- ₹8,000 का नकद पुरस्कार
- पुरस्कार, पदक और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा
- दिव्यांग व्यक्तियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा
- समाज कल्याण विभाग, फ़ोन: 05946297051
- ई-मेल: [email protected]
योजना का सारांश | |
|---|---|
योजना का नाम | उत्तराखंड दिव्यांग व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार |
लाभ | ₹8,000 नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और पदक |
लाभार्थी | दिव्यांग कर्मचारी, उत्कृष्ट खिलाड़ी, स्वरोजगार में सर्वश्रेष्ठ सेवायोजक |
| कार्यान्वयन विभाग | समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड |
सदस्यता | |
आवेदन का माध्यम | ऑफलाइन |
योजना का परिचय: संक्षिप्त विवरण
उत्तराखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों की क्षमता, उपलब्धियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उनके विशेष योगदान को राज्य स्तर पर पहचान और सम्मान देने के उद्देश्य से "दिव्यांग व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार" योजना संचालित की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे दिव्यांग व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने अपनी कार्यक्षमता और प्रतिभा के बल पर रोजगार, खेल तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सरकारी योजना दस्तावेज में इसके अंतर्गत दिव्यांग कर्मचारी, उत्कृष्ट खिलाड़ी और स्वरोजगार में सर्वश्रेष्ठ सेवायोजक तीन श्रेणियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
यह पुरस्कार केवल आर्थिक सहायता के रूप में नहीं, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों की उपलब्धियों को राज्य स्तर पर औपचारिक सम्मान और पहचान देने के रूप में प्रदान किया जाता है। प्रत्येक श्रेणी में योग्य व्यक्ति का चयन निर्धारित जांच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद किया जाता है। चयनित पुरस्कार विजेता को ₹8,000 की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और पदक प्रदान किया जाता है। सरकारी दस्तावेज के अनुसार धनराशि बैंक ड्राफ्ट या चेक के माध्यम से दी जाती है।
योजना के तहत पुरस्कार वितरण के लिए 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस का अवसर निर्धारित है। इसके लिए आवेदन नियमित रूप से खुले नहीं रहते, बल्कि पुरस्कार प्रक्रिया के अनुसार समाचार पत्रों के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इच्छुक आवेदक को अपने दिव्यांगता प्रमाण पत्र के साथ उस विशेष कार्य, उपलब्धि या योगदान का विवरण प्रस्तुत करना होता है, जिसके आधार पर वह संबंधित पुरस्कार श्रेणी में सम्मान के लिए विचार किया जाना चाहता है। आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाता है।
आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रक्रिया केवल आवेदन जमा करने तक सीमित नहीं रहती। पहले जिला स्तर पर आवश्यक जांच की जाती है। इसके बाद निदेशक, समाज कल्याण की संस्तुति के आधार पर मामला शासन स्तर तक जाता है, जहां स्क्रीनिंग कमेटी प्रत्येक श्रेणी में योग्य व्यक्ति का चयन करती है। इस प्रक्रिया के बाद चयनित व्यक्तियों को 3 दिसंबर के अवसर पर प्रशस्ति पत्र, पदक और ₹8,000 का बैंक ड्राफ्ट/चेक प्रदान किया जाता है।
इस प्रकार, योजना में उपलब्धि के आधार पर चयन, जिला स्तर पर सत्यापन और शासन स्तर पर अंतिम स्क्रीनिंग को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसका लाभ उन दिव्यांग व्यक्तियों को मिलता है जो निर्धारित श्रेणियों में अपनी विशेष उपलब्धि या योगदान का प्रमाण प्रस्तुत कर सकें।
योजना के लाभ
- योजना के तहत चयनित दिव्यांग व्यक्तियों को निम्नलिखित सम्मान दिया जाता है:
- ₹8,000 की नकद पुरस्कार राशि (बैंक ड्राफ्ट या चेक के माध्यम से)
- प्रशस्ति पत्र
- पदक
पुरस्कार की श्रेणियां
राज्य स्तरीय पुरस्कार निम्नलिखित तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं:
- दिव्यांग कर्मचारी
- उत्कृष्ट खिलाड़ी
- स्वरोजगार में सर्वश्रेष्ठ सेवायोजक
पात्रता आवश्यकताएँ
उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार आवेदक:
- उत्तराखंड का निवासी होना चाहिए।
- दिव्यांग व्यक्ति होना चाहिए।
- संबंधित क्षेत्र में विशेष उपलब्धि या कार्य का सत्यापन योग्य विवरण प्रस्तुत करना चाहिए।
- उपर्युक्त तीन पुरस्कार श्रेणियों में से किसी एक के अंतर्गत पात्र होना चाहिए।
- आवेदन के साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र और किए गए विशेष कार्य का विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है।
नोट: उपलब्ध सरकारी दस्तावेज में इस पुरस्कार के लिए दिव्यांगता की किसी निश्चित प्रतिशत सीमा, आयु सीमा या ऐसी किसी अन्य अतिरिक्त पात्रता सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए आवेदक की पात्रता को केवल दस्तावेज में दी गई श्रेणियों और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर ही समझा जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए उपलब्ध विवरण के आधार पर निम्न दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
- पहचान प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- संबंधित क्षेत्र में उपलब्धि या विशेष योगदान का विस्तृत विवरण
- अन्य संबंधित दस्तावेज, यदि आवेदन आमंत्रण में मांगे जाएं
आवेदन करने के चरण
इस पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया सामान्य योजनाओं की तरह पूरे वर्ष ऑनलाइन उपलब्ध नहीं रहती। 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर पुरस्कार प्रदान किए जाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसलिए इच्छुक आवेदक को आवेदन की सूचना के लिए संबंधित समय पर समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञप्ति पर ध्यान देना चाहिए। सरकारी दस्तावेज में इसी माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाने का उल्लेख है।
- चरण 1: आवेदन आमंत्रण की सूचना देखें
- सबसे पहले समाचार पत्रों में प्रकाशित उस विज्ञप्ति को देखें जिसमें राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
- विज्ञप्ति में आवेदन की अंतिम तिथि और आवश्यक निर्देश दिए जा सकते हैं।
- चरण 2: अपनी पुरस्कार श्रेणी तय करें
- आवेदन करने से पहले यह स्पष्ट करें कि आपकी उपलब्धि किस श्रेणी से संबंधित है। योजना में तीन श्रेणियां हैं, दिव्यांग कर्मचारी, उत्कृष्ट खिलाड़ी और स्वरोजगार में सर्वश्रेष्ठ सेवायोजक।
- उसी श्रेणी के आधार पर अपनी उपलब्धि और योगदान का विवरण तैयार करें।
- चरण 3: उपलब्धि का विवरण तैयार करें
- इस आवेदन में केवल व्यक्तिगत जानकारी देना पर्याप्त नहीं है।
- आवेदक को अपने द्वारा किए गए विशेष कार्य या उल्लेखनीय उपलब्धि का विवरण भी प्रस्तुत करना होता है।
- इसलिए ऐसा विवरण तैयार करें जिसमें आपकी उपलब्धि, संबंधित क्षेत्र में किए गए कार्य और उस कार्य की विशेषता स्पष्ट रूप से बताई गई हो।
- चरण 4: दिव्यांगता प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करें
- आवेदन के साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक है।
- इसके अलावा आवेदन आमंत्रण में मांगे गए पहचान प्रमाण, फोटो तथा उपलब्धि से संबंधित प्रमाण या अन्य दस्तावेज भी तैयार रखें।
- चरण 5: आवेदन पत्र भरें
- आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी के साथ संबंधित पुरस्कार श्रेणी और अपनी उपलब्धि का विवरण स्पष्ट रूप से भरें।
- विशेष कार्य का विवरण अधूरा या अस्पष्ट न रखें, क्योंकि पुरस्कार का आधार आवेदक की उपलब्धि और योगदान भी है।
- चरण 6: आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करें
- पूरा आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेज संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होता है।
- सरकारी दस्तावेज में आवेदन जमा करने का यही माध्यम बताया गया है।
- चरण 7: जिला स्तर पर जांच की प्रतीक्षा करें
- आवेदन जमा होने के बाद जिला स्तर पर आवश्यक जांच की जाती है।
- इस चरण में आवेदन और प्रस्तुत उपलब्धि/विशेष कार्य से संबंधित जानकारी का परीक्षण किया जाता है।
- इसके बाद मामला आगे की चयन प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है।
- चरण 8: अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी होती है
- जिला स्तर की जांच के बाद निदेशक, समाज कल्याण की संस्तुति के आधार पर शासन स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा प्रत्येक श्रेणी में योग्य व्यक्ति का चयन किया जाता है।
- इसलिए आवेदन जमा करना अपने-आप पुरस्कार मिलने की गारंटी नहीं है; अंतिम पुरस्कार चयन प्रक्रिया के आधार पर दिया जाता है।
- चरण 9: चयन होने पर पुरस्कार प्राप्त करें
- चयनित आवेदक को प्रशस्ति पत्र, पदक और ₹8,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
- सरकारी दस्तावेज के अनुसार राशि बैंक ड्राफ्ट या चेक के माध्यम से दी जाती है और पुरस्कार 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर वितरित किया जाता है।
महत्वपूर्ण शर्तें
- उत्तराखंड के दिव्यांग व्यक्तियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाता है।
- पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है।
- चयनित व्यक्ति को ₹8,000 की नकद पुरस्कार राशि मिलती है।
- पदक और प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए जाते हैं।
- आवेदन ऑफलाइन किया जाता है।
- आवेदन समाचार पत्रों में जारी सूचना के आधार पर आमंत्रित किए जाते हैं।
- आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाता है।
- अंतिम चयन शासन स्तर की स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जाता है।
- पुरस्कार 3 दिसंबर को प्रदान किया जाता है।
संबंधित लिंक
- समाज कल्याण विभाग उत्तराखंड वेबसाइट
- उत्तराखंड दिव्यांग व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिशा-निर्देश
संपर्क विवरण
- पता: समाज कल्याण विभाग, मानपुर पूरब, रामपुर रोड, हल्द्वानी, दैनिक जागरण/अमर उजाला प्रेस के पास हल्द्वानी, उत्तराखंड
- फ़ोन: 05946297051
- ई-मेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग की योजना है, जिसके तहत दिव्यांग व्यक्तियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों और योगदान के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाता है।
चयनित पुरस्कार विजेता को ₹8,000 की नकद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र और पदक दिया जाता है।
यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है:
- दिव्यांग कर्मचारी
- उत्कृष्ट खिलाड़ी
- स्वरोजगार में सर्वश्रेष्ठ सेवायोजक
उत्तराखंड का निवासी दिव्यांग व्यक्ति, जिसने निर्धारित पुरस्कार श्रेणियों में विशेष उपलब्धि या योगदान किया हो, आवेदन कर सकता है।
उपलब्ध सरकारी दस्तावेज में इस पुरस्कार के लिए दिव्यांगता का कोई निश्चित प्रतिशत, आयु सीमा या अन्य अतिरिक्त पात्रता सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। समाचार पत्रों के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और पूरा आवेदन संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाता है।
आवेदक को पहचान प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, उपलब्धि या विशेष योगदान का विस्तृत विवरण और आवेदन विज्ञप्ति में मांगे गए अन्य दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है।
आवेदन जमा होने के बाद जिला स्तर पर सत्यापन किया जाता है। निदेशक, समाज कल्याण की संस्तुति के आधार पर शासन स्तर की स्क्रीनिंग कमेटी प्रत्येक श्रेणी में योग्य व्यक्ति का चयन करती है।
पुरस्कार राशि बैंक ड्राफ्ट या चेक के माध्यम से दी जाती है।
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