राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Thu, 16/07/2026 - 16:25
Bhajan Lal Sharma CM Rajasthan
Scheme Open
राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना
हाइलाइट
  • ₹25,000 से ₹2 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण।
  • ग्रामीण क्षेत्रों की गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा।
  • राजस्थान सरकार द्वारा 10.25% तक का ब्याज अनुदान।
  • जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां  फोन नंबर: 01412740045, 01412740737
  • द सिरोही सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सिरोही फोन नंबर : 02972222349
  • बैंक कार्यालय: 02972221343  
योजना का सारांश
योजना का नामराजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना
नोडल विभागसहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार
कार्यान्वयन एजेंसियांराजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंक राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंक
लाभगैर-कृषि आजीविका गतिविधियों के लिए ₹25,000 से ₹2,00,000 तक का ब्याज मुक्त ऋण
लाभार्थीराजस्थान के पात्र ग्रामीण परिवार
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमसएसओ राजस्थान पोर्टल के माध्यम से

योजना के बारे में

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना राजस्थान सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023–24 के बजट के अंतर्गत शुरू की गई एक प्रमुख ऋण योजना है। इस योजना का उद्देश्य सहकारी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से पात्र ग्रामीण परिवारों को ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक परिवार अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। लेकिन केवल खेती से होने वाली आय अक्सर पर्याप्त नहीं होती। आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसके तहत हस्तशिल्प, सिलाई, बुनाई, रंगाई एवं छपाई, लघु विनिर्माण इकाइयाँ, खुदरा दुकानें तथा अन्य ग्रामीण गैर-कृषि व्यवसायों जैसी आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से ₹25,000 से ₹2,00,000 तक का ब्याज मुक्त ऋण प्राप्त कर सकते हैं। यह ऋण सामान्य अवधि वाले ऋण (Term Loan) के बजाय नवीकरणीय साख सीमा (Renewable Credit Limit) के रूप में स्वीकृत किया जाता है। यदि उधारकर्ता एक वर्ष के भीतर बकाया ऋण राशि का भुगतान कर समय पर अपनी साख सीमा का नवीनीकरण करवा देता है, तो राजस्थान सरकार बैंक को ब्याज अनुदान प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी को ब्याज मुक्त ऋण का लाभ मिलता है।

यह योजना लघु एवं सीमांत किसानों, भूमिहीन कृषि श्रमिकों, ग्रामीण कारीगरों, शिल्पकारों, दुकानदारों, राजीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों, उत्पादक समूहों तथा अन्य पात्र ग्रामीण परिवारों को भी सहायता प्रदान करती है, जो अपनी आय बढ़ाने के लिए नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं।

इस योजना के कार्यान्वयन के लिए सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है, जबकि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCBs) ऋण स्वीकृत करने और उसका वितरण करने के लिए जिम्मेदार हैं। आवेदन राजस्थान सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाते हैं। इसके बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाता है और अंतिम स्वीकृति के लिए संबंधित जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा को भेजा जाता है।

उद्देश्य

इस योजना को निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए शुरू किया गया है:

  • पात्र ग्रामीण परिवारों को गैर-कृषि आजीविका गतिविधियाँ शुरू करने या उनका विस्तार करने के लिए ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना।
  • गांवों में स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना तथा केवल कृषि पर निर्भरता को कम करना।
  • स्थायी व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना।
  • हस्तशिल्प, बुनाई, सिलाई, रंगाई, छपाई, ग्रामीण दुकानें तथा अन्य लघु ग्रामीण उद्योगों जैसे पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देना।
  • जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से सुलभ ऋण उपलब्ध कराकर सहकारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाना।
  • पात्र ग्रामीण परिवारों को समय पर ऋण चुकौती एवं वार्षिक साख सीमा नवीनीकरण की शर्त पूरी करने पर बिना ब्याज के व्यवसाय हेतु ऋण उपलब्ध कराना।
  • पात्र ग्रामीण परिवारों को निजी साहूकारों पर निर्भर रहने के बजाय औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से ऋण उपलब्ध कराकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना।

योजना के लाभ

इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • स्वीकृत गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों के लिए ₹25,000 से ₹2,00,000 तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
  • राजस्थान सरकार समय पर ऋण चुकौती एवं साख सीमा के वार्षिक नवीनीकरण की शर्त पर 10.25% तक का ब्याज अनुदान प्रदान करती है।
  • ऋण जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (District Central Cooperative Banks) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिक बैंकिंग ऋण की सुविधा सुलभ होती है।
  • योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृत करने पर लाभार्थी से कोई प्रोसेसिंग शुल्क (Processing Fee) नहीं लिया जाता।
  • ऋण नवीकरणीय साख सीमा (Renewable Credit Limit) के रूप में स्वीकृत किया जाता है, जिससे लाभार्थी प्रत्येक वर्ष सफलतापूर्वक नवीनीकरण कराने के बाद बिना नया आवेदन किए दोबारा ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • हस्तशिल्प, लघु विनिर्माण इकाइयाँ, सिलाई, बुनाई, रंगाई, छपाई, खुदरा दुकानें तथा अन्य समान व्यवसायों सहित अनेक आय-सृजन गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
  • निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राजीविका स्वयं सहायता समूह (SHGs), उत्पादक समूह (Producer Groups) तथा व्यवसाय समूह (Business Groups) के पात्र सदस्य भी इस योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
  • यह योजना ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय अर्जित करने तथा उनकी दीर्घकालिक आजीविका को मजबूत बनाने में सहायता करती है।
  • समय पर ऋण चुकौती करने पर लाभार्थी बैंक के नवीनीकरण नियमों के अनुसार भविष्य में भी ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त करते रह सकते हैं

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना के अंतर्गत पात्र गतिविधियाँ

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना मुख्य रूप से ऐसी गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देती है, जो ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में सहायक हों। इस योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण का उपयोग नया व्यवसाय शुरू करने या पहले से संचालित व्यवसाय का विस्तार करने के लिए किया जा सकता है, बशर्ते संबंधित गतिविधि योजना के अंतर्गत पात्र हो तथा संबंधित सहकारी बैंक द्वारा स्वीकृत की गई हो।

इस योजना के अंतर्गत शामिल प्रमुख गतिविधियाँ निम्नलिखित हैं:

  • हस्तशिल्प एवं पारंपरिक शिल्प कार्य
  • लघु विनिर्माण इकाइयाँ
  • सिलाई एवं परिधान निर्माण कार्य
  • बुनाई एवं कताई कार्य
  • रंगाई एवं छपाई कार्य
  • ग्रामीण क्षेत्र की खुदरा दुकानें
  • ग्रामीण सेवा आधारित व्यवसाय
  • कुटीर उद्योग
  • बैंक द्वारा स्वीकृत अन्य पात्र गैर-कृषि आय-सृजन गतिविधियाँ

इन गतिविधियों के अतिरिक्त, लाभार्थी भारत सरकार, राजस्थान सरकार अथवा नाबार्ड (NABARD) की पात्र गैर-कृषि क्षेत्र की योजनाओं के अंतर्गत भी ऋण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला ब्याज अनुदान अधिकतम ₹2 लाख की ऋण राशि तक ही देय होगा।

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना के अंतर्गत ऋण राशि

पात्र लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत ₹25,000 से ₹2,00,000 तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

योजना के अंतर्गत ऋण निम्नलिखित श्रेणियों में स्वीकृत किया जाता है:

श्रेणी
ऋण राशि
श्रेणी-I
₹50,000 तक
श्रेणी II
₹50,001 तक₹1,00,000
श्रेणी III
₹1,00,001 से ₹2,00,000 तक

ऋण की वास्तविक राशि का निर्धारण सहकारी बैंक द्वारा आवेदक के प्रस्तावित व्यवसाय, निवेश की आवश्यकता, कार्यशील पूंजी (Working Capital) की आवश्यकता तथा ऋण चुकाने की क्षमता का आकलन करने के बाद किया जाता है।

सामान्य अवधि वाले ऋण (Term Loan) के विपरीत, स्वीकृत संपूर्ण राशि नवीकरणीय साख सीमा (Renewable Credit Limit) के रूप में उपलब्ध कराई जाती है, जिससे लाभार्थी स्वीकृत व्यवसाय के लिए आवश्यकता अनुसार राशि का उपयोग कर सकते हैं।

योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ राजस्थान सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला ब्याज अनुदान है।

सामान्य परिस्थितियों में बैंक इस ऋण पर अधिकतम 10.25% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज वसूलता है। लेकिन यदि उधारकर्ता योजना की सभी शर्तों का पालन करता है, तो इस ब्याज का भुगतान राजस्थान सरकार सीधे बैंक को करती है।

इसका अर्थ है कि लाभार्थी को ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता।

ब्याज अनुदान का लाभ केवल निम्नलिखित परिस्थितियों में उपलब्ध होगा:

  • उधारकर्ता एक वर्ष के भीतर बकाया ऋण राशि का भुगतान कर दे।
  • साख सीमा का समय पर नवीनीकरण कराया जाए।
  • उधारकर्ता योजना की सभी शर्तों एवं नियमों का पालन करे।

राज्य सरकार ने भविष्य में भी इस योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान जारी रखने के लिए राज्य बजट में आवश्यक प्रावधान करने की व्यवस्था की है, जो योजना के जारी रहने पर निर्भर करेगी।

ब्याज मुक्त साख सीमा कैसे कार्य करती है?

अधिकांश लोग यह समझते हैं कि इस योजना के अंतर्गत सामान्य व्यवसायिक ऋण दिया जाता है, जिसकी मासिक किस्तों (EMIs) के माध्यम से कई वर्षों तक भुगतान किया जाता है। लेकिन यह योजना सामान्य व्यवसायिक ऋण से अलग तरीके से कार्य करती है।

इस योजना के अंतर्गत बैंक एक बार का टर्म लोन (Term Loan) स्वीकृत करने के बजाय नवीकरणीय साख सीमा (Renewable Credit Limit) स्वीकृत करता है।

इसका अर्थ है कि आप अपने व्यवसाय की आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत ऋण राशि का उपयोग कर सकते हैं। एक वर्ष पूरा होने पर आपको बकाया राशि का भुगतान करना होगा तथा अपनी साख सीमा का नवीनीकरण कराना होगा। नवीनीकरण पूरा होने के बाद आप उसी साख सीमा का उपयोग दोबारा अपने व्यवसाय के लिए कर सकते हैं।

सरल उदाहरण

मान लीजिए बैंक आपको ₹2,00,000 की साख सीमा स्वीकृत करता है।

  • आपने सिलाई व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹1,20,000 का उपयोग किया।
  • इस राशि से आपने सिलाई मशीनें और कच्चा माल खरीदा। एक वर्ष पूरा होने से पहले आपने बैंक को ₹1,20,000 की पूरी बकाया राशि वापस जमा कर दी।
  • भुगतान के बाद बैंक ने अगले वर्ष के लिए आपकी साख सीमा का नवीनीकरण कर दिया।

चूंकि आपने समय पर ऋण का भुगतान किया और साख सीमा का नवीनीकरण भी करा लिया:

  • आपको ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा।
  • राजस्थान सरकार पात्र ब्याज अनुदान सीधे बैंक को प्रदान करेगी।
  • आपकी साख सीमा भविष्य में व्यवसाय की आवश्यकता होने पर पुनः उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाएगी।

इस प्रकार, पात्र लाभार्थी बैंक के नवीनीकरण तथा योजना के नियमों के अनुसार प्रत्येक वर्ष नया ऋण आवेदन किए बिना व्यवसाय के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना जारी रख सकते हैं।

यदि साख सीमा का समय पर नवीनीकरण नहीं कराया जाए तो क्या होगा?

यदि उधारकर्ता एक वर्ष के बाद बकाया ऋण राशि का भुगतान नहीं करता है तथा निर्धारित अवधि के भीतर साख सीमा का नवीनीकरण नहीं कराता है, तो:

विलंब अवधि के लिए ब्याज मुक्त सुविधा का लाभ उपलब्ध नहीं होगा। बैंक सामान्य दर से ब्याज वसूल सकता है। बैंक विलंब अवधि के लिए अधिकतम 2% अतिरिक्त दंडात्मक ब्याज (Penal Interest) भी वसूल सकता है।

इसलिए, योजना का लाभ लगातार प्राप्त करने के लिए समय पर ऋण चुकौती करना तथा प्रत्येक वर्ष साख सीमा का नवीनीकरण कराना आवश्यक है।

पात्रता मानदंड

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

1. निवास संबंधी पात्रता

  • आवेदक का परिवार पिछले कम से कम पाँच वर्षों से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत होना चाहिए।
  • परिवार को निर्धारित अवधि तक ग्रामीण क्षेत्र में निरंतर निवास का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।

इस योजना के उद्देश्य से परिवार में जन आधार कार्ड में दर्ज निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे:

  • पति एवं पत्नी
  • आश्रित माता-पिता
  • 25 वर्ष से कम आयु के अविवाहित पुत्र एवं पुत्रियाँ
  • विधवा पुत्रियाँ
  • तलाकशुदा पुत्रियाँ
  • परित्यक्ता पुत्रियाँ

2. पात्र ग्रामीण परिवार

यह योजना कृषि एवं गैर-कृषि दोनों प्रकार के व्यवसायों से जुड़े पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए उपलब्ध है।

पात्र आवेदकों में शामिल हैं:

  • लघु किसान
  • सीमांत किसान
  • भूमिहीन कृषि श्रमिक
  • पट्टेदार किसान (Tenant Farmers)
  • बटाईदार किसान (Sharecroppers)
  • मौखिक पट्टेदार (Oral Tenants)
  • ग्रामीण कारीगर
  • शिल्पकार
  • ग्रामीण दुकानदार
  • अन्य पात्र गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों से जुड़े परिवार

3. एक परिवार से केवल एक आवेदक

  • इस योजना के अंतर्गत एक परिवार के केवल एक वयस्क सदस्य को ही ऋण का लाभ दिया जाएगा।
  • परिवार की पहचान जन आधार कार्ड में उपलब्ध विवरण के आधार पर की जाएगी।

4. व्यवसाय का क्षेत्र

आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • संबंधित बैंक शाखा के सेवा क्षेत्र अथवा जिले का निवासी होना चाहिए।
  • प्रस्तावित व्यवसाय का संचालन चयनित सहकारी बैंक शाखा के सेवा क्षेत्र के अंतर्गत किया जाना चाहिए।

5. आधार अथवा जन आधार

आवेदक के पास निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज होना आवश्यक है:

  • आधार कार्ड, अथवा
  • जन आधार कार्ड।

6. क्रेडिट इतिहास

आवेदक का क्रेडिट रिकॉर्ड संतोषजनक होना चाहिए।

  • ऋण स्वीकृत करने से पहले बैंक आरबीआई द्वारा अधिकृत क्रेडिट सूचना कंपनियों (Credit Information Companies) के माध्यम से आवेदक के क्रेडिट इतिहास का सत्यापन करता है।
  • जिन आवेदकों का क्रेडिट इतिहास प्रतिकूल (Adverse Credit History) पाया जाता है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जा सकते।

7. क्रेडिट कार्ड संबंधी आवश्यकता

  • परिवार के पास किसी लाइसेंस प्राप्त बैंक द्वारा जारी वैध क्रेडिट कार्ड होना चाहिए।
  • यदि परिवार के पास पात्र गैर-कृषि गतिविधियों के लिए उपयुक्त क्रेडिट कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित सहकारी बैंक आवश्यक होने पर क्रेडिट कार्ड जारी कर सकता है।

कौन आवेदन नहीं कर सकता?

सामान्यतः निम्नलिखित आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे:

  • ऐसे परिवार जो पाँच वर्ष के ग्रामीण निवास की शर्त पूरी नहीं करते।
  • एक ही परिवार के एक से अधिक वयस्क सदस्य।
  • जिन आवेदकों का क्रेडिट इतिहास संतोषजनक नहीं है।
  • जिन आवेदकों का प्रस्तावित व्यवसाय बैंक के सेवा क्षेत्र के बाहर है।
  • जो आवेदक योजना में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदकों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। प्रस्तावित व्यवसाय की प्रकृति के आधार पर सहकारी बैंक अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होते हैं:

  • पहचान प्रमाण
  • आधार कार्ड
  • जन आधार कार्ड (जहाँ लागू हो)
  • पता प्रमाण

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में निवास दर्शाने वाला कोई भी वैध दस्तावेज, जैसे:

  • राशन कार्ड
  • मतदाता पहचान पत्र
  • भूमि अभिलेख
  • बैंक द्वारा स्वीकार किया गया अन्य वैध दस्तावेज
  • निवास प्रमाण

ऐसा प्रमाण, जिससे यह सिद्ध हो कि आवेदक का परिवार पिछले कम से कम पाँच वर्षों से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहा है।

  • व्यवसाय / परियोजना संबंधी दस्तावेज
  • प्रस्तावित व्यवसाय का विवरण
  • परियोजना की अनुमानित लागत
  • लागत संबंधी कोटेशन
  • मशीनरी अथवा उपकरणों के कोटेशन (जहाँ लागू हो)
  • कार्यशील पूंजी (Working Capital) की आवश्यकता
  • केवाईसी (KYC) दस्तावेज

आवेदक को सत्यापन के लिए सभी मूल KYC दस्तावेज तथा उनकी स्वयं सत्यापित (Self-Attested) प्रतियां जमा करनी होंगी।

बैंक से संबंधित दस्तावेज (ऋण स्वीकृति के बाद)

ऋण स्वीकृत होने के बाद उधारकर्ता को निम्नलिखित दस्तावेज निष्पादित (Execute) करने पड़ सकते हैं:

  • ऋण स्वीकृति पत्र (Loan Acceptance Letter)
  • ऋण अनुबंध (Loan Agreement)
  • डिमांड प्रॉमिसरी नोट (Demand Promissory Note)
  • टाइम प्रॉमिसरी नोट (Time Promissory Note)
  • हाइपोथिकेशन डीड (Hypothecation Deed)
  • गारंटी बॉन्ड (जहाँ लागू हो)
  • उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilisation Certificate)
  • कंटिन्यूटी लेटर (Continuity Letter)
  • पोस्ट-डेटेड चेक
  • संबंधित सहकारी बैंक द्वारा आवश्यक अन्य दस्तावेज

स्वीकृत परियोजना तथा बैंक की आंतरिक ऋण प्रक्रिया के अनुसार बैंक आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

आवेदन करने की प्रक्रिया

पात्र आवेदक एसएसओ राजस्थान (SSO Rajasthan) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुरू करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में तैयार रखें तथा यह सुनिश्चित कर लें कि आपके आधार, जन आधार और बैंक खाते से संबंधित सभी जानकारी सही है।

आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।

  • चरण 1: एसएसओ राजस्थान पोर्टल पर जाएं
    • अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर में कोई भी वेब ब्राउज़र खोलें और एसएसओ राजस्थान (SSO Rajasthan) पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

SSO Portal

  • अपनी SSO ID, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।
  • यदि आपके पास SSO ID नहीं है, तो आवेदन शुरू करने से पहले अपनी SSO ID बना लें।
  • लॉगिन करने के बाद Citizen Apps सेक्शन खोलें।
  • इसके बाद Search बॉक्स में "Sahkari Gramin Parivar Aajeevika Loan Yojana" खोजें और योजना दिखाई देने पर उस पर क्लिक करें।

Search for Sahkari Gramin Parivar Aajeevika Rin Yojana

  • अब आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए "Apply for Loan" पर क्लिक करें।
Click on Apply for Loan
  • चरण 2: आवेदक की जानकारी भरें

Application for Sahkari Gramin Parivar Aajeevika Rin Yojana

  • यदि आप किसान हैं, तो सबसे पहले यह बताएं कि आपके पास कृषि भूमि है या नहीं।
  • आपसे निम्नलिखित जानकारी मांगी जा सकती है:
    • कुल भूमि का विवरण
    • सिंचित एवं असिंचित भूमि का विवरण
    • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) नंबर (यदि उपलब्ध हो)
    • KCC जारी करने वाले बैंक का नाम
    • शाखा का नाम
    • वर्तमान ऋण राशि (यदि लागू हो)
    • यदि आपके पास KCC नहीं है या यह जानकारी लागू नहीं होती है, तो "No" का विकल्प चुनें।
    • इसके बाद अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें, जिसमें शामिल है:
    • आवेदक का नाम
    • जन्म तिथि
    • पिता का नाम
    • श्रेणी
    • वैवाहिक स्थिति
    • लिंग
    • अल्पसंख्यक स्थिति
    • मोबाइल नंबर
    • दिव्यांग स्थिति
    • ईमेल पता
    • वार्षिक आय
    • शैक्षणिक योग्यता
    • आधार नंबर
    • पैन नंबर (यदि उपलब्ध हो)
    • सभी जानकारी भरने के बाद अगले चरण पर जाएं।
  • चरण 3: व्यवसाय एवं पता दर्ज करें
  • जिस व्यवसाय के लिए आप ऋण प्राप्त करना चाहते हैं, उसकी पूरी जानकारी दर्ज करें।
  • निम्नलिखित विवरण भरें:
    • प्रस्तावित व्यवसाय या कार्य
    • संबंधित व्यवसाय का अनुभव
    • जिला
    • ब्लॉक
    • ग्राम पंचायत
    • पूरा आवासीय पता
    • पिन कोड
  • सभी जानकारी सत्यापित करने के बाद Save & Next पर क्लिक करें।
  • चरण 4: परियोजना का विवरण भरें
    • अब अपनी प्रस्तावित परियोजना का पूरा विवरण दर्ज करें।
    • आवेदन में आपको निम्नलिखित जानकारी भरनी होगी:
    • व्यवसाय का प्रकार
    • परियोजना की अनुमानित लागत
    • मशीनरी, उपकरण, कच्चे माल अथवा अन्य व्यावसायिक आवश्यकताओं की लागत
    • कार्यशील पूंजी (Working Capital) की आवश्यकता
    • मदवार (Item-wise) लागत का विवरण
    • यह सुनिश्चित करें कि परियोजना की लागत तथा कोटेशन वास्तविक हों, क्योंकि ऋण प्रक्रिया के दौरान बैंक इनका सत्यापन करेगा।
    • इस चरण को पूरा करने के बाद Save & Next पर क्लिक करें।
  • चरण 5: सहकारी बैंक का चयन करें
    • अब पोर्टल पर आपके बैंक खाते से संबंधित जानकारी दिखाई देगी।
    • आगे बढ़ने से पहले बैंक खाते की जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें।
    • इसके बाद निम्नलिखित का चयन करें:
    • जिला
    • जिला केंद्रीय सहकारी बैंक
    • संबंधित बैंक शाखा
    • अंत में, जितनी ऋण राशि के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उसे दर्ज करें।
    • पात्र आवेदक अपनी आवश्यकता और पात्रता के अनुसार ₹25,000 से ₹2,00,000 तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
    • आगे बढ़ने के लिए Save & Next पर क्लिक करें।
  • चरण 6: जमानतदार की जानकारी दर्ज करें
  • यदि योजना के अंतर्गत आवश्यक हो, तो दो जमानतदारों का विवरण दर्ज करें।
  • प्रत्येक जमानतदार के लिए सामान्यतः निम्नलिखित जानकारी भरनी होगी:
    • नाम
    • आधार नंबर
    • मोबाइल नंबर
    • दोनों जमानतदारों के आधार कार्ड की स्पष्ट PDF प्रति अपलोड करें।
    • ऋण स्वीकृत करने से पहले बैंक आवेदक के साथ-साथ दोनों जमानतदारों की साख (Creditworthiness) का भी सत्यापन कर सकता है।
    • सभी जानकारी भरने के बाद Save & Next पर क्लिक करें।
  • चरण 7: दस्तावेज अपलोड करें एवं आवेदन जमा करें
    • निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
    • सामान्यतः इनमें निम्नलिखित दस्तावेज शामिल होते हैं:
    • राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में पाँच वर्ष के निवास का प्रमाण
    • आधार या जन आधार
    • पैन कार्ड (यदि लागू हो)
    • व्यवसाय से संबंधित कोटेशन
    • परियोजना लागत का अनुमान
    • कार्यशील पूंजी से संबंधित दस्तावेज
    • संबंधित सहकारी बैंक द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज
  • दस्तावेज अपलोड करने के बाद:
    • घोषणा (Declaration) को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
    • घोषणा वाले चेकबॉक्स पर टिक करें।
    • Submit पर क्लिक करें।
    • आपका ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो जाएगा।
    • भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन की रसीद (Acknowledgement) डाउनलोड या प्रिंट करके सुरक्षित रख लें।

आवेदन जमा करने के बाद क्या होगा?

ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद उसे सत्यापन के लिए जिला स्तरीय समिति (District-Level Committee) के पास भेजा जाता है।

समिति निम्नलिखित बिंदुओं की जांच करती है:

  • पात्रता की शर्तें
  • आवेदक द्वारा जमा किए गए दस्तावेज
  • प्रस्तावित व्यवसाय
  • अन्य निर्धारित मानदंड

पात्र पाए गए आवेदनों को इसके बाद आवेदक द्वारा चयनित जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की संबंधित शाखा को भेज दिया जाता है।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, समिति से आवेदन प्राप्त होने के 10 दिनों के भीतर बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति के संबंध में उचित निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।

यदि अतिरिक्त दस्तावेज या किसी प्रकार के सत्यापन की आवश्यकता होती है, तो बैंक आवेदक से संपर्क कर सकता है।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तथा ऋण स्वीकृत होने के बाद, आवेदक को बैंक की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद ऋण राशि जारी कर दी जाएगी।

ऋण चुकौती एवं वार्षिक नवीनीकरण

राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता सामान्य व्यवसायिक ऋण की तरह निश्चित मासिक ईएमआई (EMI) के रूप में नहीं दी जाती है। इसके बजाय यह नवीकरणीय साख सीमा (Renewable Credit Limit) के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। योजना के अंतर्गत ब्याज मुक्त ऋण का लाभ लगातार प्राप्त करने के लिए उधारकर्ताओं को योजना में निर्धारित ऋण चुकौती एवं साख सीमा नवीनीकरण संबंधी नियमों का पालन करना आवश्यक है।

ऋण की चुकौती

  • उधारकर्ता को ऋण वितरण की तिथि से एक वर्ष पूर्ण होने से पहले संपूर्ण बकाया ऋण राशि का भुगतान करना होगा।
  • बकाया राशि का भुगतान करने के बाद उधारकर्ता अगले वर्ष के लिए अपनी साख सीमा के नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।

साख सीमा का वार्षिक नवीनीकरण

समय पर ऋण चुकाने के बाद सहकारी बैंक निम्नलिखित शर्तों के आधार पर स्वीकृत साख सीमा का नवीनीकरण कर सकता है:

  • बकाया ऋण राशि का समय पर भुगतान।
  • योजना के दिशा-निर्देशों का पालन।
  • बैंक द्वारा मूल्यांकन एवं स्वीकृति।

साख सीमा का नवीनीकरण होने के बाद उधारकर्ता नया ऋण आवेदन किए बिना पात्र व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्वीकृत साख सीमा का पुनः उपयोग कर सकता है।

ब्याज मुक्त ऋण का लाभ

राजस्थान सरकार पात्र उधारकर्ताओं की ओर से ऋण देने वाले सहकारी बैंक को 10.25% तक का ब्याज अनुदान सीधे प्रदान करती है।

उधारकर्ता निम्नलिखित शर्तों का पालन करने पर ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त करता रहेगा:

  • निर्धारित अवधि के भीतर संपूर्ण बकाया ऋण राशि का भुगतान करना।
  • प्रत्येक वर्ष साख सीमा का समय पर नवीनीकरण कराना।
  • योजना की सभी शर्तों एवं नियमों का पालन करना।
  • ऋण चुकौती या नवीनीकरण में देरी होने पर

यदि उधारकर्ता निर्धारित समय के भीतर बकाया ऋण राशि का भुगतान नहीं करता है अथवा साख सीमा का समय पर नवीनीकरण नहीं कराता है, तो:

  • विलंब अवधि के लिए ब्याज मुक्त ऋण का लाभ समाप्त हो जाएगा।
  • बैंक बकाया राशि पर अपनी सामान्य ब्याज दर के अनुसार ब्याज वसूल सकता है।
  • बैंक विलंब अवधि के लिए अधिकतम 2% दंडात्मक ब्याज (Penal Interest) भी वसूल सकता है।

इसलिए, राजस्थान सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए उधारकर्ताओं को समय पर ऋण चुकौती करनी चाहिए तथा प्रत्येक वर्ष साख सीमा का नवीनीकरण अवश्य कराना चाहिए।

सुरक्षा एवं जमानतदार संबंधी प्रावधान

ऋण स्वीकृत करने से पहले सहकारी बैंक योजना के अंतर्गत निर्धारित सुरक्षा संबंधी प्रावधानों का पालन करता है।

परिसंपत्तियों का हाइपोथिकेशन (Hypothecation)

ऋण राशि से खरीदी गई चल एवं अचल परिसंपत्तियों को सुरक्षा के रूप में ऋण देने वाले बैंक के पक्ष में हाइपोथिकेट (Hypothecate) अथवा भारित (Charge) किया जा सकता है।

CGTMSE के अंतर्गत सुरक्षा

इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत ऋणों को क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) के अंतर्गत कवर किए जाने का प्रावधान है।

जहां लागू हो, CGTMSE गारंटी शुल्क एवं उस पर देय जीएसटी (GST) का भुगतान राजस्थान सरकार द्वारा ब्याज अनुदान के साथ किया जाता है।

दो जमानतदारों की आवश्यकता 

यदि संबंधित सहकारी बैंक CGTMSE के अंतर्गत Member Lending Institution (MLI) के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है, तो आवेदक को बैंक द्वारा स्वीकार्य दो आर्थिक रूप से सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे।

ऋण स्वीकृत करने से पहले बैंक, आरबीआई द्वारा अधिकृत क्रेडिट सूचना कंपनियों (Credit Information Companies) के माध्यम से आवेदक एवं दोनों जमानतदारों के क्रेडिट इतिहास का सत्यापन करता है।

अन्य सुरक्षा संबंधी शर्तें

उधारकर्ता को आवश्यकता अनुसार निम्नलिखित औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ सकती हैं:

  • पोस्ट-डेटेड चेक जमा करना।
  • आवश्यकता होने पर स्वयं एवं जमानतदारों को सहकारी बैंक का नाममात्र (Nominal) सदस्य बनाना।
  • ऋण वितरण से पहले बैंक द्वारा निर्धारित सभी ऋण संबंधी दस्तावेज निष्पादित (Execute) करना।

राजीविका स्वयं सहायता समूह (SHGs) के लिए विशेष प्रावधान

इस योजना में राजीविका स्वयं सहायता समूह (SHGs), उत्पादक समूह (Producer Groups) तथा व्यवसाय समूह (Business Groups) के सदस्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं।

मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:

  • पात्र राजीविका समूहों के सदस्य समूह आधारित स्वीकृत आजीविका गतिविधियों के लिए व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
  • एक पात्र समूह के अधिकतम 10 सदस्यों को इस योजना के अंतर्गत ऋण दिया जा सकता है।
  • एक समूह के लिए अधिकतम ऋण सीमा ₹5 लाख निर्धारित की गई है।
  • पात्र लाभार्थियों की पहचान एवं अनुशंसा स्थानीय राजीविका इकाई द्वारा की जाती है।
  • इसके बाद अनुशंसा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति को भेजी जाती है।
  • राजीविका संस्था ऋण के उपयोग एवं उसकी वसूली की निगरानी में भी ऋणदाता संस्था की सहायता करती है।

महत्वपूर्ण शर्तें

आवेदन करने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को ध्यानपूर्वक समझ लेना चाहिए:

  • एक परिवार के केवल एक वयस्क सदस्य को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
  • आवेदक को योजना में निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
  • प्रस्तावित व्यवसाय चयनित सहकारी बैंक शाखा के सेवा क्षेत्र के अंतर्गत होना चाहिए।
  • ऋण स्वीकृत करने से पहले बैंक आवेदक के क्रेडिट इतिहास का सत्यापन करेगा।
  • आवेदक का क्रेडिट रिकॉर्ड प्रतिकूल (Adverse Credit Record) नहीं होना चाहिए।
  • सामान्यतः क्रेडिट रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित ऋण सहित आवेदक के नाम पर तीन से अधिक सक्रिय ऋण नहीं होने चाहिए।
  • आवेदन के साथ प्रस्तुत की गई सभी जानकारी एवं दस्तावेज सही एवं सत्य होने चाहिए।
  • उधारकर्ता को ऋण राशि का उपयोग केवल स्वीकृत व्यावसायिक उद्देश्य के लिए करना होगा।
  • यदि बैंक को यह पता चलता है कि ऋण राशि का उपयोग स्वीकृत उद्देश्य के अतिरिक्त किसी अन्य कार्य में किया गया है, तो बैंक लागू नियमों के अनुसार बकाया राशि की तत्काल वसूली की मांग कर सकता है।
  • बैंक शाखा प्रबंधक को आवेदक की पात्रता, साख, दस्तावेजों एवं योजना के दिशा-निर्देशों का परीक्षण करने के बाद ऋण आवेदन को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का अधिकार है।
  • सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार समय-समय पर योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन या परिवर्तन करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां

  • नेहरू सहकार भवन, भवानी सिंह रोड, जयपुर, राजस्थान
  • ईमेल: [email protected]
  • फोन: 0141-2740045, 0141-2740737

द सिरोही सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सिरोही (राजस्थान)

  • पता: राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-14, बाईपास रोड, सीसीबी चौराहा, शिवगंज शाखा, सिरोही
  • फोन नंबर:
  • प्रबंध निदेशक: 02972-222349 बैंक कार्यालय: 02972-221343
  • ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह राजस्थान सरकार की एक योजना है जिसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को हस्तशिल्प, सिलाई, बुनाई और छोटी खुदरा दुकानों जैसी गैर-कृषि आजीविका गतिविधियों के लिए ₹25,000 से ₹2,00,000 तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है।
 

सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार इस योजना का नोडल विभाग है, जबकि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) ऋण स्वीकृत करने और वितरित करने के लिए जिम्मेदार हैं।
 

पात्र लाभार्थियों को ₹25,000 से ₹2,00,000 के बीच ऋण मिल सकता है, जो तीन श्रेणियों में बांटा गया है: श्रेणी I (₹50,000 तक), श्रेणी II (₹50,001 से ₹1,00,000), और श्रेणी III (₹1,00,001 से ₹2,00,000)।
 

हां, बशर्ते आप एक वर्ष के भीतर बकाया राशि चुका दें और समय पर अपनी क्रेडिट लिमिट का नवीनीकरण करा लें। राजस्थान सरकार आपकी ओर से बैंक को सीधे 10.25% तक ब्याज सब्सिडी का भुगतान करती है।
 

आप देरी की अवधि के लिए ब्याज मुक्त लाभ खो देंगे। इसके बाद बैंक सामान्य ब्याज दर लगा सकता है, साथ ही डिफॉल्ट अवधि के लिए 2% तक अतिरिक्त दंडात्मक ब्याज भी वसूल सकता है।
 

राजस्थान के वे ग्रामीण परिवार जो कम से कम पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, पात्र हैं। इसमें छोटे/सीमांत किसान, भूमिहीन कृषि मजदूर, ग्रामीण कारीगर, शिल्पकार, दुकानदार और राजीविका SHG सदस्य शामिल हैं। एक परिवार से केवल एक वयस्क सदस्य ही आवेदन कर सकता है।
 

No. The cooperative bank cannot charge any processing fee for loans sanctioned under this scheme.
 

आमतौर पर आवश्यक दस्तावेज़ों में आधार/जन आधार कार्ड, पांच वर्ष के ग्रामीण निवास का प्रमाण, व्यवसाय परियोजना विवरण और लागत कोटेशन, KYC दस्तावेज़, और PAN कार्ड (यदि उपलब्ध हो) शामिल हैं।
 

आप SSO राजस्थान पोर्टल पर लॉगिन करके, सिटिजन ऐप्स में "सहकारी ग्रामीण परिवार आजीविका ऋण योजना" खोजकर, और व्यक्तिगत, व्यावसायिक व बैंक विवरण के साथ आवेदन फॉर्म भरकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
 

हां, एक पात्र SHG, उत्पादक समूह या व्यवसाय समूह से अधिकतम 10 सदस्य व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें समूह ऋण की अधिकतम सीमा ₹5 लाख है, और यह स्थानीय राजीविका इकाई की सिफारिश पर आधारित है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

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