राजस्थान मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना

द्वारा प्रस्तुत Pradeep on Thu, 30/04/2026 - 12:19
राजस्थान CM
Scheme Open
Mukhyamantri Naari Shakti Udyam Protsahan Scheme image
हाइलाइट
  • महिलाओं को व्यवसाय के लिए 50 लाख रुपये तक का लोन।
  • महिलाओं के स्वयं-सहायता समूह (SHG), SHG क्लस्टर और फेडरेशन 1 करोड़ रुपये तक का लोन।
  • सामान्य वर्ग की महिलाओं को 25% और अन्य वर्गों को 30% सब्सिडी दी जाएगी।
  • सब्सिडी की गणना करते समय आवेदक के अपने योगदान को भी ध्यान में रखा जाएगा।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • राजस्थान महिला और बाल विकास विभाग फोन नंबर: 0141-2716452
  • राजस्थान एमसीडी ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नामराजस्थान मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना
शुरू होने का वर्ष2025
लाभ
  • एकल महिला को 50 लाख तक का लोन
  • महिला स्वयं सहायता समूह को एक करोड़ तक का लोन
  • 15 लाख तक की अधिकतम सब्सिडी
  • 10 लाख तक का बिना गारंटी का लोन
लाभार्थी
  • महिला उद्यमी
  • महिला स्वयं सहायता समूह
  • स्वयं सहायता समूहों का समूह
  • संघ
नोडल विभागमहिला और बाल विकास विभाग, राजस्थान
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन आवेदन फॉर्म के माध्यम से

Mukhyamantri Naari Shakti Udyam Protsahan Details

योजना के बारे में

राजस्थान सरकार ने पूरे राज्य में महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (एमएनएसयूपीवाई) की शुरुआत की है। यह योजना पहले की इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की जगह लेती है और उन महिलाओं को आर्थिक सहायता देती है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।

यह योजना महिलाओं को पैसे उधार लेने और संपत्ति के बिना आसानी से ऋण पाने में आने वाली मुख्य समस्याओं को हल करती है। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत व्यक्तिगत महिलाएं 50 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकती हैं, जबकि महिलाओं के स्वयं सहायता समूह, समूह और संघ 1 करोड़ रुपये तक की राशि पा सकते हैं। सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 25% और अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं, विधवाओं, परित्यक्त महिलाओं, हिंसा के शिकार महिलाओं और विकलांग महिलाओं के लिए 30% की छूट दी जाती है। 10 लाख रुपये तक के ऋण बिना किसी जमानत के दिए जाते हैं, जिससे उन महिलाओं के लिए व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाता है जिनके पास संपत्ति या आस्तियाँ नहीं हैं।

मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना निर्माण, सेवा और व्यापार क्षेत्रों को शामिल करता है और महिलाओं द्वारा संचालित छोटे व्यवसायों को शुरू करने, बढ़ाने और आधुनिक बनाने का समर्थन करता है। यह योजना बड़े ऋण, आकर्षक छूट और कम जमानत की शर्तों के साथ महिलाओं में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है और राजस्थान में महिलाओं के बीच बेरोजगारी को कम करने में मदद करता है। राष्ट्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजस्थान वित्त निगम और सिडबी इस योजना के तहत ऋण देंगे। योजना के तहत दी जाने वाली छूट को 3 साल के लिए सावधि जमा रसीद (टीडीआर) के रूप में जमा किया जाएगा और कवर किए गए ऋण पर कोई ब्याज नहीं होगा। 3 साल बाद, एक समिति जांच करती है और सत्यापित करती है कि पैसे का सही उपयोग हुआ है, इसके बाद अंतिम छूट दी जाती है।

योजना के लाभ

  • व्यक्तिगत महिलाएं व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 लाख रुपये तक का ऋण ले सकती हैं
  • महिला स्वयं सहायता समूह, समूहों के समूह और संघ 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं
  • सामान्य वर्ग की महिला उद्यमियों को दिए गए ऋण पर 25% की छूट
  • अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं, विधवाओं, परित्यक्त महिलाओं, हिंसा के शिकार और विकलांग महिलाओं के लिए अतिरिक्त 30% की छूट
  • प्रत्येक लाभार्थी के लिए अधिकतम छूट 15 लाख रुपये तक सीमित
  • 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई जमानत नहीं लगानी पड़ती
  • 10 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए सीजीटीएमएसई की सुविधा उपलब्ध है
  • छूट की गणना के लिए आवेदक का अपना योगदान माना जाएगा
  • परियोजना की कुल लागत का 20% तक कार्यशाला या भवन निर्माण के लिए खर्च किया जा सकता है

पात्रताएं

  • आवेदक की आयु 18 साल या इससे अधिक होनी चाहिए
  • राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • स्वयं सहायता समूहों, समूहों और संघों के लिए: राज्य सरकार के विभाग के तहत पंजीकृत होना चाहिए
  • समूहों के समूहों और संघों के लिए: सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीकरण अनिवार्य है
  • परिवार के किसी सदस्य को पिछले 5 साल में केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी रोजगार योजना से सहायता नहीं मिली होनी चाहिए
  • परिवार के किसी सदस्य को किसी बैंक या वित्तीय संस्था में ऋण देने में असफल नहीं होना चाहिए

आवश्यक दस्तावेज

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • स्थायी निवास का प्रमाण (डोमिसाइल सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, वोटर आईडी)
  • आयु के प्रमाण दस्तावेज (जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, आधार)
  • जाति प्रमाणपत्र (यदि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए आवेदन कर रहे हैं)
  • विधवा प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
  • विकलांगता प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
  • बैंक खाते का विवरण और पासबुक
  • विस्तृत परियोजना प्रस्ताव या व्यवसाय योजना
  • पंजीकरण प्रमाणपत्र (स्वयं सहायता समूहों, समूहों और संघों के लिए)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • संचार के लिए मोबाइल नंबर
  • ऋण में असफल न होने की घोषणा

आवेदन प्रक्रिया

  • पात्र आवेदक मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • योजना के ऑनलाइन आवेदन पत्र राजस्थान एसएसओ पोर्टल पर उपलब्ध है।
  • आवेदक आवेदन फॉर्म को स्वयं भर सकते हैं; सामान्य आवेदन के लिए किसी सी.ए या विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं है।
  • आवेदक जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय में मासिक विशेष शिविरों में जाकर आवेदन प्रक्रिया को समझ सकते है।
  • शुरुआत करने के लिए पहले एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन करें, नए उपयोगकर्ता को पहले पंजीकरण करना होगा।
  • लॉगिन के बाद, योजनाओं की सूची से मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना को चुनें।
    Mukhyamantri naari Udhyam Protsahan Yojana
  • दिए गए निर्देशों को पढ़ें और "आवेदन भरें" बटन पर क्लिक करें।
    Mukhyamantri Naari Shakti Udyam Online Form
  • आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी सही तरीके से भरें जैसे व्यक्तिगत विवरण, वर्ग और व्यवसाय की जानकारी।
    Mukhyamantri Naari Shakti udyam Protsahana Online Form
  • विस्तृत परियोजना प्रस्ताव अपलोड करें जिसमें व्यवसाय योजना, निवेश की आवश्यकता और उम्मीद की गई आय शामिल हो।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करें।
  • यदि आप पहले से किसी व्यवसाय को विस्तारित करना, विविधता लाना या आधुनिक बनाना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले उद्योग आधार प्राप्त करें।
  • यदि आप अपनी खुद की जमीन, भवन या पूंजी इस परियोजना में लगा रहे हैं, तो इसका उल्लेख करें क्योंकि इससे मंजूरी की संभावनाएं बढ़ती हैं।
  • सभी विवरणों को ध्यान से जांचें और आवेदन को जमा करें।
  • आवेदन की रसीद को सुरक्षित रखें और आवेदन संख्या को नोट करें ताकि आप प्रगति को ट्रैक कर सकें।
  • विभिन्न चरणों में एसएमएस सूचनाओं की प्रतीक्षा करें; यदि मोबाइल नंबर बदल गया है तो इसे अपडेट करें।
  • 10 लाख रुपये से कम के ऋण के लिए, आवेदन को कार्यालय स्तर पर स्वचालित रूप से संसाधित किया जाता है; व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता नहीं है जब तक कि आपको बुलाया न जाए।
  • संबंधित बैंक के साथ समन्वय करें क्योंकि अंतिम ऋण मंजूरी बैंक द्वारा विभाग की सिफारिश के बाद दी जाती है।
  • ऋण मिलने के बाद, पोर्टल या मोबाइल ऐप पर नियमित रूप से अपनी प्रगति को अपडेट करें।
  • किसी भी अनुचित मांग या शिकायत की रिपोर्ट 181 हेल्पलाइन को दें।

उपलब्ध व्यवसाय क्षेत्र

मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत किये जाने वाले आवेदन केवल निर्देशित व्यवसाय क्षेत्रों के लिए ही स्वीकार किये जाएंगे, जैसे की

  • निर्माण और औद्योगिक इकाइयां
  • सेवा क्षेत्र के व्यवसाय
  • व्यापार व्यवसाय (थोक और खुदरा)
  • दुग्ध पालन और पशुपालन इकाइयां
  • कृषि पर आधारित व्यवसाय और कृषि प्रसंस्करण
  • अन्य छोटे व्यवसाय गतिविधियां जो वर्जित श्रेणियों में नहीं आती हैं।

प्रतिबंधित व्यवसाय क्षेत्र

निम्नलिखित व्यावसायिक गतिविधियां मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं हैं:

  • मांस उत्पादों, शराब और नशीली चीजों का निर्माण और बिक्री
  • विस्फोटक पदार्थ और संबंधित उत्पाद
  • परिवहन वाहन जिनकी सड़क पर कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है
  • गैर-पुनर्नवीनीकरण योग्य पॉलीथीन और पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक उत्पाद
  • वे उत्पाद या गतिविधियां जो भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित की जाती हैं।

आवेदन का मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया

10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए:

  • आवेदनों की जांच उप निदेशक/सहायक निदेशक (महिला सशक्तिकरण) द्वारा की जाएगी और सिफारिश दी जाएगी।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद, आवेदन को किसी साक्षात्कार के बिना संबंधित बैंक शाखा को भेजा जाएगा।
  • ये आवेदन कार्यालय स्तर पर स्वचालित रूप से संसाधित किए जाते हैं।

10 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए:

10 लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए आवेदनों के मूल्यांकन के लिए एक जिला स्तरीय कार्य बल समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में शामिल हैं:

  • उप निदेशक/सहायक निदेशक, जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय (समन्वयक)
  • महा प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र या प्रतिनिधि
  • जिले के लीड बैंक के महा प्रबंधक या प्रतिनिधि
  • जिले के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का प्रतिनिधि
  • जिला रोजगार अधिकारी या प्रतिनिधि
  • स्थानीय सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज/पॉलिटेक्निक/आईटीआई या एमएसएमई विकास संस्थान का प्रतिनिधि
  • जिला स्तरीय अधिकारी, राजस्थान राज्य ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) या प्रतिनिधि

नोट: कम से कम 4 सदस्यों की गणपूर्ति अनिवार्य है जिनमें कम से कम एक बैंक प्रतिनिधि होना चाहिए। कार्य बल समिति को महीने में कम से कम एक बार मिलना चाहिए। समिति द्वारा चुने गए आवेदनों को ऋण मंजूरी के लिए उधार देने वाले बैंक को भेजा जाएगा।

आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

  • बैंक और महिला सशक्तिकरण विभाग अच्छी परियोजनाओं और मजबूत व्यवसाय योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
  • जिन परियोजनाओं में आवेदक अपनी खुद की जमीन, भवन या पूंजी लगाते हैं, उन्हें आसानी से मंजूरी मिलती है।
  • यदि ऋण मंजूर नहीं होता है, तो निराश न हों; एक बेहतर परियोजना प्रस्ताव तैयार करें और फिर से आवेदन करें।
  • आप किसी अन्य विचार वाली व्यक्ति या समूह के साथ मिलकर भी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, भले ही शुरुआत में आपके पास ऋण न हो।
  • एक बार आपका व्यवसाय किसी स्तर पर चलने लगे, तो बैंक ऋण देने के लिए अधिक इच्छुक होते हैं।
  • ऋण ही सब कुछ नहीं है; सहयोग और साझेदारी के अवसरों को भी खोजें।
  • अपनी सफलता की कहानियां महिला सशक्तिकरण पोर्टल और सोशल मीडिया पर साझा करें ताकि दूसरों को प्रेरणा मिले और आपको अतिरिक्त सहायता मिले।
  • अपनी उपलब्धियों को साझा करने से आपके व्यवसार का बाजार विस्तारित हो सकता है और अन्य सहायता कार्यक्रमों से जुड़ने का मौका मिल सकता है।
  • ऋण के लिए आवेदन करने से पहले जांच लें कि आपका व्यवसाय इस योजना की वर्णित श्रेणी में आता है या नहीं।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

  • राजस्थान महिला और बाल विकास विभाग फोन नंबर: 0141-2716452
  • राजस्थान एमसीडी ईमेल हेल्पडेस्क: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत महिलाएं ₹50 लाख तक ऋण प्राप्त कर सकती हैं, जबकि SHG समूह/क्लस्टर/फेडरेशन ₹1 करोड़ तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

सामान्य वर्ग की महिलाओं को 25% तो SC/ST, विधवा, परित्यक्ता महिलाएं, हिंसा पीड़ित, दिव्यांग महिलाएं को अधिकतम 30% सब्सिडी। सब्सिडी की यह राशि अधिकतम 15 लाख रुपये तक हो सकती है। 

₹10 लाख तक के ऋण पर कोई जमानत आवश्यक नहीं है। ₹10 लाख से अधिक के ऋण पर CGTMSE लिंक उपलब्ध है (लाभार्थी को गारंटी शुल्क देना होगा)।

विनिर्माण, सेवा, व्यापार (थोक/खुदरा ₹10 लाख तक), डेयरी, कृषि-आधारित उद्यम और MSMEs।

हां, महिलाएं जो फर्म या कंपनी बनाती हैं, वे पूरी तरह पात्र हैं।

इसके आवेदन राजस्थान के एसएसओ पोर्टल से ऑनलाइन जमा कर सकते है। 

हाँ, आवेदन के दौरान अपने व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट देना आवश्यक है। 

लोन मिलने के बाद पोर्टल/ऐप पर नियमित रूप से प्रगति अपडेट करें। त्रैमासिक ओरिएंटेशन शिविरों में भाग लें। दूसरों को प्रेरित करने के लिए अपनी सफलता की कहानियां साझा करें।

नहीं, इस योजना के तहत आप मांस उत्पाद, शराब, नशीले पदार्थ, विस्फोटक, ₹10 लाख से अधिक के वाहन, गैर-रीसायक्लेबल पॉलिथीन, हानिकारक प्लास्टिक और सरकार द्वारा प्रतिबंधित वस्तुएं के व्यापार के लिए आवेदन नहीं कर सकते है। 

18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं, जो राजस्थान की स्थायी निवासी हैं। SHG का पंजीकृत होना आवश्यक है। जिन परिवारों के सदस्य पिछले 5 वर्षों में समान योजनाओं का लाभ ले चुके हैं या बैंक डिफॉल्टर हैं, वे पात्र नहीं हैं।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार योजना का प्रकार सरकार

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