मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 25/07/2026 - 11:40
Mohan Yadav CM Madhya Pradesh
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मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजना।
  • योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा किया जाता है।
  • यदि पति या पत्नी में से एक दिव्यांग है और दूसरा सामान्य (गैर-दिव्यांग) है, तो ₹2,00,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो ₹1,00,000 की संयुक्त वित्तीय सहायता दी जाती है।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर

आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन

योजना का सारांश
योजना का नाममध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना
शुरू की गई12 अगस्त 2008
नोडल विभागसामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन
लाभ₹2,00,000 तक की वित्तीय सहायता
लाभार्थीनिर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले पात्र दिव्यांग व्यक्ति
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑनलाइन / ऑफलाइन

योजना के बारे में

मध्य प्रदेश दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा 12 अगस्त 2008 को शुरू की गई एक सामाजिक कल्याण योजना है। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करना तथा विवाह के बाद उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक समावेशन, समान अवसर और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत में सरकार द्वारा वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना के अंतर्गत यदि पति या पत्नी में से कोई एक दिव्यांग है तथा दूसरा सामान्य (गैर-दिव्यांग) है, तो ₹2,00,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वहीं यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त रूप से ₹1,00,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का कम से कम 40% दिव्यांग होना, मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना, निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना तथा विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।

पात्र लाभार्थी SPARSH पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित जिले के संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कार्यालय में निर्धारित आवेदन पत्र जमा करके ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद स्वीकृत सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है। विभाग का लक्ष्य आवेदन प्राप्त होने के 15 कार्य दिवस के भीतर उनका निराकरण करना है।

योजना का उद्देश्य

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है-

  • विवाह के बाद वित्तीय सहायता प्रदान करके दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह को प्रोत्साहित करना।
  • पात्र दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह से जुड़े आर्थिक बोझ को कम करना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर एवं सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना।
  • विवाह के बाद दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनके सम्मान एवं जीवन स्तर में सुधार करना।

योजना के लाभ

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं-

  • यदि पति या पत्नी में से कोई एक दिव्यांग है तथा दूसरा सामान्य (गैर-दिव्यांग) है, तो ₹2,00,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त रूप से ₹1,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • वित्तीय सहायता केवल विवाह का पंजीकरण होने तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध विवाह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही प्रदान की जाती है।
  • योजना के अंतर्गत पात्र आवेदक ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनती है।
  • स्वीकृत सहायता राशि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
  • जो पात्र आवेदक मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, वे भी निर्धारित शर्तों के अधीन इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

पात्रताएँ

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है-

  • आवेदक 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाला व्यक्ति होना चाहिए।
  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) होना चाहिए।
  • आवेदक ने योजना में निर्धारित न्यूनतम वैवाहिक आयु पूरी कर ली हो-
    • पुरुष आवेदक: 21 वर्ष या उससे अधिक।
    • महिला आवेदक: 18 वर्ष या उससे अधिक।
  • विवाह निम्नलिखित में से किसी भी प्रकार से संपन्न हुआ होना चाहिए
    • धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार,
    • सामाजिक परंपराओं के अनुसार, अथवा
    • सक्षम न्यायालय के माध्यम से विधिक रूप से।
  • आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।

अन्य शर्तें

पात्रता शर्तों के अतिरिक्त आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों का भी पालन करना आवश्यक है-

  • योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता किसी पात्र लाभार्थी को जीवन में केवल एक बार प्रदान की जाती है।
  • यदि किसी विधवा, विधुर या परित्यक्त व्यक्ति को पहले ही इस योजना के अंतर्गत सहायता मिल चुकी है, तो वह दोबारा इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा।
  • यदि पति या पत्नी में से केवल एक व्यक्ति दिव्यांग है, तो वही दिव्यांग व्यक्ति योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकता है।
  • यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विवाह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • यदि विवाह धार्मिक या सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ है, तो निर्धारित प्रमाण-पत्र के साथ आवश्यक शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
  • यदि दो दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा संयुक्त आवेदन किया जाता है, तो सामान्यतः स्थायी निवास के सत्यापन के बाद लाभ पति के मूल जिले के माध्यम से प्रदान किया जाता है।
  • यदि पत्नी दिव्यांग आवेदक है तथा उसका मूल जिला अलग है, तो उसे अपने मूल जिले में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
  • आवेदन विवाह की तिथि से एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस अवधि के बाद प्रस्तुत आवेदन वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होंगे।
  • यदि सहायता प्राप्त करने के पाँच वर्ष के भीतर विवाह का विच्छेद या वैधानिक रूप से समाप्ति हो जाती है, तो लाभार्थी को प्राप्त पूरी सहायता राशि सरकार को वापस करनी होगी। राशि वापस न करने की स्थिति में इसकी वसूली भू-राजस्व बकाया के रूप में की जाएगी।

सहायता राशि

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को निम्नानुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है-

श्रेणी
सहायता राशि
पति या पत्नी में से एक दिव्यांग तथा दूसरा सामान्य (गैर-दिव्यांग)
₹2,00,000
पति एवं पत्नी दोनों दिव्यांग (संयुक्त आवेदन)
₹1,00,000

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन पत्र के साथ आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे-

  • विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।
  • मध्य प्रदेश के स्थायी निवास प्रमाण-पत्र की छायाप्रति।
  • सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की छायाप्रति।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आयकरदाता न होने का प्रमाण-पत्र।
  • आवेदक के आयु प्रमाण-पत्र की छायाप्रति।
  • पति-पत्नी के दो संयुक्त पासपोर्ट आकार के फोटो।
  • यदि आवेदक विधवा है, तो पति के मृत्यु प्रमाण-पत्र की छायाप्रति।
  • यदि आवेदक परित्यक्त है, तो न्यायालय के आदेश की छायाप्रति।
  • बचत बैंक खाते का विवरण दर्शाने वाली बैंक पासबुक की छायाप्रति।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी विवाह प्रमाण-पत्र। यदि विवाह धार्मिक या सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ है, तो निर्धारित प्रमाण-पत्र के साथ आवश्यक शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र भी संलग्न करना होगा।

आवेदन प्रक्रिया

पात्र आवेदक SPARSH पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा निर्धारित आवेदन पत्र के साथ संबंधित जिला कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले SPARSH पोर्टल पर जाएँ।
  • होम पेज पर ऊपर दिए गए "Programmes & Schemes" मेनू पर क्लिक करें और "Nishakt Vivah Protsahan Yojana" का चयन करें।
  • योजना का विवरण आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
  • पेज के बाईं ओर दिए गए "Apply for Disabled Marriage through Samagra ID" विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना 9 अंकों का समग्र आईडी (Samagra ID) दर्ज करें, यह चुनें कि आपका जीवनसाथी मध्य प्रदेश का निवासी है या नहीं (Yes/No), फिर "Find Member Details" पर क्लिक करें।
  • यदि आपने पहले से SPARSH पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया है, तो "Register" बटन पर क्लिक करें।
  • पंजीकरण पृष्ठ पर अपना 9 अंकों का समग्र आईडी, पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें, CAPTCHA सत्यापन पूरा करें और "Generate OTP" पर क्लिक करें। प्राप्त OTP सत्यापित करके पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा करें।
  • सफल पंजीकरण के बाद पोर्टल में लॉगिन करें और अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन का प्रकार चुनें-
    • Single Applicant – यदि पति या पत्नी में से केवल एक व्यक्ति दिव्यांग है।
    • Joint Applicant – यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं।
  • ऑनलाइन आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी भरें, जिसमें मोबाइल नंबर, आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो), जीवनसाथी का समग्र आईडी (जहाँ लागू हो), विवाह संबंधी जानकारी तथा वार्षिक आय का विवरण शामिल है।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज JPG प्रारूप में अपलोड करें। प्रत्येक फ़ाइल का आकार 100 KB से कम होना चाहिए। यदि आपका दिव्यांगता प्रमाण-पत्र पहले से SPARSH पोर्टल पर अपलोड है, तो उसे दोबारा अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • आवेदन पत्र की सभी जानकारी सावधानीपूर्वक जाँचें और "Save" पर क्लिक करके आवेदन सफलतापूर्वक जमा करें।
  • आवेदन जमा होने के बाद संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
  • आवेदन स्वीकृत होने के बाद वित्तीय सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT/e-Payment) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • आवेदक निर्धारित आवेदन पत्र भरकर तथा सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करके संबंधित जिले के संयुक्त संचालक/उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
  • विभाग आवेदन एवं दस्तावेजों का सत्यापन करेगा तथा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन पर कार्रवाई करेगा।

आवेदन के बाद की प्रक्रिया

  • आवेदन प्राप्त होने के बाद विभाग द्वारा सभी दस्तावेजों एवं पात्रता का सत्यापन किया जाता है।
  • आवेदन सामान्यतः आवेदन जमा होने की तिथि से 15 कार्य दिवस के भीतर संसाधित (Process) कर दिया जाता है।
  • आवेदन स्वीकृत होने पर वित्तीय सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेज दी जाती।

महत्वपूर्ण शर्तें

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए-

  • आवेदन केवल विवाह संपन्न होने के बाद ही किया जा सकता है।
  • आवेदन विवाह की तिथि से एक वर्ष के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस अवधि के बाद प्राप्त आवेदन वित्तीय सहायता के लिए पात्र नहीं होंगे।
  • आवेदक यह सुनिश्चित करें कि आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही हो तथा उसके समर्थन में वैध दस्तावेज संलग्न किए गए हों।
  • वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए वैध विवाह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • यदि विवाह धार्मिक या सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ है, तो निर्धारित प्रमाण-पत्र के साथ आवश्यक शपथ-पत्र/घोषणा-पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
  • आवेदक अपने बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज करें, क्योंकि स्वीकृत सहायता राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उसी बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
  • यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता किसी पात्र लाभार्थी को जीवन में केवल एक बार प्रदान की जाती है।
  • यदि सहायता राशि प्राप्त करने के पाँच वर्ष के भीतर विवाह का विच्छेद हो जाता है, तो लाभार्थी को प्राप्त पूरी सहायता राशि सरकार को वापस करनी होगी।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन

  • कार्यालय का पता: संचालनालय, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पत्रकार कॉलोनी, लिंक रोड नंबर-3, भोपाल – 462016, मध्य प्रदेश
  • फोन नंबर: 07552556916
  • ईमेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मध्य प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को विवाह के बाद आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
 

यदि पति या पत्नी में से एक दिव्यांग है और दूसरा सामान्य (गैर-दिव्यांग) है, तो ₹2,00,000 की सहायता मिलती है। यदि दोनों पति-पत्नी दिव्यांग हैं, तो ₹1,00,000 की संयुक्त सहायता प्रदान की जाती है।
 

आवेदक के पास कम से कम 40% दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
 

हाँ, इस योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को दिया जाता है।
 

आवेदन विवाह की तिथि से एक वर्ष के भीतर करना अनिवार्य है।
 

हाँ, पात्र आवेदक SPARSH पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
 

नहीं। यदि पति और पत्नी दोनों दिव्यांग हैं, तो उन्हें संयुक्त आवेदन करना होगा।
 

स्वीकृत सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
 

नहीं। इस योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को जीवन में केवल एक बार दिया जाता है।
 

सामान्यतः आवेदन प्राप्त होने के 15 कार्य दिवस के भीतर उसका निराकरण किया जाता है।
 

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