- उत्तर प्रदेश के ग्रामीण बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना।
- अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण।
- सामान्य वर्ग को 4% से अधिक ब्याज पर ब्याज अनुदान।
- अनुसूचित जनजाति (TSP) के पात्र लाभार्थियों के लिए पूर्ण ब्याज अनुदान।
- उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड फोन : 2208321/2208310/2208313/2207004
- ग्रामोद्योग समाधान सेल: 18001207699
योजना का सारांश | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना |
| नोडल विभाग | खादी एवं ग्रामोद्योग अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन |
| लाभ | अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण एवं पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार ब्याज अनुदान |
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियाँ, पारंपरिक कारीगर एवं शिल्पी |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें . |
| आवेदन का माध्यम | मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ई-पोर्टल |
योजना के बारे में
यदि आप उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं और अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना आपके लिए एक महत्वपूर्ण योजना हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र बेरोजगार युवक-युवतियों, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पियों को अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) भी दिया जाता है, जिससे ऋण चुकाने का वित्तीय बोझ कम हो जाता है।
इस योजना का संचालन उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, बेरोजगारी कम करना तथा युवाओं के शहरों की ओर पलायन को रोकना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्योग एवं सेवा आधारित व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंक वित्त की सुविधा प्रदान की जाती है।
योजना के लिए 18 से 50 वर्ष आयु के उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियाँ, पारंपरिक कारीगर एवं शिल्पी आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत (Individual) तथा साझेदारी (Partnership) दोनों प्रकार की इकाइयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
योजना के तहत सामान्य वर्ग के पात्र लाभार्थियों को 4% से अधिक ब्याज पर ब्याज अनुदान दिया जाता है, जबकि निर्धारित श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को शासन के नियमों के अनुसार विशेष ब्याज सहायता प्रदान की जाती है। आवेदन जिला स्तरीय समिति की मंजूरी और संबंधित बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद ही लाभ दिया जाता है। वर्तमान में आवेदन मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ई-पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं, जहाँ से आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड, आवेदन की स्थिति देखना तथा शिकायत दर्ज करने जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित करती है। इनमें उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA) तथा पं० दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से नए उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बेरोजगार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पियों को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण के साथ ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) प्रदान किया जाता है, जिससे उनका वित्तीय बोझ कम होता है और व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित करने में सहायता मिलती है।
योजना के लाभ
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण तथा ब्याज अनुदान की सुविधा प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ब्याज का बोझ कम करके ग्रामीण उद्यमियों को अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित करने में सहायता देना भी है।
- ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बेरोजगार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पियों को अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- ऋण राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा योजना से संबद्ध अन्य बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
- सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 4% से अधिक ब्याज की राशि पर ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) प्रदान किया जाता है।
- वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन, महिलाएं एवं भूतपूर्व सैनिक जैसे आरक्षित वर्ग के पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार पूर्ण ब्याज अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है।
- ब्याज अनुदान सीधे लाभार्थी के ऋण खाते में संबंधित बैंक की मांग के अनुसार समायोजित किया जाता है।
- तकनीकी शिक्षा प्राप्त (आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक) बेरोजगार युवाओं को योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलता है।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।
- स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंक वित्त उपलब्ध होने से युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सहायता मिलती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम करने में सहायता मिलती है।
पात्रता मानदंड
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लाभ केवल उन आवेदकों को दिया जाता है जो योजना द्वारा निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। पात्रता का सत्यापन जिला स्तर पर किया जाता है तथा केवल अनुमोदित आवेदनों पर ही बैंक ऋण एवं ब्याज अनुदान की सुविधा प्रदान की जाती है।
योजना के लिए पात्रता की शर्तें निम्नलिखित हैं—
- आवेदक उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। आवेदक की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक बेरोजगार युवक या युवती, पारंपरिक कारीगर अथवा शिल्पी होना चाहिए। योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत (Individual) तथा साझेदारी (Partnership) दोनों प्रकार की इकाइयाँ स्थापित की जा सकती हैं।
- प्रस्तावित उद्योग या सेवा इकाई ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित की जानी चाहिए। परियोजना के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा योजना से संबद्ध अन्य बैंक से ऋण स्वीकृत होना आवश्यक है।
- आवेदन का मंजूरी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
- केवल वही लाभार्थी ब्याज अनुदान के पात्र होंगे जो योजना की सभी पात्रता शर्तों का पूर्ण रूप से पालन करते हों।
- लाभार्थी को स्वीकृत ऋण का उपयोग केवल स्वीकृत परियोजना के लिए करना होगा।
- इकाई का सफलतापूर्वक संचालन होने के बाद ही ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- यदि जांच में कोई लाभार्थी अपात्र पाया जाता है, तो उसे योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
प्राथमिकता किन आवेदकों को मिलेगी?
योजना के अंतर्गत निम्नलिखित आवेदकों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है—
- आईटीआई (ITI) से प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार युवक-युवतियाँ।
- पॉलिटेक्निक संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी।
- पारंपरिक कारीगर एवं शिल्पी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में नया उद्योग स्थापित करने वाले पात्र उद्यमी।
अनुसूचित जनजाति (Tribal Sub Plan) के लिए विशेष व्यवस्था
वित्तीय वर्ष 2015-16 के शासनादेश के अनुसार जनजातीय उपयोजना (TSP) के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरुष एवं महिला लाभार्थियों को स्वीकृत ऋण पर देय पूर्ण ब्याज राशि राज्य सरकार द्वारा ब्याज उपादान (Interest Subsidy) के रूप में वहन की जाएगी, बशर्ते वे योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हों।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत पात्र गतिविधियाँ
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जाने वाली विभिन्न ग्रामोद्योग, विनिर्माण (Manufacturing), सेवा (Service) एवं कुटीर उद्योग आधारित इकाइयों के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। परियोजना का चयन स्थानीय संसाधनों, उपलब्ध कच्चे माल तथा बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
योजना के अंतर्गत निम्न प्रकार की गतिविधियों के लिए सहायता प्राप्त की जा सकती है-
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) इकाइयाँ।
- आटा चक्की, मसाला पीसने, दाल मिल एवं अन्य कृषि आधारित उद्योग।
- फर्नीचर निर्माण एवं बढ़ईगिरी (Carpentry) कार्य।
- लोहे, स्टील एवं धातु आधारित लघु उद्योग।
- सिलाई, कढ़ाई, रेडीमेड वस्त्र एवं बुटीक।
- अगरबत्ती, मोमबत्ती एवं साबुन निर्माण।
- पेपर प्रोडक्ट एवं स्टेशनरी निर्माण।
- चमड़ा एवं चमड़ा उत्पाद निर्माण।
- बांस, लकड़ी एवं हस्तशिल्प आधारित उद्योग।
- मिट्टी के बर्तन एवं अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग।
- कंप्यूटर रिपेयरिंग, हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग जैसी सेवा इकाइयाँ।
- मोबाइल रिपेयरिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत।
- मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग एवं इंजीनियरिंग आधारित लघु इकाइयाँ।
- डेयरी, मधुमक्खी पालन तथा अन्य ग्रामीण आधारित उद्यम।
- अन्य ऐसे ग्रामोद्योग एवं सेवा क्षेत्र के उद्योग जिन्हें उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया हो।
नोट: प्रस्तावित परियोजना ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित होने योग्य होनी चाहिए तथा उसका वित्तपोषण राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अथवा योजना से संबद्ध अन्य बैंक द्वारा किया जाना आवश्यक है। अंतिम स्वीकृति संबंधित जिला स्तरीय समिति एवं बैंक के निर्णय के अनुसार होगी।
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है-
- पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो
- हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी
- प्रोजेक्ट प्रोफाइल / प्रोजेक्ट प्रोफाइल समरी
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- इकाई के स्थान का प्रमाण पत्र, जो ग्राम प्रधान/कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रमाणित हो
- उच्चतम शैक्षणिक अथवा तकनीकी योग्यता का प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
महत्वपूर्ण: सभी दस्तावेज स्पष्ट एवं निर्धारित आकार (File Size) के अनुसार अपलोड किए जाने चाहिए। गलत या अपूर्ण दस्तावेज होने पर आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आवेदन करने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए आवेदन मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ई-पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिसमें पंजीकरण, आवेदन पत्र भरना, दस्तावेज़ अपलोड करना और अंतिम सबमिशन शामिल है।
- चरण 1: ई-पोर्टल पर पंजीकरण करें
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के आधिकारिक ई-पोर्टल पर जाएँ।
- आवेदक पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें।
- सभी आवश्यक व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें।
- Register बटन पर क्लिक करें।
- सफल पंजीकरण के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर User ID और Password SMS के माध्यम से भेज दिए जाएंगे।
- चरण 2: पोर्टल पर लॉगिन करें
- प्राप्त User ID एवं Password की सहायता से लॉगिन करें।
- पहली बार आवेदन करने वाले अभ्यर्थी "New Applicant" विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
- चरण 3: ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें
- लॉगिन करने के बाद My Application पर क्लिक करें।
- आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता, शैक्षणिक योग्यता, सामाजिक वर्ग, कार्य अनुभव, प्रस्तावित उद्योग/गतिविधि, परियोजना लागत तथा बैंक संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- सभी विवरण दर्ज करने के बाद Save Application Data बटन पर क्लिक करें।
- चरण 4: DPR तैयार करें
- यदि आवश्यक हो तो Prepare DPR विकल्प पर क्लिक करके परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report) तैयार करें।
- आवश्यकता होने पर Download Certificate विकल्प के माध्यम से प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
- चरण 5: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- Upload Document मेन्यू में जाकर सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित फाइल साइज के अनुसार अपलोड करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद Upload Document बटन पर क्लिक करें।
- चरण 6: आवेदन का अंतिम सबमिशन करें
- सभी जानकारी एवं दस्तावेज़ों की जांच करने के बाद Final Submission विकल्प पर क्लिक करें।
- अंतिम सबमिशन के बाद आवेदन में कोई संशोधन (Edit) नहीं किया जा सकता।
- भविष्य के लिए आवेदन पत्र की प्रति सुरक्षित रखने हेतु Print Application विकल्प का उपयोग करें।
- चरण 7: आवेदन की स्थिति देखें
- आवेदन जमा होने के बाद Status मेन्यू के माध्यम से आवेदन की वर्तमान स्थिति देखी जा सकती है।
- चरण 8: आवश्यकता होने पर डीवीआईओ (DVIO) को ईमेल भेजें
- यदि आवेदन से संबंधित कोई जानकारी या अतिरिक्त दस्तावेज भेजना हो, तो Send Email विकल्प का उपयोग करके जिला ग्रामोद्योग अधिकारी (DVIO) को ईमेल भेजा जा सकता है।
- चरण 9: शिकायत दर्ज करें
- यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान कोई समस्या आती है, तो Grievances मेन्यू में जाकर नई शिकायत दर्ज की जा सकती है तथा पहले से दर्ज शिकायत की स्थिति भी देखी जा सकती है।
- चरण 10: मोबाइल नंबर बदलें
- यदि पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलना हो, तो Change Mobile Number विकल्प का उपयोग करें। नया मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद OTP सत्यापन के माध्यम से मोबाइल नंबर अपडेट किया जाता है।
महत्वपूर्ण बातें
- आवेदन का अंतिम सबमिशन करने के बाद उसमें संशोधन नहीं किया जा सकता।
- आवेदन पत्र का प्रिंट अपने पास सुरक्षित रखें।
- सभी दस्तावेज निर्धारित प्रारूप एवं फाइल साइज में ही अपलोड करें।
- आवेदन की प्रगति समय-समय पर पोर्टल के Status विकल्प से जांचते रहें।
- यदि जिला ग्रामोद्योग अधिकारी (DVIO) अतिरिक्त दस्तावेज मांगते हैं, तो उन्हें पोर्टल के माध्यम से अपलोड किया जा सकता है तथा उसी पैनल के माध्यम से संवाद भी किया जा सकता है।
आवेदन के बाद की प्रक्रिया
आवेदन जमा होने के बाद उसका विभिन्न स्तरों पर परीक्षण एवं अनुमोदन किया जाता है। पात्रता की पुष्टि होने और बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद ही लाभार्थी को योजना का लाभ मिलता है। पूरी प्रक्रिया निम्न प्रकार से होती है—
- 1. आवेदन की जांच
- ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद जिला ग्रामोद्योग अधिकारी (DVIO) आवेदन एवं अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच करते हैं। यदि आवेदन या दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, तो आवेदक से आवश्यक सुधार या अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
- 2. जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदन
- जांच पूरी होने के बाद पात्र आवेदनों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय चयन समिति (DLSC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। समिति आवेदन एवं परियोजना का परीक्षण कर पात्र आवेदनों को मंजूरी देती है।
- 3. बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति
- समिति से मंजूरी मिलने के बाद आवेदन संबंधित राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक या अन्य अधिकृत बैंक को भेजा जाता है। बैंक परियोजना का मूल्यांकन कर ऋण स्वीकृत करता है। आवश्यकता होने पर बैंक अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता है।
- 4. इकाई की स्थापना एवं सत्यापन
- ऋण स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को स्वीकृत परियोजना के अनुसार अपना उद्योग या व्यवसाय स्थापित करना होता है।
- इसके बाद संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यवसाय शुरू हो गया है तथा ऋण का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया है।
- 5. ब्याज अनुदान का भुगतान
- इकाई के सफल संचालन एवं सत्यापन के बाद संबंधित बैंक की मांग के अनुसार ब्याज अनुदान लाभार्थी के ऋण खाते में समायोजित किया जाता है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में शिकायत कैसे दर्ज करें?
यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो आवेदक ई-पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है—
- पोर्टल पर लॉगिन करें।
- Grievances मेन्यू पर क्लिक करें।
- Lodge New Grievance विकल्प चुनें।
- शिकायत का विवरण दर्ज करें।
- आवश्यक होने पर संबंधित दस्तावेज संलग्न करें।
- सूचना प्राप्त करने के लिए Email या SMS विकल्प चुनें।
- Lodge Grievance बटन पर क्लिक करके शिकायत दर्ज करें।
- आवेदक इसी पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति भी देख सकता है।
ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) कब और कैसे मिलता है?
योजना के तहत ब्याज अनुदान निम्न शर्तों के अनुसार दिया जाता है—
- केवल स्वीकृत ऋण पर ही ब्याज अनुदान देय होगा।
- लाभार्थी को योजना की सभी पात्रता शर्तों का पालन करना होगा।
- उद्योग या सेवा इकाई का सफलतापूर्वक संचालन होना आवश्यक है।
- संबंधित बैंक की मांग के अनुसार ब्याज अनुदान जारी किया जाता है।
- ब्याज अनुदान सीधे लाभार्थी के बैंक ऋण खाते में समायोजित किया जाता है।
- यदि लाभार्थी स्वीकृत धनराशि का दुरुपयोग करता है या इकाई बंद कर देता है, तो ब्याज अनुदान का भुगतान रोक दिया जाएगा।
- यदि पहले से ब्याज अनुदान का भुगतान किया जा चुका है, तो बैंक द्वारा नियमानुसार उसकी वसूली भी की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की शर्तें एवं नियम
- केवल उन्हीं आवेदकों को योजना का लाभ मिलेगा जिनका आवेदन जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित हो और बैंक से ऋण स्वीकृत हो।
- ब्याज अनुदान तभी दिया जाएगा जब लाभार्थी स्वीकृत परियोजना के अनुसार व्यवसाय स्थापित कर उसका सफलतापूर्वक संचालन कर रहा हो।
- ब्याज अनुदान संबंधित बैंक के माध्यम से लाभार्थी के ऋण खाते में समायोजित किया जाता है।
- यदि लाभार्थी व्यवसाय बंद कर देता है, ऋण राशि का दुरुपयोग करता है या योजना की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो ब्याज अनुदान बंद किया जा सकता है तथा पहले से दी गई राशि की वसूली भी की जा सकती है।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना लिंक
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के दिशा-निर्देश
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ई-पोर्टल उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका
संपर्क विवरण
उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड
- पता: 8, तिलक मार्ग, लखनऊ -226001
- फोन : 2208321/2208310/2208313/2207004
- ग्रामोद्योग समाधान सेल: 18001207699
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक स्वरोजगार योजना है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र बेरोजगार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पियों को उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण तथा ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है।
इस योजना का संचालन उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा किया जाता है।
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹10 लाख तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियाँ, पारंपरिक कारीगर एवं शिल्पी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हाँ। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार युवाओं को योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
ब्याज अनुदान तभी दिया जाता है जब बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत हो जाए, लाभार्थी अपनी इकाई स्थापित कर ले और उसका सफलतापूर्वक संचालन हो रहा हो।
ब्याज अनुदान सीधे लाभार्थी के व्यक्तिगत बैंक खाते में नहीं दिया जाता। इसे संबंधित बैंक के माध्यम से ऋण खाते में ब्याज उपादान (Interest Subsidy) के रूप में समायोजित किया जाता है।
यदि लाभार्थी उद्योग बंद कर देता है या ऋण राशि का दुरुपयोग करता है, तो ब्याज अनुदान रोक दिया जाएगा तथा पहले से दी गई राशि की वसूली बैंक द्वारा नियमानुसार की जा सकती है।
आवेदन मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के ई-पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है, जहाँ पंजीकरण, आवेदन पत्र भरना, दस्तावेज अपलोड करना और आवेदन की स्थिति देखना जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
आवेदन की पहले जिला ग्रामोद्योग अधिकारी द्वारा जांच की जाती है। इसके बाद जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन प्राप्त होने पर आवेदन बैंक को भेजा जाता है। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने और इकाई स्थापित होने के बाद पात्र लाभार्थी को ब्याज अनुदान प्रदान किया जाता है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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