राजस्थान डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 09/09/2026 - 15:30
Bhajan Lal Sharma CM Rajasthan
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राजस्थान डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता।
  • ₹5 लाख 8 वर्षों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे जाते हैं।
  • एक पति या पत्नी का अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से होना जरूरी है और दूसरा पात्र गैर-SC वर्ग से होना चाहिए।
  • योजना का उद्देश्य सामाजिक समानता और सद्भाव को बढ़ावा देना है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
योजना का अवलोकन
योजना का नामराजस्थान डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना
लाभपात्र जोड़े को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता
लाभार्थीराजस्थान के ऐसे पात्र विवाहित जोड़े, जिनमें एक पति या पत्नी SC वर्ग से और दूसरा गैर-SC वर्ग से हो
नोडल एजेंसीसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाऑनलाइन SJMS पोर्टल / राजस्थान SSO के माध्यम से

योजना के बारे में

अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देकर समाज में समानता और सद्भाव को मजबूत करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना चला रही है। इस योजना के तहत पात्र विवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे शादी के बाद अपनी शुरुआती जरूरतों को आत्मसम्मान के साथ पूरा कर सकें और जाति आधारित भेदभाव को कम करने में मदद मिल सके।

इस योजना का लाभ ऐसे पात्र जोड़ों को मिलता है, जिनमें एक पति या पत्नी अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से और दूसरा गैर-SC वर्ग से हो। योजना की तय शर्तों को पूरा करने वाले जोड़ों को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जा सकती है। इस मदद का उद्देश्य शादी के बाद शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में सहायता करना और जोड़े को आर्थिक सहारा देना है।

इस योजना को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा लागू किया जाता है। विभाग योजना के तहत मिलने वाले आवेदनों और उनकी जांच की प्रक्रिया को संभालता है। आवेदन राजस्थान के सोशल जस्टिस मैनेजमेंट सिस्टम (SJMS) के जरिए किया जाता है और इसके लिए राजस्थान SSO का इस्तेमाल किया जाता है।

योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद को इस तरह रखा गया है कि जोड़े को कुछ राशि जरूरत के समय मिल सके और कुछ राशि भविष्य के लिए सुरक्षित रहे। सहायता का एक हिस्सा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिया जाता है, जबकि एक हिस्सा तय अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाता है। इससे शादी के बाद की शुरुआती जरूरतों के साथ-साथ भविष्य के लिए भी आर्थिक सुरक्षा मिलती है।

इस योजना के लिए आवेदन SJMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदक राजस्थान SSO से लॉगिन करके अपनी प्रोफाइल पूरी कर सकते हैं, योजना का चयन कर सकते हैं, शादी और बैंक से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं, जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और आवेदन जमा कर सकते हैं। अगर किसी आवेदक को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, तो वह अधिकृत ई-मित्र केंद्र की मदद ले सकता है।

अगर आप शादी से जुड़ी राजस्थान सरकार की दूसरी योजनाओं के बारे में भी जानना चाहते हैं, तो राजस्थान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना भी देख सकते हैं। इस योजना के तहत पात्र जोड़ों को सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है।

योजना के लाभ

इस योजना के तहत पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे उन्हें शादी के बाद की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी आर्थिक सहारा मिलता है।

  • पात्र जोड़े को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।
  • ₹2.50 लाख SNA (Single Nodal Account) के माध्यम से जोड़े के संयुक्त बैंक खाते में जमा किए जाते हैं।
  • ₹2.50 लाख की राशि Pay Manager के माध्यम से जारी की जाती है।
  • ₹5 लाख की राशि 8 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाती है।
  • योजना SC और पात्र गैर-SC वर्ग के बीच होने वाले अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देती है।
  • आर्थिक सहायता से नवविवाहित जोड़े को शादी के बाद की शुरुआती जरूरतों में मदद मिलती है।
  • आवेदन की जांच और योजना की सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही सहायता जारी की जाती है।

डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय सहायता

इस योजना के तहत पात्र जोड़े को आर्थिक मदद इस तरह दी जाती है कि शादी के बाद की जरूरतों के लिए सहायता मिलने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी कुछ राशि सुरक्षित रहे। वर्तमान बढ़ी हुई व्यवस्था के तहत पात्र जोड़े को कुल ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है।

सहायता का प्रकार
राशि
उद्देश्य
तत्काल उपयोग के लिए राशि
₹5 लाख
योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार जोड़े को दी जाती है
फिक्स्ड डिपॉजिट
₹5 लाख
निर्धारित अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाती है
कुल वित्तीय सहायता
₹10 लाख
पात्र जोड़े को मिलने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता

आवेदन और जमा किए गए दस्तावेजों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच पूरी होने के बाद सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। तत्काल उपयोग के लिए दी जाने वाली राशि निर्धारित बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से जारी की जाती है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट वाली राशि योजना के नियमों के अनुसार तय अवधि तक सुरक्षित रखी जाती है। आवेदन करते समय संयुक्त बैंक खाते की सही जानकारी देना जरूरी है, ताकि राशि जारी होने में किसी तरह की परेशानी न हो।

पात्रताएं

डॉ. सविता बेन अम्बेडकर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए पति-पत्नी को राजस्थान सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • एक पति या पत्नी का अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से होना जरूरी है, जबकि दूसरा पति या पत्नी पात्र गैर-SC वर्ग से होना चाहिए।
  • पति और पत्नी दोनों राजस्थान के स्थायी निवासी होने चाहिए।
  • विवाह के समय दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष और दुल्हन की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • योजना की लागू शर्तों के अनुसार दोनों पति-पत्नी की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • पति-पत्नी की संयुक्त वार्षिक पारिवारिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • विवाह सक्षम प्राधिकारी के पास कानूनी रूप से पंजीकृत होना चाहिए।
  • आमतौर पर इस योजना का लाभ पहली शादी के लिए दिया जाता है। पात्र विधवा या विधुर के दोबारा विवाह के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार अपवाद लागू हो सकता है।
  • दोनों पति-पत्नी को योजना की नवीनतम गाइडलाइन में निर्धारित धर्म और अन्य संबंधित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
  • एक ही अंतरजातीय विवाह के लिए किसी दूसरी सरकारी योजना से पहले वित्तीय सहायता प्राप्त नहीं की होनी चाहिए।
  • आवेदकों के खिलाफ योजना के नियमों में बताए गए किसी अयोग्य ठहराने वाले गंभीर आपराधिक दोषसिद्धि का मामला नहीं होना चाहिए।
  • विवाह पंजीकरण की तारीख से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा करना जरूरी है।
  • पात्रता की जांच के लिए पति-पत्नी को मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

आवश्यक दस्तावेज

योजना के लिए आवेदन करते समय ऐसे दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिनसे पति-पत्नी की पहचान, जाति, निवास, विवाह और अन्य पात्रता की जानकारी की पुष्टि हो सके। आमतौर पर जरूरी दस्तावेज इस प्रकार हैं:

  • दोनों पति-पत्नी का आधार कार्ड
  • दोनों पति-पत्नी का जन आधार कार्ड
  • विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • दोनों पति-पत्नी का जाति प्रमाण पत्र, जहां लागू हो
  • दोनों पति-पत्नी का राजस्थान निवास या मूल निवास प्रमाण पत्र
  • उम्र के प्रमाण के लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र
  • पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते की पासबुक
  • दोनों पति-पत्नी का पैन कार्ड, जहां आवश्यक हो
  • आय प्रमाण पत्र या निर्धारित आय घोषणा पत्र
  • आयकर रिटर्न से जुड़े दस्तावेज, यदि लागू हों
  • आपराधिक दोषसिद्धि से संबंधित आवश्यक शपथ पत्र या घोषणा पत्र
  • पति-पत्नी की हाल की संयुक्त फोटो
  • विधवा या विधुर के लिए लागू प्रावधान के तहत आवेदन करने पर पहले पति या पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आवेदन की जांच के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी दस्तावेजों में दी गई जानकारी एक-दूसरे से मेल खानी चाहिए। अपलोड की जाने वाली प्रतियां साफ और आसानी से पढ़ी जा सकने वाली होनी चाहिए। पात्रता की जांच के लिए जरूरत पड़ने पर विभाग अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

इस योजना के लिए आवेदन राजस्थान के सोशल जस्टिस मैनेजमेंट सिस्टम (SJMS) के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। आवेदन शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की साफ और स्व-सत्यापित स्कैन कॉपी तैयार रखें।

  1. सबसे पहले SJMS पोर्टल खोलें और "Citizen SSO Login" पर क्लिक करें।
  2. इसके बाद राजस्थान SSO का लॉगिन पेज खुलेगा। अपनी SSO यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करके लॉगिन करें।
  3. लॉगिन करने के बाद राजस्थान सरकार के उपलब्ध पोर्टल की सूची दिखाई देगी। इसमें से Social Justice Management System (SJMS) चुनें।
  4. SJMS डैशबोर्ड खुलने पर बाईं ओर दिए गए मेन्यू में "List of Schemes" पर क्लिक करें।
  5. योजना की सूची में "Dr. Savita Ben Ambedkar Inter-Caste Marriage Scheme" खोजें और आवेदन करने का विकल्प चुनें।
  6. अब आवेदन फॉर्म में दूल्हा और दुल्हन से जुड़ी जानकारी भरें। सभी जरूरी जानकारी ध्यान से दर्ज करें और मांगी गई पति-पत्नी की जानकारी पूरी करें।
  7. विवाह से जुड़ी मांगी गई जानकारी भरें और पति-पत्नी की फोटो अपलोड करें।
  8. जानकारी पूरी करने के बाद "Save & Next" पर क्लिक करें। इससे आप दस्तावेज अपलोड करने वाले पेज पर पहुंच जाएंगे।
  9. दस्तावेज अटैचमेंट वाले पेज पर सभी जरूरी दस्तावेज उनके संबंधित विकल्प में अपलोड करें। दस्तावेजों की स्कैन कॉपी साफ और स्व-सत्यापित होनी चाहिए।
  10. आवेदन पेज पर दिए गए घोषणा पत्र को ध्यान से पढ़ें और मांगी गई घोषणा पूरी करें।
  11. आवेदन जमा करने से पहले पूरी जानकारी दोबारा जांच लें। खास तौर पर नाम, विवाह से जुड़ी जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेजों को ध्यान से देखें।
  12. सब कुछ सही होने पर "Submit" बटन पर क्लिक करके आवेदन जमा करें।
  13. आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद एक आवेदन संख्या जनरेट होगी। इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
  14. जमा किया गया आवेदन आवेदक के डैशबोर्ड में "My Application" सेक्शन में दिखाई देगा। यहां से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
  15. इसके बाद आवेदन आवेदक के मूल निवास वाले जिले से संबंधित अधिकारी के सत्यापन के लिए भेजा जाता है।

ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन

  • अगर आपको ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, तो राजस्थान के किसी अधिकृत ई-मित्र केंद्र पर जाकर योजना के लिए आवेदन में सहायता ले सकते हैं।
  • ई-मित्र केंद्र पर जाते समय दोनों पति-पत्नी के जरूरी दस्तावेज और जानकारी साथ लेकर जाएं, जैसे आधार, जन आधार, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण, निवास संबंधी जानकारी, आय से जुड़े दस्तावेज और संयुक्त बैंक खाते की जानकारी, जहां लागू हो।
  • ई-मित्र ऑपरेटर संबंधित ऑनलाइन सेवा के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा और पति-पत्नी की जरूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज करेगा।
  • आवेदन के साथ लगाए जाने वाले जरूरी दस्तावेज और पति-पत्नी की फोटो उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें ऑनलाइन आवेदन में अपलोड किया जा सके।
  • आवेदन जमा होने से पहले ऑपरेटर द्वारा दर्ज की गई जानकारी को खुद जांच लें। नाम, तारीख, बैंक खाते और अन्य जरूरी विवरण में कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
  • जहां आवश्यक हो, OTP या अन्य सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें और आवेदन को ऑनलाइन जमा करवाएं।
  • आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद मिली आवेदन संख्या या रसीद को सुरक्षित रखें।
  • बाद में इसी आवेदन संख्या की मदद से राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आवेदन स्थिति सुविधा के माध्यम से आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

नोट: ई-मित्र के माध्यम से आवेदन करना अलग से ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया नहीं है। ई-मित्र केंद्र पर ऑपरेटर ऑनलाइन आवेदन भरने और जमा करने में सहायता करता है। जो आवेदक खुद SSO और SJMS का उपयोग कर सकते हैं, वे सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की स्थिति

आवेदन जमा करने के बाद आवेदक बार-बार सरकारी कार्यालय जाने के बजाय ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। इससे यह पता चलता है कि आवेदन विभाग को प्राप्त हुआ है या नहीं और वह अभी किस चरण में है।

  • राजस्थान SJE आवेदन स्थिति पेज खोलें।
  • स्टेटस पेज पर मांगी गई आवेदन संख्या या अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करें।
  • दर्ज की गई जानकारी सबमिट करें और आवेदन का नवीनतम अपडेट देखें।
  • आवेदन की स्थिति में यह देखा जा सकता है कि आवेदन प्रक्रिया में है, सत्यापन के अधीन है, स्वीकृत हुआ है, अस्वीकृत हुआ है या विभाग द्वारा कोई अन्य स्थिति दिखाई गई है।
  • अगर आवेदन अभी सत्यापन के अधीन है, तो विभागीय प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करें और जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे की जांच में उन्हें उपलब्ध कराया जा सके।

आवेदन जमा होने के बाद मिली आवेदन संख्या को सुरक्षित रखना जरूरी है। आवेदन की स्थिति देखने या किसी खास आवेदन के बारे में विभाग से संपर्क करने के दौरान यह संख्या काम आ सकती है। अगर लंबे समय तक आवेदन की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता या आवेदन से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो इस लेख में दिए गए आधिकारिक संपर्क विवरण के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान से संपर्क किया जा सकता है।

नियम और शर्तें

योजना का लाभ तभी मिलता है जब आवेदक इसके तहत तय सभी शर्तों को पूरा करता हो। केवल अंतरजातीय विवाह होने से वित्तीय सहायता मिलना तय नहीं होता। आवेदन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

  • विवाह सक्षम प्राधिकारी के पास विधिवत पंजीकृत होना चाहिए।
  • विवाह पंजीकरण की तारीख से निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना के लिए आवेदन करना जरूरी है।
  • पति-पत्नी दोनों को राजस्थान के निवास और जाति से संबंधित निर्धारित शर्तों को पूरा करना चाहिए।
  • आवेदन के समय दोनों पति-पत्नी को योजना में तय आयु और पारिवारिक आय की शर्तों के अनुसार पात्र होना चाहिए।
  • जहां लागू हो, उसी विवाह के लिए किसी अन्य सरकारी योजना से समान वित्तीय सहायता पहले से प्राप्त नहीं की होनी चाहिए।
  • आवेदन में दी गई सभी जानकारी सही और पूरी होनी चाहिए तथा उसके समर्थन में वैध दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।
  • आवेदन के साथ जमा किए गए दस्तावेजों और पात्रता संबंधी जानकारी का संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
  • गलत जानकारी, अधूरे दस्तावेज या योजना की शर्तें पूरी न होने की स्थिति में आवेदन की प्रक्रिया या स्वीकृति प्रभावित हो सकती है।
  • आवेदन जमा करने के बाद मिली आवेदन संख्या और सभी जरूरी दस्तावेजों को भविष्य के लिए सुरक्षित रखना चाहिए।
  • वित्तीय सहायता देने का अंतिम निर्णय योजना के लागू नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

योजना की पात्रता, आवेदन, दस्तावेजों की जांच या किसी अन्य जानकारी के लिए आवेदक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान से संपर्क कर सकते हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान

  • टोल-फ्री नंबर: 18001806127
  • ईमेल: [email protected]
  • पता: अम्बेडकर भवन, राजमहल, G-3/1, परिवहन मार्ग, रेजिडेंसी एरिया, जयपुर – 302005

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह राजस्थान सरकार की एक योजना है, जिसके तहत पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और जाति आधारित भेदभाव को कम करना है।
 

1 अप्रैल 2023 या उसके बाद पंजीकृत विवाहों के लिए पात्र जोड़ों को ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जा सकती है।
 

इस सहायता में ₹2.50 लाख SNA के माध्यम से संयुक्त बैंक खाते में, ₹2.50 लाख Pay Manager के माध्यम से और ₹5 लाख 8 वर्षों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखे जाते हैं।
 

ऐसे पात्र विवाहित जोड़े आवेदन कर सकते हैं, जिनमें एक पति या पत्नी अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से और दूसरा पात्र गैर-SC वर्ग से हो। इसके लिए योजना की अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करना जरूरी है।
 

आवेदक जोड़े को योजना के तहत निर्धारित आय सीमा को पूरा करना होता है। आवेदन करने से पहले नवीनतम पात्रता नियमों की जांच करना उचित है।
 

नहीं। यह योजना ऐसे पात्र अंतरजातीय विवाहों के लिए है, जिनमें एक पति या पत्नी SC वर्ग से और दूसरा पात्र गैर-SC वर्ग से हो।
 

आवेदक राजस्थान SSO और SJMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन में सहायता की आवश्यकता होने पर अधिकृत ई-मित्र केंद्र की मदद भी ली जा सकती है।
 

आवेदकों को आम तौर पर आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण, बैंक विवरण, आय से संबंधित दस्तावेज और सत्यापन के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज देने होते हैं।
 

आवेदन जमा करने के बाद आवेदक को एक आवेदन संख्या मिलती है। इस संख्या की मदद से राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आवेदन स्थिति सुविधा के माध्यम से आवेदन का स्टेटस देखा जा सकता है।
 

इस योजना का उद्देश्य अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करना, सामाजिक सद्भाव और समानता को बढ़ावा देना तथा जाति आधारित भेदभाव और छुआछूत को कम करने में सहायता करना है।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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