- पात्र स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को हर साल ₹5,000 की छात्रवृत्ति दी जाती है।
- पात्र तकनीकी और चिकित्सा पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को हर साल ₹7,500 की छात्रवृत्ति दी जाती है।
- सभी वर्गों की पात्र छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं और इसके साथ अन्य छात्रवृत्तियों का लाभ भी प्राप्त कर सकती हैं।
- इस योजना का लाभ अब स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं तक भी बढ़ाया गया है।
- मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का फोन नंबर: 0755-2551698
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना की सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 2005 |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र छात्राएं। |
| नोडल विभाग | मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | मध्य प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन। |
योजना के बारे में
गांव की बेटी योजना मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए चलाई जाने वाली छात्रवृत्ति योजना है। यह योजना 2005 से चल रही है। इसे शुरू करने का उद्देश्य उन प्रतिभाशाली छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है, जो गांव के स्कूल से 12वीं कक्षा अच्छे अंकों से पास करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ देती हैं। ऐसा अक्सर इसलिए होता है क्योंकि कॉलेज कस्बों और शहरों में होते हैं और ग्रामीण परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का खर्च उठाना मुश्किल होता है। मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना ऐसी छात्राओं को कॉलेज की पढ़ाई के दौरान हर महीने छात्रवृत्ति देती है, ताकि पैसों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई न छूटे।
मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना के तहत गांव के स्कूल से 12वीं कक्षा में 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्नातक पाठ्यक्रम की पूरी अवधि के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य स्नातक पाठ्यक्रम में पढ़ने वाली छात्राओं को शैक्षणिक वर्ष के 10 महीनों तक हर महीने ₹500 की छात्रवृत्ति मिलती है। इस तरह उन्हें हर साल ₹5,000 मिलते हैं। तकनीकी और चिकित्सा पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने ₹750 यानी हर साल ₹7,500 दिए जाते हैं। आवेदन की जांच और कॉलेज से मंजूरी मिलने के बाद स्वीकृत राशि सीधे छात्रा के अपने बैंक खाते में जमा की जाती है।
गांव की बेटी योजना के लिए सभी वर्गों की छात्राएं आवेदन कर सकती हैं। इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की छात्राएं शामिल हैं। इस योजना में जाति से जुड़ी कोई पाबंदी नहीं है। इसके पात्रता नियमों में परिवार की आय की अधिकतम सीमा या गरीबी रेखा से नीचे होने की शर्त भी नहीं रखी गई है। इसका मतलब है कि 12वीं कक्षा में प्राप्त अंक और ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना इस छात्रवृत्ति के लिए मुख्य शर्तें हैं। यह एक प्रोत्साहन योजना भी है, इसलिए छात्रा इस योजना का लाभ लेते हुए केंद्र या राज्य सरकार की अन्य छात्रवृत्तियां भी प्राप्त कर सकती है। मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए इसी विभाग द्वारा अलग से प्रतिभा किरण छात्रवृत्ति योजना चलाई जाती है।
हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गांव की बेटी योजना का लाभ अब स्नातक के साथ-साथ स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी दिया जाएगा। यह घोषणा भोपाल में आयोजित मुख्यमंत्री युवा सम्मेलन 2026 में की गई थी। इस कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग ने किया था। इसी कार्यक्रम में प्रतिभा किरण योजना का लाभ भी स्नातकोत्तर की छात्राओं तक बढ़ाने की घोषणा की गई। हालांकि, स्नातकोत्तर की छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी, उनके लिए पात्रता की क्या शर्तें होंगी और यह बदलाव किस शैक्षणिक सत्र से लागू होगा, इसकी जानकारी विभाग ने अभी तक जारी नहीं की है।
उच्च शिक्षा विभाग ने उन छात्राओं के लिए भी छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोल दिया है, जिन्हें पिछले शैक्षणिक सत्रों में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। 2023-24, 2024-25 और 2025-26 शैक्षणिक सत्रों में प्रवेश लेने वाली छात्राएं अब नए सिरे से आवेदन कर सकती हैं या अपनी छात्रवृत्ति का नवीनीकरण करा सकती हैं। इन तीनों सत्रों के लिए अक्टूबर 2026 में अलग-अलग अंतिम तिथियां तय की गई हैं। गांव की बेटी योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 पर स्वीकार किए जाते हैं। छात्रवृत्ति की राशि मंजूर होने से पहले प्रत्येक आवेदन पर छात्रा के कॉलेज के प्राचार्य की मंजूरी जरूरी है।

योजना के लाभ
गांव की बेटी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को हर साल छात्रवृत्ति दी जाती है। यह राशि हर महीने के हिसाब से तय होती है और सीधे छात्रा के बैंक खाते में जमा की जाती है। छात्रवृत्ति की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि छात्रा किस प्रकार के पाठ्यक्रम में पढ़ाई कर रही है।
- प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष में 10 महीनों तक हर महीने छात्रवृत्ति दी जाती है। इसकी राशि पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग होती है:
- बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को 10 महीनों तक हर महीने ₹500 यानी हर साल ₹5,000 मिलते हैं।
- तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को 10 महीनों तक हर महीने ₹750 यानी हर साल ₹7,500 मिलते हैं।
- छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्रा के अपने बैंक खाते में जमा की जाती है। इसके लिए किसी व्यक्ति के माध्यम से राशि देने की जरूरत नहीं होती है।
- छात्रा को स्नातक पाठ्यक्रम के हर वर्ष छात्रवृत्ति मिलती है, केवल एक बार नहीं। इसके लिए उसका नियमित रूप से पाठ्यक्रम में नामांकित रहना और योजना की शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
- यह एक प्रोत्साहन योजना है, इसलिए छात्रा इसके साथ केंद्र या राज्य सरकार की अन्य छात्रवृत्तियों का लाभ भी ले सकती है। गांव की बेटी योजना का लाभ लेने से वह किसी अन्य पात्र योजना के लाभ से वंचित नहीं होती है।
- सरकारी और गैर-सरकारी यानी मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं। यह सुविधा केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं है।
- आवेदन के किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
पात्रताएं
मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना के तहत छात्रवृत्ति पाने के लिए आवेदक को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तय की गई शर्तों को पूरा करना होगा। योजना के आधिकारिक नियमों में बताई गई पात्रता की शर्तें नीचे दी गई हैं।
- आवेदक मध्य प्रदेश की निवासी होनी चाहिए।
- आवेदक मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली होनी चाहिए।
- आवेदक ने 12वीं कक्षा कम से कम 60% अंकों के साथ पास की हो।
- योजना की शर्त के अनुसार, आवेदक ने 12वीं कक्षा अपने गांव के स्कूल से पास की हो।
- वह किसी सरकारी या गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रही होनी चाहिए।
- सभी वर्गों की छात्राएं इस योजना के लिए पात्र हैं। इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की छात्राएं शामिल हैं। इस योजना में जाति के आधार पर कोई पाबंदी नहीं है।
- आवेदक को योजना की लागू शर्तों को पूरा करना होगा और गांव की बेटी प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
- योजना के आधिकारिक पात्रता नियमों में परिवार की आय की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। गरीबी रेखा से नीचे होने की शर्त भी लागू नहीं है।
स्नातकोत्तर की छात्राओं के लिए पात्रता: मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा सम्मेलन 2026 में घोषणा की थी कि स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। हालांकि, स्नातकोत्तर की छात्राओं के लिए पात्रता की नई शर्तों की पुष्टि अभी तक सत्यापित आधिकारिक दिशा-निर्देशों के माध्यम से नहीं की गई है।

आवश्यक दस्तावेज
गांव की बेटी योजना का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने से पहले आवेदकों को नीचे दिए गए दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इनके बिना आवेदन फॉर्म पूरा नहीं किया जा सकता है।
- समग्र पहचान संख्या, जिसके लिए समग्र पोर्टल पर ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए।
- जिस कॉलेज में छात्रा पढ़ाई कर रही है, उसका वर्तमान कॉलेज कोड और शाखा कोड।
- आवेदक की पासपोर्ट आकार की फोटो।
- ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होने की पुष्टि करने वाला गांव की बेटी प्रमाण पत्र।
- 12वीं कक्षा की अंकसूची, जिसमें 60% या उससे अधिक अंक दर्ज हों।
- छात्रा के बैंक खाते का विवरण, ताकि छात्रवृत्ति की राशि सीधे उसके खाते में जमा की जा सके।
- पोर्टल पर ओटीपी से सत्यापन करने के लिए चालू 10 अंकों का मोबाइल नंबर।
आवेदन प्रक्रिया
गांव की बेटी योजना के लिए आवेदन करने की इच्छुक छात्राओं को ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। उच्च शिक्षा विभाग ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं करता है।
- मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 पर जाएं: hescholarship.mp.gov.in।
- यदि आपने अभी तक समग्र पोर्टल पर ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, तो पहले इसे पूरा करें। इसके बिना आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती है।
- अपनी समग्र पहचान संख्या का उपयोग करके पोर्टल पर पंजीकरण करें।
- आपके मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से अपने चालू 10 अंकों के मोबाइल नंबर का सत्यापन करें।
- पंजीकरण के बाद मिली उपयोगकर्ता पहचान संख्या और कूटशब्द की मदद से पोर्टल पर प्रवेश करें।
- अपने मुख्य पृष्ठ पर योजनाओं की सूची में से "गांव की बेटी योजना" चुनें।
- आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, संपर्क विवरण, शैक्षणिक जानकारी और बैंक खाते का विवरण भरें।
- अपने वर्तमान कॉलेज का कोड और शाखा कोड सही-सही भरें, क्योंकि इन्हीं के आधार पर आवेदन आपके कॉलेज को भेजा जाता है।
- अपनी फोटो और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और अपने शैक्षणिक सत्र की अंतिम तिथि से पहले उसे लॉक करना न भूलें।
- आवेदन मंजूर होने से पहले आपके कॉलेज या विश्वविद्यालय के प्राचार्य की स्वीकृति जरूरी है। इसलिए आवेदन जमा करने के बाद स्वीकृति मिलने की प्रतीक्षा करें।
- आवेदन जमा करने के बाद पोर्टल पर दिए गए स्थिति जांचने के विकल्प से अपने आवेदन की स्थिति देखें।
आवेदन की अंतिम तिथि
उच्च शिक्षा विभाग ने उन छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 दोबारा खोल दिया है, जिन्हें पिछले शैक्षणिक सत्रों में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। प्रत्येक सत्र के लिए आवेदन की अलग-अलग अंतिम तिथि तय की गई है। इसलिए छात्राओं को अपने प्रवेश वाले शैक्षणिक सत्र के अनुसार तय अंतिम तिथि से पहले आवेदन करना होगा।
| शैक्षणिक सत्र | आवेदन की अंतिम तिथि |
|---|---|
| 2023-24 | 14 अक्टूबर 2026 |
| 2024-25 | 21 अक्टूबर 2026 |
| 2025-26 | 28 अक्टूबर 2026 |
- इन तिथियों के भीतर नए आवेदन और छात्रवृत्ति के नवीनीकरण, दोनों के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
- आवेदन केवल छात्रवृत्ति पोर्टल 2.0 के माध्यम से ही जमा किए जाने चाहिए।
- ये तिथियां ऊपर बताए गए तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए लागू हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अभी तक आवेदन की कोई अवधि घोषित नहीं की गई है।
महत्वपूर्ण लिंक
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना के पुराने उपयोगकर्ताओं के लिए आवेदन
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना के नए उपयोगकर्ताओं के लिए आवेदन
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना में प्रवेश करें
- मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का पोर्टल
- मध्य प्रदेश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना के दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग का फोन नंबर: 0755-2551698
- मध्य प्रदेश गांव की बेटी योजना की सहायता के लिए ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गांव की बेटी योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 2005 में शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की पात्र छात्राओं को 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पात्र छात्राओं को सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हर साल ₹5,000 और पात्र तकनीकी तथा चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हर साल ₹7,500 की छात्रवृत्ति दी जाती है।
मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली वे छात्राएं आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने 12वीं कक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त किए हों और स्कूल, प्रमाण पत्र तथा उच्च शिक्षा से जुड़ी निर्धारित शर्तों को पूरा करती हों।
हां। सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पात्र छात्राएं योजना की अन्य शर्तों को पूरा करने पर आवेदन कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री युवा सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। हालांकि, स्नातकोत्तर की छात्राओं के लिए पात्रता की नई शर्तों और छात्रवृत्ति की राशि की पुष्टि अभी तक सत्यापित संशोधित सरकारी दिशा-निर्देशों के माध्यम से नहीं की गई है।
मौजूदा पात्रता शर्तों के अनुसार, आवेदक को 12वीं कक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त करने होंगे। इसके साथ ही योजना की अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करना जरूरी है।
पात्र छात्राएं मध्य प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए उन्हें पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जरूरी जानकारी भरनी होगी, दस्तावेज अपलोड करने होंगे और जांच के लिए आवेदन जमा करना होगा।
योजना से संबंधित उच्च शिक्षा विभाग द्वारा साझा किए गए पोस्टर में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए 14 अक्टूबर 2026, सत्र 2024-25 के लिए 21 अक्टूबर 2026 और सत्र 2025-26 के लिए 28 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि दी गई है। आवेदकों को संबंधित सत्र की अंतिम तिथि और आवेदन के विकल्प की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर कर लेनी चाहिए।
योजना के आधिकारिक पात्रता नियमों में परिवार की आय की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। अलग-अलग वेबसाइटों पर बताई जा रही आय सीमा की शर्तें योजना की प्रकाशित पात्रता शर्तों में शामिल नहीं हैं।
हां। यह आधिकारिक रूप से एक प्रोत्साहन योजना है। इसलिए छात्रा गांव की बेटी योजना का लाभ लेते हुए अन्य सरकारी छात्रवृत्तियों का लाभ भी ले सकती है। इससे गांव की बेटी योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति पर कोई असर नहीं पड़ता है।
यह छात्रवृत्ति केवल एक बार नहीं, बल्कि हर साल दी जाती है। इसके लिए पाठ्यक्रम के प्रत्येक वर्ष छात्रवृत्ति का नवीनीकरण कराना जरूरी है। नवीनीकरण के लिए आवेदन उसी पोर्टल पर किया जाता है, जिस पर विभाग द्वारा तय की गई अवधि के दौरान नए आवेदन जमा किए जाते हैं।
नहीं। समग्र पोर्टल पर ई-केवाईसी पूरी होने तक आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती है। इसलिए आवेदन की अंतिम तिथि से काफी पहले ई-केवाईसी पूरी कर लेनी चाहिए।
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