- पात्र अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों को प्रति शैक्षणिक वर्ष अधिकतम ₹3,500 की आर्थिक सहायता मिलती है।
- पात्रता के लिए कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में कम से कम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण करना आवश्यक है।
- प्रोत्साहन राशि एकमुश्त सीधे जन आधार से जुड़े विद्यार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
- कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान हेल्पलाइन नंबर: 0141-2706106
- कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
- राजस्थान कॉलेज शिक्षा विभाग संपर्क विवरण
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | राजस्थान बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता योजना |
| लाभ | प्रतिवर्ष ₹3,500 की शैक्षणिक प्रोत्साहन राशि |
| लाभार्थी | राजस्थान के मेधावी अनुसूचित जनजाति के कॉलेज विद्यार्थी |
| नोडल विभाग | कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन |
योजना के बारे में
बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता योजना राजस्थान सरकार की एक लाभकारी योजना है, जिसके अंतर्गत बोर्ड और विश्वविद्यालय की परीक्षाएँ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है। जयपुर स्थित कॉलेज शिक्षा विभाग का आयुक्तालय वित्तीय वर्ष 2023-24 से इस योजना का संचालन कर रहा है। योजना का 100% खर्च राजस्थान सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें समर्पण के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, यह योजना जनजातीय समुदायों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों के अच्छे शैक्षणिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करती है।
राज्य सरकार ने इस योजना की शुरुआत प्रतिभाशाली जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़े रखने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की है। इसका मुख्य लक्ष्य राजस्थान के उन मेधावी जनजातीय विद्यार्थियों को प्रेरित करना है, जो कॉलेजों में नियमित विद्यार्थी के रूप में प्रवेश लेते हैं और परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी प्राप्त करना चाहते हैं। सरल शब्दों में, इस योजना के माध्यम से अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक पुरस्कार दिया जाता है, जिससे उन्हें अगले शैक्षणिक वर्ष में भी पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलती है।
अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को दस महीने तक ₹350 प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार, एक शैक्षणिक वर्ष में अधिकतम ₹3,500 की राशि मिलती है। विभाग यह पूरी राशि एकमुश्त प्रदान करता है। पात्रता के लिए विद्यार्थी का अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित होना, राजस्थान का मूल निवासी होना, कक्षा 12वीं की परीक्षा कम से कम 60% अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करना तथा किसी सरकारी कॉलेज में सामान्य शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन करना आवश्यक है। विद्यार्थी के माता-पिता, अभिभावक या पति आयकरदाता नहीं होने चाहिए। इसके अतिरिक्त, सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकते।
इस योजना में आगे की कक्षाओं के लिए आर्थिक सहायता विद्यार्थी के पिछले वर्ष के शैक्षणिक प्रदर्शन पर निर्भर करती है। दूसरे वर्ष में प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को प्रथम वर्ष की परीक्षा में कम से कम 48% अंक प्राप्त करने होंगे। इसी प्रकार, तीसरे वर्ष में सहायता प्राप्त करने के लिए दूसरे वर्ष की परीक्षा में भी कम से कम 48% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। स्नातकोत्तर (PG) कक्षाओं में भी यही शर्तें लागू होती हैं। आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। इसके बाद संबंधित कॉलेज आवेदन का सत्यापन करता है और नोडल कॉलेज उसे स्वीकृति के लिए भेजता है। स्वीकृति मिलने के बाद राशि विद्यार्थी के जन आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे कोषागार के माध्यम से भेजी जाती है।
अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता योजना के अतिरिक्त राजस्थान कॉलेज शिक्षा विभाग सहरिया जनजाति के विद्यार्थियों के लिए दो संबंधित योजनाएँ भी संचालित करता है: सहरिया जनजाति छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा ((कॉलेज शिक्षा) हेतु आर्थिक सहायता योजना इसके अंतर्गत नियमित कॉलेज पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले पात्र सहरिया विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सहरिया छात्र-छात्राओं को बी.एड. प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता योजना इसके अंतर्गत बी.एड. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पात्र सहरिया विद्यार्थियों को सहायता दी जाती है। इच्छुक विद्यार्थी इन दोनों योजनाओं की संपूर्ण आधिकारिक जानकारी भी देख सकते हैं।
नवीनतम अपडेट
कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान, जयपुर के आयुक्तालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल खोल दिया है। पात्र विद्यार्थी 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक अपनी SSO ID से लॉगिन करके विभाग की वेबसाइट के माध्यम से राजस्थान अनुसूचित जनजाति मेधावी छात्र आर्थिक सहायता योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन पूरा कर लें।
योजना के लाभ
अनुसूचित जनजाति के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत कॉलेज में अच्छा शैक्षणिक प्रदर्शन बनाए रखने वाले जनजातीय विद्यार्थियों को निश्चित आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है। इस योजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- मासिक सहायता राशि: योजना के अंतर्गत ₹350 प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- सहायता की अवधि: एक शैक्षणिक वर्ष में दस महीने तक सहायता दी जाती है।
- कुल वार्षिक सहायता: पात्र विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष अधिकतम ₹3,500 मिल सकते हैं।
- भुगतान का तरीका: पूरे वर्ष की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान की जाती है।
- DBT के माध्यम से भुगतान: राशि सीधे विद्यार्थी के जन आधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
- आगे की कक्षाओं में सहायता: निर्धारित अंक संबंधी शर्तें पूरी करने पर विद्यार्थी स्नातक के दूसरे और तीसरे वर्ष तथा स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान भी प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं।
- कोई आवेदन शुल्क नहीं: योजना के लिए आवेदन करने पर विभाग को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होता है।
पात्रताएं
इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निम्नलिखित सभी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:
- विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से संबंधित होना चाहिए।
- विद्यार्थी राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- विद्यार्थी ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में कम से कम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो।
- विद्यार्थी को प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं में कम से कम 48% अंक प्राप्त करने होंगे।
- स्नातकोत्तर कक्षाओं के दौरान भी यही शर्तें लागू रहेंगी।
- विद्यार्थी किसी सरकारी कॉलेज में सामान्य शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए।
- विद्यार्थी के माता-पिता, अभिभावक, संरक्षक या पति आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
- सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी इस योजना के पात्र नहीं हैं।
- बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी की पढ़ाई में कोई अंतराल नहीं होना चाहिए।
- विद्यार्थी के पास वैध जन आधार कार्ड और आधार कार्ड होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
- स्वयं की आय संबंधी घोषणा (गरीबी रेखा से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित प्रारूप में स्वयं की आय संबंधी घोषणा आवश्यक है। इसमें सक्षम स्तर से प्रमाणित होना चाहिए कि माता-पिता, अभिभावक या संरक्षक आयकरदाता नहीं हैं)।
- पिछली कक्षा की अंकतालिका।
- वर्तमान में अध्ययनरत संस्थान की शुल्क रसीद।
- जन आधार कार्ड और आधार कार्ड।
आवेदन कैसे करें?
अनुसूचित जनजाति के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता योजना की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। पात्र विद्यार्थी नीचे दिए गए चरणों का पालन करके राजस्थान SSO पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- राजस्थान के आधिकारिक SSO पोर्टल पर जाएँ।
- यदि आपके पास SSO ID नहीं है, तो Registration विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद Citizen श्रेणी चुनें और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करके अपनी SSO ID तथा पासवर्ड बनाएँ।
- अपनी SSO ID, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके Login बटन पर क्लिक करें।
- लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड में Citizen Apps (G2C) अनुभाग पर जाएँ।
- Scholarship (CE) आइकन खोजें और उस पर क्लिक करें। इससे कॉलेज शिक्षा विभाग की छात्रवृत्ति आवेदन प्रणाली खुल जाएगी।
- उपलब्ध योजनाओं की सूची में से Financial Assistance to Meritorious Scheduled Tribe Students Passing in First Division in Board and University योजना का चयन करें।
- अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक, कॉलेज और बैंक संबंधी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें। यह प्रणाली जन आधार के विवरण का उपयोग करती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि जन आधार में आपकी जाति, मूलनिवास, बैंक खाते और मोबाइल नंबर से संबंधित जानकारी अपडेट हो।
- निर्धारित प्रारूप में स्वयं की आय संबंधी घोषणा, पिछली कक्षा की अंकतालिका और वर्तमान संस्थान की शुल्क रसीद अपलोड करें।
- आवेदन में दर्ज सभी विवरणों की दोबारा जाँच करें और फिर फॉर्म जमा कर दें। आवेदन अस्वीकृत होने की स्थिति में गलतियों या कमियों के लिए विद्यार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा।
- आवेदन जमा होने के बाद संबंधित कॉलेज उसका सत्यापन करता है और स्वीकृति के लिए जिला नोडल कॉलेज को भेजता है।
नोट: राजस्थान अनुसूचित जनजाति मेधावी छात्र आर्थिक सहायता योजना के लिए आवेदन की अवधि 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक है। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि से पहले अपना पंजीकरण पूरा करके आवेदन जमा कर दें।
आवेदन का सत्यापन एवं स्वीकृति प्रक्रिया
विद्यार्थी द्वारा आवेदन जमा करने के बाद वह निम्नलिखित चरणों से गुजरता है:
- कॉलेज द्वारा सत्यापन: संबंधित कॉलेज का प्रमुख ऑनलाइन आवेदन की जाँच करता है और आवश्यक तथ्यों का सत्यापन करता है।
- नोडल कॉलेज को भेजना: संबंधित कॉलेज सत्यापित आवेदन को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन माध्यम से अपने जिले के नोडल कॉलेज में स्थित स्वीकृति अधिकारी के पास भेजता है।
- ऑनलाइन स्वीकृति: स्वीकृति देने वाले अधिकारी आवेदनों को ऑनलाइन मंजूरी प्रदान करते हैं।
- अधूरे आवेदन वापस करना: आवेदन में कोई कमी होने पर स्वीकृति प्राधिकारी सुधार के लिए उसे संबंधित संस्थान या विद्यार्थी के पास वापस भेज सकता है।
महत्वपूर्ण: यदि ऑनलाइन आवेदन में किसी कमी के कारण विभाग आवेदन अस्वीकार कर देता है, तो इसकी जिम्मेदारी विद्यार्थी की होगी। इसलिए पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति नियमित रूप से जाँचें और किसी भी आपत्ति या त्रुटि का समय पर सुधार करें।
भुगतान प्रक्रिया एवं DBT की जानकारी
स्वीकृति मिलने के बाद विभाग कोषागार के माध्यम से आर्थिक सहायता सीधे विद्यार्थी के बैंक खाते में जमा करता है।
- विभाग स्वीकृत आवेदनों के लिए ऑनलाइन बिल तैयार करता है।
- कोषागार के माध्यम से राशि सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
- लाभार्थी के बैंक खाते की KYC प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
- जन आधार से जुड़ा बैंक खाता बंद नहीं होना चाहिए।
- विद्यार्थी को जन आधार के माध्यम से अपना व्यक्तिगत बैंक खाता विवरण देना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर राशि परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जा सकती है।
महत्वपूर्ण लिंक
- बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता पंजीकरण
- बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता लॉगिन
- राजस्थान SSO पोर्टल
- कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान पोर्टल
- राजस्थान स्कॉलरशिप पोर्टल
- बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता सूचना
- बोर्ड एवं विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण अनुसूचित जनजाति प्रतिभावान छात्रों को आर्थिक सहायता दिशा-निर्देश
संपर्क जानकारी
- कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान हेल्पलाइन नंबर: 0141-2706106
- कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान हेल्पडेस्क ईमेल: [email protected]
- राजस्थान कॉलेज शिक्षा विभाग संपर्क विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह राजस्थान सरकार की योजना है, जिसके तहत सरकारी कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ने वाले मेधावी ST विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष ₹3,500 तक की आर्थिक सहायता मिलती है।
इस योजना का संचालन आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा विभाग, राजस्थान, जयपुर द्वारा किया जाता है। योजना का पूरा खर्च राजस्थान सरकार वहन करती है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 है। आवेदन पोर्टल 1 अक्टूबर 2026 को खोला गया था।
विद्यार्थी को कक्षा 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में कम से कम 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण करनी चाहिए। स्नातक के दूसरे और तीसरे वर्ष में सहायता प्राप्त करने के लिए पिछले वर्ष की परीक्षा में कम से कम 48% अंक प्राप्त करना आवश्यक है।
नहीं, इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी का किसी सरकारी कॉलेज में सामान्य शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन करना आवश्यक है।
नहीं, सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
नहीं, विद्यार्थी के माता-पिता, अभिभावक, संरक्षक या पति आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
स्वीकृति मिलने के बाद कोषागार के माध्यम से राशि सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। यदि विद्यार्थी का अपना बैंक खाता जन आधार से जुड़ा नहीं है, तो राशि परिवार के मुखिया के बैंक खाते में जा सकती है।
अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के प्राचार्य अथवा रजिस्ट्रार से संपर्क करें और उनसे छात्रवृत्ति पोर्टल पर संस्थान का पंजीकरण पूरा करने तथा आवश्यक विवरण अपडेट करने का अनुरोध करें।
हाँ, बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी की पढ़ाई में कोई अंतराल नहीं होना चाहिए। पढ़ाई में अंतराल होने पर विद्यार्थी की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
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