- स्टूडेंट रेडी योजना की शुरुआत 25 जुलाई 2015 को कृषि शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
- इस कार्यक्रम को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का सहयोग और समन्वय प्राप्त होता है।
- वर्ष 2016 के मूल दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम छह महीने तक हर महीने ₹3,000 का स्टाइपेंड मिल सकता था।
- इस योजना में अनुभवात्मक शिक्षा, ग्रामीण प्रशिक्षण, औद्योगिक प्रशिक्षण और विद्यार्थी परियोजनाओं सहित पाँच मुख्य घटक हैं।
- कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि शिक्षा विभाग
- फोन: 11-25841760
- ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | स्टूडेंट रेडी योजना (रूरल एंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस डेवलपमेंट योजना) |
| शुरू होने का वर्ष | 2015 |
| लाभ | वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकतम 6 महीने तक हर महीने ₹3,000 का स्टाइपेंड, व्यावहारिक प्रशिक्षण, अपना व्यवसाय शुरू करने के कौशल और उद्योगों में काम करने का अनुभव। |
| लाभार्थी | इस योजना में शामिल संस्थानों में कृषि और उससे जुड़े विषयों में स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थी। |
| नोडल एजेंसी | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी नई जानकारी पाने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें। |
| आवेदन का तरीका | संबंधित कृषि विश्वविद्यालय या कॉलेज के माध्यम से |
योजना के बारे में
कृषि की पढ़ाई में सिर्फ कक्षा में फसलों, मिट्टी और खेती के तरीकों के बारे में जानना ही काफी नहीं होता। विद्यार्थियों को खेती से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव, उद्योगों में काम करने की जानकारी और ऐसे कौशल भी चाहिए, जिनकी मदद से वे नौकरी पा सकें या अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। स्टूडेंट रेडी योजना (रूरल एंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस डेवलपमेंट योजना) इसी जरूरत को पूरा करने में मदद करती है। इसके तहत कृषि और उससे जुड़े विषयों में स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। ICAR के वर्ष 2016 में जारी मूल दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम छह महीने तक हर महीने ₹3,000 का स्टाइपेंड मिल सकता था। इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल सीखने, किसानों की समस्याओं को समझने, उद्योगों में काम करने का अनुभव पाने और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में अपना व्यवसाय शुरू करने के अवसरों को जानने में भी मदद मिलती है।
स्टूडेंट रेडी योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 25 जुलाई 2015 को की थी। इसे शैक्षणिक सत्र 2016–17 से कृषि विश्वविद्यालयों में लागू किया गया। इस योजना को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से लागू किया जाता है। ICAR, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के अंतर्गत आता है, जो भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़ा है। ICAR कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने और इसमें शामिल संस्थानों के माध्यम से इस कार्यक्रम का समन्वय करने में मदद करता है। इस कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी के लिए विद्यार्थी ICAR के मानव संसाधन विकास पेज को देख सकते हैं।
इस कार्यक्रम के पाँच मुख्य घटक हैं: व्यवसाय के रूप में अनुभवात्मक शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास, ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE), उद्योगों में प्रशिक्षण या औद्योगिक प्रशिक्षण और विद्यार्थी परियोजनाएँ। वर्ष 2016 के मूल नियमों के अनुसार, विद्यार्थी अपने विषय और निर्धारित पाठ्यक्रम के हिसाब से इन पाँच घटकों में से कोई तीन घटक चुनते हैं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी, समस्याओं को सुलझाने की क्षमता, व्यवसाय से जुड़े कौशल और काम करने का अनुभव मिलता है। चूँकि मूल दिशा-निर्देश वर्ष 2016 के हैं, इसलिए स्टाइपेंड की राशि और प्रशिक्षण से जुड़ी शर्तों की जानकारी विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय से लेनी चाहिए।
आमतौर पर इस योजना में भाग लेने के लिए विद्यार्थी का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में कृषि या उससे जुड़े विषय के स्नातक पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढ़ना जरूरी होता है। इसके साथ ही उसे मान्यता, पढ़ाई और आचरण से जुड़ी लागू शर्तें भी पूरी करनी होती हैं। पंजीकरण, प्रशिक्षण की जगह तय करने और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं का काम आमतौर पर विश्वविद्यालय करता है। विद्यार्थियों के लिए कोई अलग सार्वजनिक आवेदन पोर्टल सत्यापित नहीं हुआ है। जानकारी के लिए विद्यार्थी अपने कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक या संबंधित शैक्षणिक विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
शिक्षा से जुड़ी दूसरी सहायता योजनाओं के बारे में जानने वाले विद्यार्थी ICAR राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति (National Talent Scholarship) के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। लागू नियमों के अनुसार, यह छात्रवृत्ति उन पात्र विद्यार्थियों को सहायता देती है, जो अपने गृह राज्य से बाहर स्थित कृषि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करते हैं। इसके अलावा, स्नातकोत्तर स्तर पर रिसर्च करने में रुचि रखने वाले विद्यार्थी DBT जूनियर रिसर्च फेलोशिप कार्यक्रम के बारे में पढ़ सकते हैं। यह कार्यक्रम जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान के पात्र रिसर्च विद्यार्थियों को सहायता देता है। इन दोनों कार्यक्रमों की पात्रता और लाभ स्टूडेंट रेडी योजना से अलग हैं।
स्टूडेंट रेडी योजना के पाँच मुख्य घटक
स्टूडेंट रेडी योजना में कक्षा की पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि विद्यार्थी तकनीकी जानकारी हासिल कर सकें, काम करने का अनुभव पा सकें और अपना व्यवसाय शुरू करने से जुड़े कौशल सीख सकें। ICAR के अनुसार, इस कार्यक्रम के पाँच मुख्य घटक हैं। विद्यार्थियों को कौन-सी गतिविधियाँ दी जाएँगी, यह उनके विषय और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पर निर्भर करता है।
- अनुभवात्मक शिक्षा (व्यवसाय के रूप में): इस घटक में विद्यार्थियों को कृषि से जुड़े व्यवसाय चलाने और उनके कामकाज को समझने का अनुभव मिलता है। इसमें उत्पादन, उत्पाद की गुणवत्ता, हिसाब-किताब, मार्केटिंग और बिक्री जैसे काम शामिल हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को कृषि के क्षेत्र में अपना काम शुरू करने और खुद का रोजगार बनाने के अवसर समझने में मदद मिलती है।
- अनुभवात्मक शिक्षा (व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास): इस घटक के तहत विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रशिक्षण गतिविधियों, विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल और विश्वविद्यालय की सुविधाओं के माध्यम से तकनीकी और व्यावहारिक कौशल सिखाए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि से जुड़े काम करने और नई तकनीकों का इस्तेमाल करने में बेहतर बनाना है।
- ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE): इसमें विद्यार्थी गाँवों में जाकर किसानों से मिलते हैं और खेती के तरीकों को करीब से समझते हैं। इससे उन्हें स्थानीय खेती की स्थिति, किसानों की समस्याओं, कृषि तकनीकों और ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों के बारे में जानने का मौका मिलता है।
- उद्योगों में प्रशिक्षण, औद्योगिक प्रशिक्षण या इंटर्नशिप: इस घटक के तहत विद्यार्थियों को संबंधित उद्योगों, संस्थानों या कृषि व्यवसायों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। इससे वे काम करने के तरीकों, उद्योगों की गतिविधियों और अपनी पढ़ाई में सीखी गई बातों को असल काम में इस्तेमाल करना सीखते हैं।
- विद्यार्थी परियोजनाएँ: इस घटक में विद्यार्थी अपने विषय से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करते हैं। इसमें किसी समस्या की पहचान करना, काम की योजना बनाना, प्रयोग करना, नतीजों का विश्लेषण करना और अंतिम रिपोर्ट तैयार करना शामिल हो सकता है। इससे विद्यार्थियों को रिसर्च करने और समस्याओं का समाधान निकालने के कौशल भी सीखने को मिलते हैं।
ध्यान दें: वर्ष 2016 के मूल नियमों के अनुसार, विद्यार्थी अपने डिग्री पाठ्यक्रम की जरूरतों के हिसाब से इन पाँच घटकों में से कोई तीन घटक चुनते हैं। कुछ विषयों के लिए अलग व्यवस्था है। उदाहरण के लिए, मूल दिशा-निर्देशों के अनुसार डेयरी टेक्नोलॉजी, फूड टेक्नोलॉजी और कृषि इंजीनियरिंग में ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE) की जगह उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि वेटरनरी साइंस के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप की अलग व्यवस्था है।
योजना के लाभ
यह योजना कृषि और उससे जुड़े विषयों में स्नातक की पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों को नौकरी पाने या अपना काम शुरू करने के लिए तैयार करने में मदद करती है। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- ICAR के वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम छह महीने तक हर महीने ₹3,000 का स्टाइपेंड मिल सकता है। वर्तमान राशि की पुष्टि विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय से करनी चाहिए।
- विद्यार्थियों को कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इससे वे कक्षा में सीखी गई बातों को असल जीवन में इस्तेमाल करना सीखते हैं।
- यह योजना विद्यार्थियों को कृषि से जुड़ा अपना व्यवसाय शुरू करने और गाँवों में व्यवसाय के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- अनुभवात्मक शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और विश्वविद्यालय में होने वाली प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थी तकनीकी और काम से जुड़े कौशल सीखते हैं।
- ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE) के दौरान विद्यार्थी किसानों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं, खेती के तरीकों और स्थानीय कृषि जरूरतों को समझते हैं।
- विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, उद्योगों में प्रशिक्षण और औद्योगिक प्रशिक्षण के माध्यम से काम करने का अनुभव मिलता है।
- अनुभवात्मक शिक्षा से विद्यार्थियों को व्यवसाय की योजना बनाने, मार्केटिंग, हिसाब-किताब, टीम में काम करने और समस्याओं का समाधान निकालने जैसे कौशल सीखने में मदद मिलती है।
- विद्यार्थियों को रिसर्च और परियोजनाओं पर काम करने का अनुभव मिलता है। इसमें समस्याओं की पहचान करना, काम की योजना बनाना, प्रयोग करना और रिपोर्ट तैयार करना शामिल है।
- वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अनुभवात्मक शिक्षा इकाइयों से होने वाले मुनाफे का 50% हिस्सा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को दिया जाता है, जो संबंधित संस्थान की लागू व्यवस्था और नियमों पर निर्भर करता है।
- यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि, कृषि व्यवसाय, खाद्य प्रसंस्करण और उससे जुड़े दूसरे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए तैयार करने में मदद करता है।
स्टाइपेंड और आर्थिक सहायता
स्टूडेंट रेडी योजना के मूल दिशा-निर्देशों में निर्धारित ग्रामीण प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और दूसरी संबंधित गतिविधियों के दौरान पात्र विद्यार्थियों को हर महीने स्टाइपेंड देने का प्रावधान है। ICAR की वर्ष 2016 की पुस्तिका में आर्थिक सहायता से जुड़ी निम्नलिखित जानकारी दी गई है। विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय से यह पुष्टि कर लेनी चाहिए कि ये राशि और शर्तें उनके वर्तमान शैक्षणिक सत्र में लागू हैं या नहीं।
आर्थिक सहायता का प्रकार | राशि | जानकारी |
|---|---|---|
| विद्यार्थी का मासिक स्टाइपेंड | ₹3,000 प्रति माह | वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकतम छह महीने तक। |
| स्टाइपेंड में ICAR का हिस्सा | ₹2,500 प्रति विद्यार्थी प्रति माह | विद्यार्थी के स्टाइपेंड के लिए ICAR की ओर से दिया जाने वाला हिस्सा। |
| स्टाइपेंड में राज्य का हिस्सा | ₹500 प्रति विद्यार्थी प्रति माह | मूल आर्थिक व्यवस्था के अनुसार, विद्यार्थी के स्टाइपेंड में राज्य सरकार की ओर से दिया जाने वाला हिस्सा। |
| कार्यक्रम चलाने का खर्च | ₹500 प्रति विद्यार्थी प्रति माह | कार्यक्रम से जुड़े खर्चों के लिए ICAR की ओर से विश्वविद्यालय को दी जाने वाली अतिरिक्त राशि। यह राशि विद्यार्थी को सीधे नहीं दी जाती है। |
पुरानी स्टाइपेंड दर के अनुसार, अगर किसी विद्यार्थी को पूरे छह महीने तक हर महीने ₹3,000 मिलते हैं, तो उसे कुल ₹18,000 तक मिल सकते हैं। वास्तविक भुगतान विद्यार्थी की पात्रता, प्रशिक्षण की अवधि और संस्थान के लागू नियमों पर निर्भर करता है।
वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि:
- स्टाइपेंड की शुरुआत उस महीने से होती है, जिसमें विद्यार्थी ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE), उद्योगों में प्रशिक्षण, इंटर्नशिप या औद्योगिक प्रशिक्षण शुरू करता है। यह उसके प्रशिक्षण के प्रकार पर निर्भर करता है।
- इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकतम छह महीने तक स्टाइपेंड दिया जा सकता है।
- ICAR से राशि मिलने के बाद विश्वविद्यालय पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्टाइपेंड भेजता है। मूल नियमों के अनुसार, यह व्यवस्था आधार से जुड़ी थी।
- वर्ष 2016 की भुगतान व्यवस्था के तहत ICAR विद्यार्थियों को सीधे स्टाइपेंड नहीं देता है।
- स्टाइपेंड पाने के लिए विद्यार्थियों को उपस्थिति, पढ़ाई में प्रगति और अच्छे आचरण से जुड़ी लागू शर्तों को पूरा करना होता है।
स्टाइपेंड की वर्तमान राशि, भुगतान की तारीख, बैंक खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी और अपने पाठ्यक्रम पर लागू शर्तों की पुष्टि करने के लिए विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक से संपर्क करना चाहिए।
अवधि और क्रेडिट की व्यवस्था
ICAR के मूल स्टूडेंट रेडी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह कार्यक्रम स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में चलने वाला एक साल का व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम में यह आमतौर पर सातवें और आठवें सेमेस्टर में होता है। हालाँकि, इसकी वास्तविक व्यवस्था विद्यार्थी के विषय और विश्वविद्यालय के लागू पाठ्यक्रम पर निर्भर करती है।
वर्ष 2016 की पुस्तिका में इस कार्यक्रम के लिए क्रेडिट की सामान्य व्यवस्था इस प्रकार दी गई है:
कार्यक्रम का घटक | सामान्य व्यवस्था के अनुसार क्रेडिट |
|---|---|
अनुभवात्मक शिक्षा या कौशल विकास | 20 क्रेडिट |
ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE) | 10 क्रेडिट |
औद्योगिक प्रशिक्षण या विद्यार्थी परियोजना | 10 क्रेडिट |
ये आँकड़े वर्ष 2016 की पुस्तिका में दी गई सामान्य व्यवस्था को दिखाते हैं। इन्हें हर विषय के लिए क्रेडिट की एक जैसी व्यवस्था नहीं मानना चाहिए। पुस्तिका में अलग-अलग डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए सेमेस्टर के हिसाब से अलग व्यवस्था भी दी गई है।
उदाहरण के लिए, बीएससी (ऑनर्स) कृषि के पुराने पाठ्यक्रम में सातवें सेमेस्टर में ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE) और कृषि-औद्योगिक प्रशिक्षण को मिलाकर 20 क्रेडिट दिए गए हैं। आठवें सेमेस्टर में अनुभवात्मक शिक्षा या व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए 20 क्रेडिट दिए गए हैं। डेयरी टेक्नोलॉजी, वानिकी और बागवानी जैसे दूसरे विषयों में प्रशिक्षण की अपनी निर्धारित व्यवस्था है।
विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय के वर्तमान पाठ्यक्रम की जाँच करनी चाहिए, ताकि वे जरूरी क्रेडिट, प्रशिक्षण की अवधि, सेमेस्टर की व्यवस्था और चुने जाने वाले घटकों के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सकें। ICAR ने वर्ष 2026 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्नातक कृषि पाठ्यक्रमों और क्रेडिट व्यवस्था में बदलाव करने के लिए छठी डीन समिति की रिपोर्ट प्रकाशित की। इसलिए वर्ष 2016 की व्यवस्था को पुरानी व्यवस्था के रूप में देखना चाहिए, जब तक विश्वविद्यालय यह पुष्टि न कर दे कि वही व्यवस्था विद्यार्थी के पाठ्यक्रम पर अभी भी लागू है।
पात्रताएं
स्टूडेंट रेडी योजना में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को शैक्षणिक और संस्थान से जुड़ी निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- विद्यार्थी कृषि या उससे जुड़े किसी पात्र विषय में स्नातक पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढ़ रहा हो।
- पाठ्यक्रम किसी पात्र राज्य कृषि विश्वविद्यालय, मानद विश्वविद्यालय (Deemed-to-be University), केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय या कृषि संकाय वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय में चलाया जा रहा हो।
- वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित डिग्री पाठ्यक्रम को ICAR के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) से मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।
- विद्यार्थी की पढ़ाई और शैक्षणिक प्रदर्शन संतोषजनक होना चाहिए और उसके आचरण की पुष्टि कॉलेज या संस्थान के प्रमुख द्वारा की जानी चाहिए।
- विद्यार्थी को निर्धारित प्रशिक्षण गतिविधियों में नियमित रूप से शामिल होना चाहिए और कार्यक्रम की सभी जरूरी गतिविधियों को पूरा करना चाहिए।
- विद्यार्थी को प्रशिक्षण, उपस्थिति, पढ़ाई में प्रगति और मूल्यांकन से जुड़े विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करना चाहिए।
- वेटरनरी साइंस के विद्यार्थी आमतौर पर स्टूडेंट रेडी योजना के सामान्य घटकों के बजाय भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (VCI) के नियमों के अनुसार अलग इंटर्नशिप व्यवस्था का पालन करते हैं।
ध्यान दें: पाठ्यक्रम, चुने जाने वाले घटकों और स्टाइपेंड की पात्रता से जुड़ी शर्तें लागू पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं। योजना में भाग लेने से पहले विद्यार्थियों को अपनी पात्रता की पुष्टि के लिए कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक या संबंधित शैक्षणिक विभाग से संपर्क करना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
ICAR के वर्ष 2016 के दिशा-निर्देशों में व्यक्तिगत आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की कोई एक तय सूची नहीं दी गई है। विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, विद्यार्थियों से निम्नलिखित दस्तावेज माँगे जा सकते हैं:
- पहचान की पुष्टि और स्टाइपेंड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड, यदि इसकी जरूरत हो।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्टाइपेंड पाने के लिए बैंक खाते की जानकारी, लागू भुगतान नियमों के अनुसार।
- कॉलेज का पहचान पत्र या पात्र स्नातक पाठ्यक्रम में पढ़ने का प्रमाण।
- जरूरत पड़ने पर शैक्षणिक रिकॉर्ड या मार्कशीट।
- विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पंजीकरण फॉर्म, सहमति पत्र या घोषणा पत्र।
- प्रशिक्षण की जगह तय करने या स्टाइपेंड की प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक द्वारा माँगे गए दूसरे दस्तावेज।
यह दस्तावेजों की एक सामान्य सूची है, न कि सभी संस्थानों के लिए तय की गई आधिकारिक सूची। दस्तावेज जमा करने से पहले अपने कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक से सही जानकारी प्राप्त करें।
आवेदन प्रक्रिया
स्टूडेंट रेडी योजना कृषि स्नातक की पढ़ाई का ही एक हिस्सा है। इसलिए आमतौर पर विद्यार्थियों को इसके लिए अलग से ऑनलाइन आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। इसके बजाय, कॉलेज या विश्वविद्यालय पंजीकरण, प्रशिक्षण गतिविधियों और स्टाइपेंड से जुड़ी प्रक्रियाओं का काम संभालता है। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विद्यार्थी नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- अपने कॉलेज के शैक्षणिक विभाग से पता करें कि आप स्नातक के अंतिम वर्ष में स्टूडेंट रेडी योजना में भाग लेने के लिए पात्र हैं या नहीं।
- पंजीकरण प्रक्रिया, प्रशिक्षण के समय और विश्वविद्यालय के लागू नियमों की जानकारी लेने के लिए स्टूडेंट रेडी योजना संबंधित शिक्षक से संपर्क करें।
- अपने कॉलेज द्वारा बताई गई पंजीकरण प्रक्रिया और दूसरी जरूरी औपचारिकताएँ पूरी करें। उसी अनुसार कॉलेज आपको बताएगा कि कौन-से दस्तावेज जमा करने हैं।
- विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई प्रशिक्षण योजना का पालन करें। आपके विषय के अनुसार आपको गाँवों में जाकर काम करने, अनुभवात्मक शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप या विद्यार्थी परियोजना पर काम करने का अवसर मिल सकता है।
- अपने पाठ्यक्रम के अनुसार दिए गए घटकों, व्यावहारिक गतिविधियों, उपस्थिति की शर्तों और मूल्यांकन से जुड़े सभी काम पूरे करें।
- अगर आप लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार स्टाइपेंड पाने के पात्र हैं, तो भुगतान की प्रक्रिया के लिए जरूरी बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी अपने संस्थान को दें। वर्ष 2016 के ICAR दिशा-निर्देशों के अनुसार, विश्वविद्यालय को राशि मिलती है और वह पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से स्टाइपेंड भेजता है।
- कार्यक्रम के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के लिए ICAR के स्टूडेंट रेडी योजना पेज को देखें या स्टूडेंट रेडी योजना के दिशा-निर्देश डाउनलोड करें।
विद्यार्थियों के लिए कोई अलग सार्वजनिक आवेदन पोर्टल या सभी के लिए एक समान आवेदन की अंतिम तारीख सत्यापित नहीं हुई है। चूँकि पंजीकरण, प्रशिक्षण की जगह तय करने और स्टाइपेंड की प्रक्रिया का काम संबंधित संस्थान करता है, इसलिए वर्तमान प्रक्रिया जानने के लिए अपने कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक से संपर्क करें।
महत्वपूर्ण लिंक
संपर्क जानकारी
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि शिक्षा विभाग
- फोन: 11-25841760
- ईमेल: [email protected]
- पता: कृषि शिक्षा विभाग, कमरा नंबर 207, कृषि अनुसंधान भवन-II, नई दिल्ली – 110012, भारत।
विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी, पंजीकरण, प्रशिक्षण के समय और स्टाइपेंड की पात्रता के बारे में जानने के लिए विद्यार्थी अपने कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना संबंधित शैक्षणिक विभाग से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्टूडेंट रेडी योजना (रूरल एंटरप्रेन्योरशिप अवेयरनेस डेवलपमेंट योजना) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का एक कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य कृषि और उससे जुड़े विषयों में स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योगों में काम करने का अनुभव और अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी कौशल प्रदान करना है।
स्टूडेंट रेडी योजना की शुरुआत 25 जुलाई 2015 को की गई थी। इसे कृषि विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016–17 से लागू किया गया।
ICAR के वर्ष 2016 के मूल दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम छह महीने तक हर महीने ₹3,000 का स्टाइपेंड मिल सकता था। वर्तमान स्टाइपेंड की राशि की पुष्टि विद्यार्थियों को अपने विश्वविद्यालय से करनी चाहिए।
कृषि और उससे जुड़े विषयों में स्नातक की पढ़ाई के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थी इस योजना में भाग ले सकते हैं। इसके लिए संबंधित संस्थान, पाठ्यक्रम, शैक्षणिक योग्यता और विश्वविद्यालय के लागू नियमों को पूरा करना जरूरी है।
इस कार्यक्रम को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का सहयोग और समन्वय प्राप्त होता है। ICAR, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार से संबंधित है।
- इस योजना के पाँच मुख्य घटक हैं:
- व्यवसाय आधारित अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning)
- व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास
- ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव (RAWE)
- उद्योगों में प्रशिक्षण या औद्योगिक प्रशिक्षण
- विद्यार्थी परियोजनाएँ (Student Projects)
ICAR के मूल दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह अंतिम वर्ष में आयोजित होने वाला एक वर्षीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसकी वास्तविक अवधि और सेमेस्टर की व्यवस्था विद्यार्थी के विषय और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पर निर्भर करती है।
विद्यार्थियों को पंजीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और पात्रता की जानकारी के लिए अपने कॉलेज के स्टूडेंट रेडी योजना समन्वयक या संबंधित शैक्षणिक विभाग से संपर्क करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए कोई अलग सार्वजनिक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल सत्यापित नहीं हुआ है।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, विद्यार्थियों से आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, कॉलेज पहचान पत्र, शैक्षणिक रिकॉर्ड और पंजीकरण फॉर्म जैसे दस्तावेज माँगे जा सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों की सही सूची अपने कॉलेज से प्राप्त करनी चाहिए।
यह योजना विद्यार्थियों को कृषि से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, तकनीकी और व्यावसायिक कौशल विकसित करने, किसानों से जुड़ने, उद्योगों में प्रशिक्षण लेने और कृषि क्षेत्र में रोजगार या अपना व्यवसाय शुरू करने के अवसरों को समझने में मदद करती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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