मध्य प्रदेश सिंधु दर्शन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 08/07/2026 - 17:57
मध्य प्रदेश CM
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मध्य प्रदेश सिंधु दर्शन योजना
हाइलाइट
  • वास्तविक यात्रा व्यय का 50% या अधिकतम ₹10,000 तक वित्तीय सहायता।
  • केवल मध्य प्रदेश के पात्र स्थायी निवासियों के लिए।
  • योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग फोन: 07552512091, 07342991135, 07552575536
योजना का सारांश
योजना का नाममध्य प्रदेश सिंधु दर्शन योजना
नोडल विभागधार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, मध्य प्रदेश शासन
लाभवास्तविक यात्रा व्यय का 50% या अधिकतम ₹10,000 (जो भी कम हो) वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाता है। |
लाभार्थीसिंधु दर्शन यात्रा करने वाले मध्य प्रदेश के पात्र स्थायी निवासी।
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑफलाइन

योजना के बारे में

मध्य प्रदेश सिंधु दर्शन यात्रा योजना, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा शुरू की गई एक तीर्थयात्रा सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के पात्र निवासियों को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आयोजित सिंधु दर्शन यात्रा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार चयनित यात्रियों के यात्रा व्यय को कम करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए यह तीर्थयात्रा अधिक किफायती बन सके।

इस योजना के अंतर्गत पात्र यात्रियों को उनके वास्तविक यात्रा व्यय का 50% या ₹10,000, जो भी कम हो, वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। हालांकि, यह सहायता केवल उन आवेदकों को उपलब्ध है, जिनका चयन निर्धारित चयन प्रक्रिया के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा किया गया हो तथा जिन्होंने सफलतापूर्वक सिंधु दर्शन यात्रा पूरी की हो।

संबंधित जिले के जिला कलेक्टर द्वारा आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध कोटे से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। यदि कोई चयनित आवेदक अपना नाम वापस ले लेता है या अपात्र हो जाता है, तो रिक्त स्थानों को भरने के लिए प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाती है।

इस योजना में कई महत्वपूर्ण शर्तें भी शामिल हैं। वित्तीय सहायता का दावा जीवन में केवल एक बार किया जा सकता है। आवेदक को निर्धारित समय सीमा के भीतर यात्रा पूर्ण करने का प्रमाण तथा यात्रा व्यय के प्रमाण के साथ निर्धारित दावा प्रस्तुत करना आवश्यक है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, दावा जिला कलेक्टर के पास प्रस्तुत किया जाता है, जो दस्तावेजों का सत्यापन कर वित्तीय सहायता स्वीकृत करता है। इसके अतिरिक्त, आयकरदाता इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं हैं।

यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके माध्यम से वह सिंधु दर्शन यात्रा करने के इच्छुक नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान कर तथा जिला स्तर पर पारदर्शी लाभार्थी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित कर उनका सहयोग करती है।

योजना के लाभ

  • सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करने के बाद पात्र यात्रियों को उनके वास्तविक यात्रा व्यय का 50% या ₹10,000, जो भी कम हो, वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • वित्तीय सहायता केवल निर्धारित दस्तावेजों तथा यात्रा पूर्ण होने के प्रमाण के सत्यापन के बाद ही जारी की जाती है।
  • इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार उपलब्ध है।
  • यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या जिले के उपलब्ध कोटे से अधिक होती है, तो पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लाभार्थियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाता है।
  • यदि कोई चयनित आवेदक यात्रा पर नहीं जाता है, तो उसके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को यात्रा पर भेजने के लिए 10% अतिरिक्त आवेदकों की प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है।

पात्रताएँ

  • आवेदक को निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करना होगा:
  • आवेदक मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक को लद्दाख में सिंधु दर्शन यात्रा करनी चाहिए।
  • आवेदक का चयन यात्रा के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया के अंतर्गत होना चाहिए।
  • आवेदक अपने जीवनकाल में केवल एक बार ही वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकता है।
  • आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए। (यह प्रावधान 16 दिसंबर 2016 के संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।)

आवश्यक दस्तावेज

आवेदकों को निर्धारित आवेदन/दावा प्रपत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज़ जमा करने चाहिए:

  • सिंधु दर्शन यात्रा पूर्ण करने का प्रमाण।
  • यात्रा व्यय का प्रमाण/विवरण।
  • जिला कलेक्टर द्वारा जारी चयन प्रमाण पत्र (यदि निर्धारित हो)।
  • वैध पहचान प्रमाण।
  • विधिवत भरा हुआ निर्धारित दावा/आवेदन प्रपत्र।

नोट: निर्धारित दावा प्रपत्र में आवेदक को अपना नाम, पिता/पति का नाम, व्यवसाय, पूरा आवासीय पता, यात्रा का विवरण तथा यात्रा से संबंधित घोषणा जैसी व्यक्तिगत जानकारी भी भरनी होती है।

आवेदन प्रक्रिया

  • चरण 1: आवेदन सूचना की प्रतीक्षा करें
    • इच्छुक आवेदकों को अपने संबंधित जिले के जिला कलेक्टर द्वारा सिंधु दर्शन यात्रा के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाने की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
    • जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी किए जाने के बाद ही आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
  • चरण 2: निर्धारित आवेदन प्रपत्र जमा करें
    • निर्धारित आवेदन प्रपत्र में आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी भरें और यदि आवश्यक हो, तो आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित आवेदन अवधि के भीतर इसे जिला प्रशासन के पास जमा करें।
  • चरण 3: यात्रियों का चयन
    • यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या जिले के निर्धारित कोटे से अधिक होती है, तो पात्र आवेदकों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाता है।
    • 10% अतिरिक्त आवेदकों की एक प्रतीक्षा सूची भी तैयार की जाती है।
    • यदि कोई चयनित यात्री यात्रा पर नहीं जाता है, तो उसके स्थान पर प्रतीक्षा सूची से किसी व्यक्ति का चयन किया जा सकता है।
  • चरण 4: सिंधु दर्शन यात्रा करें
    • यात्रा के लिए चयनित आवेदकों को सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करनी चाहिए तथा यात्रा से संबंधित सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज़ों और यात्रा व्यय के अभिलेखों को सुरक्षित रखना चाहिए, क्योंकि वित्तीय सहायता का दावा करने के लिए इनकी आवश्यकता होती है।
  • चरण 5: वित्तीय सहायता का दावा प्रस्तुत करें
    • यात्रा पूरी करने के बाद, लाभार्थी को सिंधु दर्शन यात्रा पूर्ण होने का प्रमाण, यात्रा व्यय का प्रमाण तथा अन्य आवश्यक सहायक दस्तावेजों सहित निर्धारित दावा प्रपत्र यात्रा पूर्ण होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर जिला कलेक्टर के पास प्रस्तुत करना होगा।
  • चरण 6: दस्तावेज़ों का सत्यापन
    • जिला कलेक्टर लाभार्थी द्वारा प्रस्तुत दावा प्रपत्र तथा सभी सहायक दस्तावेज़ों का सत्यापन करता है।
    • निर्धारित अभिलेखों का सफलतापूर्वक सत्यापन होने के बाद ही वित्तीय सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
  • चरण 7: वित्तीय सहायता जारी करना
    • सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तथा दावा पात्र पाए जाने के बाद, जिला कलेक्टर योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभार्थी के लिए स्वीकृत वित्तीय सहायता मंजूर करता है और जारी करता है।
    • दावा प्रस्तुत करने तथा भुगतान की यह प्रक्रिया 31 मई 2016 को जारी संशोधन के अनुसार लागू है।

लाभार्थी चयन प्रक्रिया

  • आवेदन जिला कलेक्टर द्वारा आमंत्रित किए जाते हैं।
  • लाभार्थियों का चयन जिले के निर्धारित कोटे के अनुसार किया जाता है।
  • यदि प्राप्त आवेदनों की संख्या उपलब्ध कोटे से अधिक होती है, तो चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाता है।
  • यदि चयनित आवेदकों द्वारा यात्रा रद्द कर दी जाती है या वे यात्रा में भाग नहीं लेते हैं, तो उत्पन्न रिक्तियों को भरने के लिए 10% अतिरिक्त आवेदकों की प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है।
  • यदि पति और पत्नी दोनों आवेदन करते हैं, तो लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें एक इकाई माना जाता है। चयन होने की स्थिति में उपलब्ध सीटों की आवश्यक संख्या उसी के अनुसार कम कर दी जाती है।

महत्वपूर्ण शर्तें

  • वित्तीय सहायता का लाभ जीवन में केवल एक बार ही प्राप्त किया जा सकता है।
  • आवेदक को यात्रा पूर्ण होने के 60 दिनों के भीतर दावा प्रस्तुत करना होगा।
  • दावे के साथ यात्रा पूर्ण करने का प्रमाण तथा यात्रा व्यय का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
  • केवल सत्यापित दावे ही वित्तीय सहायता के लिए पात्र होंगे।
  • आयकरदाता इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के पात्र नहीं हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग

  • पता: 74-डी, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल, मध्य प्रदेश – 462008
  • फोन: 07552512091, 07342991135, 07552575536
  • ई-मेल: [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंधु दर्शन योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र यात्रियों को लद्दाख में आयोजित सिंधु दर्शन यात्रा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
 

योजना के तहत वास्तविक यात्रा व्यय का 50% या अधिकतम ₹10,000, जो भी कम हो, वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान किया जाता है।
 

मध्य प्रदेश के पात्र स्थायी निवासी, जो योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं, इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
 

नहीं। इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही दिया जाता है।
 

जिले के निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर पात्र आवेदकों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाता है।
 

हाँ। कुल कोटे के 10% अतिरिक्त आवेदकों की प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है। यदि कोई चयनित यात्री यात्रा पर नहीं जाता है, तो प्रतीक्षा सूची से व्यक्ति को अवसर दिया जा सकता है।
 

यात्रा पूर्ण होने के 60 दिनों के भीतर निर्धारित दावा प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज जिला कलेक्टर को जमा करने होते हैं।
 

नहीं। योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार आयकरदाता इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
 

आवेदन एवं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जिला कलेक्टर द्वारा वित्तीय सहायता स्वीकृत एवं प्रदान की जाती है।
 

दावा प्रपत्र के साथ सिंधु दर्शन यात्रा पूर्ण होने का प्रमाण, यात्रा व्यय का प्रमाण तथा अन्य निर्धारित दस्तावेज जमा करने होते हैं।
 

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