बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना

द्वारा प्रस्तुत shivanibanduni… on Sat, 10/10/2026 - 16:38
बिहार CM
Scheme Open
Bihar Genda Phool Utpadan Evam Prasanskaran Scheme Image
हाइलाइट
  • योजना में निर्धारित क्लस्टर के अंतर्गत 0.1 से 2 हेक्टेयर तक की भूमि पर खेती के लिए सहायता उपलब्ध है।
  • किसानों को गेंदा फूल की खेती की लागत पर 50% सब्सिडी दी जाती है, अधिकतम ₹40,000 प्रति हेक्टेयर।
  • किसानों को फूलों के परिवहन के लिए कैरेज वाहन खरीदने पर 50% सब्सिडी, अधिकतम ₹3.25 लाख तक मिल सकती है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
योजना का अवलोकन
योजना का नामबिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना
लाभगेंदा फूल की खेती के लिए वित्तीय सहायता
लाभार्थीबिहार के निर्धारित क्लस्टरों में खेती करने वाले किसान
नोडल विभागबिहार सरकार का उद्यान निदेशालय
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

योजना के बारे में

बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना, बिहार सरकार के कृषि विभाग की एक राज्य स्तरीय योजना है। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए इस योजना का क्रियान्वयन उद्यान निदेशालय द्वारा किया जा रहा है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को गेंदा फूल की खेती की लागत पर 50% सब्सिडी प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, गेंदा फूल उत्पादक किसानों को फूलों के परिवहन के लिए कैरेज वाहन खरीदने पर अलग से सब्सिडी भी दी जाती है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देना और फूलों के उत्पादन से लेकर उनके परिवहन तक किसानों को सहायता प्रदान करना है। त्योहारों, शादियों, धार्मिक आयोजनों और सजावट में गेंदा फूलों की पूरे वर्ष मांग बनी रहती है। खेती की लागत का आधा हिस्सा सरकार द्वारा वहन किए जाने से किसानों को पारंपरिक फसलों के विकल्प के रूप में फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वहीं, वाहन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी से किसान अपने फूलों को जल्दी बाजार तक पहुँचा सकते हैं, जिससे फूलों के खराब होने की संभावना कम होती है और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलती है।

उद्यान निदेशालय ने गेंदा फूल की खेती की इकाई लागत ₹80,000 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की है। इस पर 50% सब्सिडी की दर से किसान को अधिकतम ₹40,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता मिल सकती है। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि पर खेती के लिए योजना का लाभ ले सकते हैं। कैरेज वाहन के लिए विभाग ने अनुमानित लागत ₹6,50,000 निर्धारित की है। वाहन की वास्तविक कीमत का 50% या अधिकतम ₹3,25,000, जो भी कम हो, सब्सिडी के रूप में दिया जा सकता है। वाहन खरीदने की सब्सिडी का लाभ केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान ही ले सकते हैं।

बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना क्लस्टर आधारित मॉडल पर संचालित होती है। प्रत्येक क्लस्टर का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर होता है और इसमें एक पंचायत या दो आसपास की पंचायतें शामिल होती हैं। किसानों को अधिसूचित क्लस्टर के अंतर्गत ही आवेदन करना होता है। क्लस्टर के बाहर से प्राप्त आवेदनों को निदेशालय द्वारा अस्वीकार किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत खरीफ (शारदीय) और रबी (बसंतिक) दोनों मौसमों में खेती के लिए सहायता उपलब्ध है। अपनी भूमि पर खेती करने वाले किसान भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC) और अद्यतन लगान रसीद के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। जिन किसानों के पास अपनी भूमि नहीं है, वे निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। 

किसान बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के लिए उद्यान निदेशालय, बिहार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए उनके पास 13 अंकों की DBT किसान पंजीकरण संख्या होनी चाहिए। उद्यान निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026–27 में खरीफ और रबी मौसमों के दौरान गेंदा फूल उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹1,275 लाख की राशि स्वीकृत की है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 से काफी पहले आवेदन कर दें।

बिहार सरकार किसानों के लिए इस योजना के साथ-साथ अन्य योजनाएँ भी चला रही है। इनमें बिहार राज्य फसल सहायता योजना शामिल है, जिसके अंतर्गत फसल क्षति की स्थिति में बिना किसी प्रीमियम के ₹7,500 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर तक वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा, बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत बाढ़ या प्राकृतिक आपदाओं से फसल को नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर ₹8,500 (असिंचित भूमि), ₹17,000 (सिंचित भूमि) और ₹22,500 (बहुवर्षीय फसलों) तक अनुदान दिया जाता है। इन योजनाओं की पूरी जानकारी संबंधित लिंक पर देखी जा सकती है।

योजना के लाभ

बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत किसानों को दो प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पहली सहायता गेंदा फूल की खेती के लिए और दूसरी कैरेज वाहन खरीदने के लिए दी जाती है।

गेंदा फूल की खेती पर सब्सिडी

इस योजना के तहत गेंदा फूल की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार निर्धारित खेती लागत का आधा हिस्सा सब्सिडी के रूप में प्रदान करती है। इसके प्रमुख विवरण निम्नलिखित हैं:

  • इकाई लागत: ₹80,000 प्रति हेक्टेयर।
  • सब्सिडी की दर: इकाई लागत का 50%।
  • सब्सिडी की राशि: ₹40,000 प्रति हेक्टेयर तक।
  • न्यूनतम खेती का क्षेत्रफल: 0.1 हेक्टेयर प्रति किसान।
  • अधिकतम खेती का क्षेत्रफल: 2 हेक्टेयर प्रति किसान।
  • फसल के मौसम: खरीफ और रबी दोनों।

कैरेज वाहन खरीदने पर सब्सिडी

योजना के अंतर्गत गेंदा फूल उत्पादक किसानों को फूलों के परिवहन के लिए कैरेज वाहन खरीदने पर भी वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके प्रमुख विवरण इस प्रकार हैं:

  • वाहन की अनुमानित लागत: ₹6,50,000।
  • अधिकतम सब्सिडी: ₹3,25,000 (अनुमानित लागत का 50%)।
  • वास्तविक सब्सिडी: वाहन की वास्तविक कीमत का 50% या ₹3,25,000, जो भी कम हो।
  • लाभार्थी: केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान।

नोट: ₹3.25 लाख सब्सिडी की अधिकतम सीमा है, न कि प्रत्येक आवेदक को मिलने वाली निश्चित राशि। वास्तविक सब्सिडी वाहन की कीमत और अंतिम स्वीकृति पर निर्भर करेगी।

पात्रताएं

बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के लिए आवेदन करने वाले किसानों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • प्रत्येक क्लस्टर का क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर होता है और इसमें एक पंचायत या दो आसपास की पंचायतें शामिल होती हैं।
  • कैरेज वाहन की सब्सिडी के लिए केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान ही आवेदन कर सकते हैं।
  • किसान के पास गेंदा फूल की खेती के लिए भूमि होनी चाहिए, जिसके प्रमाण के रूप में भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC) और अद्यतन लगान रसीद प्रस्तुत करनी होगी।
  • जिन किसानों के पास अपनी भूमि नहीं है, वे निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
  • किसान को अधिसूचित गेंदा फूल क्लस्टर के अंतर्गत ही आवेदन करना होगा। क्लस्टर से बाहर के आवेदनों को निदेशालय अस्वीकार कर सकता है।
  • यदि भूमि के कागजात या लगान रसीद में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो आवेदक को वंशावली दस्तावेज संलग्न करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज

बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज इस बात पर निर्भर करते हैं कि किसान किस घटक के लिए आवेदन कर रहा है।

गेंदा फूल की खेती पर सब्सिडी के लिए

  • भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (LPC)
  • अद्यतन लगान रसीद
  • वंशावली, यदि भूमि के कागजात या लगान रसीद में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है
  • निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा, यदि किसान के पास अपनी भूमि नहीं है

कैरेज वाहन पर सब्सिडी के लिए

  • कैरेज वाहन का कोटेशन
  • भूमि से संबंधित दस्तावेज
  • गेंदा फूल की खेती से संबंधित एकरारनामा

आवेदन कैसे करें?

किसान बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के लिए बिहार उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  • सबसे पहले बिहार उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ।
  • होम पेज पर "Apply for Benefits under Schemes" विकल्प पर क्लिक करें।
  • उपलब्ध योजनाओं की सूची में से बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना (2026–27) का चयन करें।
  • क्लस्टर, भूमि और वाहन से संबंधित शर्तों सहित योजना के दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  • घोषणा वाले चेकबॉक्स पर टिक करके योजना की शर्तों को स्वीकार करें और आगे बढ़ने के विकल्प पर क्लिक करें।
  • आवेदन का प्रकार चुनें, अपनी 13 अंकों की DBT किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें और "Get Details" पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर दिखाई देने वाले विवरणों की जाँच करें और आवेदन फॉर्म में शेष जानकारी भरें।
  • LPC, लगान रसीद और अन्य लागू दस्तावेज, जैसे वंशावली या एकरारनामा, अपलोड करें।
  • वाहन सब्सिडी के लिए वाहन का कोटेशन, भूमि के कागजात और एकरारनामा एक संयुक्त फ़ाइल में अपलोड करें।
  • सभी विवरणों की जाँच करने के बाद "Submit" पर क्लिक करें।
  • भविष्य में आवेदन की स्थिति जानने के लिए, यदि पावती या आवेदन संख्या जारी होती है, तो उसे सुरक्षित रख लें।

नोट: बिहार गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के वित्तीय वर्ष 2026–27 का आवेदन पेज आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 31 दिसंबर 2026 की अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर लें।

DBT और भुगतान संबंधी जानकारी

सरकार खेती की निर्धारित इकाई लागत पर 50% सब्सिडी प्रदान करती है। हालाँकि, वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए भुगतान की पूरी प्रक्रिया का विवरण अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं है।

  • सब्सिडी की दर: खेती की इकाई लागत का 50%।
  • पिछले वर्ष की व्यवस्था: रबी 2025–26 के स्वीकृति आदेश में उल्लेख था कि पौधों की लागत काटने के बाद शेष राशि किसानों को DBT के माध्यम से दी गई थी।
  • किस्तें और भुगतान की तिथि: वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए संबंधित प्राधिकरण ने अभी तक इसकी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
  • भुगतान की स्थिति: आवेदन की स्वीकृति और भुगतान की स्थिति जानने के लिए किसान अपने जिला उद्यान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की वित्तीय वर्ष 2026–27 की योजना है। इसके तहत गेंदा फूल की खेती पर 50% अनुदान और फूलों के परिवहन के लिए मालवाहक वाहन खरीदने पर भी अनुदान दिया जाता है।

किसानों को ₹80,000 प्रति हेक्टेयर की निर्धारित इकाई लागत पर 50% अनुदान मिलता है, जो ₹40,000 प्रति हेक्टेयर होता है।

किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती के लिए योजना का लाभ ले सकते हैं।

वाहन की वास्तविक कीमत का 50% या ₹3,25,000, दोनों में से जो राशि कम होगी, उसके अनुसार अनुदान दिया जाता है।

केवल गेंदा फूल की खेती करने वाले किसान ही मालवाहक वाहन पर अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हाँ। जमीन उपलब्ध न होने की स्थिति में किसान निर्धारित प्रारूप में एकरारनामा (Ekrarnama) के आधार पर आवेदन कर सकता है।

इस योजना के लिए बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है।

किसान 31 दिसंबर 2026 तक योजना में आवेदन कर सकते हैं। 

हाँ। इस योजना में खरीफ (शारदीय) और रबी (बसंतिक) दोनों मौसमों में गेंदा फूल की खेती शामिल है।

नहीं। किसान को अधिसूचित क्लस्टर के अंतर्गत ही आवेदन करना होगा। क्लस्टर से बाहर के आवेदनों को उद्यान निदेशालय द्वारा अस्वीकार किया जा सकता है।

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