- MLUPY राजस्थान में व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए ब्याज सब्सिडी के साथ बैंक ऋण उपलब्ध कराती है।
- यह योजना राजस्थान में पात्र सूक्ष्म और लघु उद्यमों को कवर करती है।
- व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG), सोसायटी, साझेदारी फर्म, LLP और कंपनियां आवेदन कर सकते हैं।
- राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना नोडल एजेंसी हेल्पलाइन नंबर: 0141-2227727
- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना नोडल एजेंसी हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना |
| लाभ | ब्याज सब्सिडी के साथ व्यावसायिक ऋण |
| लाभार्थी | पात्र सूक्ष्म और लघु उद्यम |
| नोडल विभाग | उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) राजस्थान सरकार की एक व्यावसायिक ऋण योजना है, जिसके तहत नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने के लिए बैंक ऋण पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ऋण के ब्याज का एक हिस्सा वहन करती है, जिससे लाभार्थी पर ब्याज का बोझ कम होता है। इस योजना का संचालन उद्योग विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से किया जाता है। यह योजना 17 दिसंबर 2019 से लागू हुई।
राजस्थान में कई लोगों के पास अच्छा व्यावसायिक विचार होता है, लेकिन वे बैंक ऋण पर लगने वाले ब्याज का खर्च वहन नहीं कर पाते। ऐसे उद्यमियों को सहायता देने और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना शुरू की गई। योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को ब्याज सब्सिडी वाले ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे विनिर्माण, सेवा या व्यापार से जुड़ा व्यवसाय शुरू कर सकें अथवा मौजूदा इकाइयों का विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण कर सकें।
MLUPY के तहत ऋण राशि के अनुसार 8%, 6% या 5% तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है। नए विनिर्माण या सेवा उद्यम के लिए अधिकतम ₹10 करोड़ तक का ऋण तथा व्यापारिक गतिविधियों या मौजूदा इकाई के विस्तार के लिए अधिकतम ₹1 करोड़ तक का ऋण निर्धारित है। सरकार अधिकतम 5 वर्षों तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो योजना की निर्धारित शर्तों के अधीन है। ₹10 लाख तक के ऋण के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती। वैध कार्ड वाले बुनकरों और हस्तशिल्प/कारीगरों के लिए छोटे ऋणों पर 100% ब्याज प्रतिपूर्ति का विशेष प्रावधान भी है।
यह योजना केवल सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, सोसायटी, साझेदारी फर्म, LLP और कंपनियां आवेदन कर सकती हैं, बशर्ते वे योजना की पात्रता शर्तें पूरी करती हों। आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, आवेदन भरने में सहायता के लिए ई-मित्र की सुविधा भी उपलब्ध है। ₹10 लाख से कम के ऋण के मामलों में DIC द्वारा जांच के बाद आवेदन बैंक को भेजा जाता है, जबकि अधिक राशि के ऋण के मामलों में जिला स्तर पर आवेदन का मूल्यांकन किया जा सकता है। ऋण स्वीकृत करने का अंतिम निर्णय बैंक/वित्तीय संस्था का होता है।
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना की तरह, राजस्थान सरकार राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना और राजस्थान मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना भी संचालित कर रही है। विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को ₹2 करोड़ तक का ऋण और अधिकतम 8% तक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है, जबकि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को ₹10 लाख तक के ब्याज-मुक्त ऋण का प्रावधान है।
योजना के लाभ
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत व्यवसाय के लिए लिए गए पात्र ऋण की ब्याज लागत को कम करने में सहायता मिलती है। योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- ब्याज सब्सिडी: सरकार द्वारा ऋण पर निर्धारित दर के अनुसार अधिकतम 8% तक ब्याज सब्सिडी।
- कम ब्याज दर वाले ऋण पर पूर्ण ब्याज प्रतिपूर्ति: यदि बैंक की ब्याज दर निर्धारित सब्सिडी दर के बराबर या उससे कम है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार वास्तविक ब्याज की 100% तक प्रतिपूर्ति की जा सकती है।
- बुनकरों के लिए विशेष लाभ: बुनकर कार्ड धारकों को ₹1 लाख तक के ऋण पर 100% ब्याज प्रतिपूर्ति का प्रावधान।
- कारीगरों के लिए विशेष लाभ: हस्तशिल्प एवं कारीगर कार्ड धारकों को ₹3 लाख तक के ऋण पर 100% ब्याज प्रतिपूर्ति का प्रावधान।
- संपार्श्विक सुरक्षा से छूट: ₹10 लाख तक के ऋण के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती।
- क्रेडिट गारंटी: पात्र मामलों में वित्तीय संस्था की आवश्यकता के अनुसार ऋण को CGTMSE के तहत क्रेडिट गारंटी से जोड़ा जा सकता है।
- अधिकतम 5 वर्षों तक सब्सिडी: योजना की शर्तों के अनुसार अधिकतम 5 वर्षों तक ब्याज सब्सिडी मिल सकती है, भले ही ऋण की अवधि इससे अधिक हो।
- पुनर्भुगतान में राहत: वित्तीय संस्था द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार अधिकतम 6 महीने तक पुनर्भुगतान में राहत दी जा सकती है।
- भूमि लागत: परियोजना में भूमि शामिल होने पर पात्र ऋण राशि के अधिकतम 25% तक भूमि से संबंधित ऋण पर भी निर्धारित ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
- मार्गदर्शन: जिला उद्योग केंद्र द्वारा योजना से संबंधित मार्गदर्शन एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
आपको कितनी ब्याज सब्सिडी मिलेगी?
ब्याज सब्सिडी की दर ऋण राशि के अनुसार निर्धारित होती है:
| ऋण राशि | ब्याज सब्सिडी |
|---|---|
| ₹25 लाख तक | 8% |
| ₹25 लाख से अधिक और ₹5 करोड़ तक | 6% |
| ₹5 करोड़ से अधिक और ₹10 करोड़ तक | 5% |
कितना ऋण मिल सकता है?
अधिकतम ऋण राशि व्यवसाय की गतिविधि के आधार पर अलग-अलग है:
| व्यवसाय का प्रकार | अधिकतम ऋण |
|---|---|
| नया विनिर्माण उद्यम | ₹10 करोड़ |
| नया सेवा उद्यम | ₹10 करोड़ |
| व्यापारिक व्यवसाय (थोक या खुदरा) | ₹1 करोड़ |
| मौजूदा इकाई का विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण | ₹1 करोड़ |
पात्रताएं
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- व्यवसाय राजस्थान में स्थापित होना चाहिए।
- केवल सूक्ष्म और लघु उद्यम पात्र हैं।
- उद्यम विनिर्माण, सेवा या व्यापार गतिविधि से संबंधित हो सकता है।
- व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG), सोसायटी, साझेदारी फर्म, LLP और कंपनियां आवेदन कर सकती हैं।
- समूह, फर्म, LLP और कंपनियां संबंधित नियमों के अनुसार पंजीकृत होने चाहिए।
स्वयं सहायता समूह और सोसायटी के लिए अतिरिक्त शर्तें
समूहों और सोसायटियों को निम्नलिखित अतिरिक्त शर्तें भी पूरी करनी होती हैं:
- समूह का गठन राजस्थान सरकार के किसी विभाग के अंतर्गत होना चाहिए।
- समूह के सभी सदस्य राजस्थान में निवास करते हों।
- समूह किसी बैंक या सरकारी विभाग का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
- समूह कम से कम एक वर्ष पुराना और कम से कम एक वर्ष से सक्रिय होना चाहिए तथा बचत और ऋण से संबंधित उचित रिकॉर्ड होना चाहिए।
- सहकारी समितियों का सहकारिता विभाग में पंजीकरण होना चाहिए, उनके खातों का ऑडिट होना चाहिए और वे उत्पादन गतिविधि संचालित करती हों।
कौन आवेदन नहीं कर सकता?
निम्नलिखित परिस्थितियों में योजना का लाभ नहीं लिया जा सकता:
- यदि परिवार के किसी सदस्य ने पिछले 5 वर्षों में किसी केंद्र या राज्य सरकार की योजना के तहत पूंजीगत या ब्याज सब्सिडी प्राप्त की हो।
- यदि परिवार का कोई सदस्य किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर हो। यहां परिवार से आशय पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों से है।
कौन-से व्यवसाय योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हैं?
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत निम्नलिखित गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध नहीं कराया जाता:
- मांस, शराब या मादक पदार्थों से संबंधित उत्पाद
- विस्फोटक
- ₹10 लाख से अधिक ऑन-रोड कीमत वाले परिवहन वाहन
- गैर-पुनर्चक्रण योग्य पॉलीथीन और हानिकारक प्लास्टिक उत्पाद
- केंद्र या राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद
- खनन और रियल एस्टेट
- स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर
- NGOs और ट्रस्ट द्वारा संचालित गतिविधियां
आवश्यक दस्तावेज
MLUPY के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- स्व-मूल्यांकन फॉर्म
- उद्योग आधार
- जाति प्रमाण पत्र
- परियोजना रिपोर्ट - व्यवसाय, परियोजना लागत और ऋण की आवश्यकता का विवरण
- शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट/प्रमाण पत्र
- पंजीकरण प्रमाण पत्र - SHG, सोसायटी, फर्म, LLP और कंपनियों के लिए
- भूमि या भवन के दस्तावेज (यदि व्यवसाय के लिए भूमि या भवन स्वयं का है)
- पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन करने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जाता है। आवेदक स्वयं SSO पोर्टल से आवेदन कर सकता है या ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकता है।
SSO पोर्टल से स्वयं आवेदन करें
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरण अपनाएं:
- अपनी परियोजना रिपोर्ट तैयार करें और आवेदन शुरू करने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
- राजस्थान SSO पोर्टल पर जाएं।
- अपनी SSO ID से लॉगिन करें। यदि SSO ID नहीं है, तो पहले पंजीकरण करें।
- SSO डैशबोर्ड से MLUPY आवेदन खोलें।
- अपनी व्यक्तिगत, व्यावसायिक, परियोजना लागत और ऋण से संबंधित जानकारी सही-सही दर्ज करें।
- संबंधित जिला उद्योग केंद्र (DIC) और अपनी पसंद की वित्तीय संस्था का चयन करें।
- स्व-मूल्यांकन अनुभाग पूरा करें।
- आवेदन में मांगे गए आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- सभी जानकारी की अच्छी तरह जांच करके आवेदन सबमिट करें।
- भविष्य में आवेदन की स्थिति देखने के लिए अपना आवेदन/संदर्भ नंबर सुरक्षित रखें।
ई-मित्र के माध्यम से आवेदन करें
यदि आपको ऑनलाइन फॉर्म भरने में सहायता की आवश्यकता है, तो आप नजदीकी ई-मित्र केंद्र जा सकते हैं:
- अपनी परियोजना रिपोर्ट, दस्तावेज और आवश्यक जानकारी लेकर नजदीकी ई-मित्र केंद्र जाएं।
- ऑपरेटर से MLUPY का ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए कहें।
- आवेदन सबमिट करने से पहले सभी विवरणों की जांच करें।
- निर्धारित सेवा शुल्क का भुगतान करें। ई-मित्र इसके लिए ₹30 से अधिक शुल्क नहीं ले सकता।
- आवेदन की रसीद प्राप्त करके सुरक्षित रखें।
महत्वपूर्ण नोट: ई-मित्र की भूमिका केवल आवेदन भरने की सुविधा तक सीमित है। ऋण स्वीकृति में ई-मित्र की कोई भूमिका नहीं है। ऋण दिलाने का वादा करने वाले किसी बिचौलिए को पैसे न दें। ऐसी मांगों की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर की जा सकती है।
DIC में निःशुल्क सहायता शिविर
वर्तमान आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, जिला उद्योग केंद्रों में बुधवार को मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों के माध्यम से आवेदक योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन करने के बाद क्या होता है?
आवेदन जमा करने के बाद सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
- ₹10 लाख से कम का ऋण: DIC दस्तावेजों की जांच करके आवेदन बैंक को भेजता है। ऐसे मामलों में साक्षात्कार की आवश्यकता नहीं होती।
- ₹10 लाख से अधिक का ऋण: आवेदन के मूल्यांकन के लिए जिला स्तर की समिति द्वारा आवेदक को बुलाया जा सकता है।
- मूल्यांकन: समिति द्वारा आवेदन और परियोजना का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मूल्यांकन किया जाता है।
- बैंक की स्वीकृति: बैंक परियोजना की जांच करता है और ऋण स्वीकृत तथा जारी करने का निर्णय लेता है।
- SMS अपडेट: आवेदक को आवेदन से संबंधित SMS अपडेट प्राप्त हो सकते हैं, इसलिए आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर सक्रिय रखना चाहिए।
आपको ब्याज सब्सिडी कैसे मिलेगी?
इस योजना के तहत सरकार सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में नकद रूप से नहीं भेजती। पात्र मामलों में सब्सिडी को ऋण के ब्याज दायित्व के विरुद्ध समायोजित किया जाता है।
- वित्तीय संस्था प्रत्येक तिमाही के अंत में ब्याज सब्सिडी का दावा संबंधित DIC को भेजती है।
- DIC निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दावे की जांच और प्रक्रिया करता है।
- सब्सिडी योजना में निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तों के अधीन होती है।
- पात्र मामलों में सब्सिडी को ऋण के ब्याज दायित्व के विरुद्ध समायोजित किया जाता है।
- सब्सिडी दावे की प्रक्रिया के दौरान DIC व्यवसाय की स्थिति और अन्य निर्धारित आवश्यकताओं का सत्यापन कर सकता है।
महत्वपूर्ण लिंक
- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना लॉगिन
- राजस्थान SSO पोर्टल
- राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना अधिसूचना
- राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना संशोधित अधिसूचना
- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना – MLUPY विवरण
- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- राजस्थान मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना नोडल एजेंसी हेल्पलाइन: 0141-2227727
- नोडल एजेंसी हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह राजस्थान सरकार की योजना है, जिसमें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को पात्र ऋण पर 5% से 8% तक ब्याज सब्सिडी और नए विनिर्माण व सेवा उद्यमों के लिए ₹10 करोड़ तक ऋण मिलता है।
नए विनिर्माण और सेवा उद्यमों के लिए अधिकतम ₹10 करोड़ तथा व्यापारिक व्यवसाय और मौजूदा इकाई के विस्तार के लिए अधिकतम ₹1 करोड़ तक का ऋण निर्धारित है।
योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज सब्सिडी अधिकतम 5 वर्षों तक मिल सकती है।
नहीं। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ₹10 लाख तक के ऋण के लिए संपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती। बड़े ऋणों को वित्तीय संस्था की आवश्यकता के अनुसार CGTMSE से जोड़ा जा सकता है।
यदि परिवार के किसी सदस्य ने पिछले 5 वर्षों में सरकारी सब्सिडी ली है या बैंक/वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर है, तो पात्रता प्रभावित हो सकती है।
हां। मौजूदा इकाई के विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण के लिए अधिकतम ₹1 करोड़ तक का ऋण निर्धारित है। हालांकि, वर्तमान पात्रता और पंजीकरण संबंधी आवश्यकताओं को आवेदन से पहले जांचना चाहिए।
हां। बुनकर कार्ड धारकों को ₹1 लाख तक के ऋण पर 100% ब्याज प्रतिपूर्ति तथा हस्तशिल्प और कारीगर कार्ड धारकों को ₹3 लाख तक के ऋण पर 100% ब्याज प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
ऋण की अंतिम स्वीकृति बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था द्वारा दी जाती है।
नहीं। वित्तीय संस्था प्रत्येक तिमाही में सब्सिडी का दावा DIC को भेजती है और पात्र सब्सिडी को ऋण के ब्याज दायित्व के विरुद्ध समायोजित किया जाता है।
MLUPY के लिए 2026 की कोई निश्चित अंतिम तिथि आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं है।
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टिप्पणियाँ
Masala Dukaan
Main masala ka holsale dukaan chalata Hai jismein Hamen bahut kam ko Aage Badhana Hai
तूंगा
आरो प्लांट हेतु
अभी यह योजना का लाभ मिल सकता है
यह योजना के लिये बेंक से लोन प्राप्त हो सकती है ओर अभी इस योजना मे पेपर्स सबमिट करवा सकते.है
For details of this scheme
I want this but I don't know how
Cement bricks And tiles making
मेरा पुराना उद्योग है मैं इसे नई तकनीक के रूप में विकसित कर अपना उत्पादन बढ़ाना चाहता हूं
laghu udhogh loan
nya kam shuru krne ke liye loan apply krna chahata hu
Jaloda
उधौग
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