- दिल्ली कैबिनेट ने नई आर्कियोलॉजी रिसर्च फेलोशिप योजना को मंजूरी दे दी है।
- इस योजना के तहत ₹25,000 से ₹50,000 प्रति माह तक फेलोशिप दी जाएगी।
- इसका उद्देश्य दिल्ली की पुरातात्विक विरासत पर शोध, दस्तावेज़ तैयार करना, डिजिटाइजेशन और संरक्षण को बढ़ावा देना
- निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पात्र दिल्ली निवासी इस फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- पुरातत्व विभाग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार: फोन: 01123814026
योजना का सारांश | |
|---|---|
| योजना का नाम | दिल्ली आर्कियोलॉजी रिसर्च फेलोशिप |
| कार्यान्वयन विभाग | पुरातत्व विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार |
| लाभ | मासिक फेलोशिप (SRF: ₹50,000, JRF: ₹25,000) |
| लाभार्थी | दिल्ली में रहने वाले पात्र शोधकर्ता |
| सब्सक्रिप्शन | योजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें . |
| फेलोशिप श्रेणियाँ | सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) एवं जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) |
| आवेदन का माध्यम | ऑफलाइन |
योजना के बारे में
दिल्ली रिसर्च फेलोशिप इन आर्कियोलॉजी योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा शुरू की गई एक फेलोशिप है। इसका उद्देश्य पुरातत्व के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण को मजबूत करना है। इस फेलोशिप के माध्यम से प्रतिभाशाली शोधकर्ताओं को दिल्ली की पुरातात्विक विरासत का अध्ययन करने, कम प्रसिद्ध स्मारकों के इतिहास की खोज करने, उनके ऐतिहासिक महत्व का दस्तावेज़ीकरण करने और राजधानी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में योगदान देने का अवसर मिलता है।
यह कार्यक्रम शोधकर्ताओं को पुरातत्व विभाग के साथ मिलकर कार्य करने और सरकार द्वारा संचालित विरासत संरक्षण परियोजनाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी देता है। इसका उद्देश्य नए विचारों और आधुनिक शोध पद्धतियों को बढ़ावा देना है, ताकि दिल्ली के पुरातात्विक स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण तथा दस्तावेज़ीकरण को और बेहतर बनाया जा सके।
नवीनतम अपडेट: दिल्ली कैबिनेट ने आर्काइव्स और आर्कियोलॉजी रिसर्च फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृत कार्यक्रम के तहत हर वर्ष 27 शोधकर्ताओं को ₹25,000 से ₹50,000 प्रति माह तक की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। चयनित शोधकर्ता दिल्ली की अभिलेखीय (Archives) और पुरातात्विक विरासत के शोध, दस्तावेज़ीकरण, डिजिटाइजेशन और संरक्षण का कार्य करेंगे। आवेदन प्रक्रिया, आवेदन की तिथियों तथा अन्य संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों के लिए सरकार द्वारा जल्द ही नई अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है।
योजना के लाभ
चयनित फेलो को इस योजना के तहत कई शैक्षणिक और व्यावसायिक लाभ दिए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- फेलोशिप की श्रेणी के अनुसार ₹25,000 से ₹50,000 प्रति माह तक की मासिक फेलोशिप।
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के साथ सीधे काम करने का अवसर।
- पुरातात्विक शोध करने के लिए वित्तीय सहायता।
- दिल्ली के कम प्रसिद्ध स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों का अध्ययन एवं उनका दस्तावेज़ीकरण करने का अवसर।
- ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर।
- पुरातत्व और विरासत प्रबंधन से संबंधित सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन का अनुभव।
- पुरातात्विक अभिलेखों के दस्तावेज़ीकरण और डिजिटाइजेशन का अनुभव।
- ऐसे शोध कार्य में योगदान देने का अवसर, जो दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सहायक हो।
- शोध कार्य के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ (Infrastructure) और स्टेशनरी की सुविधा।
- सरकारी नियमों के अनुसार दिल्ली से बाहर स्वीकृत आधिकारिक यात्रा के लिए यात्रा भत्ता (TA)।
फेलोशिप की श्रेणियाँ और मासिक फेलोशिप
यह फेलोशिप दो श्रेणियों में प्रदान की जाती है:
फेलोशिप श्रेणी मासिक फेलोशिप
- सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) ₹50,000
- जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) ₹25,000
फेलोशिप की राशि पर आयकर अधिनियम के अनुसार स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होगी।
फेलोशिप की अवधि
यह फेलोशिप अधिकतम एक वर्ष के लिए प्रदान की जाती है।
फेलोशिप अवधि के दौरान:
- फेलोशिप की अवधि एक वर्ष होगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फेलो को स्वीकृति मिलने पर इसे एक वर्ष के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
- सभी फेलो को पूर्णकालिक (Full-Time) आधार पर कार्य करना होगा।
- प्रत्येक तीन महीने में अपनी प्रगति रिपोर्ट विभाग को जमा करनी होगी।
- विभाग द्वारा प्रत्येक तिमाही (Quarter) में कार्य की समीक्षा की जाएगी।
- यदि किसी फेलो की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती है, तो उसकी फेलोशिप रोकी जा सकती है या समाप्त की जा सकती है।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फेलो को चयन समिति की अनुशंसा और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद फेलोशिप की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
शोध का दायरा और कार्य क्षेत्र
यह फेलोशिप पुरातत्व और विरासत संरक्षण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में शोध और विकास को बढ़ावा देती है। चयनित फेलो निम्नलिखित कार्यों पर शोध कर सकते हैं:
- पुरातात्विक शोध करना।
- ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण।
- दिल्ली के कम प्रसिद्ध स्मारकों का दस्तावेज़ीकरण।
- पुरातात्विक स्थलों के ऐतिहासिक महत्व पर शोध करना।
- विरासत (Heritage) का दस्तावेज़ीकरण।
- पुरातात्विक अभिलेखों और पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन।
- दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
- विस्तृत शोध रिपोर्ट तैयार करना।
- विभाग द्वारा संचालित विरासत संरक्षण परियोजनाओं में सहयोग करना।
- पुरातत्व के क्षेत्र में नई शोध पद्धतियों के विकास में सहायता करना।
पात्रताएँ
दिल्ली रिसर्च फेलोशिप इन आर्कियोलॉजी योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदकों को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक को निर्धारित अवधि से लगातार दिल्ली का निवासी होना चाहिए तथा इसके लिए वैध निवास प्रमाण प्रस्तुत करना होगा।
- आवेदन की अंतिम तिथि तक, सरकार द्वारा निर्धारित अनुसार आवेदक पिछले चार वर्षों से लगातार दिल्ली में रह रहा होना चाहिए और इसका वैध प्रमाण देना होगा।
- आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तक आवेदक की अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। इसके लिए वैध आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।
- आवेदक के पास फेलोशिप की श्रेणी और शोध क्षेत्र के अनुसार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए।
- जो उम्मीदवार किसी सरकारी विभाग में कार्यरत हैं या पहले से केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम (PSU), सरकारी निगम या किसी अन्य
- सरकारी संस्था से फेलोशिप, छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड, अनुदान या किसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे हैं, वे इस फेलोशिप के लिए पात्र नहीं होंगे।
शैक्षणिक योग्यता
यह फेलोशिप आर्कियोलॉजी (Archaeology) और कंजर्वेशन (Conservation) के दो शोध क्षेत्रों में उपलब्ध है। दोनों क्षेत्रों में सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) और जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) की श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं।
1. आर्कियोलॉजी (Archaeology)
सीनियर रिसर्च फेलो (SRF): आवेदक के पास इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), भारत सरकार से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन आर्कियोलॉजी होना चाहिए।
- जूनियर रिसर्च फेलो (JRF): आवेदक के पास निम्नलिखित में से कोई एक योग्यता होनी चाहिए:
- आर्कियोलॉजी (पुरातत्व) में मास्टर डिग्री, या
- प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) में मास्टर डिग्री, या
- मध्यकालीन भारतीय इतिहास (Medieval Indian History) में मास्टर डिग्री।
2. कंजर्वेशन (Conservation)
सीनियर रिसर्च फेलो (SRF)
आवेदक के पास निम्नलिखित में से कोई एक योग्यता होनी चाहिए:
- कंजर्वेशन, प्रिजर्वेशन एवं हेरिटेज मैनेजमेंट (Conservation, Preservation and Heritage Management) में मास्टर डिग्री, या
- कंजर्वेशन (Conservation) में मास्टर डिग्री।
जूनियर रिसर्च फेलो (JRF)
- आवेदक के पास सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए।
मूल्यांकन के मानदंड
चयन समिति (Selection Committee) आवेदनों का मूल्यांकन प्रस्तावित शोध की गुणवत्ता और योग्यता के आधार पर करती है। मूल्यांकन के दौरान सामान्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार किया जाता है:
- शोध प्रस्ताव में नवीनता (Innovation) और मौलिकता (Originality) का स्तर।
- प्रस्तावित शोध कार्य का उद्देश्य और दायरा।
- शोध पद्धति (Research Methodology) की स्पष्टता और गुणवत्ता।
- पुरातत्व और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में प्रस्तावित शोध का महत्व।
- आवेदक के पिछले शैक्षणिक या शोध कार्य की गुणवत्ता।
- प्रस्तावित शोध विषय की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता।
- शोध को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवेदक के कौशल और क्षमता।
- उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए शोध योजना की व्यावहारिकता।
- शोध के अपेक्षित परिणाम और दिल्ली की पुरातात्विक विरासत के संरक्षण में उनका योगदान।
आवश्यक दस्तावेज़
आवेदन के साथ सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेज़ जमा करने होंगे:
- निर्धारित प्रारूप में विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।
- अधिकतम तीन A4 पृष्ठों का शोध विवरण, जिसमें निम्नलिखित जानकारी शामिल हो:
- शोध का शीर्षक।
- शोध का संक्षिप्त विवरण।
- उपलब्ध साहित्य की संक्षिप्त समीक्षा।
- अध्ययन का दायरा।
- शोध की कार्यप्रणाली।
- शोध करने का उद्देश्य।
- निर्धारित आवेदन शुल्क का बैंक ड्राफ्ट।
- प्रस्तावित शोध के समर्थन में अधिकतम तीन अनुशंसा पत्र।
- 1,000 शब्दों से अधिक न होने वाला एक निबंध, जिसमें निम्नलिखित बातें बताई गई हों:
- आवेदक यह शोध क्यों करना चाहता/चाहती है।
- यह फेलोशिप आवेदक के करियर में किस प्रकार सहायक होगी।
- दिल्ली में निवास का प्रमाण।
- पैन कार्ड की प्रति।
- एक स्व-घोषणा (Undertaking), जिसमें यह लिखा हो कि आवेदक किसी सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं है तथा केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी अन्य
- सरकारी संस्था से कोई फेलोशिप, छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड, अनुदान या अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं कर रहा/रही है।
वांछित कौशल
फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों में निम्नलिखित कौशल होने चाहिए:
- अच्छा संवाद कौशल ।
- संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से कार्य करने की क्षमता।
- बारीकियों पर ध्यान देने की क्षमता।
- चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता।
- हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में अच्छा मौखिक और लिखित संचार कौशल।
- एमएस वर्ड (MS Word), एमएस एक्सेल (MS Excel) और माइक्रोसॉफ्ट पावरपॉइंट (Microsoft PowerPoint) का कार्यकारी ज्ञान।
- ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करके शोध करने की क्षमता।
- अच्छे डिजिटल संचार कौशल।
- शोध कार्य के प्रति ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता।
- आवश्यकता पड़ने पर सप्ताहांत (Weekend) और सरकारी अवकाश के दिनों में भी कार्य करने की तत्परता।
- फील्ड रिसर्च के लिए दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से यात्रा करने की इच्छा।
- फेलोशिप अवधि के दौरान पूर्णकालिक (Full-Time) आधार पर कार्य करने की क्षमता।
आवेदन शुल्क
पिछली फेलोशिप गाइडलाइन के अनुसार आवेदन शुल्क निम्नानुसार निर्धारित था:
- सामान्य (General) / ओबीसी (OBC) / ईडब्ल्यूएस (EWS): ₹500
- अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST): ₹250
आवेदन शुल्क का भुगतान डीडीओ (DDO), पुरातत्व विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से करना होगा। यदि सरकार नई अधिसूचना में आवेदन शुल्क में कोई बदलाव करती है, तो संशोधित शुल्क उसी अधिसूचना में जारी किया जाएगा।
आवेदन कैसे करें
दिल्ली सरकार द्वारा इस अद्यतन फेलोशिप योजना के लिए जल्द ही नई आवेदन अधिसूचना जारी किए जाने की उम्मीद है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्र उम्मीदवार निम्नलिखित चरणों का पालन कर सकते हैं:
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- नवीनतम फेलोशिप अधिसूचना और आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
- पात्रता शर्तों और आवेदन संबंधी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
- अपना शोध प्रस्ताव (Research Proposal) और सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करें।
- यदि लागू हो, तो निर्धारित आवेदन शुल्क की व्यवस्था करें।
- आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही और पूर्ण रूप से भरें।
- सभी आवश्यक दस्तावेज़ निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें।
- आवेदन पत्र को अधिसूचना में दी गई अंतिम तिथि से पहले जमा करें।
- भविष्य के संदर्भ के लिए जमा किए गए आवेदन पत्र और सभी दस्तावेज़ों की एक प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।
चयन प्रक्रिया
फेलो का चयन सरकार द्वारा गठित चयन समिति के माध्यम से किया जाता है।
चयन प्रक्रिया में सामान्यतः निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:
- पात्रता की जाँच।
- शैक्षणिक योग्यताओं का सत्यापन।
- शोध प्रस्ताव का मूल्यांकन।
- निर्धारित मानदंडों के आधार पर आवेदन का आकलन।
- आवेदक के पिछले शैक्षणिक एवं शोध कार्य की समीक्षा।
- चयन समिति द्वारा अनुशंसा। सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) द्वारा अंतिम स्वीकृति।
- चयनित फेलो की अंतिम सूची आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
आवेदकों और चयनित फेलो को पुरातत्व विभाग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा:
- प्रत्येक आवेदक केवल निर्धारित प्रारूप में एक ही आवेदन जमा कर सकता है। यदि कोई उम्मीदवार एक से अधिक आवेदन जमा करता है, तो उसके किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
- निर्धारित आवेदन पत्र के अलावा किसी अन्य प्रारूप में भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- अधूरे आवेदन पत्र बिना किसी समीक्षा के अस्वीकार किए जा सकते हैं।
- आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही और सत्य होनी चाहिए।
- यदि आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी गलत या भ्रामक पाई जाती है, तो आवेदन या फेलोशिप दोनों में से किसी को भी रद्द किया जा सकता है।
- चयनित फेलो को अपने पते या संपर्क विवरण में किसी भी परिवर्तन की जानकारी एक सप्ताह के भीतर लिखित रूप में पुरातत्व विभाग को देनी होगी।
- विभाग शोध कार्य के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ (Infrastructure) और स्टेशनरी उपलब्ध कराएगा। दिल्ली से बाहर स्वीकृत आधिकारिक यात्रा के लिए
- सरकारी नियमों के अनुसार यात्रा भत्ता (TA) भी दिया जाएगा।
- चयन होने के बाद, फेलोशिप जॉइन करने से पहले उम्मीदवारों को विभाग द्वारा निर्धारित सभी औपचारिकताएँ पूरी करनी होंगी।
फेलोशिप के नियम एवं शर्तें
- यह फेलोशिप पूर्णकालिक (Full-Time) है। चयनित फेलो फेलोशिप की अवधि के दौरान कोई अन्य नौकरी या वेतन वाला कार्य नहीं कर सकते।
- प्रत्येक फेलो को हर तीन महीने में अपनी प्रगति रिपोर्ट विभाग को जमा करनी होगी। पुरातत्व विभाग प्रत्येक तिमाही में उनके कार्य की समीक्षा करेगा। यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती है, तो फेलोशिप रोकी जा सकती है या समाप्त की जा सकती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फेलो को सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से फेलोशिप की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
- चयनित फेलो को विभाग की पूर्व अनुमति के साथ 8 आकस्मिक अवकाश (Casual Leave - CL), 2 प्रतिबंधित अवकाश (Restricted Holiday - RH) तथा सभी राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holidays) का लाभ मिलेगा।
- इस फेलोशिप के आधार पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में नियमित सरकारी नौकरी का कोई अधिकार या दावा नहीं किया जा सकता।
- यदि अर्धवार्षिक (Half-Yearly) प्रदर्शन समीक्षा के दौरान फेलोशिप रद्द कर दी जाती है, तो संबंधित फेलो दोबारा इस फेलोशिप के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा, जब तक कि चयन समिति अन्यथा निर्णय न ले।
- यदि कोई फेलो एक वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले फेलोशिप छोड़ना चाहता है, तो उसे विभाग को एक महीने पहले लिखित सूचना देनी होगी।
- यदि कोई फेलो फेलोशिप की अवधि पूरी होने से पहले इस्तीफा देता है या शोध कार्य बीच में छोड़ देता है, तो उसे प्राप्त पूरी फेलोशिप राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित वापस करनी होगी।
- यदि किसी फेलो द्वारा जमा की गई कोई जानकारी या दस्तावेज़ गलत या झूठा पाया जाता है, तो उसकी फेलोशिप तुरंत समाप्त कर दी जाएगी और उसे प्राप्त
- पूरी फेलोशिप राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित वापस करनी होगी।
- यदि शोध कार्य प्रकाशित किया जाता है, तो प्रकाशित सामग्री का कॉपीराइट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के पास रहेगा।
- चयनित फेलो को समय-समय पर विभाग द्वारा आयोजित कार्यशालाओं (Workshops), सेमिनार, संगोष्ठियों (Symposiums) तथा अन्य कार्यक्रमों में भाग लेना होगा।
- फेलोशिप अवधि के दौरान सभी फेलो को पुरातत्व विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सभी निर्देशों और दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
महत्वपूर्ण लिंक
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
- दिल्ली फेलोशिप फॉर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इन आर्कियोलॉजी की आधिकारिक गाइडलाइन।
संपर्क विवरण
पुरातत्व विभाग राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार
- कार्यालय का पता: बी ब्लॉक, दूसरी मंजिल, विकास भवन-II, अपर बेला रोड, सिविल लाइंस, दिल्ली – 110054
- फोन: 01123814026
- ईमेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा संचालित फेलोशिप है, जिसका उद्देश्य दिल्ली की पुरातात्विक विरासत पर शोध और संरक्षण को बढ़ावा देना है।
जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) को ₹25,000 प्रति माह और सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) को ₹50,000 प्रति माह की फेलोशिप प्रदान की जाती है।
निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले पात्र दिल्ली निवासी शोधकर्ता इस फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
फेलोशिप की अवधि एक वर्ष होती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले फेलो की अवधि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से एक वर्ष और बढ़ाई जा सकती है।
नहीं। यह पूर्णकालिक (Full-Time) फेलोशिप है, इसलिए चयनित फेलो किसी अन्य नौकरी या वेतन वाले कार्य में शामिल नहीं हो सकते।
दिल्ली सरकार द्वारा नई अधिसूचना जारी होने के बाद आवेदन प्रक्रिया, आवेदन तिथि और अन्य दिशा-निर्देश घोषित किए जाएंगे।
हाँ। सरकारी नियमों के अनुसार दिल्ली से बाहर स्वीकृत आधिकारिक यात्रा के लिए यात्रा भत्ता (TA) दिया जाता है।
चयन समिति द्वारा पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, शोध प्रस्ताव, शोध कार्य की गुणवत्ता तथा अन्य निर्धारित मानदंडों के आधार पर चयन किया जाता है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
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