- यह योजना पात्र उम्मीदवारों को निःशुल्क और रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है।
- स्वीकृत प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से NSQF-अनुरूप प्रशिक्षण और प्रमाणन की सुविधा दी जाती है।
- सफल प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जाता है।
- तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मध्य प्रदेश, हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना |
| लाभ | निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन |
| लाभार्थी | पात्र युवा और श्रमिक |
| नोडल विभाग | मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना (MMKSY) मध्य प्रदेश सरकार की एक कौशल विकास योजना है। राज्य सरकार इस योजना को पूरी तरह वित्त पोषित करती है और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है। इस योजना को पूरे राज्य में मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत लागू किया जाता है।
राज्य सरकार ने MMKSY की शुरुआत इस उद्देश्य से की कि मध्य प्रदेश के ऐसे युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल उपलब्ध कराया जा सके, जिन्हें कौशल प्रशिक्षण के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते हैं। पारंपरिक ITI पाठ्यक्रम रोजगार बाजार की हर आवश्यकता को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसलिए यह योजना विभिन्न विभागों द्वारा संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एकरूपता लाने, उन्हें राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के तहत प्रमाणित करने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। योजना के अंतर्गत ऐसे मांग-आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं, जो नियमित ITI प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं।
MMKSY के अंतर्गत रोजगार योग्य ट्रेडों में अल्पकालिक और मांग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। किसी पाठ्यक्रम की अवधि सामान्यतः 15 दिन से 9 महीने तक होती है और प्रशिक्षण लगभग 100 से 1,200 घंटे तक हो सकता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संबंधित Sector Skill Council द्वारा NSQF-अनुरूप प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, जिसका उपयोग भारत और विदेशों में रोजगार के लिए किया जा सकता है। योजना के ढांचे में कौशल उन्नयन, विभिन्न कौशल स्तरों के बीच आगे बढ़ने और Recognition of Prior Learning (RPL) के माध्यम से अनौपचारिक रूप से प्राप्त कौशल के प्रमाणन की सुविधा भी शामिल है।
मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना का संचालन सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है। उम्मीदवार निर्धारित कौशल विकास पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं। इसके बाद संबंधित संस्थानों द्वारा प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पारदर्शी ऑनलाइन मेरिट प्रक्रिया के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदाताओं को किया जाने वाला भुगतान प्रदर्शन से जुड़ा होता है। प्रशिक्षित उम्मीदवारों में से कम से कम 70 प्रतिशत को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त करना आवश्यक है। वेतन आधारित रोजगार के मामले में प्रशिक्षण पूरा करने के तीन महीने के भीतर प्रशिक्षु को मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होती है।
योजना के लाभ
MMKSY युवाओं को निःशुल्क, प्रमाणित और रोजगार से जुड़े कौशल प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करती है। योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
- निःशुल्क प्रशिक्षण: प्रशिक्षुओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। प्रशिक्षण की पूरी लागत राज्य सरकार वहन करती है।
- अल्पकालिक पाठ्यक्रम: पाठ्यक्रम 15 दिन से 9 महीने तक के हो सकते हैं और इनमें लगभग 100 से 1,200 घंटे का प्रशिक्षण शामिल हो सकता है।
- राष्ट्रीय स्तर का प्रमाणन: प्रशिक्षुओं को संबंधित Sector Skill Council द्वारा NSQF-अनुरूप प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- भारत और विदेश में उपयोग: प्रमाणपत्र का उपयोग देश और विदेश में रोजगार के लिए किया जा सकता है।
- रोजगार से जुड़ाव: कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षुओं को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त करना आवश्यक है।
- न्यूनतम मजदूरी का प्रावधान: वेतन आधारित रोजगार प्राप्त करने वाले प्रशिक्षु को प्रशिक्षण पूरा होने के तीन महीने के भीतर मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होती है।
- प्लेसमेंट की निगरानी: प्रशिक्षण प्रदाता रोजगार की स्थिति की पुष्टि करने के लिए प्रशिक्षण के बाद तीन महीने तक प्रशिक्षुओं की निगरानी करते हैं।
- स्वरोजगार सहायता: स्वरोजगार में रुचि रखने वाले प्रशिक्षुओं को उद्यमिता से संबंधित विशेष प्रशिक्षण और ऋण आवेदन में सहायता दी जाती है।
- Recognition of Prior Learning: अनौपचारिक रूप से प्राप्त कौशल रखने वाले श्रमिक अपने कौशल का औपचारिक प्रमाणन प्राप्त कर सकते हैं।
- कोई नकद लाभ नहीं: योजना के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को कोई स्टाइपेंड, छात्रवृत्ति या DBT भुगतान प्रदान नहीं किया जाता है।
लक्षित समूह
मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना विशेष रूप से ऐसे युवाओं और श्रमिकों को लक्षित करती है, जिन्हें रोजगार प्राप्त करने या अपनी आय बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इनमें शामिल हैं:
- वे युवा जिन्होंने औपचारिक शिक्षा व्यवस्था छोड़ दी है।
- ऐसे व्यक्ति जो नौकरी या स्वरोजगार के लिए कौशल विकसित करना चाहते हैं।
- अपने मौजूदा कौशल को बेहतर या उन्नत करने वाले व्यक्ति।
- ऐसे श्रमिक जो अपने अनौपचारिक कौशल का प्रमाणन कराना चाहते हैं।
- महिलाएं और अन्य वंचित वर्ग।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवा, जिनके लिए आवासीय प्रशिक्षण की व्यवस्था हो सकती है।
- विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के युवा।
पात्रताएं
मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
- आवेदक की आयु कम से कम 15 वर्ष होनी चाहिए।
- पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार पात्र हैं।
- उम्मीदवार के पास संबंधित NSQF पाठ्यक्रम के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए।
- योजना में भाग लेने के लिए आधार नंबर अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदक को अपनी श्रेणी और संबंधित पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं:
- आधार कार्ड
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र
- निवास प्रमाणपत्र
- आय प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र, यदि उम्मीदवार आरक्षित वर्ग से संबंधित है
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यदि उम्मीदवार दिव्यांग है
आवेदन प्रक्रिया
MMKSY के लिए ऑनलाइन पंजीकरण स्किल डेवलपमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। हालांकि, 2026 के लिए किसी नई आवेदन विंडो की ताजा आधिकारिक घोषणा उपलब्ध नहीं है। उम्मीदवार आधिकारिक पंजीकरण परिपत्र जारी होने या पोर्टल पर पंजीकरण विंडो सक्रिय होने के बाद आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया
- सबसे पहले निर्धारित स्किल डेवलपमेंट पोर्टल पर जाएं और Candidate Registration विकल्प चुनें।
- आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें और पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार पंजीकरण पूरा करें।
- MMKSY में आधार अनिवार्य है और इसका उपयोग डुप्लीकेट पंजीकरण को रोकने के लिए किया जाता है।
- अपना आधार, शैक्षणिक योग्यता, निवास और आय प्रमाणपत्र तैयार रखें। जहां लागू हो, वहां जाति और दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करें।
- अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार पात्र NSQF पाठ्यक्रम का चयन करें।
- उम्मीदवारों का चयन निर्धारित पाठ्यक्रम की योग्यता और ऑनलाइन मेरिट के आधार पर किया जाता है।
- चयनित उम्मीदवार निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर प्रशिक्षण और मूल्यांकन पूरा करते हैं।
- प्रशिक्षण और प्रमाणन सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उम्मीदवार को निर्धारित NSQF-अनुरूप प्रमाणपत्र प्राप्त होता है।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थान
मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के संस्थानों को प्रशिक्षण संचालित करने की अनुमति दी जाती है।
- सरकारी संस्थान
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI)
- कौशल विकास केंद्र
- पॉलिटेक्निक
- इंजीनियरिंग कॉलेज
- कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज
- उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय
- अर्ध-सरकारी संस्थान
- CRISP जैसे प्रशिक्षण प्रदाता
- IGTR
- NIFT
- ATDC
- भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)
- निजी संस्थान
- संबंधित Sector Skill Council से संबद्ध अनुभवी निजी प्रशिक्षण प्रदाता
प्रशिक्षण के बाद रोजगार का प्रावधान
MMKSY प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ती है और प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए प्लेसमेंट तथा प्रशिक्षण के बाद निगरानी से संबंधित प्रावधान निर्धारित करती है।
- प्रशिक्षित उम्मीदवारों में से कम से कम 70 प्रतिशत को वेतन आधारित रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त करना आवश्यक है।
- वेतन आधारित रोजगार के मामले में प्रशिक्षु को प्रशिक्षण पूरा होने के तीन महीने के भीतर मध्य प्रदेश में अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के कम से कम बराबर आय प्राप्त करनी होती है।
- स्वरोजगार के मामलों में प्रशिक्षण प्रदाता को उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। यदि प्रशिक्षु को किसी सरकारी योजना के अंतर्गत ऋण मिलता है, तो प्रदाता को आय के प्रमाण के रूप में ऋण स्वीकृति पत्र और बैंक खाते का विवरण प्रस्तुत करना होता है।
- सरकारी संस्थानों के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण के मामले में MPSSDEGB और Rozgar Nirman Board प्रशिक्षुओं के प्लेसमेंट की जिम्मेदारी संभालते हैं।
- MPSSDEGB और Rozgar Nirman Board प्लेसमेंट के बाद प्रशिक्षुओं की निगरानी करते हैं।
- NSDC से संबद्ध प्रशिक्षण प्रदाता प्रशिक्षित उम्मीदवारों की तीन महीने तक निगरानी करते हैं, ताकि यह देखा जा सके कि वे लाभकारी रोजगार में बने हुए हैं या अपना व्यवसाय लाभ के साथ चला रहे हैं।
- प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित अंतराल पर उम्मीदवारों की रोजगार स्थिति और वेतन/आय का विवरण पोर्टल पर अपडेट करते हैं।
स्वरोजगार के लिए सहायता
यह योजना नौकरी के बजाय अपना काम शुरू करने के इच्छुक प्रशिक्षुओं को भी सहायता प्रदान करती है।
- MPSSDEGB ने उद्यमिता विकास सेल की स्थापना की है।
- चयनित या इच्छुक प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
- MPSSDEGB ने विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की हैं।
- प्रशिक्षण प्रदाता स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत आवेदन नियमित रूप से जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में प्रस्तुत करते हैं।
प्रमाणन और NSQF
MMKSY के प्रत्येक प्रशिक्षु को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। NSQF-अनुरूप प्रमाणन की जिम्मेदारी संबंधित Sector Skill Council की होती है। यह प्रमाणपत्र भारत और विदेशों में रोजगार के लिए उपयोग किया जा सकता है। राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) ज्ञान, कौशल और योग्यता के आधार पर विभिन्न स्तरों की योग्यताओं को व्यवस्थित करता है। यह प्रत्येक स्तर को सीखने के परिणामों के आधार पर परिभाषित करता है, जिन्हें औपचारिक, गैर-औपचारिक या अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाले ढांचे के रूप में NSQF देश में सामान्य शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को आपस में जोड़ता है।
प्रशिक्षण प्रदाताओं के लिए भुगतान संरचना
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण संस्थानों को सामान्य लागत मानकों के अनुसार भुगतान किया जाता है। भुगतान चार किस्तों में किया जाता है और प्रत्येक किस्त प्रशिक्षण के परिणामों से जुड़ी होती है।यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षुओं को लगातार तीन महीने तक रोजगार में रखने की शर्त पूरी नहीं करता है, तो उसे चौथी किस्त का भुगतान नहीं किया जाता है। गैर-सरकारी संस्थानों के लिए भुगतान संरचना इस प्रकार है:
| किस्त | कुल लागत का हिस्सा | भुगतान जारी करने की शर्त |
|---|---|---|
| पहली किस्त | 30% | प्रशिक्षण बैच शुरू होने के बाद |
| दूसरी किस्त | 30% | प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद, जब कम से कम 70% प्रशिक्षुओं की उपस्थिति 70% या उससे अधिक हो |
| तीसरी किस्त | 20% | मूल्यांकन में शामिल हुए प्रशिक्षुओं में से कम से कम 70% के प्रमाणित होने के बाद |
| चौथी किस्त | 20% | प्रमाणित प्रशिक्षुओं में से कम से कम 70% के लगातार तीन महीने तक रोजगार में रहने के बाद |
महत्वपूर्ण लिंक
- मध्य प्रदेशमुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना डिटेल
- मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB)
- तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश
संपर्क जानकारी
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मध्य प्रदेश, हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पूरी तरह वित्त पोषित कौशल विकास योजना है, जिसके तहत युवाओं को निःशुल्क, अल्पकालिक और NSQF-अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें या स्वरोजगार शुरू कर सकें।
इस योजना को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार सृजन बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा लागू किया जाता है।
उम्मीदवार की आयु 15 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
आपके द्वारा चुने गए NSQF पाठ्यक्रम के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आवश्यक है। यह योग्यता अलग-अलग पाठ्यक्रमों के अनुसार अलग हो सकती है।
हां। योजना में आधार नंबर अनिवार्य है। इसका उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कोई उम्मीदवार एक से अधिक बार पंजीकरण न करे।
नहीं। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है।
प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः 15 दिन से 9 महीने तक होती है, जो लगभग 100 से 1,200 घंटे के प्रशिक्षण के बराबर है।
नहीं। योजना के तहत निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षुओं को कोई स्टाइपेंड, छात्रवृत्ति या DBT के माध्यम से नकद लाभ नहीं दिया जाता है।
योजना के तहत कम से कम 70% प्रशिक्षुओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना आवश्यक है। रोजगार मिलने पर तीन महीने के भीतर निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के बराबर आय होना जरूरी है।
संस्थान प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ऑनलाइन मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
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| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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