- पात्र अभ्यर्थियों को ₹30,000 से ₹1,00,000 तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- लाभ केवल बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को मिलता है।
- संघ लोक सेवा आयोग, बिहार लोक सेवा आयोग एवं अन्य पात्र प्रतियोगी परीक्षाओं को योजना में शामिल किया गया है।
- आवेदन ऑनलाइन करना होता है तथा परिणाम घोषित होने के 45 दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।
- योजना पोर्टल सहायता हेल्पलाइन : 9546256221
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग हेल्पलाइन नंबर :- 0612-2215377
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना |
| लाभ | पात्र अभ्यर्थियों को ₹30,000 से ₹1,00,000 तक की एकमुश्त सहायता एवं प्रोत्साहन राशि। |
| लाभार्थी | बिहार राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र अभ्यर्थी। |
| नोडल विभाग | अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से। |
योजना के बारे में
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना बिहार सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार एवं अग्रेतर तैयारी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई अभ्यर्थियों को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण वे अपनी तैयारी को प्रभावी ढंग से जारी नहीं रख पाते। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार द्वारा इस योजना का संचालन किया जा रहा है, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद आगे की तैयारी के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार एवं अग्रेतर तैयारी के लिए ₹30,000 से ₹1,00,000 तक की एकमुश्त सहायता एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि परीक्षा के प्रकार के अनुसार निर्धारित की जाती है। प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग अभ्यर्थी कोचिंग, अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, मॉक टेस्ट, आवास, यात्रा तथा अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए कर सकते हैं। प्रोत्साहन राशि स्वीकृत होने के बाद सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में अंतरित की जाती है, जिससे सहायता राशि पारदर्शी तरीके से पात्र अभ्यर्थी तक पहुंचती है।
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का संचालन मुख्यमंत्री सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के मेधावी अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए संचालित इस योजना के अतिरिक्त बिहार सरकार महिलाओं, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग तथा दिव्यांगजन अभ्यर्थियों के लिए भी अलग-अलग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार एवं अग्रेतर तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे वे आर्थिक बाधाओं के बिना अपनी तैयारी जारी रख सकें।
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पहले मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग एवं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को शामिल किया गया था। बाद में राज्य सरकार द्वारा योजना का विस्तार करते हुए कई अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं को भी इसके दायरे में शामिल किया गया। वर्तमान में सिविल सेवा परीक्षा, बिहार लोक सेवा आयोग की संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा सहित विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्र अभ्यर्थी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत शामिल सभी पात्र परीक्षाओं एवं परीक्षा अनुसार निर्धारित प्रोत्साहन राशि का विवरण नीचे दिया गया है।
योजना का लाभ केवल बिहार राज्य के स्थायी निवासी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रदान किया जाता है। आवेदक को योजना में शामिल किसी पात्र प्रतियोगी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही अभ्यर्थी किसी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, लोक उपक्रम अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थान में कार्यरत नहीं होना चाहिए। सामान्यतः योजना का लाभ एक अभ्यर्थी को केवल एक बार प्रदान किया जाता है।
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। पात्र अभ्यर्थियों को संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन जमा करना होता है। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं तथा आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है। यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं, न्यायिक सेवाओं, बैंकिंग क्षेत्र, रक्षा सेवाओं तथा अन्य प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
- यह योजना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- योजना के माध्यम से अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद आगे की तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
- आर्थिक सहायता मिलने से अभ्यर्थी कोचिंग, अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन पाठ्यक्रम तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।
- योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं की उच्च प्रशासनिक एवं अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में भागीदारी बढ़ाना है।
- प्रोत्साहन राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है, जिससे लाभार्थी को पारदर्शी तरीके से सहायता प्राप्त होती है।
- योजना केंद्र एवं राज्य स्तर की विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं को शामिल करती है, जिससे अधिक संख्या में अभ्यर्थी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखने में सहायता प्रदान करती है।
परीक्षा अनुसार प्रोत्साहन राशि
| परीक्षा | प्रोत्साहन राशि |
|---|---|
| ₹1,00,000 |
| ₹75,000 |
| ₹50,000 |
| ₹50,000 |
| ₹30,000 |
योजना के अंतर्गत शामिल प्रतियोगी परीक्षाएं
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत केवल संघ लोक सेवा आयोग एवं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं ही शामिल नहीं हैं, बल्कि केंद्र एवं राज्य स्तर पर आयोजित कई अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले पात्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार एवं अग्रेतर तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत शामिल प्रमुख परीक्षाओं की सूची निम्नानुसार है :-
- संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित निम्नलिखित परीक्षाएं :-
- सिविल सेवा परीक्षा।
- भारतीय अभियंत्रण सेवा परीक्षा।
- भारतीय आर्थिक सेवा परीक्षा।
- भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा।
- संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा।
- संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा।
- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो उप पुलिस अधीक्षक परीक्षा।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल परीक्षा।
- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौसेना अकादमी की प्रथम चरण (लिखित) परीक्षा।
- बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता (प्रारंभिक) परीक्षा।
- बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा।
- अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा।
- भारतीय रिजर्व बैंक ग्रेड-बी (प्रारंभिक) परीक्षा।
- भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की परिवीक्षाधीन पदाधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा।
- भारतीय जीवन बीमा निगम सहायक प्रशासनिक अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा।
- कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (प्रारंभिक) परीक्षा।
- विभिन्न रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित तकनीकी एवं स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएं।
पात्रता
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रताओं को पूरा करना होगा :-
- आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए।
- आवेदक ने योजना के अंतर्गत शामिल किसी पात्र प्रतियोगी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- आवेदक किसी भी राज्य सरकार, केंद्र सरकार, बोर्ड, निगम, लोक उपक्रम अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थान की सेवा में कार्यरत या नियोजित नहीं होना चाहिए।
- आवेदक के पास सक्रिय ई-मेल पता होना चाहिए।
- आवेदक के नाम से आधार से जुड़ा सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
- सामान्यतः किसी भी अभ्यर्थी को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही दिया जाएगा।
- यदि किसी अभ्यर्थी ने पूर्व में योजना के अंतर्गत किसी अन्य पात्र परीक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्राप्त की हो तथा बाद में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करे, तो उसे नियमानुसार अंतर राशि का लाभ एक बार दिया जा सकता है।
- सामान्यतः किसी भी पात्र अभ्यर्थी को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्रदान किया जाता है।
- आवेदक किसी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, लोक उपक्रम अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थान में कार्यरत या नियोजित नहीं होना चाहिए।
महत्वपूर्ण शर्तें
- सामान्यतः किसी भी पात्र अभ्यर्थी को इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्रदान किया जाता है।
- अभ्यर्थी को संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य है।
- आवेदक किसी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, लोक उपक्रम अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थान में कार्यरत या नियोजित नहीं होना चाहिए।
- प्रोत्साहन राशि केवल अभ्यर्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही हस्तांतरित की जाती है।
- आवेदन पत्र में गलत जानकारी देने अथवा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है तथा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
- आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना अनिवार्य है।
- आवेदन पत्र अंतिम रूप से जमा करने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन या सुधार नहीं किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करना आवश्यक है :-
- नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो।
- हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी।
- संबंधित प्रतियोगी परीक्षा का प्रवेश पत्र।
- परीक्षा परिणाम की स्व-अभिप्रमाणित प्रति, जिसमें अभ्यर्थी का नाम एवं अनुक्रमांक स्पष्ट रूप से अंकित हो।
- अनुसूचित जाति अथवा अनुसूचित जनजाति का वैध जाति प्रमाण पत्र।
- बिहार राज्य का वैध आवासीय प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड की प्रति।
- प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अथवा कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा जारी शपथ पत्र।
- आधार से जुड़े बैंक खाते की पासबुक की प्रति, रद्द किया हुआ चेक अथवा अद्यतन बैंक स्टेटमेंट।
- आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर।
- परीक्षा आवेदन पत्र की प्रति (यदि उपलब्ध हो)।
- विभाग द्वारा समय-समय पर मांगे गए अन्य दस्तावेज।
लाभ लेने की प्रक्रिया
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।
- सबसे पहले आवेदक को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।
- यदि आवेदक पहली बार आवेदन कर रहा है, तो उसे "नया पंजीकरण" विकल्प पर क्लिक करके अपना पंजीकरण करना होगा।
- पंजीकरण के दौरान आवेदक को अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल पता तथा अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी।
- पंजीकरण पूर्ण होने के बाद आवेदक को प्राप्त लॉगिन विवरण की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा।
- लॉगिन करने के बाद संबंधित प्रतियोगी परीक्षा का चयन कर आवेदन पत्र भरना होगा।
- आवेदन पत्र में मांगी गई सभी व्यक्तिगत, शैक्षणिक एवं परीक्षा संबंधी जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी।
- इसके बाद फोटो, हस्ताक्षर, प्रवेश पत्र, परीक्षा परिणाम, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- आवेदक को अपने आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण भी दर्ज करना होगा।
- सभी जानकारी की जांच करने के बाद आवेदन पत्र को अंतिम रूप से जमा करना होगा।
- संबंधित विभाग द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- आवेदन स्वीकृत होने पर प्रोत्साहन राशि सीधे अभ्यर्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी।
- अभ्यर्थी को संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना आवश्यक है।
ऑनलाइन आवेदन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश
- आवेदन पत्र भरने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभ्यर्थी को अपने पंजीकृत उपयोगकर्ता नाम एवं पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करना होगा।
- पात्र अभ्यर्थी योजना के अंतर्गत केवल एक ही आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।
- आवेदन पत्र में दर्ज की गई सभी जानकारियों को अंतिम रूप से जमा करने से पहले ध्यानपूर्वक जांच लें।
- आवेदन पत्र के अंतिम रूप से जमा हो जाने के बाद उसमें किसी प्रकार का संशोधन या सुधार नहीं किया जा सकेगा।
- आवेदन पत्र भरने के बाद "सबमिट" बटन पर क्लिक करके आवेदन को अंतिम रूप से जमा करना आवश्यक है।
- आवेदन पत्र के अंतिम रूप से जमा होने के बाद ही आवेदन संख्या उत्पन्न होती है।
- केवल अंतिम रूप से जमा किए गए आवेदन पत्रों पर ही विचार किया जाएगा।
- भविष्य के संदर्भ हेतु अंतिम रूप से जमा किए गए आवेदन पत्र की एक प्रति सुरक्षित रखें।
- अपलोड की जाने वाली फोटो का आकार 50 केबी से कम होना चाहिए, जिसका आकार 200 × 230 पिक्सेल हो।
- अपलोड किए जाने वाले हस्ताक्षर का आकार 20 केबी से कम होना चाहिए और उसका आकार 140 × 60 पिक्सेल हो।
- आवेदन पत्र भरने के दौरान किसी तकनीकी समस्या का सामना होने पर पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत/प्रश्न सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।
- अभ्यर्थी पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के माध्यम से अपनी शिकायत या प्रश्न की स्थिति भी देख सकते हैं।
- अभ्यर्थी ने संबंधित परीक्षा के लिए किसी अन्य स्रोत से समान प्रकार की प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं की होनी चाहिए।
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना पंजीकरण।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना लॉगिन।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना पासवर्ड पुनर्प्राप्त करें।
- योजना हेतु शपथ पत्र का फॉर्मेट।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना दिशानिर्देश।
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग।
सम्पर्क करने का विवरण
- योजना पोर्टल सहायता हेल्पलाइन : 9546256221
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग हेल्पलाइन नंबर :- 0612-2215377
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
- अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण,
बिहार, पुराना सचिवालय, ब्लॉक-4, सिंचाई
भवन के पीछे, पटना-800015
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार द्वारा संचालित एक प्रोत्साहन योजना है, जिसके अंतर्गत पात्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
योजना के अंतर्गत परीक्षा के अनुसार ₹30,000 से ₹1,00,000 तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
बिहार राज्य के स्थायी निवासी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के वे अभ्यर्थी, जिन्होंने योजना के अंतर्गत शामिल किसी पात्र प्रतियोगी परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है, योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
हाँ, बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त प्रतियोगिता (प्रारंभिक) परीक्षा योजना के अंतर्गत शामिल है।
अभ्यर्थी को संबंधित परीक्षा का परिणाम घोषित होने की तिथि से 45 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना आवश्यक है।
हाँ, योजना के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर किया जा सकता है।
नहीं, केंद्र सरकार, राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, लोक उपक्रम अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थान में कार्यरत अभ्यर्थी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
स्वीकृति के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | योजना का प्रकार | सरकार |
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