- भारत तथा विदेश में उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख तक का शिक्षा ऋण।
- कोर्स अवधि और उसके बाद 1 वर्ष (मोरेटोरियम अवधि) तक 1% से अधिक ब्याज का भुगतान हिमाचल प्रदेश सरकार करती है।
- उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश फ़ोन नंबर:
- 2653120
- 2656622
- उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ई-मेल:
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | हिमाचल प्रदेश डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना |
| लाभ | 1% ब्याज दर पर अधिकतम ₹20 लाख तक का शिक्षा ऋण |
| लाभार्थी | हिमाचल प्रदेश के पात्र बोनाफाइड विद्यार्थी। |
| नोडल विभाग | उच्च शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑफलाइन माध्यम से। |
योजना के बारे में
हिमाचल प्रदेश डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण शिक्षा सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मेधावी छात्र की उच्च शिक्षा प्रभावित न होने देना है। इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के पात्र बोनाफाइड विद्यार्थियों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण योजना के माध्यम से्षा के लिए केवल 1% ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत पात्र छात्र अधिकतम ₹20 लाख तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। कोर्स अवधि और उसके बाद 1 वर्ष (मोरेटोरियम अवधि) तक 1% से अधिक ब्याज का वहन हिमाचल प्रदेश सरकार करती है, जिससे विद्यार्थियों को कम लागत पर शिक्षा ऋण का लाभ मिलता है और परिवार पर आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है। योजना के तहत लिए जाने वाले ₹7.50 लाख तक के शिक्षा ऋण पर किसी प्रकार की जमानत की आवश्यकता नहीं होती, जबकि इससे अधिक राशि के ऋण पर संबंधित बैंक अपने प्रचलित नियमों के अनुसार जमानत संबंधी शर्तें लागू कर सकता है।
इस योजना के तहत इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग, विधि, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, स्नातकोत्तर तथा पीएच.डी. सहित विभिन्न व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त किया जा सकता है। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब यह सुविधा केवल भारत ही नहीं, बल्कि विदेश के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध है। शिक्षा ऋण की राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, रहने-खाने का खर्च, किताबें, अध्ययन सामग्री तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। आवश्यकता के अनुसार बैंक द्वारा ऋण राशि वार्षिक या अर्धवार्षिक किस्तों में जारी की जाती है।
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के बोनाफाइड विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्होंने पिछली कक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त किए हों तथा किसी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में नियमित (फुल-टाइम) पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो। नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹12 लाख या उससे कम होनी चाहिए तथा आवेदन के समय छात्र की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ पहले से पात्र पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, जो छात्र पहले से राज्य सरकार या केंद्र सरकार की किसी अन्य शिक्षा ऋण योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
वर्तमान में डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है। जब तक पोर्टल शुरू नहीं होता, तब तक पात्र छात्रों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों सहित अपने शिक्षण संस्थान के माध्यम से उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश को भेजना होगा। निदेशालय द्वारा पात्रता का सत्यापन करने के बाद संबंधित अनुसूचित बैंक को शिक्षा ऋण स्वीकृत करने की अनुशंसा की जाती है। यदि किसी छात्र के प्रवेश के समय बैंक से पहली ऋण किस्त मिलने में विलंब होता है, तो जिला प्रशासन के कॉर्पस फंड से प्रवेश शुल्क की पहली किस्त उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे किसी भी छात्र का प्रवेश केवल धन की कमी के कारण प्रभावित न हो।
इस योजना के अतिरिक्त राज्य सरकार अन्य योजनाओं के द्वारा प्रदेश के छात्रों को कल्पना चावला छात्रवृति योजना और मेधा प्रोत्साहन जैसी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है।
योजना के लाभ
- पात्र छात्रों को अधिकतम ₹20 लाख तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
- शिक्षा ऋण केवल 1% ब्याज दर पर दिया जाता है।
- कोर्स अवधि और उसके बाद 1 वर्ष (मोरेटोरियम अवधि) तक शेष ब्याज का वहन हिमाचल प्रदेश सरकार करती है।
- योजना के तहत भारत और विदेश में मान्यता प्राप्त संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण लिया जा सकता है।
- ऋण राशि का उपयोग ट्यूशन फीस, हॉस्टल शुल्क, रहने-खाने का खर्च, किताबें तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्चों के लिए किया जा सकता है।
- यदि बैंक से पहली ऋण किस्त मिलने में देरी होती है, तो पात्र छात्रों की प्रवेश फीस समय पर जमा कराने के लिए जिला प्रशासन के कॉर्पस फंड से पहली किस्त उपलब्ध कराई जा सकती है।
- योजना का लाभ नए प्रवेश लेने वाले और पहले से पात्र पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्र दोनों प्राप्त कर सकते हैं।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध होने से उच्च शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता मिलती है।
- ₹7.50 लाख तक के शिक्षा ऋण पर किसी प्रकार की जमानत (Collateral Security) की आवश्यकता नहीं होगी।
योजना के तहत पात्र पाठ्यक्रम एवं संस्थान
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत पात्र छात्र भारत या विदेश के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में निम्नलिखित पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
पात्र पाठ्यक्रम
- इंजीनियरिंग
- चिकित्सा
- प्रबंधन
- पैरा मेडिकल
- फार्मेसी
- नर्सिंग
- विधि
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के तकनीकी पाठ्यक्रम
- पॉलीटेक्निक के तकनीकी पाठ्यक्रम
- स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम
- पीएच.डी.
पात्र शिक्षण संस्थान
- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त संस्थान।
- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थान।
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय।
- भारतीय फार्मेसी परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान।
- भारतीय नर्सिंग परिषद से मान्यता प्राप्त नर्सिंग संस्थान।
- भारतीय विधिज्ञ परिषद से मान्यता प्राप्त विधि महाविद्यालय।
- अन्य सक्षम नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान।
पात्रताएं
- आवेदक हिमाचल प्रदेश का बोनाफाइड (स्थायी निवासी) छात्र होना चाहिए।
- पिछली कक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त किए होने चाहिए तथा प्रवेश मेरिट के आधार पर होना चाहिए।
- आवेदक को मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में व्यावसायिक, तकनीकी, स्नातकोत्तर या पीएच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला होना चाहिए।
- शिक्षा ऋण हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी अनुसूचित बैंक से लिया जाना चाहिए।
- शिक्षा ऋण भारत या विदेश में अध्ययन के लिए लिया जा सकता है।
- आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹12 लाख या उससे कम होनी चाहिए।
- आवेदन/प्रवेश की तिथि पर छात्र की आयु 28 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- यह योजना केवल नियमित पाठ्यक्रमों के लिए लागू है। पत्राचार या ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए लाभ नहीं मिलेगा।
- छात्र इस योजना का लाभ केवल एक बार ही प्राप्त कर सकता है।
- यदि छात्र पहले से राज्य सरकार या केंद्र सरकार की किसी अन्य शिक्षा ऋण योजना का लाभ ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
- योजना का लाभ जारी रखने के लिए प्रत्येक वर्ष संस्थान के प्रमुख/विभागाध्यक्ष द्वारा जारी संतोषजनक शैक्षणिक प्रगति प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
आवश्यक दस्तावेज
- विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र ।
- आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति।
- मैट्रिकुलेशन (10वीं) प्रमाण पत्र (जन्म तिथि के प्रमाण हेतु)।
- पिछली कक्षा की अंकतालिका/प्रमाण पत्र (न्यूनतम 60% अंक का प्रमाण)।
- हिमाचली बोनाफाइड/डोमिसाइल प्रमाण पत्र (कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी)।
- वार्षिक पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (सभी स्रोतों से आय का प्रमाण)।
- संस्थान में चयन/प्रवेश का प्रमाण पत्र।
- प्रवेश परीक्षा का स्कोर कार्ड एवं मेरिट सूची का विवरण (यदि लागू हो)।
- संस्थान की मान्यता/संबद्धता का प्रमाण पत्र ।
- संस्थान के प्रमुख द्वारा जारी प्रवेश शुल्क/अन्य शैक्षणिक व्यय की डिमांड लेटर।
- प्रस्तावित शिक्षा ऋण एवं सेमेस्टर/वर्षवार शैक्षणिक व्यय का विवरण।
- बैंक शाखा का विवरण (बैंक का नाम, शाखा, IFSC कोड आदि)
- संस्थान के बैंक खाते का विवरण (जहां प्रवेश शुल्क जमा होना है)।
- PAN कार्ड की प्रति (यदि उपलब्ध हो)।
- योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक या संबंधित प्राधिकरण द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन प्रक्रिया
डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में पोर्टल उपलब्ध न होने के कारण पात्र छात्रों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र संस्थान के प्रमुख से सत्यापित कराने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय को ई-मेल के माध्यम से भेजा जाता है।
- सबसे पहले वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना का आवेदन पत्र डाउनलोड कर सभी आवश्यक जानकारी भरें।
- आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- अपने शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य/रजिस्ट्रार से आवेदन पत्र एवं पात्रता का सत्यापन कराएं।
- सत्यापित आवेदन पत्र और दस्तावेजों की स्कैन कॉपी [email protected] पर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजें।
- उच्च शिक्षा निदेशालय आवेदन की जांच कर पात्रता सत्यापित करेगा तथा पात्र पाए जाने पर संबंधित बैंक, शिक्षण संस्थान और जिला प्रशासन को सूचना भेजेगा।
- इसके बाद छात्र अपनी पसंद के हिमाचल प्रदेश स्थित अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण की प्रक्रिया पूरी करेगा।
- यदि प्रवेश शुल्क तुरंत जमा करना आवश्यक हो और बैंक से पहली ऋण किस्त मिलने में देरी हो, तो पात्र छात्र कॉर्पस फंड की सुविधा का विकल्प चुन सकते हैं।
- ऋण स्वीकृत होने के बाद बैंक शिक्षा ऋण जारी करेगा और योजना के अनुसार ब्याज सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।
महत्वपूर्ण लिंक
- हिमाचल प्रदेश डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना आवेदन पत्र।
- हिमाचल प्रदेश डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना दिशानिर्देश।
- डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना संशोधित दिशा-निर्देश
- हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय पोर्टल।
संपर्क जानकारी
- उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश फ़ोन नंबर:
- 2653120
- 2656622
- उच्च शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश ई-मेल:
- शिकायत निवारण
- शिकायत निवारण अधिकारी: शाखा अधिकारी (छात्रवृत्ति), उच्च शिक्षा निदेशालय
- ई-मेल: [email protected]
- दूरभाष: 0177-2656622
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिमाचल प्रदेश के बोनाफाइड विद्यार्थी, जिन्होंने कम से कम 60% अंक प्राप्त किए हों, मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो तथा अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हों, इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
पात्र छात्रों को इस योजना के तहत अधिकतम ₹20 लाख तक का शिक्षा ऋण प्रदान किया जा सकता है।
हाँ। कोर्स अवधि और उसके बाद 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि तक 1% से अधिक ब्याज का वहन हिमाचल प्रदेश सरकार करती है।
हाँ। इस योजना के तहत पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को भारत के साथ-साथ विदेश के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए भी शिक्षा ऋण का लाभ मिल सकता है।
हाँ। AICTE, UGC, NMC, PCI, INC या अन्य सक्षम नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त निजी (Private) शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले पात्र हिमाचली विद्यार्थी भी इस योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हाँ। इस योजना का लाभ केवल उन हिमाचली विद्यार्थियों को मिलेगा जिनके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक सकल आय ₹12 लाख या उससे कम है।
₹7.50 लाख तक के शिक्षा ऋण पर किसी प्रकार की जमानत (Collateral Security) की आवश्यकता नहीं होती। यदि शिक्षा ऋण ₹7.50 लाख से अधिक है, तो संबंधित बैंक अपने प्रचलित नियमों के अनुसार जमानत या अन्य सुरक्षा संबंधी शर्तें लागू कर सकता है।
नहीं। यदि विद्यार्थी पहले से किसी अन्य सरकारी शिक्षा ऋण ब्याज सब्सिडी योजना का लाभ ले रहा है, तो सामान्यतः उसे इस योजना के तहत उसी शिक्षा ऋण पर दोहरी ब्याज सब्सिडी नहीं मिलेगी।
यदि कोई विद्यार्थी पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले पढ़ाई छोड़ देता/देती है, तो योजना के तहत मिलने वाली ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) का लाभ वापस लिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित बैंक एवं सरकार द्वारा लागू नियमों के अनुसार सब्सिडी की वसूली (Recovery) की कार्रवाई भी की जा सकती है।
नहीं, योजना के आवेदन वर्तमान में केवल ऑफलाइन माध्यम से ही जमा किए जा सकते हैं।
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