- पहले चरण में ₹1 लाख और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का बिना जमानत का ऋण दिया जाता है।
- ऋण 5% ब्याज दर पर दिया जाता है।
- लाभार्थी को ₹500 प्रतिदिन के स्टाइपेंड के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है।
- उन्नत औजार और किट खरीदने के लिए ₹15,000 तक की सहायता दी जाती है।
- पहले और दूसरे चरण के ऋण को चुकाने की अवधि क्रमशः 18 महीने और 30 महीने है।
- हर महीने 100 तक डिजिटल लेनदेन पर प्रति लेनदेन ₹1 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना हेल्पलाइन नंबर :-
- 18002677777.
- 17923.
- 011-23061574.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी नम्बर :- 011-23061176.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी ईमेल :- [email protected].
- पीएम विश्वकर्मा योजना राज्य वार संपर्क नम्बर।
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 17 सितंबर 2023 |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | योजना में शामिल 18 पारंपरिक कामों में से किसी एक में काम करने वाले कारीगर और शिल्पकार |
| नोडल विभाग | सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन |
योजना के बारे में
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई मंत्रालय) की केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जो पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र कारीगरों को अपने कौशल को बेहतर बनाने, आधुनिक औजार प्राप्त करने, कम ब्याज पर ऋण लेने और बेहतर बाजारों से जुड़ने के लिए शुरुआत से लेकर अंत तक सहायता दी जाती है। इसमें 18 पारंपरिक काम शामिल हैं। सफल सत्यापन के बाद कारीगरों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के माध्यम से मान्यता दी जाती है।
योजना के तहत पात्र कारीगरों को कई सीधे लाभ मिलते हैं। इनमें ₹15,000 तक की औजार खरीद सहायता, बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड और ₹1,000 का यात्रा भत्ता शामिल है। कारीगरों को हर महीने अधिकतम 100 पात्र डिजिटल लेनदेन पर प्रति लेनदेन ₹1 की प्रोत्साहन राशि भी मिल सकती है। इसके अलावा, गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों, विज्ञापन और प्रचार के माध्यम से बाजार से जुड़ने में सहायता दी जाती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रमुख लाभों में बिना किसी जमानत के ₹3 लाख तक की ऋण सहायता शामिल है। यह ऋण दो चरणों में दिया जाता है, जिसमें पहले चरण में ₹1 लाख तक और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का ऋण मिलता है। लाभार्थी को 5% की रियायती ब्याज दर पर ऋण मिलता है, जबकि सरकार 8% तक की ब्याज सहायता देती है। पात्र ऋण के लिए ऋण गारंटी शुल्क भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
यह योजना 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए उपलब्ध है, जो 18 निर्धारित पारंपरिक कामों में से किसी एक में अपने हाथों और औजारों से काम करते हैं। आवेदन के समय व्यक्ति का संबंधित काम से जुड़ा होना और असंगठित क्षेत्र में स्वयं अपना काम करना आवश्यक है। एक परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना के तहत पंजीकरण कर सकता है। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
आवेदकों को पहले लिए गए ऋण से जुड़ी निर्धारित शर्तों को भी पूरा करना होता है। जिस व्यक्ति ने पिछले पांच वर्षों के दौरान केंद्र या राज्य सरकार की ऐसी किसी ऋण आधारित स्वरोजगार या व्यवसाय विकास योजना का लाभ लिया है, वह सामान्यतः पात्र नहीं होता। इसमें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि और मुद्रा जैसी योजनाओं के तहत मिली ऋण सहायता शामिल है, हालांकि यह प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के दिशा-निर्देशों में दी गई विशेष शर्तों के अधीन है। जिन आवेदकों ने पीएम स्वनिधि या मुद्रा ऋण पूरी तरह चुका दिया है, वे अन्य शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकते हैं।
पात्र कारीगर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएससी संचालक आधार ओटीपी और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करता है और आवेदक की व्यक्तिगत, पारिवारिक, पता, काम और बैंक से जुड़ी जानकारी दर्ज करता है। इसके बाद आवेदन निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है। योजना के तहत पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है और आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद पंजीकरण संख्या जारी की जाती है।
योजना के लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पात्र कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, औजार खरीदने के लिए सहायता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद करती है।
- बिना किसी जमानत के ₹3 लाख तक का ऋण दो चरणों में 5% ब्याज दर पर दिया जाता है।
- ई-वाउचर के माध्यम से ₹15,000 तक की औजार खरीद सहायता दी जाती है।
- बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
- सफल जांच के बाद प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र जारी किया जाता है।
- प्रशिक्षण के लिए ₹1,000 का यात्रा भत्ता दिया जाता है।
- हर पात्र डिजिटल लेनदेन पर ₹1 की प्रोत्साहन राशि, अधिकतम 100 लेनदेन प्रति माह तक, सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
- योजना के तहत दिए गए ऋण का ऋण गारंटी शुल्क सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
- गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग, ऑनलाइन बिक्री और अन्य प्रचार गतिविधियों के लिए सहायता दी जाती है।
- कारीगरों को व्यापार मेलों, विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के लिए भी सहायता मिल सकती है, जिससे वे अपने उत्पादों को अधिक लोगों तक पहुंचा सकें।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा ऋण का विवरण
योजना के तहत पात्र कारीगरों को अपना काम बढ़ाने या मजबूत करने के लिए बिना किसी जमानत के व्यवसाय ऋण दिया जाता है। यह ऋण तय शर्तों के अनुसार दो चरणों में दिया जाता है।
- पहले चरण में ₹1 लाख तक का ऋण दिया जाता है, जिसे 18 महीने में चुकाना होता है।
- दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का ऋण दिया जाता है, जिसे 30 महीने में चुकाना होता है।
- लाभार्थी को यह ऋण 5% की कम ब्याज दर पर मिलता है।
- सरकार ब्याज पर 8% तक की सहायता देती है।
- ऋण लेने के लिए किसी जमानत की जरूरत नहीं होती है।
- ऋण की गारंटी का शुल्क सरकार द्वारा दिया जाता है।
- पहले चरण का ऋण चुकाने और तय शर्तें पूरी करने के बाद ही दूसरे चरण का ऋण लिया जा सकता है। इसके लिए पहले ऋण की राशि मिलने के बाद तय समय पूरा होना भी जरूरी है।
पात्रताएं
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण करने के लिए आवेदक को तय की गई पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। इसमें उम्र, पारंपरिक काम, स्वयं का काम, पहले लिए गए ऋण और परिवार के सदस्य से जुड़ी शर्तें शामिल हैं।
- पंजीकरण के समय आवेदक भारत का नागरिक और उसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक को योजना में शामिल 18 पारंपरिक कामों में से किसी एक में हाथ और औजारों से काम करना चाहिए।
- पंजीकरण के समय आवेदक संबंधित काम कर रहा होना चाहिए और असंगठित क्षेत्र में अपना काम करता होना चाहिए।
- आवेदक ने पिछले 5 वर्षों के दौरान केंद्र या राज्य सरकार की किसी ऐसी योजना के तहत स्वरोजगार या व्यवसाय बढ़ाने के लिए ऋण नहीं लिया होना चाहिए, जिसमें ऋण दिया जाता है।
- इसमें पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि और मुद्रा जैसी योजनाओं के तहत लिए गए ऋण शामिल हैं।
- 5 वर्षों की अवधि ऋण स्वीकृत होने की तारीख से गिनी जाती है।
- जिन आवेदकों ने अपना पीएम स्वनिधि या मुद्रा ऋण पूरी तरह चुका दिया है, वे योजना की अन्य शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकते हैं।
- एक परिवार का केवल एक सदस्य ही योजना के तहत पंजीकरण कर सकता है। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
- सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य योजना के तहत पंजीकरण नहीं कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत शामिल पारंपरिक काम
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक काम शामिल हैं। इन कामों से जुड़े कारीगर और शिल्पकार तय पात्रता शर्तें पूरी करने पर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- बढ़ई (सुथार)
- नाव बनाने वाला
- कवच बनाने वाला
- लोहार
- हथौड़ा और औजार बनाने वाला
- ताला बनाने वाला
- सुनार
- कुम्हार
- मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला) और पत्थर तोड़ने वाला
- मोची/चर्मकार/जूते बनाने वाला कारीगर
- राजमिस्त्री
- टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाला तथा जूट बुनकर
- गुड़िया और खिलौने बनाने वाला (पारंपरिक)
- नाई
- माला बनाने वाला (मालाकार)
- धोबी
- दर्जी
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला
आवश्यक दस्तावेज
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए पंजीकरण करते समय आवेदक को अपनी पहचान, परिवार और बैंक खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होती है। पंजीकरण सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से किया जाता है, जहां दी गई जानकारी की जांच की जाती है।
- आवेदक का आधार कार्ड।
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर।
- आवेदक के बैंक खाते का विवरण।
- राशन कार्ड।
- यदि आवेदक के पास राशन कार्ड नहीं है, तो परिवार के सभी सदस्यों का आधार विवरण देना होगा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदक को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होती है। आवेदक सीएससी पर आधार और बैंक खाते की जानकारी देता है, जहां बायोमेट्रिक पहचान और जानकारी की जांच पूरी की जाती है।
आवेदन प्रक्रिया
पात्र कारीगर और शिल्पकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आधार की पहचान जांच के बाद सीएससी संचालक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करता है और आवेदक की जरूरी जानकारी दर्ज करता है।
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के पंजीकरण के लिए नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाएं।
- सीएससी संचालक सीएससी उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल पर प्रवेश करता है।
- प्रवेश सूची में "सीएससी-कारीगर पंजीकरण" विकल्प चुनें।
- परिवार में सरकारी कर्मचारी होने और इसी तरह की सरकारी योजनाओं के तहत पहले लिए गए ऋण या ऋण सुविधा से जुड़ी जरूरी पात्रता जानकारी की पुष्टि करें।
- आवेदक का आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करें और ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
- आधार की बायोमेट्रिक पहचान जांच पूरी करें।
- जरूरी व्यक्तिगत और संपर्क जानकारी दर्ज करें। नाम, पिता या पति/पत्नी का नाम, जन्म तिथि और लिंग जैसी कुछ जानकारी आधार से अपने आप प्राप्त हो जाती है।
- परिवार से जुड़ी जरूरी जानकारी दें। परिवार की जानकारी लेने के लिए राशन कार्ड का उपयोग किया जा सकता है। यदि राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज की जा सकती है।
- आधार में दर्ज पते की जांच करें और यदि वर्तमान पता अलग है, तो वर्तमान पता दर्ज करें।
- आवेदक का काम या पेशा चुनें और काम की जगह से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज करें।
- बैंक खाते की जानकारी दें, जिसमें बैंक का नाम, आईएफएससी कोड, शाखा का नाम और खाता संख्या शामिल है।
- ऋण सहायता की जरूरत है या नहीं, यह चुनें और यदि जरूरी हो तो ऋण से जुड़ी जानकारी दें।
- डिजिटल लेनदेन पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए, यदि उपलब्ध हो, तो यूपीआई आईडी और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर दें।
- योजना के तहत मिलने वाले कौशल प्रशिक्षण और औजार सहायता की जानकारी पढ़ें।
- जरूरी बाजार सहायता का विकल्प चुनें।
- घोषणा और नियम एवं शर्तों को स्वीकार करें।
- सभी जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद "जमा करें" बटन पर क्लिक करें।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद पंजीकरण संख्या जारी की जाती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। जिन कारीगरों को सहायता की आवश्यकता है, वे अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- पीएम विश्वकर्मा योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र।
- पीएम विश्वकर्मा योजना पंजीकरण।
- पीएम विश्वकर्मा योजना आधिकारिक वेबसाइट।
- पीएम विश्वकर्मा योजना दिशानिर्देश।
- पीएम विश्वकर्मा योजना मोबाइल एप्प।
- पीएम विश्वकर्मा योजना के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।
संपर्क जानकारी
- पीएम विश्वकर्मा योजना हेल्पलाइन नंबर :-
- 18002677777.
- 17923.
- 011-23061574.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी नम्बर :- 011-23061176.
- पीएम विश्वकर्मा योजना नोडल अधिकारी ईमेल :-
- पीएम विश्वकर्मा योजना राज्य वार संपर्क नम्बर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके तहत 18 पारंपरिक कामों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, औजार खरीदने के लिए सहायता, बिना जमानत का ऋण, डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन राशि और बाजार से जुड़ने के लिए सहायता दी जाती है।
18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक, जो 18 निर्धारित पारंपरिक कामों में से किसी एक में अपने हाथों और औजारों से काम करते हैं और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना में 18 पारंपरिक काम शामिल हैं। इनमें बढ़ई, नाव बनाने वाला, धातु का काम करने वाला, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, दर्जी, नाई और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला आदि शामिल हैं।
पात्र कारीगर और शिल्पकार सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। सीएससी संचालक प्रधानमंत्री विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करता है।
हां। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है।
पात्र लाभार्थियों को ₹3 लाख तक का बिना जमानत का व्यवसाय ऋण दो चरणों में मिल सकता है। पहले चरण में ₹1 लाख तक और दूसरे चरण में ₹2 लाख तक का ऋण दिया जाता है।
लाभार्थी को 5% की कम ब्याज दर पर ऋण मिलता है। योजना के तहत सरकार निर्धारित नियमों के अनुसार 8% तक की ब्याज सहायता देती है।
पात्र कारीगरों को निर्धारित कौशल जांच पूरी करने के बाद ई-वाउचर के माध्यम से ₹15,000 तक की औजार खरीद सहायता मिल सकती है।
लाभार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड दिया जाता है। प्रशिक्षण के लिए ₹1,000 का यात्रा भत्ता भी दिया जाता है।
योजना के तहत हर पात्र डिजिटल लेनदेन पर ₹1 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह लाभ हर महीने अधिकतम 100 लेनदेन तक मिल सकता है।
नहीं। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र नहीं हैं।
नहीं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत एक परिवार का केवल एक सदस्य ही पंजीकरण कर सकता है। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
जिस व्यक्ति का पीएम स्वनिधि या मुद्रा ऋण अभी बाकी है, वह आवेदन नहीं कर सकता। जिसने ऐसा ऋण पूरी तरह चुका दिया है, वह योजना की अन्य शर्तें पूरी करने पर पात्र हो सकता है।
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