बिहार मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 27/06/2026 - 13:35
बिहार CM
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बिहार मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹11 लाख तक की वित्तीय सहायता।
  • प्रति पात्र कमरे पर ₹2.50 लाख की पूंजीगत सब्सिडी।
  • अधिकतम 4 कमरों तक सब्सिडी का लाभ।
  • महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (SHG) एवं 18–25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे ₹25,000 का अतिरिक्त प्रोत्साहन।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • पर्यटन विभाग, बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर : 06122233333
योजना का सारांश
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना
लाभपात्र लाभार्थियों को ₹11 लाख तक की सब्सिडी
लाभार्थीयोग्य होमस्टे संचालक
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑनलाइन

योजना के बारे में

बिहार में बहुत सारे मशहूर धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं जहाँ पूरे भारत और दुनिया भर से लोग घूमने आते हैं। साल 2024 में राज्य में 6.6 करोड़ से ज़्यादा पर्यटक आए, जिनमें 6.53 करोड़ देशी पर्यटक और करीब 7.3 लाख विदेशी पर्यटक शामिल थे। जैसे-जैसे पर्यटकों की तादाद बढ़ रही है, वैसे-वैसे इन जगहों के पास अच्छे रहने की जगह की माँग भी बढ़ रही है। बड़े शहरों में तो होटल और गेस्टहाउस आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन जो पर्यटन स्थल गाँव या छोटे कस्बों में हैं, वहाँ रहने की जगह बहुत कम है। इस वजह से पर्यटकों को उन जगहों के पास रुकना और बिहार की संस्कृति, परंपराओं और मेहमाननवाज़ी का अनुभव लेना मुश्किल हो जाता है।

इस कमी को दूर करने के लिए और स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए मौके बनाने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 शुरू की है। इस योजना के तहत योग्य नागरिक अपने घर को रजिस्टर्ड होमस्टे में बदल सकते हैं और पर्यटकों के लिए अच्छी रहने की व्यवस्था बनाने के लिए ₹11 लाख तक की आर्थिक मदद पा सकते हैं। इस पहल का मकसद बिहार के पर्यटन ढाँचे को मज़बूत करना, समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय परिवारों के लिए टिकाऊ आमदनी का ज़रिया बनाना है। सरकार हर योग्य कमरे के लिए ₹2.50 लाख तक की पूँजी सब्सिडी देगी और यह सुविधा ज़्यादा से ज़्यादा 4 कमरों के लिए मिलेगी। महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और 18 से 25 साल की उम्र के युवा उद्यमियों को हर कमरे पर ₹25,000 का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इस तरह योग्य आवेदकों को कुल ₹11 लाख तक की आर्थिक मदद मिल सकती है।

यह योजना बिहार के 16 जिलों में 34 अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर लागू होगी। इसमें नए बने होमस्टे, पहले से चल रहे होमस्टे और वे आवासीय इमारतें शामिल हैं जिन्हें होमस्टे में बदला जा रहा है, बशर्ते वे पर्यटन विभाग की तय की गई शर्तें और मानक पूरे करें। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी, जब तक सरकार इसे पहले बदले या बंद न करे।

इस योजना से स्थानीय परिवार अपने घर के एक हिस्से को होमस्टे के रूप में विकसित करके नियमित आय अर्जित कर सकेंगे। साथ ही बिहार आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण आवास की सुविधा मिलेगी, जिससे राज्य के पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

यदि आप पर्यटन या स्वरोजगार से जुड़ी अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानना चाहते हैं, तो बिहार सीएम प्रतिज्ञा योजना, गोदाम निर्माण योजना और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जैसी योजनाओं की जानकारी भी देख सकते हैं। ये योजनाएँ भी रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई हैं।

योजना का उद्देश्य

इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:

  • पर्यटन स्थलों के आसपास गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार कर पर्यटन को बढ़ावा देना।
  • स्थानीय लोगों को पंजीकृत होमस्टे स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • परिवारों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना।
  • ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना तथा बिहार की संस्कृति, परंपरा और मेहमाननवाज़ी को देश-दुनिया तक पहुँचाना।
  • होमस्टे विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।
  • महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और युवा उद्यमियों को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ना।
  • जनभागीदारी के माध्यम से बिहार के पर्यटन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना।

योजना के लाभ

  • हर योग्य कमरे के लिए ₹2.50 लाख तक की पूँजी सब्सिडी या असली मंज़ूर की गई प्रोजेक्ट लागत, जो भी कम हो।
  • ज़्यादा से ज़्यादा 4 कमरों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।
  • अधिकतम पूँजी सब्सिडी ₹10 लाख।
  • महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले होमस्टे को हर कमरे पर ₹25,000 का अतिरिक्त प्रोत्साहन।
  • रजिस्टर्ड स्वयं सहायता समूह (SHGs) को भी यह अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
  • 18 से 25 साल की उम्र के उद्यमी भी यह अतिरिक्त प्रोत्साहन पा सकते हैं।
  • यह अतिरिक्त प्रोत्साहन भी ज़्यादा से ज़्यादा 4 कमरों के लिए मिलेगा।
  • अधिकतम अतिरिक्त प्रोत्साहन ₹1 लाख।
  • कुल आर्थिक मदद ₹11 लाख तक।
  • बिहार टूरिज्म की वेबसाइट, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, ब्रोशर और दूसरी प्रचार गतिविधियों के ज़रिए रजिस्टर्ड होमस्टे का मुफ़्त प्रमोशन।
  • योग्य होमस्टे को पर्यटन विभाग द्वारा प्रमोट किए जाने वाले टूर पैकेजों में भी शामिल किया जा सकता है।

पूंजीगत सब्सिडी का विवरण

श्रेणी
वित्तीय सहायता
प्रति पात्र कमरे पर सब्सिडी
₹2,50,000
सब्सिडी के लिए पात्र अधिकतम कमरे
4
अधिकतम पूंजीगत सब्सिडी
₹10,00,000
अतिरिक्त प्रोत्साहन (महिला/SHG/18–25 वर्ष के युवा उद्यमी)
₹25,000 प्रति कमरा
अधिकतम अतिरिक्त प्रोत्साहन
₹1,00,000
अधिकतम कुल वित्तीय सहायता
₹11,00,000

योजना के लिए पात्रता की शर्तें

यह योजना सिर्फ उन होमस्टे के लिए है जो बिहार के अधिसूचित पर्यटन स्थलों से 5 किलोमीटर के अंदर बने हों। पर्यटन विभाग ने इस योजना के तहत 16 जिलों में 34 पर्यटन स्थलों की पहचान की है।

योग्य पर्यटन स्थल

जिला
पर्यटन स्थल
गया
महाबोधि मंदिर, विष्णुपाद मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर, प्रेतशिला, गुरुपा हिल
औरंगाबाद
देव सूर्य मंदिर
रोहतास
शेर शाह सूरी का मकबरा, मंझर कुंड, धुआँ कुंड
कैमूर
मुंडेश्वरी मंदिर, करमचट बाँध
नालंदा
जल मंदिर, नालंदा महाविहार, राजगीर रोपवे, ज़ू सफारी और नेचर सफारी, राजगीर कुंड
सीतामढ़ी
पुनौरा धाम, पंथ पाकड़
भागलपुर
विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर
वैशाली
विश्व शांति स्तूप
पश्चिम चंपारण
गाँधी आश्रम, वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व, अमवा मान
बाँका
मंदार हिल, ओधनी बाँध
जमुई
जैन मंदिर, नागी-नकटी बाँध
मुंगेर
भीमबाँध वन्यजीव अभयारण्य
जहानाबाद
बराबर गुफाएँ
नवादा
ककोलत झरना
पूर्वी चंपारण
केसरिया स्तूप, सीताकुंड
मुज़फ़्फ़रपुर
मणिकामन झील, गरीबनाथ धाम

नोट: पर्यटन विभाग समय-समय पर योग्य पर्यटन स्थलों की इस सूची को बदल या बढ़ा सकता है।

योजना के अन्य लाभ

आर्थिक मदद के अलावा, रजिस्टर्ड होमस्टे को पर्यटन विभाग से कई गैर-आर्थिकलाभभी मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • बिहार टूरिज्म की आधिकारिक वेबसाइट और होमस्टे पोर्टल पर प्रचार।
  • पर्यटन ब्रोशर, सोशल मीडिया और दूसरे प्रचार अभियानों के ज़रिए प्रसिद्धि।
  • पर्यटन विभाग द्वारा प्रमोट किए जाने वाले टूर पैकेजों में शामिल किया जाना।
  • देशी और विदेशी पर्यटकों के बीच बेहतर पहचान।
  • होमस्टे की सेवाएँ बेहतर बनाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से मार्गदर्शन और सहायता।

आवश्यक दस्तावेज

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदकों को ये दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी या रद्द किया गया चेक
  • संपत्ति के मालिकाना हक का प्रमाण या रजिस्टर्ड लीज़ एग्रीमेंट (कम से कम 10 साल का)
  • अगर संपत्ति साझा मालिकाना में है तो सभी सह-मालिकों से NOC
  • संपत्ति के दस्तावेज़ जो यह दर्शाएँ कि ज़मीन किसी कानूनी विवाद से मुक्त है
  • तय प्रारूप में स्व-घोषणा पत्र
  • मुख्य सड़क से प्रस्तावित होमस्टे तक पहुँचने के रास्ते का नक्शा
  • बिल्डिंग प्लान या लेआउट (अगर ज़रूरी हो)
  • होमस्टे की तस्वीरें या प्रस्तावित डिज़ाइन, जिसमें शामिल हों:
    • सामने का दृश्य (Front Elevation)
    • प्रवेश कक्ष (लॉबी)
    • अतिथि कक्ष
    • भोजन कक्ष
    • अन्य उपलब्ध सुविधाएँ
  • आवेदन के समय पर्यटन विभाग द्वारा बताया गया कोई भी अन्य दस्तावेज़

नोट: आवेदकों को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर ज़रूरी दस्तावेज़ों की अंतिम सूची ज़रूर देखनी चाहिए।

महत्वपूर्ण शर्तें

आवेदन करने से पहले आवेदकों को ये बातें ध्यान में रखनी चाहिए:

  • होमस्टे किसी अधिसूचित पर्यटन स्थल से 5 किलोमीटर के अंदर होना चाहिए।
  • एक होमस्टे में ज़्यादा से ज़्यादा 8 कमरे हो सकते हैं।
  • आर्थिक मदद सिर्फ पहले 4 योग्य कमरों के लिए मिलेगी।
  • सब्सिडी असली योग्य प्रोजेक्ट लागत या ₹2.50 लाख प्रति कमरा, जो भी कम हो, उतनी ही मिलेगी।
  • आर्थिक मदद पाने वाले लाभार्थियों को व्यावसायिक संचालन तिथि (COD) से कम से कम 5 साल तक होमस्टे चलाना होगा।
  • होमस्टे के मालिक को हर साल एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि संपत्ति अभी भी तय मानकों को पूरा करती है।
  • पर्यटन विभाग किसी भी समय योजना की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के लिए होमस्टे का निरीक्षण कर सकता है।
  • पर्यटन विभाग जब ज़रूरी हो योजना की गाइडलाइन्स में बदलाव या संशोधन कर सकता है।

आवेदन शुल्क

  • योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदकों को ₹2,000 का गैर-वापसी योग्य आवेदन शुल्क देना होगा।
  • यह शुल्क होमस्टे पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन भरा जा सकता है।
  • जब तक ऑनलाइन भुगतान प्रणाली पूरी तरह चालू न हो, आवेदक निदेशक, पर्यटन, बिहार सरकार के नाम से डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

बिहार सरकार नेमुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसकी विस्तृत आवेदन प्रक्रिया अभी पर्यटन विभाग द्वारा जारी नहीं की गई है। वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इच्छुक आवेदकों को निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना पड़ सकता है।

  • चरण 1: सुनिश्चित करें कि आपका होमस्टे योजना की पात्रता शर्तें और ज़रूरी मानक पूरे करता है।
  • चरण 2: बिहार टूरिज्म की वेबसाइट पर जाएँ।
    • "Latest Update" सेक्शन में जाएँ और क्लिक करें।
    • उसके बाद CM Home Stay Scheme 2026 पर क्लिक करें और Apply पर क्लिक करें, फिर Sign Up करें।
    • बने हुए लॉगिन विवरण से लॉग इन करें और बेसिक जानकारी भरें।
  • चरण 3: सभी ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
  • चरण 4: ₹2,000 का आवेदन शुल्क भरें।
  • चरण 5: अपना आवेदन जाँचें और ऑनलाइन जमा करें।
  • चरण 6: जमा करने के बाद आप होमस्टे पोर्टल के ज़रिए अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

नोट: आवेदन पोर्टल, पंजीकरण प्रक्रिया, आवेदन की अंतिम तिथि तथा सब्सिडी जारी करने की पूरी प्रक्रिया पर्यटन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएगी।

आवेदन सत्यापन प्रक्रिया

आवेदन मिलने के बाद पर्यटन विभाग मंज़ूरी देने से पहले विवरणों की जाँच करेगा। सत्यापन प्रक्रिया में शामिल हैं:

  • होमस्टे सेल द्वारा आवेदन की प्रारंभिक जाँच।
  • जमा किए गए दस्तावेज़ों की जाँच।
  • ज़रूरत पड़ने पर क्षेत्रीय होमस्टे समिति (RHC) द्वारा होमस्टे का भौतिक निरीक्षण।
  • पर्यटन निदेशालय को निरीक्षण रिपोर्ट जमा करना।
  • निदेशक, पर्यटन द्वारा अंतिम मंज़ूरी या अस्वीकृति।

पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि पूरा आवेदन मिलने के 60 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

निर्माण की समय-सीमा

मंज़ूरी मिलने के बाद आवेदकों को एक अनंतिम रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (PRC) दिया जाएगा। इन समय-सीमाओं का पालन करना ज़रूरी है:

  • नए होमस्टे को PRC जारी होने की तारीख से 12 महीनों के अंदर निर्माण पूरा करना होगा।
  • ज़रूरत पड़ने पर पर्यटन विभाग 6 महीने तक की मोहलत दे सकता है।
  • नए बने होमस्टे को PRC जारी होने की तारीख से 24 महीनों के अंदर व्यावसायिक संचालन शुरू करना होगा।
  • पहले से मौजूद होमस्टे या जिन आवासीय इमारतों को होमस्टे में बदला जा रहा है, उन्हें 12 महीनों के अंदर संचालन शुरू करना होगा।
  • जो आवेदक तय समय के अंदर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर पाते, वे आर्थिक मदद पाने की पात्रता खो सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण

मंज़ूरी मिलने के बाद होमस्टे को पर्यटन विभाग के साथ रजिस्टर्ड किया जाएगा। ज़रूरी बातें:

  • रजिस्ट्रेशन व्यावसायिक संचालन तिथि (COD) से 5 साल तक मान्य रहेगा।
  • रजिस्ट्रेशन खत्म होने से पहले ऑनलाइन नवीनीकरण करवाना होगा।
  • नवीनीकरण के समय ₹1,000 का शुल्क देना होगा।
  • होमस्टे के मालिक को हर साल एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा जिसमें यह पुष्टि हो कि वे तय मानकों को पूरा करते रहे हैं।
  • अगर मालिक योजना की गाइडलाइन्स का उल्लंघन करते हैं या गलत जानकारी देते हैं तो पर्यटन विभाग रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है।

व्यावसायिक संचालन तिथि (COD)

व्यावसायिक संचालन तिथि (COD) वह तारीख है जिस दिन से रजिस्टर्ड होमस्टे सभी ज़रूरी मंज़ूरियाँ मिलने के बाद आधिकारिक रूप से मेहमानों का स्वागत करना शुरू करता है। जिला पर्यटन अधिकारी हर छह महीने पर होमस्टे का निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह योजना की गाइडलाइन्स का पालन करता रहे।

सब्सिडी जारी करने की प्रक्रिया

पर्यटन विभाग की जाँच के बाद आर्थिक मदद तीन किस्तों में दी जाती है।

किस्त
कब जारी होगी
राशि
पहली किस्त
पहली किस्त व्यावसायिक संचालन तिथि (COD) के बाद
50%
दूसरी किस्त
COD के एक साल बाद
25%
तीसरी किस्त
COD के दो साल बाद
| 25%

बाकी किस्तें तभी जारी होंगी जब होमस्टे योजना की गाइडलाइन्स के अनुसार चलता रहे।

जुर्माना और वसूली के नियम

अगर कोई लाभार्थी योजना की गाइडलाइन्स का पालन नहीं करता तो पर्यटन विभाग कार्रवाई कर सकता है। रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है अगर:

  • आवेदन में गलत या भ्रामक जानकारी दी गई हो।
  • लाभार्थी ने योजना की गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया हो।
  • होमस्टे तय मानकों को पूरा नहीं करता हो।
  • धोखाधड़ी के ज़रिए आर्थिक मदद हासिल की गई हो।

ऐसे मामलों में पर्यटन विभाग:

  • होमस्टे का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है।
  • लागू ब्याज के साथ पहले से दी गई सब्सिडी वापस ले सकता है।
  • लाभार्थी को योजना के तहत भविष्य में मिलने वाले फायदों से वंचित कर सकता है।
  • योजना की गाइडलाइन्स के तहत अनुमत कोई अन्य कार्रवाई कर सकता है।

कोई भी कार्रवाई करने से पहले पर्यटन विभाग एक कारण बताओ नोटिस जारी करेगा और आवेदक को अपना पक्ष रखने का मौका देगा।

वार्षिक लक्ष्य

  • मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के पहले चरण में बिहार सरकार ने अगले पाँच लगातार वित्तीय वर्षों के दौरान 1,000 होमस्टे कमरों का पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा है।
  • इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन देने हेतु लगभग ₹25 करोड़ खर्च करने का अनुमान लगाया है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को वर्ष 2026 में बिहार मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है।
  • इस योजना का नोडल विभाग पर्यटन विभाग, बिहार सरकार है।
  • एक होमस्टे में अधिकतम 8 कमरों का पंजीकरण कराया जा सकता है।
  • पूंजीगत सब्सिडी का लाभ केवल पहले 4 पात्र कमरों पर ही मिलेगा।
  • पात्र लाभार्थियों को प्रति कमरे ₹2.50 लाख की दर से अधिकतम ₹10 लाख तक की पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी।
  • महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (SHGs) तथा 18 से 25 वर्ष आयु के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे ₹25,000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी, जो अधिकतम ₹1 लाख तक होगी।
  • इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कुल मिलाकर ₹11 लाख तक की वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकती है।
  • सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वित्तीय वर्षों में 1,000 होमस्टे कमरों का पंजीकरण करना है।
  • योजना के पहले चरण में वित्तीय प्रोत्साहन के लिए लगभग ₹25 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान है।
  • योजना के विस्तृत संचालन दिशा-निर्देश, आवेदन प्रक्रिया और अन्य आवश्यक जानकारी पर्यटन विभाग द्वारा अलग से जारी की जाएगी।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

पर्यटन विभाग, बिहार सरकार

  • पता: टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर, राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन, पटना, बिहार
  • हेल्पलाइन नंबर: 0612-2233333
  • पर्यटन विभाग के अधिकारियों के संपर्क विवरण: विभाग द्वारा अलग से उपलब्ध कराए जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह बिहार सरकार की एक पर्यटन प्रोत्साहन योजना है, जिसके तहत पात्र नागरिकों को अपने घर में होमस्टे विकसित करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
 

पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹10 लाख तक की पूंजीगत सब्सिडी तथा विशेष श्रेणी के लाभार्थियों को ₹1 लाख तक अतिरिक्त प्रोत्साहन सहित कुल ₹11 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
 

योजना के तहत प्रत्येक पात्र कमरे पर ₹2.50 लाख की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
 

सब्सिडी का लाभ अधिकतम 4 पात्र कमरों तक मिलेगा। हालांकि एक होमस्टे में अधिकतम **8 कमरों** का पंजीकरण कराया जा सकता है।
 

महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (SHG) तथा 18 से 25 वर्ष आयु के युवा उद्यमियों को प्रति कमरे ₹25,000 का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
 

बिहार के स्थायी निवासी, जो योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार होमस्टे स्थापित करते हैं या उसका संचालन करते हैं, इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
 

नहीं। योजना को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया, पोर्टल और विस्तृत दिशा-निर्देश पर्यटन विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे।
 

इस योजना का नोडल विभाग पर्यटन विभाग, बिहार सरकार है।
 

इस योजना का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना तथा स्थानीय परिवारों की आय में वृद्धि करना है।
 

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र होमस्टे संचालक भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अंतिम पात्रता एवं शर्तें पर्यटन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार निर्धारित होंगी।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!

यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

लाभार्थी व्यक्ति का प्रकार योजना का प्रकार सरकार

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आपका नाम
Jay Ram
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