- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के लिए, नया व्यवसाय या विनिर्माण इकाई शुरू करने में आर्थिक सहायता।
- प्रति यूनिट ₹10 लाख तक की सहायता का प्रावधान।
₹5 लाख तक की सब्सिडी और ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया जा सकता है।
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 1800-345-6214
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना |
| शुरू होने का वर्ष | 2018 |
| लाभ | ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता, जिसमें ₹5 लाख की सब्सिडी और ₹5 लाख का ब्याज-मुक्त ऋण शामिल है। |
| लाभार्थी | बिहार के पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमी। |
| नोडल विभाग | उद्योग विभाग, बिहार सरकार |
| अपडेट की सदस्यता | योजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
अपना व्यवसाय शुरू करना आज के समय में युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने और नियमित आमदनी कमाने का एक अच्छा अवसर हो सकता है। इसके जरिए वे अपने लिए रोजगार का साधन तैयार करने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी काम दे सकते हैं। लेकिन व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी पूंजी जुटाना, मशीनरी खरीदना, कार्यस्थल तैयार करना और शुरुआती खर्चों का इंतजाम करना, हर किसी के लिए आसान नहीं होता। खासकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जैसे सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को इन चुनौतियों का अधिक सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे ही आवेदकों को आर्थिक सहायता देकर अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद करने के लिए बिहार सरकार ने बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना शुरू की है। यह योजना मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत संचालित की जाती है। इसके माध्यम से बिहार के पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को नई विनिर्माण या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए सहायता दी जाती है। योजना के तहत पात्र आवेदकों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रति यूनिट ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
इस आर्थिक सहायता में सामान्य रूप से ₹5 लाख तक की सब्सिडी शामिल होती है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता है। इसके अलावा, ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण भी दिया जा सकता है। यह सहायता संबंधित सरकारी नियमों और शर्तों के अनुसार दी जाती है। इसके साथ ही, प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए प्रति यूनिट ₹25,000 तक की राशि का प्रावधान भी है। इस सहायता का उद्देश्य व्यवसाय शुरू करने के समय आने वाले आर्थिक बोझ को कम करना और लाभार्थियों को व्यवसाय के शुरुआती चरणों को संभालने में मदद करना है।
यह योजना 2018 में उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसके मुख्य उद्देश्यों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, सूक्ष्म और छोटे व्यवसायों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना तथा पात्र आवेदकों को पूंजी, मार्जिन मनी और जमानत से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद करना शामिल है।
इस योजना की आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। आवेदक उद्यमी बिहार आवेदक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आवेदकों को पहले पंजीकरण करना होता है। इसके बाद आवेदन फॉर्म भरना, जरूरी दस्तावेज अपलोड करना और स्वीकृत प्रोजेक्ट का चयन करना होता है। आवेदनों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। लागू नियमों और जिलेवार लक्ष्यों के अनुसार चयन कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन के माध्यम से भी किया जा सकता है।
चयनित आवेदकों को अनिवार्य प्रशिक्षण में शामिल होना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्हें प्रोजेक्ट शुरू करने, राशि के इस्तेमाल और उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने से जुड़े विभागीय निर्देशों का पालन करना होता है। आवेदक आधिकारिक उद्यमी बिहार पोर्टल पर सरकारी सूचनाएं, आवेदन की तारीखें, चयन सूची और अन्य अपडेट देख सकते हैं। सहायता के लिए वे उद्योग विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन 1800-345-6214 पर संपर्क कर सकते हैं।
बिहार में उद्यमिता से जुड़ी अन्य योजनाओं में रुचि रखने वाले पाठक बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

योजना के लाभ
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के तहत बिहार में नया व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को आर्थिक और प्रशिक्षण से जुड़ी सहायता दी जाती है। इस योजना के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- पात्र आवेदकों को स्वीकृत व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
- ₹5 लाख तक की राशि सब्सिडी के रूप में दी जाती है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता है।
- ₹5 लाख तक की राशि ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में दी जाती है।
- इस सहायता का इस्तेमाल मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल और व्यवसाय से जुड़े अन्य स्वीकृत खर्चों के लिए किया जा सकता है।
- इस योजना से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम होता है।
- आवेदक स्वीकृत प्रोजेक्ट लिस्ट में से किसी व्यवसाय का चुनाव कर सकते हैं।
- चयनित लाभार्थियों को प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए सहायता मिलती है।
- प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए प्रति यूनिट ₹25,000 तक की राशि दी जा सकती है।
- ब्याज-मुक्त ऋण को अंतिम किस्त मिलने के 12 महीने बाद से 84 किस्तों में चुकाना होता है।
- यह योजना लोगों को अपना रोजगार शुरू करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- इससे आवेदकों को शुरुआती पूंजी, मार्जिन मनी और जमानत से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है।
- चयनित आवेदकों को जरूरी प्रशिक्षण पूरा करना होता है और राशि के इस्तेमाल व व्यवसाय शुरू करने से जुड़े नियमों का पालन करना होता है।
राशि जारी करने की प्रक्रिया, किस्तों की संख्या, स्वीकृत खर्चों और ऋण चुकाने की शर्तें उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाती हैं।
आर्थिक सहायता का विवरण
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के तहत पात्र आवेदकों को स्वीकृत व्यवसायिक इकाई शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
सहायता का प्रकार | राशि |
|---|---|
कुल आर्थिक सहायता | ₹10 लाख तक |
सब्सिडी | ₹5 लाख तक |
ब्याज-मुक्त ऋण | ₹5 लाख तक |
प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट निगरानी सहायता | प्रति यूनिट ₹25,000 तक |
वास्तविक आर्थिक सहायता स्वीकृत प्रोजेक्ट की लागत और योजना के नवीनतम दिशा-निर्देशों में दी गई शर्तों पर निर्भर करती है।
पात्रताएं
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है। मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए।
- लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदक की उम्र सामान्य रूप से 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक ने कम से कम इंटरमीडिएट, 10+2, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या इसके समान कोई पाठ्यक्रम पास किया होना चाहिए।
- आवेदक का उद्देश्य बिहार में पात्र नई व्यवसायिक इकाई स्थापित करना होना चाहिए।
- प्रस्तावित व्यवसाय योजना की गतिविधि स्वीकृत प्रोजेक्ट लिस्ट में शामिल होनी चाहिए या नवीनतम दिशा-निर्देशों के तहत मान्य होनी चाहिए।
- आवेदक को आवेदन के दौरान जरूरी जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज जमा करने होंगे।
- आवेदक को अपनी व्यक्तिगत, बैंक और व्यवसाय से जुड़ी सही जानकारी देनी होगी।
- आवेदक को व्यवसाय पंजीकरण, प्रशिक्षण, राशि के इस्तेमाल और प्रोजेक्ट शुरू करने से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
- आवेदक को संबंधित सरकारी संकल्प या वित्तीय वर्ष के दिशा-निर्देशों में दी गई किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
अंतिम पात्रता शर्तें नवीनतम सरकारी अधिसूचना के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले आवेदकों को आधिकारिक उद्यमी बिहार पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
स्वीकृत व्यवसायिक गतिविधियां
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदक स्वीकृत प्रोजेक्ट लिस्ट में से किसी पात्र व्यवसायिक गतिविधि का चयन कर सकते हैं। इस सूची में विनिर्माण, प्रोसेसिंग, मरम्मत, सेवा और अन्य व्यवसायिक गतिविधियां शामिल हैं।
खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण से जुड़ी गतिविधियां
- तेल मिल और मसाला उत्पादन
- तेल मिल
- शहद प्रसंस्करण
- पोहा और चूड़ा निर्माण
- जैम, जेली और सॉस निर्माण
- फलों के जूस का निर्माण
- मखाना प्रसंस्करण
- मिनी राइस मिल
- दाल मिल या दाल निर्माण
- कॉर्न फ्लेक्स निर्माण
- कॉर्न पफ निर्माण
- सोया उत्पाद निर्माण
- आइसक्रीम और डेयरी उत्पाद निर्माण
- बेकरी उत्पाद निर्माण, जिसमें ब्रेड, बिस्कुट और रस्क शामिल हैं
- मसाला उत्पादन
- सत्तू निर्माण
- पल्वराइजर मशीन की मदद से आटा और बेसन निर्माण
- आटा, बेसन, सत्तू और मसाला निर्माण
- पशु आहार निर्माण
- पोल्ट्री फीड निर्माण
- बीज प्रसंस्करण और पैकेजिंग
फर्नीचर, लकड़ी और बांस से जुड़ी गतिविधियां
- बढ़ई का काम
- बढ़ईगीरी और लकड़ी के फर्नीचर की कार्यशाला
- सीएनसी राउटर के साथ बढ़ईगीरी और लकड़ी के फर्नीचर की कार्यशाला
- बांस से सामान और फर्नीचर का निर्माण
- बेंत के फर्नीचर का निर्माण
- बांस से हस्तशिल्प सामान बनाने की इकाई
- मधुमक्खी पालन के बक्से का निर्माण
निर्माण और भवन सामग्री से जुड़ी गतिविधियां
- सीमेंट की जाली, दरवाजे और खिड़कियों का निर्माण
- पेवर ब्लॉक और टाइल्स का निर्माण
- फ्लाई ऐश ईंटों का निर्माण
- आर.सी.सी. स्पन ह्यूम पाइप का निर्माण
- सीमेंट से बने उत्पादों का निर्माण
- निर्माण कार्य के लिए लोहे के छल्लों का निर्माण
इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इंजीनियरिंग से जुड़ी गतिविधियां
- कृषि उपकरणों का निर्माण
- गेट, ग्रिल बनाने और वेल्डिंग की इकाई
- अस्पताल के बेड और ट्रॉली का निर्माण
- हल्के व्यावसायिक वाहनों की बॉडी बनाने का काम
- रोलिंग शटर का निर्माण
- स्टेबलाइजर, इन्वर्टर, यूपीएस और सीवीटी की असेंबली
- कूलर का निर्माण
- पंखे और हीटर की असेंबली
- एलईडी बल्ब का निर्माण
- इलेक्ट्रिक स्विच, सॉकेट और स्विचबोर्ड का निर्माण
- इलेक्ट्रिक वाहन असेंबली इकाई
- स्टील फर्नीचर का निर्माण
- स्टील की अलमारी का निर्माण
- स्टील के बॉक्स, संदूक और रैक का निर्माण
कपड़े, चमड़ा और टेक्सटाइल से जुड़ी गतिविधियां
- रेडीमेड कपड़ों का निर्माण
- रेडीमेड कपड़े, निटिंग और होजरी का काम
- बेडशीट और तकिए के कवर के सेट का निर्माण
- निटिंग और कपड़ों का निर्माण
- चमड़े के जूतों का निर्माण
- स्पोर्ट्स शूज का निर्माण
- पीवीसी फुटवियर का निर्माण
- चमड़े के बैग, बेल्ट, पर्स और दस्ताने का निर्माण
- चमड़े और रेक्सिन के सीट कवर का निर्माण
- पावरलूम इकाई
- केले के रेशे से उत्पाद बनाने की इकाई
कागज, प्लास्टिक और घरेलू उत्पादों से जुड़ी गतिविधियां
- नोटबुक, कॉपी, फाइल और फोल्डर का निर्माण
- कागज के बैग का निर्माण
- कागज के कप और प्लेट का निर्माण
- कागज की प्लेट का निर्माण
- प्लास्टिक के सामान, बॉक्स और बोतलों का निर्माण
- डिटर्जेंट पाउडर, साबुन और शैंपू का निर्माण
- डिस्पोजेबल डायपर और सैनिटरी नैपकिन का निर्माण
सेवा से जुड़े व्यवसाय
- होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा
- फूड ऑन व्हील्स
- ड्राई क्लीनिंग
- मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर
- साइबर कैफे और आईटी बिजनेस सेंटर
- वेब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और वेब डिजाइनिंग सेंटर
- कंप्यूटर हार्डवेयर असेंबली, रखरखाव और नेटवर्किंग
- ऑटो गैरेज
- बाइक गैरेज
- फ्लेक्स प्रिंटिंग
अन्य स्वीकृत गतिविधियां
- धातु के फर्नीचर का निर्माण
- अस्पताल के उपकरणों का निर्माण
- इलेक्ट्रिकल उपकरणों की असेंबली
- आधिकारिक पोर्टल पर दी गई अन्य स्वीकृत विनिर्माण और सेवा से जुड़ी गतिविधियां
स्वीकृत व्यवसायिक गतिविधियां संबंधित वित्तीय वर्ष और योजना के लागू घटक के अनुसार बदल सकती हैं। इसलिए व्यवसाय का चयन करने से पहले आवेदकों को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम प्रोजेक्ट लिस्ट जरूर देखनी चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन जमा करने से पहले आवेदकों को अपने व्यक्तिगत, जाति, शैक्षणिक, बैंक और व्यवसाय से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आमतौर पर आवश्यक दस्तावेजों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
- आधार कार्ड या कोई अन्य मान्य पहचान प्रमाणपत्र।
- मान्य अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र।
- बिहार का स्थायी निवास प्रमाणपत्र।
- मैट्रिक प्रमाणपत्र या जन्मतिथि बताने वाला कोई अन्य मान्य दस्तावेज।
- इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या इसके समान शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
- हाल की पासपोर्ट साइज फोटो या पोर्टल पर मांगी गई लाइव फोटो।
- निर्धारित प्रारूप में आवेदक के हस्ताक्षर।
- आवेदन प्रक्रिया के दौरान मांगे जाने पर बैंक खाते की जानकारी या कैंसिल चेक।
- व्यवसाय की जानकारी और प्रस्तावित प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी।
- जहां जरूरी हो, वहां प्रोजेक्ट रिपोर्ट या विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)।
- नवीनतम आधिकारिक दिशा-निर्देशों में बताए गए अन्य अतिरिक्त दस्तावेज।
दस्तावेजों की सही सूची वित्तीय वर्ष और आवेदक द्वारा चुनी गई व्यवसायिक गतिविधि के अनुसार अलग हो सकती है। दस्तावेज अपलोड करने से पहले आवेदकों को आधिकारिक उद्यमी बिहार पोर्टल पर दिए गए नवीनतम निर्देशों को देखना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आवेदक बिहार सरकार के उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन शुरू करने से पहले आवेदकों को सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए और योजना के नवीनतम दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
- सबसे पहले उद्योग विभाग, बिहार सरकार की आधिकारिक उद्यमी बिहार वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से जुड़े सेक्शन को खोजें और यूजर लॉगिन या रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें।
- आवेदक सीधे उद्यमी बिहार यूजर लॉगिन पोर्टल पर जाकर भी लॉगिन कर सकते हैं।
- पंजीकरण के लिए अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें। सत्यापन के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जा सकता है।
- लॉगिन की जानकारी बनाएं या पहले से उपलब्ध लॉगिन विवरण का इस्तेमाल करके आवेदक डैशबोर्ड में प्रवेश करें।
- संबंधित आवेदन वर्ष के लिए बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना या उपलब्ध SC/ST विकल्प का चयन करें।
- आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत, निवास, जाति, शैक्षणिक और संपर्क से जुड़ी सही जानकारी भरें।
- प्रस्तावित व्यवसाय की जानकारी दर्ज करें और पोर्टल पर उपलब्ध स्वीकृत प्रोजेक्ट लिस्ट में से उपयुक्त व्यवसायिक गतिविधि चुनें।
- जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो और हस्ताक्षर सहित सभी जरूरी दस्तावेजों की साफ और पढ़ने योग्य प्रतियां अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। गलत जानकारी या अस्पष्ट दस्तावेज आवेदन की जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
- अधिसूचित अंतिम तारीख के भीतर आवेदन जमा करें और भविष्य के लिए आवेदन संख्या या पावती सुरक्षित रखें।
- आवेदन जमा करने के बाद आधिकारिक पोर्टल पर जांच से जुड़ी सूचनाएं, दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश, प्रारंभिक चयन सूची, रैंडमाइजेशन के परिणाम और अंतिम चयन से जुड़े अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।
- चयन होने पर निर्धारित प्रशिक्षण पूरा करें और प्रोजेक्ट शुरू करने, राशि के इस्तेमाल तथा उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने से जुड़े विभागीय निर्देशों का पालन करें।
आवेदन की प्रक्रिया केवल उसी अवधि में शुरू की जाती है, जिसकी घोषणा उद्योग विभाग द्वारा की जाती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को आधिकारिक उद्यमी बिहार वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना जरूर देखनी चाहिए।
रजिस्ट्रेशन, लॉगिन या आवेदन से जुड़ी किसी समस्या के लिए आवेदक आधिकारिक पोर्टल पर बताए गए कार्य समय के दौरान योजना की हेल्पलाइन 1800-345-6214 पर संपर्क कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक
- उद्योग विभाग, बिहार सरकार – आधिकारिक उद्यमी पोर्टल
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना – आधिकारिक योजना पेज
- उद्यमी बिहार – आवेदक लॉगिन और रजिस्ट्रेशन पोर्टल
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के बारे में जानकारी
- SC/ST योजना से जुड़े सरकारी संकल्प और स्वीकृत प्रोजेक्ट की जानकारी
संपर्क जानकारी
रजिस्ट्रेशन, लॉगिन, आवेदन जमा करने या योजना से जुड़ी जानकारी के लिए आवेदक उद्योग विभाग से निम्नलिखित आधिकारिक माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय, उद्योग विभाग, बिहार सरकार
- फोन: 18003456214
- ईमेल: [email protected]
- पता: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय, उद्योग विभाग, विकास भवन, दूसरी मंजिल, नया सचिवालय, नेहरू पथ, पटना, बिहार – 800015
आवेदक स्थानीय सहायता के लिए अपने संबंधित जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक से भी संपर्क कर सकते हैं। जिलेवार संपर्क विवरण आधिकारिक उद्यमी बिहार संपर्क करें पेज पर उपलब्ध हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार की एक उद्यमिता सहायता योजना है। इसके तहत पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को नया व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
पात्र आवेदकों को प्रति यूनिट ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
सहायता राशि में सामान्यतः निम्नलिखित शामिल हैं:
- ₹5 लाख तक की अनुदान राशि या सब्सिडी
- ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण
- प्रशिक्षण और प्रोजेक्ट निगरानी के लिए ₹25,000 तक की सहायता
बिहार के पात्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के निवासी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आवेदक को योजना की आयु, शैक्षणिक योग्यता और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी।
आवेदक के पास सामान्यतः इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।
लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदक की आयु सामान्यतः 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन से पहले संबंधित वर्ष की आधिकारिक शर्तों की जांच करना जरूरी है।
हां, योजना के तहत मिलने वाला ऋण निर्धारित नियमों के अनुसार वापस करना होता है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों के लिए ऋण की वापसी सामान्यतः 84 किस्तों में की जाती है।
आवेदन बिहार उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट उद्यमी बिहार पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है: https://udyami.bihar.gov.in/
आवेदक को आधार कार्ड या वैध पहचान पत्र, बिहार निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर, बैंक विवरण और व्यवसाय से संबंधित जानकारी देनी पड़ सकती है।
योजना से संबंधित सहायता के लिए उद्योग विभाग, बिहार सरकार की हेल्पलाइन 1800-345-6214 पर संपर्क किया जा सकता है। आवेदक आधिकारिक पोर्टल के संपर्क पेज से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| जाति | योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|---|
टिप्पणियाँ
टेंट हॉउस
सुरेशपासवान
युवा उद्यमी योजना
बिहार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति युवा उद्यमी योजना को अधिक जटिलता के कारण ,बहुत सारे युवा युवती इस योजना से वंचित रह जाते हैं ।
Goat farm
Bakri farm kar ke mai rojgar karna chahta hoo.
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