स्माइल योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Tue, 29/09/2026 - 12:27
केन्द्रीय सरकार CM
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स्माइल योजना
हाइलाइट
  • स्माइल योजना वर्ष 2022 में शुरू की गई केंद्र सरकार की योजना है।
  • योजना में ट्रांसजेंडर व्यक्ति और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्ति शामिल हैं।
  • पात्र ट्रांसजेंडर छात्रों को ₹13,500 की वार्षिक छात्रवृत्ति मिल सकती है।
  • पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को ₹5 लाख तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
  • गरिमा गृह के माध्यम से जरूरतमंद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आश्रय और पुनर्वास सहायता दी जाती है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग मंत्रालय, भारत सरकार
योजना का अवलोकन
योजना का नामस्माइल योजना – वंचित व्यक्तियों के आजीविका और उद्यम के लिए सहायता
शुरुआत का वर्ष2022
लाभ₹13,500 प्रति वर्ष छात्रवृत्ति, प्रति वर्ष ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर, आश्रय, कौशल प्रशिक्षण और व्यापक पुनर्वास सहायता
लाभार्थीट्रांसजेंडर व्यक्ति और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्ति
नोडल विभागसामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
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आवेदन का तरीकाट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए लागू सेवाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन; भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पहचान और सहायता स्थानीय अधिकारियों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से की जाती है

योजना के बारे में

शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षित आवास और आजीविका के अवसर हर व्यक्ति के सम्मानजनक और बेहतर जीवन के लिए आवश्यक हैं। हालांकि, समाज के कुछ वर्गों के लिए इन आवश्यक सुविधाओं का लाभ उठाना, आज भी आसान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने स्माइल योजना शुरू की। स्माइल (SMILE) का पूरा नाम Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise है। यह केंद्र सरकार की एक समग्र योजना है, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए सहायता और पुनर्वास पर केंद्रित है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास, आश्रय, आजीविका और पुनर्वास जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए योजना के तहत छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सुविधा, कौशल विकास और गरिमा गृह आश्रय जैसी सहायता दी जाती है। पात्र ट्रांसजेंडर छात्रों को ₹13,500 की वार्षिक छात्रवृत्ति मिल सकती है। वहीं पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आयुष्मान भारत के साथ जुड़ी स्वास्थ्य सुविधा के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिल सकता है। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हैं।

योजना का दूसरा भाग स्माइल-बी कहलाता है, जो भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास पर केंद्रित है। यह सभी लाभार्थियों को कोई तय नकद राशि देने वाली योजना नहीं है। इसके बजाय, पहचान किए गए व्यक्तियों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श, दस्तावेज बनाने में सहायता, नशामुक्ति, शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका सहायता से जोड़ा जाता है। संशोधित दिशानिर्देशों में इस प्रक्रिया को चार मुख्य भागों में रखा गया है: सर्वेक्षण और पहचान, लोगों को पुनर्वास से जोड़ना, बचाव और आश्रय गृह तथा व्यापक पुनर्वास और पुनर्स्थापन। स्माइल-बी के संशोधित दिशानिर्देश

स्माइल योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग लागू करता है। इसके लिए राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगमों और अन्य कार्यान्वयन संस्थाओं का सहयोग लिया जाता है। भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों से संबंधित घटक में आखिरी संशोधन 10 जून 2025 से लागू हुआ। दोनों घटकों की आवेदन प्रक्रिया अलग है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति लागू सेवाओं के लिए राष्ट्रीय पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं, जबकि भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पहचान आमतौर पर सर्वेक्षण, संपर्क और स्थानीय पुनर्वास व्यवस्था के माध्यम से की जाती है।

जरूरतमंद व्यक्ति या लाभार्थी संबंधित आधिकारिक पोर्टल और संपर्क माध्यमों से जानकारी ले सकते हैं। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल ट्रांसजेंडर से जुड़ी सेवाओं के लिए है, जबकि स्माइल-बी पोर्टल भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास से जुड़ी योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए उपयोग किया जाता है।

अन्य संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए GovtSchemes.in भी देखा जा सकता है। स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी जानकारी के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना उपयोगी हो सकती है। इसी तरह, अनुसूचित जाति समुदायों के लिए आजीविका, कौशल विकास और शैक्षिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) की जानकारी देखी जा सकती है।

स्माइल योजना कैसे काम करती है?

स्माइल योजना दो अलग-अलग घटकों के माध्यम से काम करती है। दोनों में लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग तरह की सहायता दी जाती है।

लाभार्थी समूह

योजना कैसे काम करती है?

मुख्य लाभ

ट्रांसजेंडर व्यक्तिपात्र व्यक्ति ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।₹13,500 वार्षिक छात्रवृत्ति, प्रति वर्ष ₹5 लाख तक स्वास्थ्य कवर, गरिमा गृह में आश्रय, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका सहायता
भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तिव्यक्तियों की पहचान सर्वेक्षण और संपर्क अभियान के माध्यम से की जाती है। इसके बाद उन्हें परामर्श, आश्रय और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जाता है।आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श, नशामुक्ति सहायता, कौशल प्रशिक्षण, दस्तावेज और रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ी सहायता

योजना के लाभ

स्माइल योजना के दोनों घटकों के तहत अलग-अलग प्रकार की सहायता दी जाती है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आश्रय, कौशल विकास, आजीविका और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।

1. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए लाभ

  • कक्षा 9वीं से आगे पढ़ने वाले पात्र ट्रांसजेंडर छात्रों को ₹13,500 की वार्षिक छात्रवृत्ति मिल सकती है।
  • पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आयुष्मान भारत से जुड़ी व्यवस्था के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
  • लागू स्वास्थ्य पैकेज के तहत सामान्य इलाज के साथ-साथ ट्रांसजेंडर से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं, जैसे हार्मोन थेरेपी और जेंडर-अफर्मेशन सर्जरी, भी शामिल हो सकती हैं।
  • रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
  • गरिमा गृह के माध्यम से पात्र और जरूरतमंद ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रहने की जगह, भोजन, स्वास्थ्य, परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास सहायता दी जाती है।
  • पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
  • ट्रांसजेंडर सुरक्षा प्रकोष्ठ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा और भेदभाव तथा अपराध से जुड़े मामलों में सहायता के लिए बनाए गए हैं।

2. भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए लाभ

  • भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पहचान सर्वेक्षण, संपर्क और लोगों को पुनर्वास से जोड़ने की गतिविधियों के माध्यम से की जाती है।
  • पुनर्वास के दौरान लाभार्थियों को आश्रय, भोजन, कपड़े, स्वच्छता सामग्री, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श और नशामुक्ति सहायता दी जा सकती है।
  • पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान पहचाने गए बच्चों को शिक्षा और उचित बाल कल्याण सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए व्यावसायिक और कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
  • बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और दिव्यांग व्यक्तियों को जरूरत के अनुसार सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याण योजनाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • लाभार्थियों को आजीविका और आर्थिक अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज में दोबारा शामिल करने पर जोर दिया जाता है।
महत्वपूर्ण: स्माइल एक ऐसी योजना नहीं है जिसमें सभी लाभार्थियों को सीधे नकद राशि दी जाती है। दोनों घटकों के लाभ अलग-अलग हैं। भीख मांगने वाले व्यक्तियों के लिए योजना मुख्य रूप से पुनर्वास और सहायता सेवाएं प्रदान करती है, न कि हर लाभार्थी को कोई तय नकद राशि।

स्माइल योजना के तहत गरिमा गृह क्या है?

गरिमा गृह स्माइल योजना के तहत बनाए गए आश्रय और पुनर्वास गृह हैं। ये खास तौर पर ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए हैं जो कमजोर स्थिति में हैं, जिन्हें परिवार या समाज से सहारा नहीं मिल रहा है या जिन्हें सुरक्षित रहने की जगह की जरूरत है। यहां रहने के साथ-साथ उन्हें आगे आत्मनिर्भर बनने में मदद देने वाली सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

  • गरिमा गृह ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए हैं जो कमजोर, बेसहारा, हाशिए पर या आश्रय की जरूरत में हैं।
  • पात्र निवासी सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के होने चाहिए और उनके पास निर्धारित ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
  • निवासियों को रहने की जगह, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं।
  • जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा और परामर्श भी दिया जाता है।
  • रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल विकास और आजीविका से जुड़ी सहायता दी जा सकती है।
  • गरिमा गृह दस्तावेज, बैंक खाता, कानूनी सहायता और अन्य सरकारी कल्याण योजनाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद कर सकते हैं।
  • निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र निवासी एक वर्ष तक रह सकते हैं, जो लागू शर्तों और उपलब्धता पर निर्भर करता है।

स्माइल योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ

स्वास्थ्य सुविधा स्माइल योजना के ट्रांसजेंडर घटक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयुष्मान भारत से जुड़ी व्यवस्था के माध्यम से पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वास्थ्य कवर और लागू ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकता है।

  • पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
  • यह स्वास्थ्य सुविधा आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ी व्यवस्था और संबंधित अस्पतालों के माध्यम से उपलब्ध होती है।
  • योजना के तहत लागू सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार पैकेज शामिल हो सकते हैं।
  • ट्रांसजेंडर से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं में हार्मोन थेरेपी, जेंडर-अफर्मेशन सर्जरी और लागू पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल शामिल हो सकती है।
  • पात्र लाभार्थी निर्धारित ट्रांसजेंडर पहचान दस्तावेजों के आधार पर संबंधित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

पात्रताएं

स्माइल योजना में दो अलग-अलग लाभार्थी समूह शामिल हैं, इसलिए दोनों के लिए पात्रता की शर्तें भी अलग हैं।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पात्रता

  • आवेदक योजना के लागू नियमों के अनुसार पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति होना चाहिए।
  • जहां ट्रांसजेंडर पहचान का प्रमाण जरूरी है, वहां राष्ट्रीय पोर्टल से जारी ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
  • छात्रवृत्ति के लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और कक्षा 9वीं या उससे ऊपर की किसी पात्र मान्यता प्राप्त पढ़ाई में होना चाहिए।
  • छात्रवृत्ति के लिए आवेदक को उसी उद्देश्य के लिए केंद्र या राज्य सरकार से कोई दूसरी छात्रवृत्ति नहीं मिल रही होनी चाहिए।
  • छात्रवृत्ति का चयन लागू दिशानिर्देशों के अनुसार योग्यता के आधार पर किया जाता है।
  • गरिमा गृह के लिए लाभार्थी सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का ट्रांसजेंडर व्यक्ति होना चाहिए और उसके पास जरूरी पहचान प्रमाण-पत्र होना चाहिए। साथ ही उसे आश्रय या पुनर्वास की जरूरत होनी चाहिए।
  • गरिमा गृह में बेसहारा, हाशिए पर रहने वाले या अन्य कमजोर स्थिति वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को लागू दिशानिर्देशों के अनुसार प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य सुविधाएं संबंधित घटक की शर्तों के अनुसार पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को दी जाती हैं।

भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पात्रता

  • इस घटक में योजना के तहत आने वाले शहरों और अन्य स्थानों पर भीख मांगने के कार्य में लगे भारतीय नागरिक शामिल हैं।
  • लाभार्थियों की पहचान सर्वेक्षण, संपर्क और पुनर्वास से जोड़ने की गतिविधियों के माध्यम से जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकाय, नगर निगम और अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा की जाती है।
  • पहचान किए गए व्यक्तियों की जरूरत के अनुसार उन्हें आश्रय, स्वास्थ्य, परामर्श, कौशल विकास और आजीविका सहायता से जोड़ा जा सकता है।
  • पुनर्वास प्रक्रिया में पहचाने गए बच्चों को शिक्षा और बाल कल्याण सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों और अन्य कमजोर लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार संबंधित कल्याण सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

स्माइल योजना के तहत आवेदन करने या किसी सुविधा का लाभ लेने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए दस्तावेज

  • राष्ट्रीय पोर्टल से जारी ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण-पत्र।
  • ट्रांसजेंडर पहचान पत्र, जहां संबंधित सेवा के लिए जरूरी हो।
  • आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान-पत्र, जैसा लागू हो।
  • हाल की पासपोर्ट आकार की फोटो।
  • पता प्रमाण, जहां जरूरी हो।
  • ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र के आवेदन के लिए निर्धारित शपथ-पत्र, हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान।
  • छात्रवृत्ति के लिए पिछली कक्षा की अंकतालिका या प्रमाण-पत्र।
  • छात्रवृत्ति सत्यापन के लिए छात्र और संस्थान से जुड़ी जानकारी।
  • छात्रवृत्ति की राशि सीधे बैंक खाते में पाने के लिए बैंक खाते की जानकारी।
  • स्माइल योजना की संबंधित सुविधा के लिए मांगा गया कोई अन्य दस्तावेज।

भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए दस्तावेज

इस घटक के लिए आम तौर पर कोई अलग ऑनलाइन आवेदन या निश्चित दस्तावेजों की सूची नहीं होती। लाभार्थियों की पहचान और जानकारी कार्यान्वयन एजेंसियां सर्वेक्षण, संपर्क और पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान जुटाती हैं।

  • आधार या अन्य पहचान-पत्र, यदि उपलब्ध हो।
  • आयुष्मान कार्ड या स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज, यदि उपलब्ध हों।
  • बैंक खाते की जानकारी, जहां वित्तीय या कल्याण सेवाओं से जोड़ने के लिए जरूरी हो।
  • शिक्षा या बाल कल्याण सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेज, जहां लागू हों।
  • पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा या आजीविका सेवाओं से जोड़ने के लिए जरूरी कोई अन्य दस्तावेज।

आवेदन प्रक्रिया

स्माइल योजना के दोनों घटकों की प्रक्रिया अलग है। जिस सुविधा की जरूरत है, उसके अनुसार नीचे दी गई प्रक्रिया अपनाएं।

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए

  1. उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं के लिए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल खोलें।
  2. अगर आपके पास ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र नहीं है, तो पोर्टल पर पंजीकरण करके प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करें।
  3. जरूरी व्यक्तिगत जानकारी भरें और पहचान-पत्र, पता प्रमाण, फोटो, हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान और निर्धारित शपथ-पत्र जैसे दस्तावेज अपलोड करें।
  4. आवेदन ऑनलाइन जमा करें। इसके बाद संबंधित जिला मजिस्ट्रेट द्वारा इसका सत्यापन किया जाता है।
  5. आवेदन स्वीकृत होने के बाद पोर्टल से ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र प्राप्त करें।
  6. छात्रवृत्ति के लिए संबंधित छात्रवृत्ति सेवा में शैक्षणिक जानकारी, पिछली अंकतालिका, संस्थान की जानकारी और मांगे गए अन्य विवरण भरें।
  7. सत्यापन और चयन के बाद पात्र छात्रवृत्ति राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजी जाती है।
  8. स्वास्थ्य सुविधा के लिए पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति जरूरी दस्तावेजों के साथ संबंधित सूचीबद्ध अस्पताल में लागू आयुष्मान भारत टीजी प्लस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
  9. कौशल विकास के लिए संबंधित प्रशिक्षण या कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा बताई गई पंजीकरण और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें।
  10. गरिमा गृह में रहने की जरूरत होने पर नजदीकी गरिमा गृह या संबंधित राज्य अथवा स्थानीय सामाजिक कल्याण विभाग से संपर्क करें।

भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए

  1. इस घटक के तहत आम तौर पर व्यक्ति को अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती।
  2. जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकाय, नगर निगम या अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी सर्वेक्षण और संपर्क अभियान के माध्यम से भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पहचान करती है।
  3. पहचाने गए व्यक्ति को उसकी जरूरत और पुनर्वास में शामिल होने की इच्छा के अनुसार परामर्श और सहायता दी जाती है।
  4. पात्र लाभार्थियों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श, नशामुक्ति, दस्तावेज और अन्य पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
  5. बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों को जरूरत के अनुसार शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य या अन्य कल्याण सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
  6. रोजगार या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए लाभार्थियों को कौशल विकास और आजीविका सहायता दी जा सकती है।
  7. कार्यान्वयन एजेंसी लाभार्थियों से संपर्क बनाए रखती है और उन्हें पुनर्वास तथा दोबारा समाज में शामिल होने के लिए जरूरी सेवाओं से जोड़ती है।

भीख मांगने के पुनर्वास घटक को लागू करने वाली गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए

जो गैर-सरकारी संस्थाएं भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास घटक को लागू करना चाहती हैं, उन्हें संबंधित जिला प्रशासन या शहरी स्थानीय निकाय द्वारा जारी चयन प्रक्रिया का पालन करना होगा। संस्था को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी, जिनमें नीति आयोग के एनजीओ-दर्पण पर पंजीकरण और संबंधित पुनर्वास कार्य का जरूरी अनुभव शामिल है।

स्माइल योजना का नवीनतम अपडेट 2026

स्माइल योजना के तहत खासकर भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के पुनर्वास का काम अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया गया है। अप्रैल 2026 के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, स्माइल-बी घटक 195 शहरों में लागू था। योजना की शुरुआत से अब तक 31,262 व्यक्तियों की पहचान की गई थी, जिनमें से 10,017 व्यक्तियों का बचाव और पुनर्वास किया जा चुका था। इस अपडेट में 99 पूरी तरह संचालित आश्रय गृहों की भी जानकारी दी गई थी।

विभाग के इसी अप्रैल 2026 के अपडेट के अनुसार, 23 गरिमा गृह 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित थे। योजना से जुड़े आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखना उचित है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

स्माइल योजना के ट्रांसजेंडर और भीख मांगने से जुड़े घटकों के बारे में जानकारी या सहायता के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संबंधित स्माइल अनुभाग से संपर्क किया जा सकता है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग मंत्रालय, भारत सरकार

  • फोन: 011-26119368
  • ईमेल: [email protected]
  • कार्यालय: कमरा संख्या 8208, जोन-2, 8वीं मंजिल, जीपीओए-3, नेताजी नगर, नई दिल्ली

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के राष्ट्रीय पोर्टल से जुड़ी तकनीकी या अन्य सहायता के लिए आधिकारिक सहायता केंद्र से भी संपर्क किया जा सकता है।

  • प्रशासनिक सहायता केंद्र: 14427
  • ईमेल: [email protected]
  • तकनीकी सहायता: +91-7923268286
  • तकनीकी ईमेल: [email protected]

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की वर्तमान जानकारी में स्माइल के ट्रांसजेंडर और भीख मांगने वाले घटकों से जुड़े संपर्क के लिए फोन नंबर 011-26119368 और ईमेल [email protected] दिया गया है। राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल पर प्रशासनिक सहायता के लिए 14427 और तकनीकी सहायता के लिए +91-7923268286 दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्माइल योजना केंद्र सरकार की एक समग्र योजना है, जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, आश्रय, कौशल विकास, आजीविका और पुनर्वास जैसी सहायता प्रदान करना है।
 

स्माइल (SMILE) का पूरा नाम Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise है।
 

स्माइल योजना वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत लागू किया जाता है।
 

इस योजना के दो प्रमुख लाभार्थी समूह हैं—ट्रांसजेंडर व्यक्ति और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्ति।
 

पात्र ट्रांसजेंडर छात्रों को कक्षा 9वीं से आगे की पढ़ाई के लिए ₹13,500 की वार्षिक छात्रवृत्ति मिल सकती है।
 

पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आयुष्मान भारत से जुड़ी व्यवस्था के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिल सकता है। लागू स्वास्थ्य सेवाओं में हार्मोन थेरेपी और जेंडर-अफर्मेशन सर्जरी जैसी सेवाएं भी शामिल हो सकती हैं।
 

गरिमा गृह स्माइल योजना के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए बनाए गए आश्रय और पुनर्वास गृह हैं। यहां रहने की जगह, भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका से जुड़ी सहायता दी जा सकती है।
 

नहीं। स्माइल योजना मुख्य रूप से सेवाओं और पुनर्वास सहायता पर केंद्रित है। भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के लिए योजना के तहत कोई तय नकद राशि सभी लाभार्थियों को नहीं दी जाती।
 

ट्रांसजेंडर व्यक्ति उपलब्ध सेवाओं के लिए राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों की पहचान आमतौर पर सर्वेक्षण, संपर्क अभियान और स्थानीय प्रशासन या कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से की जाती है।
 

स्माइल योजना का संचालन सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया जाता है। इसके कार्यान्वयन में राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य संस्थाओं का सहयोग लिया जाता है।
 

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