राजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Fri, 24/07/2026 - 10:13
Bhajan Lal Sharma CM Rajasthan
Scheme Open
राजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • उद्यमियों को ₹2 करोड़ तक का व्यवसायिक ऋण मिल सकता है।
  • विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) एवं सेवा (सर्विस) क्षेत्र के उद्यमों के लिए उपलब्ध।
  • नए और मौजूदा दोनों उद्यमों के लिए लागू।
  • ₹5 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता उपलब्ध।
  • 8% तक का ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है।.  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार फोन: 01412940327
  • ईमेल: [email protected]
योजना का सारांश
योजना का नामराजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना
नोडल विभागउद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार
लाभ₹2 करोड़ तक का ऋण, साथ में ब्याज अनुदान एवं मार्जिन मनी सहायता
लाभार्थीव्यक्तिगत एवं पात्र संस्थागत आवेदक
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमराजस्थान सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन

योजना के बारे में

एक सफल व्यवसाय की शुरुआत एक अच्छे विचार से होती है, लेकिन उस विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए अक्सर वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। कई इच्छुक उद्यमियों के लिए मशीनरी, उपकरण, आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के लिए धन की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होता है। किफायती वित्तीय सहायता के अभाव में कई अच्छे व्यावसायिक विचार भी साकार नहीं हो पाते। राजस्थान में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार ने विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र युवा उद्यमी स्वीकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ₹2 करोड़ तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा मार्जिन मनी सहायता और ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सब्सिडी) का लाभ भी प्रदान किया जाता है। यह योजना केवल नया विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) या सेवा (सर्विस) उद्यम स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए ही नहीं है, बल्कि मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) को अपने व्यवसाय का विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण करने में भी सहायता प्रदान करती है।

सामान्य व्यावसायिक ऋण की तुलना में यह योजना उद्यमियों पर वित्तीय बोझ को कम करती है। इसके तहत 8% तक ब्याज अनुदान, ₹5 लाख तक मार्जिन मनी सहायता, तथा महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमियों, बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्यमों, पात्र बुनकरों तथा पंजीकृत शिल्पकारों जैसी पात्र श्रेणियों को अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है। यह योजना उद्यमियों को अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक स्थापित करने के बाद केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करती है, जिससे उनके व्यवसाय के सतत विकास को बढ़ावा मिलता है।

इस योजना के अंतर्गत निर्धारित सरकारी पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ऑनलाइन आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया अपनाई गई है, जिससे पात्र उद्यमियों के लिए आवेदन करना और वित्तीय सहायता प्राप्त करना अधिक सरल हो जाता है।

यदि आप नया व्यवसाय शुरू करने या अपने मौजूदा उद्यम का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, तो इस मार्गदर्शिका में आपको विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इसमें योजना के लाभ, पात्रता, ऋण राशि, ब्याज अनुदान, आवश्यक दस्तावेज़ तथा आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण शामिल है। इसके अलावा, आप राज्य की अन्य सरकारी उद्यमिता योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, गांव ग्वाला योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जो राज्य के विभिन्न वर्गों के उद्यमियों को वित्तीय सहायता एवं अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान करती हैं।

योजना के लाभ

यह योजना पात्र उद्यमियों को कई प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

ऋण सहायता

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और सेवा (सर्विस) क्षेत्र के उद्यमों के लिए वित्तीय संस्थानों द्वारा ₹2 करोड़ तक का ऋण प्रदान किया जा सकता है। इस ऋण का उपयोग नया उद्यम स्थापित करने या किसी मौजूदा उद्यम का विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण करने के लिए किया जा सकता है।

ब्याज अनुदान

राजस्थान सरकार स्वीकृत ऋण राशि के आधार पर ब्याज अनुदान प्रदान करती है।

ऋण राशि
ब्याज अनुदान
₹1 करोड़ तक
8%
₹1 करोड़ से अधिक तथा ₹2 करोड़ तक

7%

 

यदि ऋण प्रदान करने वाला वित्तीय संस्थान लागू ब्याज अनुदान दर के बराबर या उससे कम ब्याज दर वसूलता है, तो लाभार्थी को 100% ब्याज अनुदानप्रदान किया जाएगा।

अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदान

₹1 करोड़ से अधिक तथा ₹2 करोड़ तक के ऋण पर निम्नलिखित श्रेणियों के लाभार्थियों को अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदानप्रदान किया जाता है—

  • महिला उद्यमी।
  • अनुसूचित जाति (SC) के उद्यमी।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के उद्यमी।
  • 40% से अधिक बेंचमार्क दिव्यांगता (PwBD) वाले व्यक्ति।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्यम।
  • भारत सरकार अथवा जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र द्वारा जारी वैध वीवर कार्ड (Weaver Card)रखने वाले बुनकर।
  • वैध हस्तशिल्प/कारीगर कार्ड (Handicraft/Artisan Card)रखने वाले शिल्पकार।

संस्थागत आवेदकों (Institutional Applicants) के मामले में यह अतिरिक्त लाभ केवल तभी उपलब्ध होगा, जब आवश्यक 51% स्वामित्वरखने वाले सभी सदस्य पात्र श्रेणी से संबंधित हों।

मार्जिन मनी सहायता

पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित में से जो कम हो, उसके अनुसार मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाएगी-

  • स्वीकृत ऋण राशि का 25%, या
  • ₹5 लाख।

मार्जिन मनी सहायता की राशि ऋण प्रदान करने वाले वित्तीय संस्थान में अल्पकालिक जमा (Short-Term Deposit) के रूप में जमा कराई जाती है। यदि उद्यम लगातार तीन वर्षों तक सफलतापूर्वक संचालित होता है और उधारकर्ता (Borrower) को डिफॉल्टर घोषित नहीं किया गया है, तो विभागीय सत्यापन के बाद यह राशि लाभार्थी के ऋण खाते में समायोजित कर दी जाती है।

यदि उद्यम लगातार तीन वर्षों तक संचालित नहीं किया जाता है, तो वित्तीय संस्थान पूरी मार्जिन मनी सहायता राशि बिना किसी ब्याज के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को वापस कर देगा।

पात्रता मानदंड

राजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आवेदकों को राजस्थान सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

पात्र आवेदक

योजना के अंतर्गत निम्नलिखित आवेदक आवेदन करने के पात्र हैं—

  • व्यक्तिगत उद्यमी (Individual Entrepreneurs)।
  • हिंदू अविभाजित परिवार (HUF)।
  • पंजीकृत सोसायटी।
  • पंजीकृत साझेदारी फर्म (Registered Partnership Firm)।
  • लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)।
  • पंजीकृत कंपनी।

आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को भी पूरा करना होगा-

  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • प्रस्तावित उद्यम की स्थापना राजस्थान राज्य के भीतर की जानी चाहिए।
  • आवेदन के समय उद्यम, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सूक्ष्म या लघु उद्यम (Micro or Small Enterprise - MSE) की श्रेणी में होना चाहिए।
  • परियोजना किसी पात्र विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) या सेवा (सर्विस) गतिविधि से संबंधित होनी चाहिए।
  • आवेदक को कुल परियोजना लागत का कम से कम 10% अपने स्वयं के संसाधनों से योगदान करना होगा।
  • ऋण केवल योजना की निर्धारित स्वीकृति प्रक्रिया के अंतर्गत अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही लिया जाना चाहिए।
  • आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
  • उद्यम ने पिछले पाँच वर्षों के दौरान उसी उद्देश्य के लिए किसी भी केंद्र सरकार या राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत पूंजी अनुदान (Capital Subsidy) या ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) प्राप्त नहीं किया होना चाहिए।

संस्थागत आवेदकों के लिए अतिरिक्त पात्रता

संस्थागत आवेदकों, जैसे कि HUF, सोसायटी, साझेदारी फर्म, LLP तथा कंपनियों को निम्नलिखित अतिरिक्त शर्तों को भी पूरा करना होगा—

  • संस्था का विधिक रूप से पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • संस्था में कम से कम 51% स्वामित्व 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों के पास होना चाहिए।
  • स्वामित्व संरचना की पुष्टि करने वाला चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का प्रमाण-पत्र अनिवार्य है।
  • अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदान प्राप्त करने के लिए आवश्यक 51% स्वामित्व रखने वाले सभी सदस्य योजना के अनुसार पात्र श्रेणी, जैसे कि महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्ति (PwBD), से संबंधित होने चाहिए।
  • संस्था को किसी भी सरकारी विभाग या वित्तीय संस्था द्वारा डिफॉल्टर घोषित नहीं किया गया होना चाहिए।

कौन पात्र नहीं है?

निम्नलिखित आवेदक इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं—

  • ऐसे आवेदक जिन्हें किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा डिफॉल्टर घोषित किया गया हो।
  • ऐसे उद्यम जिन्होंने पिछले पाँच वर्षों के दौरान उसी उद्देश्य के लिए किसी भी केंद्र सरकार या राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत पूंजी अनुदान (Capital Subsidy) या ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) पहले ही प्राप्त कर लिया हो।
  • ऐसे आवेदक जो योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हों।
  • ऐसे उद्यम जो योजना के अंतर्गत विशेष रूप से अपात्र घोषित गतिविधियों में संलग्न हों।

योजना के अंतर्गत पात्र गतिविधियाँ

विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत नए विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) एवं सेवा (सर्विस) उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (Micro and Small Enterprises - MSEs) के विस्तार, विविधीकरण तथा आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध है। पात्र उद्यमों की स्थापना राजस्थान राज्य के भीतर होना आवश्यक है।

इस योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है—

  • भूमि की खरीद (निर्धारित सीमा के अधीन)।
  • परियोजना के लिए आवश्यक कार्यशाला (वर्क शेड), फैक्ट्री भवन या वाणिज्यिक भवन का निर्माण।
  • प्लांट एवं मशीनरी की खरीद तथा स्थापना।
  • फर्नीचर, फिक्स्चर एवं उपकरणों की खरीद।
  • विनिर्माण या सेवा गतिविधियों के लिए आवश्यक औजार एवं अन्य परिसंपत्तियों की खरीद।
  • कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की आवश्यकता की पूर्ति।
  • नए विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) उद्यम की स्थापना।
  • नए सेवा (सर्विस) उद्यम की स्थापना।
  • मौजूदा उद्यम का विस्तार।
  • व्यावसायिक गतिविधियों का विविधीकरण।
  • मौजूदा इकाइयों का आधुनिकीकरण।

विस्तार, विविधीकरण एवं आधुनिकीकरण

मौजूदा उद्यम भी अपने व्यवसाय के विकास के लिए इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

विस्तार (Expansion)

विनिर्माण इकाइयों (Manufacturing Units) के लिए-

  • मौजूदा निवेश में कम से कम 25% की वृद्धि होना आवश्यक है।
  • उत्पादन क्षमता में कम से कम 20% की वृद्धि होना आवश्यक है।
  • ₹25 लाख तक की परियोजनाओं के लिए उत्पादन क्षमता का स्व-प्रमाणन (Self-Certification) किया जा सकता है।
  • ₹25 लाख से अधिक की परियोजनाओं के लिए उत्पादन क्षमता का प्रमाण-पत्र किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा जारी किया जाना आवश्यक है।

सेवा क्षेत्र (Service Sector) के उद्यमों के लिए-

मौजूदा निवेश में कम से कम 25% की वृद्धि होना आवश्यक है।

विविधीकरण एवं आधुनिकीकरण

विविधीकरण या आधुनिकीकरण से संबंधित परियोजनाओं के लिए—

  • मौजूदा निवेश में कम से कम 25% की वृद्धि होना आवश्यक है।
  • विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण को तभी पात्र माना जाएगा, जब उद्यम स्वीकृत परियोजना प्रतिवेदन (Project Report) में प्रस्तावित निवेश के लिए वित्तीय संस्था से अतिरिक्त ऋण सहायता प्राप्त करेगा।
  • ब्याज अनुदान केवल विस्तारित, विविधीकृत या आधुनिकीकृत परियोजना के लिए स्वीकृत अतिरिक्त टर्म लोन तथा पात्र कार्यशील पूंजी (Working Capital) पर ही उपलब्ध होगा।

ऋण का विवरण

विवरण
जानकारी
अधिकतम ऋण
₹2 करोड
ऋण का प्रकार
कॉम्पोजिट / टर्म लोन
आवेदक का अंशदान
न्यूनतम 10%
कार्यशील पूंजी
CC लिमिट
अधिकतम कार्यशील पूंजी
30%
ब्याज अनुदान
केवल प्रथम स्वीकृत ऋण पर
भूमि एवं भवन की सीमा
ऋण राशि का अधिकतम 25%
  • ऋण अवधि (Loan Tenure): ऋण की अधिकतम पुनर्भुगतान अवधि 7 वर्ष तक होगी।
  • ब्याज अनुदान की अवधि (Interest Subsidy Duration): वाणिज्यिक उत्पादन/संचालन प्रारंभ होने की तिथि से अधिकतम 5 वर्षों तक ब्याज अनुदान देय होगा, भले ही ऋण की अवधि 5 वर्षों से अधिक हो।
  • अधिस्थगन अवधि (Moratorium Period): वित्तीय संस्था उद्यम की प्रकृति, उसकी लाभप्रदता तथा उधारकर्ता की पुनर्भुगतान क्षमता के आधार पर ऋण की अदायगी पर अधिकतम 6 माह तक की अधिस्थगन अवधि (Moratorium) प्रदान कर सकती है। यदि इस अवधि के दौरान ब्याज का नियमित भुगतान किया जाता है, तो ब्याज अनुदान भी देय रहेगा।

ब्याज अनुदान की पात्रता

ब्याज अनुदान केवल उस ऋण राशि पर उपलब्ध होगा, जो आवेदक द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रतिवेदन (Project Report) के आधार पर पहली बार स्वीकृत की गई हो।

यदि बाद में वित्तीय संस्था ऋण राशि में वृद्धि करती है, तो बढ़ी हुई ऋण राशि का हिस्सा इस योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान के लिए पात्र नहीं होगा।

ऋण प्रदान करने वाले वित्तीय संस्थान

इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त किया जा सकता है—

  • राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंक (Nationalised Commercial Banks)।
  • अनुसूचित निजी क्षेत्र के बैंक (Scheduled Private Sector Banks)।
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks)।
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks - RRBs)।
  • राजस्थान वित्त निगम (Rajasthan Financial Corporation - RFC)।
  • भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI)।
  • शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative Banks)।
  • केंद्रीय सहकारी बैंक (Central Cooperative Banks)।

नोट: पात्र ऋणों को CGTMSE गारंटी योजना के अंतर्गत भी कवर किया जा सकता है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जहाँ लागू हो, वहाँ बिना संपार्श्विक (Collateral-Free) ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यान्वयन एजेंसी

विवरण
जानकारी
नोडल विभाग
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार
कार्यान्वयन एजेंसी
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र (DICs)
राज्य स्तरीय नोडल प्राधिकरण
आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय

जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC)

आपके ऋण आवेदन को बैंक भेजने से पहले उसका परीक्षण जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (District Level Task Force Committee - DLTFC) द्वारा किया जाता है।

ऋण राशि
चयन प्रक्रिया
₹10 लाख तक
आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।
₹10 लाख से अधिक
वेदन का सत्यापन किया जाता है, इसके बाद व्यावसायिक प्रस्ताव (Business Proposal) का मूल्यांकन करने के लिए साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया जाता है। |

नोट: केवल DLTFC द्वारा अनुमोदित आवेदनों को ही ऋण स्वीकृति के लिए बैंक को भेजा जाता है।

बैठकें: DLTFC प्रत्येक माह कम से कम एक बैठक आयोजित करेगी।

नोट: केवल DLTFC द्वारा अनुशंसित (Recommended) आवेदनों को ही ऑनलाइन संबंधित वित्तीय संस्था को ऋण स्वीकृति एवं ऋण वितरण (Disbursement) के लिए भेजा जाता है।

आवश्यक दस्तावेज

योजना के अंतर्गत आवेदन करते समय आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं—

  • आधार कार्ड।
  • जन आधार संख्या।
  • पैन कार्ड।
  • पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • राजस्थान का मूल निवास प्रमाण-पत्र (जहाँ लागू हो)।
  • शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
  • तकनीकी योग्यता या कौशल प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
  • विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detailed Project Report - DPR)।
  • परियोजना लागत का अनुमान (Project Cost Estimate)।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • उद्यम पंजीकरण प्रमाण-पत्र (Udyam Registration Certificate) (जहाँ लागू हो)।
  • जाति प्रमाण-पत्र (अतिरिक्त लाभ का दावा करने वाले SC/ST आवेदकों के लिए)।
  • बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्तियों (Persons with Benchmark Disabilities) के लिए दिव्यांगता प्रमाण-पत्र।
  • भारत सरकार या जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र द्वारा जारी वीवर कार्ड (Weaver Card) (जहाँ लागू हो)।
  • हस्तशिल्प/कारीगर कार्ड (Handicraft/Artisan Card) (जहाँ लागू हो)।
  • ग्रामीण क्षेत्र का लाभ प्राप्त करने वाले उद्यमों के लिए स्व-प्रमाणित ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण-पत्र।
  • HUF, सोसायटी, साझेदारी फर्म, LLP अथवा कंपनी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र (संस्थागत आवेदकों के लिए)।
  • यह प्रमाणित करने वाला चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का प्रमाण-पत्र कि संस्था में कम से कम 51% स्वामित्व 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों के पास है (संस्थागत आवेदकों के लिए)।
  • साझेदारी विलेख (Partnership Deed), LLP समझौता (LLP Agreement), मेमोरेंडम एवं आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (Memorandum & Articles of Association), सोसायटी पंजीकरण प्रमाण-पत्र अथवा अन्य संबंधित संवैधानिक दस्तावेज़।
  • आवेदन की प्रक्रिया के दौरान जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, DLTFC अथवा ऋण प्रदान करने वाली वित्तीय संस्था द्वारा मांगे गए अन्य अतिरिक्त दस्तावेज़।

अपात्र गतिविधियाँ

विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं हैं—

  • मांस एवं मांस से बने उत्पादों का निर्माण या बिक्री।
  • शराब, अल्कोहल अथवा अन्य मादक पदार्थों का निर्माण या बिक्री।
  • विस्फोटक सामग्री का निर्माण या बिक्री।
  • ऐसे वाणिज्यिक परिवहन वाहन जिनकी ऑन-रोड कीमत ₹15 लाख से अधिक हो।
  • ऐसे वाणिज्यिक परिवहन वाहन से संबंधित परियोजनाएँ, जिनमें वाहन मुख्य परियोजना का हिस्सा न हो।
  • ऐसी परियोजनाएँ जिनमें एक से अधिक वाणिज्यिक परिवहन वाहन शामिल हों।
  • किसी पात्र उद्यम परियोजना के बिना केवल वाणिज्यिक परिवहन वाहन की खरीद।
  • ऐसे उत्पाद या गतिविधियाँ, जिन्हें समय-समय पर भारत सरकार या राजस्थान सरकार द्वारा प्रतिबंधित घोषित किया गया हो।
  • कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियाँ, जिनमें शामिल हैं—
  • पशुपालन।
  • पोल्ट्री फार्मिंग।
  • मत्स्य पालन।
  • खनन (Mining) से संबंधित गतिविधियाँ।
  • रियल एस्टेट से संबंधित गतिविधियाँ।
  • गैर-लाभकारी संगठनों (Non-Profit Organisations) जैसे एनजीओ (NGO) एवं ट्रस्ट द्वारा संचालित गतिविधियाँ।

आवेदन करने की प्रक्रिया

  • चरण 1: राजस्थान SSO पोर्टल पर पंजीकरण करें

Rajasthan SSO Portal Registration

  • राजस्थान के आधिकारिक SSO (Single Sign-On) पोर्टल पर जाएँ।
  • नए उपयोगकर्ताओं को सबसे पहले अपना खाता बनाना होगा।
  • पंजीकरण जन आधार आईडी या गूगल अकाउंट के माध्यम से किया जा सकता है।
  • पंजीकरण के दौरान आपसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी तथा पासवर्ड जैसी मूलभूत जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाएगा।
  • पंजीकरण पूरा होने के बाद अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड की सहायता से लॉग इन करें।
  • पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें और फिर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर एवं पासवर्ड से लॉग इन करें।
  • चरण 2: लॉग इन करें

Search for Vishwakarma Yuva Udyami Protsahan

  • लॉग इन करने के बाद आपको डैशबोर्ड पर भेज दिया जाएगा। यहाँ "Other Apps" विकल्प पर क्लिक करें।

All Schemes of the Portal

  • इसके बाद उपलब्ध योजनाओं की सूची दिखाई देगी।
  • सर्च बार में "Vishwakarma Yuva Udyami Protsahan Yojana" खोजें या सूची में से योजना को ढूंढ़कर उस पर क्लिक करें।
  • योजना का पेज खुलने के बाद ऊपर दाईं ओर उपलब्ध "Naya Avedan" बटन पर क्लिक करें।

New Application

  • अब आपके सामने विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना का आवेदन पत्र खुल जाएगा। इसके बाद आप आवश्यक जानकारी भरना शुरू कर सकते हैं।
  • चरण 3: जिला एवं आवेदन का प्रकार चुनें
    • अपना जिला उद्योग केन्द्र (District Industries Centre) चुनें (जैसे राजसमंद, जयपुर आदि)।
    • आवेदन का प्रकार चुनें – व्यक्तिगत (Individual) या संस्थागत (Institutional)।
    • उद्यम का प्रकार चुनें – विनिर्माण (Manufacturing) या सेवा (Service)।
    • आवेदक की श्रेणी (Category) चुनें।
    • उद्यम की उप-श्रेणी तथा गतिविधि का विवरण भरें (आप कौन-सा कार्य करेंगे और उससे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा)।
    • अपना पैन (PAN) नंबर तथा उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) नंबर दर्ज करें।
  • चरण 4: आवेदक का विवरण
    • अपने प्रतिष्ठान/दुकान का नाम दर्ज करें।
    • आधार संख्या दर्ज करें और उसका सत्यापन करें।
    • जन आधार संख्या दर्ज करें और प्रमाणीकरण (Authentication) पूरा करें। इसके लिए जन आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिसका सत्यापन करना अनिवार्य है।
    • आधार से आपका नाम और जन्मतिथि स्वतः भर जाएगी।
    • अपनी श्रेणी (SC/ST/OBC आदि), दिव्यांगता की स्थिति (यदि लागू हो), लिंग, शैक्षणिक योग्यता तथा धर्म की जानकारी भरें।
    • आगे बढ़ने के लिए "Save Details" पर क्लिक करें।
  • चरण 5: वर्तमान पता
    • अपना जिला, तहसील तथा ग्रामीण/शहरी क्षेत्र का चयन करें।
    • यदि क्षेत्र ग्रामीण है, तो ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें तथा गाँव का नाम दर्ज करें।
    • डाक पता (Postal Address) स्वतः भर जाएगा। इसके बाद अपना पिन कोड दर्ज करें।
    • आपका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी प्रदर्शित होगी।
    • अपनी लोकसभा तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का चयन करें।
    • यदि आपका स्थायी पता वर्तमान पते से अलग है, तो उसे अलग से दर्ज करें। यदि दोनों पते समान हैं, तो जानकारी स्वतः भर जाएगी।
    • जानकारी सुरक्षित करें और आगे बढ़ें।
  • चरण 6: प्रस्तावित व्यवसाय का स्थान
    • जिस स्थान पर आप अपना व्यवसाय स्थापित करेंगे, उसका पूरा पता दर्ज करें, जैसे तहसील, गाँव, ब्लॉक आदि।
    • उस स्थान का मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी तथा संबंधित विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का चयन करें।
    • जानकारी सुरक्षित करें और आगे बढ़ें।
  • चरण 7: प्रस्तावित परियोजना का विवरण
    • अपने उत्पादों या सेवाओं का विस्तृत विवरण दें।
    • वर्तमान रोजगार (यदि पहले से कोई कर्मचारी कार्यरत हैं), वार्षिक उत्पादन क्षमता तथा वार्षिक कारोबार (रुपयों में) दर्ज करें।
    • प्रस्तावित (भविष्य की) उत्पादन क्षमता तथा आवश्यक अतिरिक्त निवेश की जानकारी दें।
    • आवश्यक टर्म लोन तथा कार्यशील पूंजी (Working Capital Loan) की राशि अलग-अलग दर्ज करें। कुल ऋण राशि ₹2 करोड़ से अधिक नहीं हो सकती।
    • विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Project Report), खरीदे जाने वाले उपकरण एवं सामग्री, अनुमानित व्यय तथा ऋण राशि का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा, इसकी पूरी जानकारी भरें।
    • जानकारी सुरक्षित करें और आगे बढ़ें।
  • चरण 8: बैंक/वित्तीय संस्था का चयन करें
    • अपना जिला चुनें।
    • उस जिले में उपलब्ध बैंकों की सूची दिखाई देगी।
    • अपनी सुविधा के अनुसार निकटतम या पसंदीदा बैंक का चयन करें।
    • चयन की पुष्टि करें और जानकारी सुरक्षित करें।
  • चरण 9: दस्तावेज़ अपलोड करें एवं अंतिम आवेदन जमा करें
    • आवेदक का फोटो (JPG प्रारूप में), आधार कार्ड की प्रति (दोनों तरफ), तथा परियोजना प्रतिवेदन (Project Report) अपलोड करें।
    • अन्य आवश्यक दस्तावेज़, जैसे उद्यम आधार (Udyam Aadhaar), पैन कार्ड आदि भी अपलोड करें।
    • घोषणा (Declaration) वाले चेकबॉक्स पर टिक करें।
    • इसके बाद "Final Submit" पर क्लिक करें।
  • चरण 10: पुष्टि
    • आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आपको स्क्रीन पर पुष्टि संदेश (Confirmation) के साथ एक आवेदन संख्या (Application Number) प्राप्त होगी।
    • आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी एक पुष्टि संदेश भेजा जाएगा।
    • आवेदन की लगभग 30 दिनों के भीतर समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आपको सूचित किया जाएगा कि आपका ऋण स्वीकृत हुआ है या आपका आवेदन आगे की प्रक्रिया में है।

ऋण स्वीकृति एवं अनुदान प्रक्रिया

बैंक परिवर्तन (ऋण स्वीकृति से पहले)

ऋण स्वीकृत होने से पहले आवेदक संबंधित जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र (DIC)को लिखित आवेदन प्रस्तुत करके ऋण प्रदान करने वाले बैंक को बदलने का अनुरोध कर सकते हैं।

ऋण स्वीकृति

जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) द्वारा आवेदन स्वीकृत किए जाने के बाद संबंधित वित्तीय संस्था भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों तथा अपनी आंतरिक नीतियों के अनुसार ऋण की प्रक्रिया पूरी करती है।

  • योजना के लाभ केवल DLTFC द्वारा स्वीकृत ऋण राशिपर ही उपलब्ध होंगे।
  • DLTFC की स्वीकृति से पहले स्वीकृत किए गए ऋण इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं होंगे।
  • आवेदन तथा अनुदान (Subsidy) के दावे "पहले आओ, पहले पाओ" (First Come, First Served)के आधार पर तथा उपलब्ध बजट के अधीन निपटाए जाते हैं।

ऋण टेकओवर (Loan Takeover)

इस योजना के अंतर्गत एक वित्तीय संस्था से दूसरी वित्तीय संस्था में ऋण टेकओवर (Loan Takeover)की अनुमति केवल एक बारदी जाती है।

  • इस प्रस्ताव की अनुशंसा DLTFC द्वारा की जानी चाहिए तथा इसे आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्यद्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
  • मोराटोरियम अवधि (Moratorium Period)के दौरान ऋण टेकओवर की अनुमति नहीं है।

मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान का दावा

ऋण वितरण (Loan Disbursement) के बाद संबंधित वित्तीय संस्था ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मार्जिन मनी सहायतातथा ब्याज अनुदानका दावा प्रस्तुत करती है।

  • मार्जिन मनी सहायता की राशि अल्पकालिक जमा (Short-Term Deposit)के रूप में रखी जाती है। जब उद्यम लगातार 3 वर्षोंतक सफलतापूर्वक संचालित हो जाता है, विभागीय सत्यापन पूरा हो जाता है तथा उधारकर्ता (Borrower) डिफॉल्टर नहीं होता, तब यह राशि उसके ऋण खाते में समायोजित कर दी जाती है।
  • ब्याज अनुदान का दावा प्रत्येक तिमाही (Quarter)में किया जाता है।

₹50 लाख से अधिकके ऋणों के लिए प्रथम तथा अंतिम ब्याज अनुदान दावे से पहले उद्यम का निरीक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि—

  • उद्यम संचालित (Operational) है।
  • ऋण खाता नियमित (Regular) है।
  • योजना की सभी शर्तों का पालन किया गया है।

महत्वपूर्ण शर्तें

  • ऋण का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए।
  • ब्याज अनुदान तभी उपलब्ध होगा जब उद्यम वाणिज्यिक संचालन (Commercial Operations) शुरू कर दे और उधारकर्ता समय पर ऋण का पुनर्भुगतान करे।
  • NPA (Non-Performing Asset)अवधि के दौरान कोई भी ब्याज अनुदान देय नहीं होगा। हालांकि, यदि बाद में ऋण खाता नियमित कर दिया जाता है, तो योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र लाभ जारी किए जा सकते हैं।
  • इस योजना का क्रियान्वयन एवं निगरानी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकारद्वारा की जाती है।

दंड संबंधी प्रावधान

यदि कोई लाभार्थी गलत जानकारी प्रदान करके या योजना की शर्तों का उल्लंघन करके योजना का लाभ प्राप्त करता है, तो—

  • प्राप्त की गई पूरी ब्याज अनुदान (Interest Subsidy)राशि 18% दंडात्मक ब्याजसहित वसूल की जाएगी।
  • मार्जिन मनी सहायताके अंतर्गत प्राप्त कोई भी लाभ भी 18% दंडात्मक ब्याजसहित वसूल किया जाएगा।

अपील प्रक्रिया

  • यदि कोई आवेदक जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC)के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह 30 दिनोंके भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपील कर सकता है।
  • अपील का निर्णय आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्यद्वारा किया जाएगा और उनका निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी (Final and Binding)होगा।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार

  • कार्यालय का पता: राजस्थान सरकार, जयपुर – 302005
  • फोन: 01412940327
  • ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक ऋण सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र उद्यमियों को नया विनिर्माण या सेवा उद्यम स्थापित करने अथवा मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSE) का विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण करने के लिए ₹2 करोड़ तक का ऋण, ब्याज अनुदान तथा मार्जिन मनी सहायता प्रदान की जाती है।
 

इस योजना के अंतर्गत पात्र आवेदकों को स्वीकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अधिकतम ₹2 करोड़ तक का ऋण प्राप्त हो सकता है।
 

₹1 करोड़ तक के ऋण पर 8% तथा ₹1 करोड़ से अधिक और ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 7% ब्याज अनुदान दिया जाता है। पात्र श्रेणियों के लिए अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदान का भी प्रावधान है।
 

महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), 40% से अधिक बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्यमों, पात्र बुनकरों तथा पंजीकृत शिल्पकारों को योजना के नियमों के अनुसार अतिरिक्त 1% ब्याज अनुदान दिया जाता है।
 

18 से 45 वर्ष आयु के पात्र व्यक्तिगत उद्यमी, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), पंजीकृत सोसायटी, साझेदारी फर्म, लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) तथा पंजीकृत कंपनियाँ योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं, बशर्ते वे सभी निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हों।
 

हाँ। मौजूदा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSE) अपने व्यवसाय के विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण के लिए भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं, यदि वे योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।
 

पात्र लाभार्थियों को स्वीकृत ऋण राशि का 25% या अधिकतम ₹5 लाख, जो भी कम हो, मार्जिन मनी सहायता के रूप में प्रदान किया जाता है।
 

आवेदन राजस्थान के SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन के बाद जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) द्वारा सत्यापन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
 

हाँ। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार जहाँ लागू हो, वहाँ पात्र आवेदकों को बिना संपार्श्विक (Collateral-Free) ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। पात्र ऋण CGTMSE गारंटी योजना के अंतर्गत भी कवर किए जा सकते हैं।
 

हाँ। यदि आवेदक जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति (DLTFC) के निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो वह निर्णय की तिथि से 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपील कर सकता है। अपील का अंतिम निर्णय आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य द्वारा लिया जाता है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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