्ड की प्रति संलग्न करें।
  • भरा हुआ आवेदन संबंधित परिक्षेत्र कार्यालय में जमा करें।
  • वन विभाग के क्षेत्रीय अमले द्वारा भूमि और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
  • सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों का चयन किया जाता है।
  • चयन के पश्चात पौधों की उपलब्धता एवं तकनीकी मार्गदर्शन विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • रोपण कार्य हितग्राही स्वयं करता है। कार्य के सत्यापन के बाद अनुदान राशि बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800 233 7000

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की योजना है।

अधिकतम 5,000 पौधे। 5 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रति एकड़ अधिकतम 1,000 पौधे।

सभी वर्ग के इच्छुक भूमि स्वामी किसान, शासकीय एवं अर्ध-शासकीय संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, ट्रस्ट, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक।

रोपण कार्य के सत्यापन के बाद राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में आती है।

नहीं, किसानों का आवेदन परिक्षेत्र कार्यालय में ऑफलाइन जमा होता है। विभाग का पोर्टल forest.cg.gov.in/kvy केवल विभागीय लॉगिन एवं निगरानी के लिए है।

तिथि जिला वनमंडल स्तर पर तय होती है, इसलिए परिक्षेत्र कार्यालय से चालू वर्ष की तिथि की पुष्टि करें।

हां, वन विभाग की रोपणियों से पात्र किसानों को पौधों का निशुल्क वितरण किया जाता है।

सहयोगी संस्थाओं एवं निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वापस खरीद (buyback) की जाती है।

नहीं, घेराबंदी (फेंसिंग) एवं सिंचाई व्यवस्था हितग्राही को स्वयं वहन करनी होती है।

हां, इन्हें 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है और रकबे या पौधों की संख्या की कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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