- पात्र महिला उद्यमियों को ₹5 लाख से ₹28 लाख तक का ब्याज-मुक्त व्यवसाय ऋण।
- परियोजना की स्वीकृति के अनुसार ₹15 लाख तक का अनुदान।
- व्यवसाय संवर्धन, मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग तथा बाज़ार से जुड़ाव की सुविधा।
- ग्रामीण महिलाओं को टिकाऊ उद्यमिता एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
- एफआईईडी दूरभाष संख्या: 7088270882
- उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दूरभाष संख्या:
- 0135-2786789
- 0135-223896
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | उत्तराखंड भुली योजना |
| प्रारंभ वर्ष | 2026 |
| लाभ |
|
| लाभार्थी | उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिला उद्यमी। |
| नोडल विभाग | उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से। |
योजना के बारे में
उत्तराखंड भुली परियोजना (Business & Handholding Unit for Livelihood Incubation), जिसे लोकप्रिय रूप से उत्तराखंड भुली योजना के नाम से जाना जाता है, ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल है। इस परियोजना का संचालन उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर के फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (FIED) के सहयोग से किया जा रहा है। यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं को नए उद्यम स्थापित करने, मौजूदा व्यवसायों का विस्तार करने तथा महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देकर आजीविका के स्थायी अवसर सृजित करने में सहायता प्रदान करती है।
महिला उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना तथा वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं का संचालन कर रही है। भुली परियोजना इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए विशेष रूप से ग्रामीण महिला उद्यमियों पर केंद्रित है। इस परियोजना के माध्यम से वित्तीय सहायता के साथ-साथ व्यवसाय संवर्धन, मार्गदर्शन तथा दीर्घकालिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है, ताकि महिलाएं सफल एवं टिकाऊ उद्यम स्थापित कर सकें।
चयनित लाभार्थियों को ₹5 लाख से ₹28 लाख तक का ब्याज-मुक्त व्यवसाय ऋण प्रदान किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, परियोजना के अनुमोदन एवं उद्यम की प्रकृति के अनुसार ₹15 लाख तक का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा सकता है। वित्तीय सहायता के अलावा लाभार्थियों को व्यवसाय इनक्यूबेशन, उद्यमिता प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, व्यवसाय योजना तैयार करने में सहायता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार, बाज़ार से जुड़ाव, डिजिटल सहयोग तथा निरंतर हैंडहोल्डिंग सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने उद्यम को सफलतापूर्वक स्थापित एवं विकसित कर सकें।
इस परियोजना के अंतर्गत 150 से अधिक पात्र महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। भुली योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्य महिलाएं अथवा ऐसे परिवारों की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा पात्र स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), ग्राम संगठन, क्लस्टर स्तरीय महासंघ, सामुदायिक आधारित संगठन तथा अन्य पात्र सामुदायिक संस्थाएं भी परियोजना दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकती हैं।
भुली परियोजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और आवेदन FIED, आईआईएम काशीपुर द्वारा संचालित आधिकारिक भुली परियोजना पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, स्वयं सहायता समूह तथा उद्यम से संबंधित विवरण दर्ज करने होते हैं। चयन के बाद लाभार्थियों को व्यवसाय इनक्यूबेशन, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता तथा बाज़ार से जुड़ाव का सहयोग प्रदान किया जाता है। इस पहल के माध्यम से उत्तराखंड सरकार नवाचार को बढ़ावा देने, ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने, परिवारों की आय में वृद्धि करने तथा राज्य में महिला उद्यमिता के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
योजना के लाभ
- परियोजना की स्वीकृति के अधीन पात्र महिला उद्यमियों को ₹5 लाख से ₹28 लाख तक का ब्याज-मुक्त व्यवसाय ऋण प्रदान किया जाता है।
- चयनित लाभार्थियों को ₹15 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जा सकता है।
- नया उद्यम स्थापित करने या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने के लिए व्यवसाय इनक्यूबेशन, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा निरंतर हैंडहोल्डिंग सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- व्यवसाय योजना तैयार करने और उद्यम के विकास के लिए व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञ सलाह प्रदान की जाती है।
- ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार तथा बाज़ार से जुड़ाव (मार्केट लिंकेज) में सहायता प्रदान की जाती है।
- व्यवसाय संचालन को सुदृढ़ बनाने के लिए डिजिटल एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- महिलाओं को टिकाऊ एवं विकासोन्मुख उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- परियोजना के अंतर्गत 150 से अधिक पात्र उद्यमों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
पात्रताएं
- आवेदक उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र की निवासी महिला होनी चाहिए।
- व्यक्तिगत आवेदक स्वयं सहायता समूह की सदस्य अथवा स्वयं सहायता समूह के किसी सदस्य के परिवार की सदस्य होनी चाहिए।
- निम्नलिखित संस्थाएँ भी आवेदन कर सकती हैं:
- स्वयं सहायता समूह
- ग्राम संगठन
- समूह स्तरीय महासंघ
- सामुदायिक आधारित संगठन
- अन्य पात्र सामुदायिक संस्थाएँ।
- आवेदक नया उद्यम स्थापित करने या अपने मौजूदा उद्यम का विस्तार करने की इच्छुक होनी चाहिए।
- उद्यम उत्तराखंड राज्य में स्थित होना चाहिए।
- उद्यम आर्थिक रूप से व्यवहार्य होना चाहिए।
- जहाँ लागू हो, मौजूदा उद्यम कम से कम 12 माह से संचालित हो रहा होना चाहिए।
- आवेदक परियोजना के अंतर्गत व्यवसाय संवर्धन, मार्गदर्शन, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा सतत सहयोग संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए तैयार होनी चाहिए।
- चयन प्रक्रिया के दौरान कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा निर्धारित अन्य सभी शर्तों का पालन करना आवश्यक होगा।
आवश्यक दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड अथवा कोई अन्य वैध पहचान प्रमाण।
- उत्तराखंड का निवास प्रमाण पत्र।
- हाल ही का पासपोर्ट आकार का रंगीन छायाचित्र।
- मोबाइल नंबर तथा उपलब्ध होने पर ई-मेल पता।
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
- स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का प्रमाण अथवा ग्राम संगठन, समूह स्तरीय महासंघ, सामुदायिक आधारित संगठन या अन्य पात्र संस्था से संबद्धता का प्रमाण (जहाँ लागू हो)।
- यदि आवश्यक हो तो व्यवसाय प्रस्ताव अथवा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन।
- व्यवसाय अथवा उद्यम के पंजीकरण का प्रमाण पत्र (यदि उद्यम पहले से पंजीकृत है)।
- मौजूदा उद्यम से संबंधित विवरण, जैसे स्थापना अवधि, वार्षिक कारोबार तथा व्यवसाय का स्वरूप।
- शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
- बैंक खाते का विवरण।
- स्थायी खाता संख्या (पैन) कार्ड (यदि लागू हो)।
- सत्यापन अथवा चयन प्रक्रिया के दौरान उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन या कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज।
आवेदन प्रक्रिया
उत्तराखंड भुली योजना के लिए आवेदन फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर द्वारा विकसित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- एफआईईडी, आईआईएम काशीपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- मुख्य पृष्ठ पर "भुली परियोजना हेतु आवेदन करें" विकल्प पर क्लिक करें।

- इसके बाद आपके सामने ऑनलाइन आवेदन पत्र खुल जाएगा।

- उपयुक्त आवेदक श्रेणी का चयन करें तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी, स्वयं सहायता समूह और उद्यम से संबंधित सभी आवश्यक विवरण दर्ज करें।
- आवश्यकतानुसार सभी जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन पत्र में दर्ज सभी जानकारी की सावधानीपूर्वक जाँच करें।
- संतुष्ट होने के बाद आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा कर दें।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लघु संदेश (एसएमएस) के माध्यम से पुष्टि एवं पावती भेजी जाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तराखंड भुली योजना ऑनलाइन आवेदन पत्र
- उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन
- भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर
- फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी)
संपर्क जानकारी
- एफआईईडी दूरभाष संख्या: 7088270882
- उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दूरभाष संख्या:
- 0135-2786789
- 0135-223896
- एफआईईडी सहायता ई-मेल:
- उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहायता ई-मेल: [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराखंड भुली योजना (BHULI Project) ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक पहल है। इसके अंतर्गत पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता, व्यवसाय संवर्धन, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा बाज़ार से जुड़ाव जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
भुली (BHULI) का पूरा नाम बिजनेस एंड हैंडहोल्डिंग यूनिट फॉर लाइवलीहुड इनक्यूबेशन (Business & Handholding Unit for Livelihood Incubation) है।
चयनित लाभार्थियों को परियोजना की स्वीकृति के अनुसार ₹5 लाख से ₹28 लाख तक का ब्याज-मुक्त व्यवसाय ऋण तथा ₹15 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जा सकता है।
उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली पात्र महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्य या उनके परिवार की महिलाएं तथा पात्र सामुदायिक संस्थाएं परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकती हैं।
हाँ। नया उद्यम स्थापित करने की इच्छुक महिलाओं के साथ-साथ पात्र मौजूदा उद्यम भी परियोजना की शर्तों को पूरा करने पर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी), भारतीय प्रबंधन संस्थान, काशीपुर द्वारा संचालित आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
परियोजना के उपलब्ध दिशा-निर्देशों में आवेदन शुल्क का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध सूचना देखें।
लाभार्थियों को व्यवसाय संवर्धन, उद्यमिता प्रशिक्षण, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, व्यवसाय योजना तैयार करने में सहायता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार, डिजिटल सहयोग तथा बाज़ार से जुड़ाव जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
परियोजना के अंतर्गत 150 से अधिक पात्र महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सहायता प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आधिकारिक विभाग द्वारा आवेदन की अंतिम तिथि के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है।
आवेदकों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्राप्त आवेदनों की परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच एवं मूल्यांकन किया जाएगा। पात्र और चयनित आवेदकों को व्यवसाय इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
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- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार | योजना का प्रकार | सरकार |
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