- कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹5,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
- विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष ₹60,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के पात्र कृषि शिक्षण संस्थानों में कुल 2,820 छात्रवृत्ति सीटें उपलब्ध हैं।
- उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद हेल्पलाइन नंबर:
- 0522-2720383
- 0522-2720384
- 0522-2720405
- उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना |
| लाभ | प्रतिमाह ₹5,000 तक की छात्रवृत्ति |
| लाभार्थी | किसान परिवारों के मेधावी बच्चे |
| नोडल विभाग | उत्तर प्रदेश मंडी परिषद |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना एक मेधा-आधारित छात्रवृत्ति योजना है, जिसे उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद (उत्तर प्रदेश मंडी परिषद) द्वारा किसानों और कृषि श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों तथा उन पर पूरी तरह निर्भर विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जाता है। इस योजना के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम के अंतर्गत किया गया है। इस अधिनियम के अनुसार, मंडी परिषद अपनी वार्षिक आय का अधिकतम 2% हिस्सा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए खर्च कर सकती है। इस प्रावधान के माध्यम से राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में उच्च कृषि शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों तथा महाविद्यालयों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर कृषि एवं गृह विज्ञान की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मंडी परिषद के माध्यम से छात्रवृत्ति प्रदान करना है। कृषक छात्रवृत्ति योजना में बागवानी, वानिकी और पशुपालन जैसे कृषि से संबंधित अन्य विषय भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य किसान परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक दबाव के बिना अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता देना है।
यह योजना पूरी तरह से शैक्षणिक योग्यता और मेरिट पर आधारित है। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) से इंटरमीडिएट में कम से कम 70% अंक अथवा किसी अन्य बोर्ड से कम से कम 85% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक स्तर पर कम से कम 70% अंक होना अनिवार्य है। संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय पात्र विद्यार्थियों की मेरिट सूची तैयार करता है। इसके बाद मंडी परिषद के अधिकारियों वाली चयन समिति सूची को स्वीकृति देती है और मंडी परिषद के मंडलीय उपनिदेशक (प्रशासन/विपणन) द्वारा अंतिम मंजूरी प्रदान की जाती है। इसके बाद मंडी परिषद मुख्यालय छात्रवृत्ति की राशि जारी करता है।
उत्तर प्रदेश कृषक छात्रवृत्ति योजना में छात्रवृत्ति के नवीनीकरण के लिए भी स्पष्ट नियम है। विद्यार्थी को अगले वर्षों में छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए पिछले वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है। यदि विद्यार्थी किसी भी वर्ष में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो वह पाठ्यक्रम की शेष अवधि के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए अपात्र हो जाता है। इस योजना के लिए विद्यार्थी अपने शैक्षणिक संस्थान के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अलावा, राज्य सरकार मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना भी संचालित करती है, जिसके अंतर्गत UPSC, JEE, NEET और NDA जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा एवं देखभाल के लिए प्रतिमाह ₹2,500 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। कोविड-19 श्रेणी के अंतर्गत यह सहायता ₹4,000 तक हो सकती है। इन योजनाओं की संपूर्ण जानकारी यहाँ से देख सकते है।
नवीनतम अपडेट
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना में दो प्रमुख बदलाव किए हैं। पहला, छात्रवृत्ति की राशि ₹3,000 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह कर दी गई है। इससे प्रति विद्यार्थी वार्षिक वित्तीय सहायता ₹36,000 से बढ़कर ₹60,000 हो गई है। यानी अब प्रत्येक विद्यार्थी को प्रतिवर्ष ₹24,000 की अतिरिक्त सहायता मिल सकती है। दूसरा, छात्रवृत्ति की कुल सीटों की संख्या 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी गई है। अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय या कृषि संस्थान 45 के स्थान पर 90 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान कर सकता है। इसी प्रकार, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। यह योजना वर्तमान में राज्य के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों तथा 61 कृषि महाविद्यालयों में लागू है।

योजना के लाभ
कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कृषि और उससे संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले किसानों तथा कृषि श्रमिकों के मेधावी बच्चों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
- मासिक छात्रवृत्ति: पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹5,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
- वार्षिक वित्तीय सहायता: उच्च शिक्षा में सहायता के लिए विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष ₹60,000 मिलते हैं।
- छात्रवृत्ति सीटों में वृद्धि: अब पात्र कृषि शिक्षण संस्थानों में कुल 2,820 छात्रवृत्ति सीटें उपलब्ध हैं।
- संस्थानों का व्यापक दायरा: इस योजना में उत्तर प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालय एवं संस्थान तथा 61 कृषि महाविद्यालय शामिल हैं।
- विश्वविद्यालय/संस्थान में सीटें: प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय या संस्थान 90 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे सकता है।
- कृषि महाविद्यालय में सीटें: प्रत्येक कृषि महाविद्यालय 30 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दे सकता है।
- पात्र पाठ्यक्रम: कृषि स्नातक, गृह विज्ञान स्नातक, कृषि स्नातकोत्तर और गृह विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के साथ बागवानी, वानिकी और पशुपालन जैसे संबंधित विषय शामिल हैं।
- अगले वर्षों में भी सहायता: प्रत्येक वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के आगामी वर्षों में भी छात्रवृत्ति मिलती रहती है।
- भुगतान प्रक्रिया: मंडलीय स्तर पर स्वीकृति मिलने के बाद मंडी परिषद मुख्यालय छात्रवृत्ति की राशि जारी करता है।
संशोधित सीट वितरण और छात्रवृत्ति की राशि
नीचे दी गई तालिका में विभिन्न संस्थानों और पाठ्यक्रमों के लिए पहले तथा संशोधित छात्रवृत्ति सीटों की संख्या और मासिक छात्रवृत्ति की राशि दी गई है।
| संस्थान का प्रकार | पाठ्यक्रम का स्तर | पहले सीटें | संशोधित सीटें | मासिक छात्रवृत्ति |
|---|---|---|---|---|
| कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान | कृषि स्नातक | 25 | 50 | ₹5,000 |
| कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान | गृह विज्ञान स्नातक | 6 | 12 | ₹5,000 |
| कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान | कृषि स्नातकोत्तर | 10 | 20 | ₹5,000 |
| कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान | गृह विज्ञान स्नातकोत्तर | 4 | 8 | ₹5,000 |
| कृषि महाविद्यालय | कृषि स्नातक | 10 | 20 | ₹5,000 |
| कृषि महाविद्यालय | कृषि स्नातकोत्तर | 5 | 10 | ₹5,000 |
पात्रताएं
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- विद्यार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- विद्यार्थी किसान या कृषि श्रमिक का पुत्र अथवा पुत्री होना चाहिए या पूरी तरह से उन पर निर्भर होना चाहिए।
- किसान से आशय ऐसे व्यक्ति से है, जिसका नाम आवेदन की तिथि पर कृषि भूमि धारक के रूप में भू-अभिलेखों में दर्ज हो।
- विद्यार्थी उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय, कृषि संस्थान अथवा कृषि महाविद्यालय में अध्ययनरत होना चाहिए।
- विद्यार्थी कृषि या गृह विज्ञान के स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में पढ़ाई कर रहा हो। इसमें बागवानी, वानिकी और पशुपालन जैसे संबंधित विषय भी शामिल हैं।
- स्नातक (UG) के लिए अंक: उत्तर प्रदेश बोर्ड से इंटरमीडिएट में कम से कम 70% अंक या किसी अन्य बोर्ड से कम से कम 85% अंक प्राप्त होना आवश्यक है।
- स्नातकोत्तर (PG) के लिए अंक: स्नातक स्तर पर कम से कम 70% अंक प्राप्त होना आवश्यक है।
- विद्यार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। इसके लिए पात्र विद्यार्थियों को प्राप्त अंकों के घटते क्रम में रखा जाता है।
आवश्यक दस्तावेज
कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे।
- निवास प्रमाण पत्र
- संस्थान द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र/प्रमाण पत्र
- कक्षा 12वीं की अंकतालिका (स्नातक के विद्यार्थियों के लिए)
- स्नातक की अंकतालिका (स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों के लिए)
- पासपोर्ट आकार की फोटो
- बैंक पासबुक
आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। विद्यार्थी अपने कृषि विश्वविद्यालय, संस्थान या महाविद्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय, कृषि संस्थान अथवा कृषि महाविद्यालय में कृषि या गृह विज्ञान के स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अथवा संबंधित विषय में प्रवेश लें।
- अपने शैक्षणिक संस्थान के सक्षम अधिकारी से संपर्क करें और योजना के लिए निर्धारित आवेदन पत्र या प्रमाण पत्र का प्रारूप प्राप्त करें।
- आवेदन पत्र भरें। स्नातक के विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं की अंकतालिका और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को स्नातक की अंकतालिका संलग्न करनी होगी। इसके साथ संस्थान द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज भी जमा करें।
- पूरा भरा हुआ आवेदन पत्र संस्थान के सक्षम अधिकारी के पास निर्धारित अंतिम तिथि से पहले जमा करें।
- विश्वविद्यालय या महाविद्यालय पात्र विद्यार्थियों की सूची प्राप्त अंकों के घटते क्रम में तैयार करता है।
- चयन समिति सूची की समीक्षा करती है और उसे स्वीकृति प्रदान करती है।
- विश्वविद्यालयों के लिए: चयन समिति में विश्वविद्यालय के अधिकारी और संबंधित मंडी परिषद के मंडलीय उपनिदेशक (प्रशासन/विपणन) की उपस्थिति आवश्यक है।
- महाविद्यालयों के लिए: चयन समिति में महाविद्यालय के प्राचार्य, अन्य संबंधित अधिकारी और मंडी परिषद के संबंधित मंडलीय उपनिदेशक (प्रशासन/विपणन) सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
- मंडलीय उपनिदेशक (प्रशासन/विपणन) सक्षम प्राधिकारी के रूप में चयनित विद्यार्थियों को अंतिम स्वीकृति प्रदान करते हैं।
- मंडल द्वारा चयनित विद्यार्थियों की सूची, बैठक के निर्णय का विवरण और देय छात्रवृत्ति राशि की जानकारी मंडी परिषद मुख्यालय को भेजी जाती है। इसके बाद मुख्यालय छात्रवृत्ति की राशि जारी करता है।
- आगामी वर्षों में छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए प्रत्येक वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करें और अच्छा आचरण बनाए रखें।
नियम एवं शर्तें
चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ जारी रखने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा।
- विद्यार्थी को कक्षा 12वीं या स्नातक की अंकतालिका के साथ आवेदन पत्र संस्थान के सक्षम अधिकारी के पास जमा करना होगा।
- प्रथम वर्ष के बाद केवल उन्हीं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलती रहेगी, जो वार्षिक परीक्षा उत्तीर्ण करेंगे।
- यदि किसी विद्यार्थी को विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या किसी अन्य स्रोत से पहले से कोई दूसरी छात्रवृत्ति मिल रही है, तो उसे किसी एक छात्रवृत्ति का चयन करना होगा और दूसरी छात्रवृत्ति की राशि वापस करनी होगी।
- विद्यार्थी को पढ़ाई की पूरी अवधि के दौरान अनुशासन और अच्छा आचरण बनाए रखना होगा।
- यदि सक्षम प्राधिकारी को पता चलता है कि विद्यार्थी ने कोई जानकारी छिपाई है, तो उसकी छात्रवृत्ति बिना पूर्व सूचना के बंद कर दी जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट
- मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद हेल्पलाइन नंबर:
- 0522-2720383
- 0522-2720384
- 0522-2720405
- उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तर प्रदेश मंडी परिषद की एक मेधा-आधारित छात्रवृत्ति योजना है, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश में कृषि या गृह विज्ञान के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले किसानों एवं कृषि श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
विद्यार्थियों को अब प्रतिमाह ₹5,000 यानी प्रतिवर्ष ₹60,000 की छात्रवृत्ति मिलती है। पहले यह राशि ₹3,000 प्रतिमाह यानी ₹36,000 प्रतिवर्ष थी।
सरकार ने छात्रवृत्ति सीटों की संख्या 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी है। ये सीटें राज्य के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों तथा 61 कृषि महाविद्यालयों में उपलब्ध हैं।
स्नातक पाठ्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश बोर्ड से इंटरमीडिएट में 70% अंक या किसी अन्य बोर्ड से 85% अंक होना आवश्यक है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए स्नातक स्तर पर 70% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
ऐसा व्यक्ति किसान माना जाता है, जिसका नाम आवेदन की तिथि पर कृषि भूमि धारक के रूप में भू-अभिलेखों में दर्ज हो।
योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों तथा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना है।
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है। विद्यार्थियों को अपनी अंकतालिका के साथ आवेदन पत्र अपने शैक्षणिक संस्थान के सक्षम अधिकारी के पास जमा करना होता है।
अगले वर्षों में छात्रवृत्ति का लाभ जारी रखने के लिए प्रत्येक वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक है। यदि विद्यार्थी किसी भी वर्ष में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो वह योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए अपात्र हो जाता है।
नहीं। यदि विद्यार्थी को किसी अन्य स्रोत से छात्रवृत्ति मिल रही है, तो उसे किसी एक छात्रवृत्ति का चयन करना होगा और दूसरी छात्रवृत्ति की राशि वापस करनी होगी।
इस योजना में कृषि स्नातक, गृह विज्ञान स्नातक, कृषि स्नातकोत्तर और गृह विज्ञान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बागवानी, वानिकी और पशुपालन जैसे कृषि से संबंधित विषय भी इसमें शामिल हैं।
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