- वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2022–23 में शुरू की गई थी।
- इस योजना के तहत समर और पार्ट-टाइम, दो प्रकार की इंटर्नशिप उपलब्ध हैं।
- 2026 में समर इंटर्नशिप के लिए ₹11,576 और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए ₹6,064 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है।
- विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों और विभागों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
- पात्र विद्यार्थी छात्र कल्याण विभाग (DSW) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय
- फोन: 011-27667092
- ईमेल: [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम |
| शुरू होने का वर्ष | 2022–23 |
| लाभ | वर्ष 2026 के लिए समर इंटर्नशिप में हर महीने ₹11,576 और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप में हर महीने ₹6,064 का स्टाइपेंड दिया जाता है। इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने पर अनुभव प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। |
| लाभार्थी | दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित और पूर्णकालिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र। |
| नोडल एजेंसी | डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | हर इंटर्नशिप सत्र के लिए DSW की वेबसाइट पर जारी आवेदन फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। |
योजना के बारे में
कक्षा में पढ़ाई करने से छात्रों को ज्ञान मिलता है, लेकिन व्यावहारिक अनुभव से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि उस ज्ञान का उपयोग वास्तविक कार्यस्थल पर कैसे किया जाता है। छात्रों को यह अवसर देने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2022–23 में वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम) शुरू की। इस योजना के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र विश्वविद्यालय के अलग-अलग कार्यालयों, विभागों, केंद्रों और संस्थानों में काम कर सकते हैं। इस योजना में दो तरह की इंटर्नशिप दी जाती हैं: समर इंटर्नशिप और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप। वर्ष 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, चयनित छात्रों को समर इंटर्नशिप के लिए हर महीने ₹11,576 और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए हर महीने ₹6,064 का स्टाइपेंड दिया जाता है। इंटर्नशिप और सौंपे गए काम को सफलतापूर्वक पूरा करने पर छात्रों को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।
इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय की है। यही इस योजना का नोडल कार्यालय भी है। DSW के अंतर्गत काम करने वाला सेंट्रल प्लेसमेंट सेल (CPC) भी इंटर्नशिप के अवसरों के समन्वय में मदद करता है। इस योजना का खर्च विश्वविद्यालय छात्र कल्याण निधि से पूरा किया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को विश्वविद्यालय के कार्यालयों और प्रशासनिक विभागों के कामकाज को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, वे अपने संवाद कौशल, संगठन क्षमता और अन्य व्यावसायिक कौशल को भी बेहतर बना सकते हैं।
छात्रों की पढ़ाई के समय को ध्यान में रखते हुए VCIS में इंटर्नशिप के दो विकल्प दिए गए हैं। समर इंटर्नशिप आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों के दौरान दो महीने के लिए होती है। यह सामान्यतः जून और जुलाई में आयोजित की जाती है। वर्ष 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, छात्रों को हर सप्ताह 20 घंटे काम करना होता है। वहीं, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप शैक्षणिक सत्र के दौरान छह महीने तक चलती है। इसमें छात्रों को हर सप्ताह 8 से 10 घंटे काम करना होता है। योजना की मूल पुस्तिका में समर इंटर्नशिप के लिए ₹10,000 और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए ₹5,000 मासिक स्टाइपेंड का उल्लेख है। इसमें हर साल 5% की वृद्धि का भी प्रावधान है। इसी के अनुसार, वर्ष 2026 के इंटर्नशिप सत्रों के लिए मासिक स्टाइपेंड क्रमशः ₹11,576 और ₹6,064 निर्धारित किया गया है।
इस योजना के लिए आवेदन करने वाले छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित और पूर्णकालिक स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले होने चाहिए। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) और नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्र इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसके अलावा, इंटर्नशिप की श्रेणी के अनुसार कुछ अन्य शर्तें भी लागू होती हैं। उदाहरण के लिए, समर इंटर्नशिप 2026 के लिए अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर के छात्र पात्र नहीं थे। वहीं, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 के लिए पहले वर्ष या पहले सेमेस्टर के छात्र पात्र नहीं थे। वर्ष 2026 के चयन नोटिस में यह भी बताया गया था कि आवेदक के किसी विषय में ER (Essential Repeat) या बैकलॉग पेपर नहीं होने चाहिए। आवेदन करने से पहले छात्रों को संबंधित नोटिफिकेशन में दी गई सभी पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ लेनी चाहिए।
पात्र छात्र DSW की वेबसाइट पर संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए आवेदन फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को आमतौर पर अपने विभाग, केंद्र या संस्थान के प्रिंसिपल अथवा प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित और मुहर लगा हुआ अनुशंसा पत्र (Letter of Recommendation - LOR) या अनापत्ति प्रमाणपत्र (No Objection Certificate - NOC) जमा करना होता है। इसके साथ जरूरी शैक्षणिक जानकारी भी देनी होती है। इंटर्नशिप सत्र के अनुसार चयन प्रक्रिया में आवेदन की जांच, लिखित परीक्षा, समूह चर्चा या इंटरव्यू शामिल हो सकते हैं। चयनित छात्रों को विश्वविद्यालय के अलग-अलग कार्यालयों या विभागों में काम करने का अवसर दिया जाता है, जहां वे संबंधित अधिकारियों की देखरेख में काम करते हैं। इंटर्नशिप के दौरान उनके काम का मूल्यांकन किया जाता है। इंटर्नशिप की अवधि और सौंपे गए काम को संतोषजनक ढंग से पूरा करने पर उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाता है।
सामान्य रूप से, कोई छात्र अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के दौरान केवल एक बार VCIS इंटर्नशिप का लाभ ले सकता है। हालांकि, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 की समय-सीमा बढ़ाने वाले नोटिस में उन छात्रों को दोबारा आवेदन करने की अनुमति दी गई थी, जिन्होंने पहले समर या पार्ट-टाइम VCIS इंटर्नशिप पूरी की थी। इसलिए, छात्रों को इस नियम में किसी बदलाव या छूट की जानकारी के लिए हमेशा नवीनतम नोटिफिकेशन देखना चाहिए। पात्रता, आवेदन या इंटर्नशिप से जुड़ी जानकारी के लिए छात्र डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय से [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं। इस कार्यालय का पता है: कॉन्फ्रेंस सेंटर, गेट नंबर 4 के पास, बॉटनी विभाग के सामने, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली–110007।
अन्य इंटर्नशिप के अवसरों में रुचि रखने वाले छात्र नॉन-टेक्निकल इंटर्नशिप प्रोग्राम के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। इसके तहत छात्रों को डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। तकनीक और डिजिटल नीति से जुड़े क्षेत्रों में अनुभव प्राप्त करने के इच्छुक पात्र छात्र डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप योजना के बारे में भी पढ़ सकते हैं। वहीं, व्यापक उद्योग अनुभव प्राप्त करने के इच्छुक छात्र प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की जानकारी भी देख सकते हैं।
योजना के लाभ
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम(VCIS) दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए काम का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर देती है। इस योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- वर्ष 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, चयनित छात्रों को समर इंटर्नशिप के लिए हर महीने ₹11,576 और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए हर महीने ₹6,064 का स्टाइपेंड दिया जाता है।
- छात्रों को विश्वविद्यालय के प्रशासन, कार्यालय प्रबंधन और अलग-अलग विभागों व संस्थानों के कामकाज को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
- इंटर्न को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों, केंद्रों, पुस्तकालयों, विभागों और अन्य स्वीकृत इकाइयों में काम करने का अवसर मिलता है।
- समर इंटर्नशिप के माध्यम से दो महीने का कार्य अनुभव मिलता है, जबकि पार्ट-टाइम इंटर्नशिप में शैक्षणिक सत्र के दौरान छह महीने तक काम करने का अवसर मिलता है।
- सौंपे गए काम के माध्यम से छात्र अपने संवाद कौशल, टीमवर्क, समन्वय, संगठन और प्रबंधन से जुड़े कौशल विकसित कर सकते हैं।
- इंटर्न को अपने निर्धारित कार्यालय के अनुसार दस्तावेज तैयार करने, डेटा एकत्र करने, परियोजनाओं में सहायता करने और प्रशासनिक काम करने का अनुभव मिलता है।
- छात्रों को उस कार्यालय या विभाग के अधिकारियों से मार्गदर्शन और काम के दौरान निगरानी मिलती है, जहां उनकी नियुक्ति की जाती है।
- इंटर्न के काम का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाता है। इससे उन्हें अपने काम को समझने और व्यावसायिक कौशल में सुधार करने में मदद मिलती है।
- जो छात्र इंटर्नशिप की निर्धारित अवधि और सौंपे गए काम को संतोषजनक ढंग से पूरा करते हैं, उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाता है।
- इस योजना से छात्रों को एक बड़े विश्वविद्यालय के कामकाज को समझने का अवसर मिलता है। यहां प्राप्त व्यावहारिक अनुभव उनके भविष्य की पढ़ाई और करियर में उपयोगी हो सकता है।
चयन प्रक्रिया
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीमके तहत चयन आवेदक की पात्रता, जमा किए गए दस्तावेजों और चयन प्रक्रिया में उसके प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। दिल्ली विश्वविद्यालय अलग-अलग इंटर्नशिप के लिए उपयुक्त छात्रों की पहचान करने के लिए आवेदन की जांच और चयन प्रक्रिया अपनाता है।
एक नजर में चयन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन जमा करना → आवेदन की जांच → उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग → समूह चर्चा / अन्य मूल्यांकन → अंतिम चयन और परिणाम की घोषणा → जॉइनिंग और इंटर्नशिप का आवंटन
- आवेदन की जांच: DSW कार्यालय जमा किए गए आवेदनों की जांच करता है। इसमें देखा जाता है कि उम्मीदवार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं या नहीं और उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए हैं या नहीं।
- शॉर्टलिस्टिंग: इंटर्नशिप सत्र की जरूरतों के अनुसार पात्र उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
- समूह चर्चा या अन्य मूल्यांकन: शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को समूह चर्चा (Group Discussion), लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। चयन का सही तरीका संबंधित इंटर्नशिप सत्र और उसकी जरूरतों पर निर्भर करता है।
- चयन समिति: चयन प्रक्रिया की देखरेख डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की अध्यक्षता वाली समिति करती है। इस समिति में प्रॉक्टर या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि, कुलपति द्वारा नामित दो सदस्य और सदस्य सचिव के रूप में जॉइंट डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर शामिल होते हैं।
- अंतिम चयन और जॉइनिंग: चयनित उम्मीदवारों की अंतिम सूची दिल्ली विश्वविद्यालय या DSW की वेबसाइट पर जारी की जाती है। इसके बाद चयनित छात्रों को उनके कार्यस्थल, जॉइनिंग से जुड़े निर्देश और इंटर्नशिप के समय-सारणी की जानकारी दी जाती है।
पात्रताएं
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम(VCIS) दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित और पूर्णकालिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए है। आवेदन करने वाले छात्रों को अपनी पसंद की इंटर्नशिप के अनुसार तय की गई पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। इसकी मुख्य शर्तें नीचे दी गई हैं:
- आवेदक दिल्ली विश्वविद्यालय का नियमित और पूर्णकालिक छात्र होना चाहिए।
- विश्वविद्यालय के किसी भी विषय में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं।
- स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) या नॉन-कॉलेजिएट विमेन्स एजुकेशन बोर्ड (NCWEB) के माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्र आवेदन के पात्र नहीं हैं।
- समर इंटर्नशिप 2026 के लिए अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर में पढ़ने वाले छात्र आवेदन नहीं कर सकते थे।
- पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 के लिए पहले वर्ष या पहले सेमेस्टर में पढ़ने वाले छात्र पात्र नहीं थे।
- वर्ष 2026 के चयन नोटिस के अनुसार, आवेदक के किसी विषय में Essential Repeat (ER) या बैकलॉग पेपर नहीं होने चाहिए।
- आवेदक को निर्धारित प्रारूप में अनुशंसा पत्र (LOR) या अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जमा करना होगा। इस पर संबंधित विभाग, केंद्र या संस्थान के प्रिंसिपल या प्रमुख के हस्ताक्षर और मुहर होनी चाहिए।
- LOR/NOC संबंधित इंटर्नशिप सत्र के नोटिफिकेशन में बताई गई तारीख और प्रारूप की शर्तों के अनुसार होना चाहिए।
- सामान्य नियम के अनुसार, छात्र अपने पाठ्यक्रम की पढ़ाई के दौरान केवल एक बार VCIS इंटर्नशिप का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 की समय-सीमा बढ़ाने वाले नोटिस में पहले समर या पार्ट-टाइम VCIS इंटर्नशिप पूरी कर चुके छात्रों को दोबारा आवेदन करने की अनुमति दी गई थी।
- योजना के उपलब्ध दस्तावेजों में न्यूनतम CGPA या प्रतिशत की कोई शर्त नहीं बताई गई है। हालांकि, निर्धारित LOR प्रारूप में छात्र का औसत CGPA लिखना जरूरी है।
समर और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए पात्रता की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए, आवेदन करने से पहले छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय द्वारा जारी नवीनतम नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए। इससे उन्हें पता चल सकेगा कि वे सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं या नहीं।
आवश्यक दस्तावेज
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम(VCIS) के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। वर्ष 2026 के चयन नोटिस में बताए गए दस्तावेज इस प्रकार हैं:
- भरे हुए ऑनलाइन गूगल आवेदन फॉर्म की एक प्रति, जिस पर आवेदक के स्वयं के हस्ताक्षर हों (Self-attested)।
- VCIS योजना की पुस्तिका के Annexure C में दिए गए निर्धारित प्रारूप में मूल अनुशंसा पत्र (LOR) या अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC)।
- LOR/NOC पर संबंधित कॉलेज के प्रिंसिपल या विभाग, केंद्र अथवा संस्थान के प्रमुख के हस्ताक्षर और मुहर होनी चाहिए।
- पिछले सेमेस्टर की परीक्षा की मार्कशीट की एक प्रति, जिस पर आवेदक के स्वयं के हस्ताक्षर हों (Self-attested)।
आवेदकों को LOR/NOC के लिए निर्धारित तारीख से जुड़ी शर्त भी नवीनतम नोटिफिकेशन में देखनी चाहिए। समर इंटर्नशिप 2026 के लिए यह दस्तावेज 13 अप्रैल 2026 या उसके बाद हस्ताक्षरित होना जरूरी था। चयन प्रक्रिया में टीचर-इन-चार्ज, किसी व्यक्तिगत शिक्षक या गाइड द्वारा हस्ताक्षरित LOR स्वीकार नहीं किए गए थे।
आवेदन करते समय और समूह चर्चा के दौरान मांगे जाने वाले दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए, छात्रों को अपने इंटर्नशिप सत्र के नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम (VCIS) के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। दिल्ली विश्वविद्यालय हर इंटर्नशिप सत्र के लिए आवेदन लिंक जारी करता है। आवेदन जमा करने के लिए छात्र नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- सबसे पहले, दिल्ली विश्वविद्यालय की डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) वेबसाइट खोलें।
- वेबसाइट पर अपनी पसंद की इंटर्नशिप के अनुसार समर इंटर्नशिप या पार्ट-टाइम इंटर्नशिप वाले सेक्शन में जाएं।
- वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम (VCIS) का नवीनतम नोटिफिकेशन खोजें और उसे ध्यान से पढ़ें। इसमें पात्रता, इंटर्नशिप की अवधि, स्टाइपेंड, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तारीख की जानकारी देखें।
- नोटिफिकेशन में दिए गए गूगल फॉर्म के आवेदन लिंक को खोलें। इसमें मांगी गई जानकारी भरें, जैसे आपका नाम, विश्वविद्यालय का नामांकन नंबर, पाठ्यक्रम, सेमेस्टर, कॉलेज या विभाग का विवरण, ईमेल पता, मोबाइल नंबर और शैक्षणिक रिकॉर्ड।
- आवेदन फॉर्म में मांगे जाने पर अपनी पसंद के इंटर्नशिप क्षेत्र या कार्यक्षेत्र चुनें।
- निर्धारित प्रारूप में जरूरी अनुशंसा पत्र (LOR) या अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और फॉर्म में मांगे गए अन्य दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म में भरी गई सभी जानकारियों को ध्यान से जांचें और निर्धारित अंतिम तारीख से पहले आवेदन जमा करें। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने के लिए जमा किए गए आवेदन की एक प्रति अपने पास रखें।
- आवेदन जमा करने के बाद शॉर्टलिस्टिंग से जुड़ी जानकारी और आगे की चयन प्रक्रिया के निर्देशों के लिए DSW की वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें। चयन प्रक्रिया के अनुसार, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को समूह चर्चा, लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है।
- चयन होने पर विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए जॉइनिंग निर्देशों का पालन करें और निर्धारित तारीख को आवंटित विभाग या कार्यालय में पहुंचें।
समर और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए आवेदन लिंक अलग-अलग होते हैं और केवल घोषित आवेदन अवधि के दौरान ही उपलब्ध रहते हैं। इसलिए, छात्रों को पिछले वर्ष के आवेदन लिंक का इस्तेमाल करने के बजाय DSW के नवीनतम नोटिफिकेशन में दिए गए लिंक से ही आवेदन करना चाहिए।
इंटर्न की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
VCIS के तहत चयनित छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कार्यालयों, विभागों, केंद्रों और अन्य इकाइयों में काम करने का अवसर दिया जाता है। उन्हें कौन-सा काम सौंपा जाएगा, यह संबंधित कार्यालय की जरूरतों और इंटर्नशिप के प्रकार पर निर्भर करता है। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को इस तरह के काम करने पड़ सकते हैं:
- विश्वविद्यालय के कार्यालयों को रोजमर्रा के प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कामों में सहायता करना।
- दिए गए निर्देशों के अनुसार दस्तावेज तैयार करना, जानकारी व्यवस्थित करना और रिकॉर्ड संभालना।
- डेटा एकत्र करने, उसे व्यवस्थित करने और सामान्य शोध से जुड़े कामों में सहायता करना।
- परियोजनाओं से जुड़े काम, रिपोर्ट और विभागीय दस्तावेज तैयार करने में मदद करना।
- विश्वविद्यालय के विभागों और छात्र कल्याण कार्यालयों को उनकी निर्धारित गतिविधियों में सहायता करना।
- संबंधित कार्यालय या निगरानी करने वाले अधिकारियों द्वारा सौंपे गए अन्य शैक्षणिक या प्रशासनिक कामों में सहयोग करना।
इंटर्न अपने निर्धारित कार्यालय या विभाग के अधिकारियों की देखरेख में काम करते हैं। उन्हें कौन-सी जिम्मेदारियां दी जाएंगी, यह संबंधित विश्वविद्यालय इकाई की जरूरतों के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए, जरूरी नहीं है कि सभी इंटर्न एक जैसा काम करें।
इंटर्नशिप की अवधि और काम के घंटे
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीममें छात्रों की पढ़ाई के समय को ध्यान में रखते हुए दो तरह की इंटर्नशिप दी जाती हैं। छात्र अपनी पात्रता और उपलब्ध अवसरों के अनुसार समर इंटर्नशिप या पार्ट-टाइम इंटर्नशिप चुन सकते हैं। वर्ष 2026 के इंटर्नशिप सत्रों की अवधि, काम के घंटे और मासिक स्टाइपेंड की जानकारी नीचे दी गई है:
विवरण | समर इंटर्नशिप | पार्ट-टाइम इंटर्नशिप |
|---|---|---|
अवधि | 2 महीने (जून–जुलाई) | 6 महीने |
काम के घंटे | हर सप्ताह 20 घंटे | हर सप्ताह 8–10 घंटे |
मासिक स्टाइपेंड (2026) | ₹11,576 | ₹6,064 |
समर इंटर्नशिप आमतौर पर विश्वविद्यालय की गर्मियों की छुट्टियों के दौरान आयोजित की जाती है, जबकि पार्ट-टाइम इंटर्नशिप शैक्षणिक सत्र के दौरान होती है। पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, इसकी छह महीने की अवधि अक्टूबर 2026 से शुरू होती है। छात्रों को अपने आवेदन वाले इंटर्नशिप सत्र के नोटिफिकेशन में जॉइनिंग की सही तारीख और समय-सारणी जरूर देखनी चाहिए।
चयनित इंटर्न के लिए जरूरी शर्तें
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीममें शामिल होने से पहले चयनित छात्रों को इंटर्नशिप से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों और जरूरी शर्तों को समझ लेना चाहिए। इन शर्तों में शामिल हैं:
- इंटर्न को इंटर्नशिप की निर्धारित अवधि पूरी करनी होगी और आवंटित कार्यालय द्वारा सौंपे गए सभी काम पूरे करने होंगे।
- इंटर्न के काम और प्रगति की जांच के लिए संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जा सकता है।
- इंटर्नशिप में भाग लेने से छात्र को अपने पाठ्यक्रम की नियमित कक्षा उपस्थिति (Attendance) में कोई छूट नहीं मिलती है।
- छात्रों को इंटर्नशिप की देखरेख करने वाले अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना होगा और सौंपे गए काम समय पर पूरे करने होंगे।
- इंटर्न को इंटर्नशिप के दौरान किए गए काम की रिपोर्ट तैयार करके जमा करनी पड़ सकती है।
- छात्र द्वारा इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने, जरूरी रिपोर्ट जमा करने और संतोषजनक प्रदर्शन मूल्यांकन प्राप्त करने के बाद डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
- जो छात्र इंटर्नशिप की निर्धारित अवधि या सौंपे गए काम को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें स्टाइपेंड या इंटर्नशिप पूरी करने का प्रमाणपत्र नहीं मिल सकता है।
- आवेदन के दौरान दी गई जानकारी या जमा किए गए दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी पाए जाने पर DSW कार्यालय छात्र की उम्मीदवारी रद्द कर सकता है।
इंटर्नशिप की पूरी अवधि के दौरान छात्रों को DSW कार्यालय और अपने निर्धारित विभाग के अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करना चाहिए।
महत्वपूर्ण लिंक
- वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम– समर इंटर्नशिप पोर्टल
- वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम– मानक संचालन प्रक्रिया (SOP)
- पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 – आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने का नोटिस
संपर्क जानकारी
डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) कार्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय
- फोन: 011-27667092
- ईमेल: [email protected]
- पता: कॉन्फ्रेंस सेंटर, गेट नंबर 4 के पास, बॉटनी विभाग के सामने, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली – 110007।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाइस चांसलर इंटर्नशिप स्कीम दिल्ली विश्वविद्यालय की एक इंटर्नशिप योजना है। इसके तहत नियमित स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों और विभागों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
यह योजना शैक्षणिक सत्र 2022–23 में शुरू की गई थी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के नियमित और पूर्णकालिक स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। उन्हें संबंधित इंटर्नशिप के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
नहीं। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) और नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) में नामांकित विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
इस योजना के तहत दो प्रकार की इंटर्नशिप उपलब्ध हैं: समर इंटर्नशिप और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप।
समर इंटर्नशिप की अवधि आमतौर पर 2 महीने होती है, जबकि पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 6 महीने की होती है।
2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, समर इंटर्नशिप के लिए ₹11,576 प्रति माह और पार्ट-टाइम इंटर्नशिप के लिए ₹6,064 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है।
समर इंटर्नशिप में सप्ताह में 20 घंटे काम करना होता है। वहीं, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप में सप्ताह में 8 से 10 घंटे काम करना होता है।
विद्यार्थियों को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग (DSW) द्वारा जारी संबंधित इंटर्नशिप नोटिफिकेशन में दिए गए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होता है।
आवेदन के लिए निर्धारित प्रारूप में लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (LOR) या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जमा करना होता है। चयन प्रक्रिया के अगले चरण में स्व-सत्यापित आवेदन फॉर्म और पिछले सेमेस्टर की मार्कशीट भी मांगी जा सकती है।
योजना के सामान्य नियम के अनुसार, विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम के दौरान एक बार इंटर्नशिप कर सकते हैं। हालांकि, पार्ट-टाइम इंटर्नशिप 2026 के अंतिम तिथि विस्तार नोटिस में पहले समर या पार्ट-टाइम VCIS इंटर्नशिप कर चुके विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन करने की अनुमति दी गई थी।
हां। इंटर्नशिप की अवधि और सौंपे गए कार्य सफलतापूर्वक पूरे करने, रिपोर्ट जमा करने और संतोषजनक मूल्यांकन के बाद विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाता है।
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