बिहार अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 11/07/2026 - 14:37
बिहार CM
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बिहार अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना
हाइलाइट
  • आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को ₹25,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता।
  • योजना का संचालन बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।
  • वित्तीय वर्ष 2006-07 से संचालित योजना।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार टोल फ्री नंबर: 1800345612
योजना का सारांश
योजना का नामबिहार अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना
नोडल विभागअल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार
लाभपात्र महिलाओं को ₹25,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता
लाभार्थीअल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाएँ
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑफलाइन

योजना के बारे में

अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिलाओं हेतु सहायता योजना बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता योजना है। इस योजना को वित्तीय वर्ष 2006-07 से राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक मुस्लिम महिलाओं के लिए संचालित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य ऐसी मुस्लिम महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना तथा उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनने में सहयोग देना है।

इस योजना का लाभ केवल बिहार की पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को दिया जाता है। योजना के अनुसार परित्यक्ता महिला वह है, जिसे उसके पति ने दो वर्ष या उससे अधिक समय से छोड़ दिया हो तथा उसके जीवन-यापन की कोई व्यवस्था न की जा रही हो, अथवा पति पूर्ण मानसिक विकलांगता के कारण परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो। वहीं, तलाकशुदा महिला वह है, जिसे उसके पति द्वारा तलाक दे दिया गया हो और जिसके जीवन-यापन की कोई ठोस व्यवस्था उपलब्ध न हो।

योजना की शुरुआत के समय पात्र महिलाओं को ₹10,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती थी। बाद में वित्तीय वर्ष 2017-18 से इस सहायता राशि को बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया। यह सहायता राशि पात्र महिला को उसके जीवनकाल में केवल एक बार प्रदान की जाती है।

योजना का क्रियान्वयन अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, बिहार द्वारा किया जाता है। आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला स्तर पर पात्रता एवं दस्तावेजों की जांच की जाती है। चयनित लाभार्थियों की सूची तैयार होने के पश्चात सहायता राशि NEFT/RTGS के माध्यम से सीधे लाभार्थी के स्वयं के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। इस योजना के माध्यम से बिहार सरकार आर्थिक रूप से कमजोर अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को सम्मानपूर्वक जीवन-यापन के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराती है।

Muslim ParityaktaTalakshuda Mahila Sahayata Yojana

योजना के लाभ

  • पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को ₹25,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • यह सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे NEFT/RTGS के माध्यम से भेजी जाती है।
  • इस योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला को जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाता है।

पात्रताएँ

मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला सहायता योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदिका को निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • आवेदिका अल्पसंख्यक मुस्लिम महिला होनी चाहिए।
  • आवेदिका परित्यक्ता (छोड़ी गई) या तलाकशुदा महिला होनी चाहिए, जैसा कि योजना में परिभाषित किया गया है।
  • परित्यक्ता महिला वह मानी जाएगी, जिसे उसके पति ने दो वर्ष या उससे अधिक समय से छोड़ रखा हो और उसके भरण-पोषण की कोई व्यवस्था न की हो।
  • इसके अलावा, यदि पति पूर्ण रूप से मानसिक रूप से दिव्यांग होने के कारण अपने परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ है, तो ऐसी महिला को भी इस योजना के तहत परित्यक्ता माना जाएगा।
  • तलाकशुदा महिला वह मानी जाएगी, जिसे उसके पति ने तलाक दे दिया हो और उसके पास जीविका चलाने का कोई उचित साधन न हो।
  • आवेदिका की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • आवेदिका की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹4,00,000 से कम होनी चाहिए।
  • यदि आवेदिका अपने पति की पूर्ण मानसिक दिव्यांगता के आधार पर आवेदन कर रही है, तो संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
  • विधवा (Widow/Musammat) महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही दिया जाएगा।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार संख्या देना अनिवार्य है।

योजना के तहत परित्यक्ता और तलाकशुदा महिला की परिभाषा

1. मुस्लिम परित्यक्ता महिला 

 

  • इस योजना के अनुसार, मुस्लिम परित्यक्ता महिला वह अल्पसंख्यक मुस्लिम महिला है, जिसका विवाह हो चुका हो, लेकिन उसके पति ने उसे दो वर्ष या उससे अधिक समय से छोड़ दिया हो और उसके भरण-पोषण की कोई व्यवस्था न की हो।
  • इसके अतिरिक्त, यदि किसी महिला का पति पूर्ण रूप से मानसिक रूप से दिव्यांग है और इसी कारण वह अपने परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ है, तो ऐसी महिला को भी इस योजना के तहत परित्यक्ता महिला माना जाएगा।

2. मुस्लिम तलाकशुदा महिला

  • इस योजना के अनुसार, मुस्लिम तलाकशुदा महिला वह अल्पसंख्यक मुस्लिम महिला है, जिसे उसके पति ने तलाक दे दिया हो और जिसके पास जीविका चलाने का कोई उचित साधन न हो।
  • ऐसी महिला को इस योजना के तहत तलाकशुदा महिला माना जाएगा और निर्धारित सभी शर्तें पूरी करने पर वह योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्र होगी।

आवश्यक दस्तावेज

योजना के तहत आवेदन करते समय आवेदिका को आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे:

  • घोषणा पत्र (स्व-घोषणा): आवेदिका द्वारा स्थानीय दो ऐसे गवाहों के समक्ष घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो उसके करीबी रिश्तेदार न हों। घोषणा पत्र में दोनों गवाहों का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए।
  • परित्यक्ता/तलाकशुदा होने का अनुशंसा पत्र अथवा प्रमाण-पत्र: आवेदिका को निम्न में से किसी एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परित्यक्ता/तलाकशुदा होने का अनुशंसा पत्र या प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
  • (क) जनप्रतिनिधि
    • मुखिया
    • सरपंच
    • नगर निगम, नगर परिषद् या नगर पंचायत के संबंधित वार्ड के निर्वाचित प्रतिनिधि
    • प्रखंड प्रमुख
    • पंचायत समिति के सदस्य
    • विधान मंडल के सदस्य
    • सांसद
  • (ख) न्यायालय/सरकारी संस्था/कार्यालय के पदाधिकारी
    • परिवार न्यायालय
    • प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
    • अंचलाधिकारी (CO)
    • जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी
    • अनुदानित मदरसा के हेड मोदरिस
    • सरकारी विद्यालय अथवा कॉलेज के प्रधानाध्यापक
    • राज्य अथवा केंद्र सरकार के राजपत्रित पदाधिकारी
  • (ग) अन्य अधिकृत संस्थाएँ
    • राज्य के जिला मुख्यालयों में स्थित मुस्लिम समुदाय की मानक/निबंधित संस्थाएँ
    • जिला औकाफ कमिटी के सचिव
    • निबंधित वक्फ के मोतवल्ली
  • आयु प्रमाण-पत्र: आवेदन के समय आवेदिका की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु प्रमाण के रूप में निम्न में से कोई एक दस्तावेज स्वीकार किया जाएगा:
    • जन्म प्रमाण-पत्र
    • मैट्रिक अथवा समकक्ष परीक्षा का प्रमाण-पत्र, जिसमें जन्म तिथि अंकित हो
    • मतदाता पहचान-पत्र
    • आधार कार्ड
    • पासपोर्ट
    • कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा जारी शपथ-पत्र
  • आय प्रमाण-पत्र: आवेदिका की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹4,00,000 से कम होनी चाहिए। आय प्रमाण-पत्र अंचलाधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।
  • पति की मानसिक विकलांगता का प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो): यदि महिला पति की पूर्ण मानसिक विकलांगता के कारण परित्यक्ता की श्रेणी में आती है, तो संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा जारी मानसिक विकलांगता का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।
  • पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो: आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर आवेदिका का अद्यतन स्व-प्रमाणित रंगीन पासपोर्ट आकार का फोटो चिपकाना अनिवार्य होगा।

योजना का क्रियान्वयन

  • इस योजना का क्रियान्वयन बिहार अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय द्वारा किया जाएगा।
  • योजना के तहत आवेदन आमंत्रित करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय समय-समय पर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करेगा।
  • आवेदन प्राप्त होने के बाद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्र और उसके साथ जमा किए गए सभी दस्तावेजों की जांच करेंगे।

परित्यक्ता/तलाकशुदा महिला होने का सत्यापन

  • इस योजना के तहत यह सत्यापित किया जाएगा कि आवेदिका वास्तव में परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला है या नहीं।
  • यह सत्यापन जिला पदाधिकारी (District Magistrate) द्वारा संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) या अंचल अधिकारी (CO) के माध्यम से एक माह के भीतर कराया जाएगा।
  • इसके अलावा, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी प्राप्त कुल आवेदनों में से कम से कम 10% आवेदनों का स्वयं सत्यापन करेंगे और सत्यापन संबंधी प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न करेंगे।

अन्य पात्रता संबंधी शर्तें

  • विधवा (Widow/Musammat) महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं।
  • इस योजना का लाभ लाभार्थी को पूरे जीवन में केवल एक बार ही दिया जाएगा।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार संख्या जमा करना अनिवार्य है।

अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

  • इस योजना के लिए उपलब्ध कुल राशि का अधिकतम 3% भाग प्रशासनिक कार्यों, जैसे योजना का प्रचार-प्रसार, जागरूकता अभियान, संविदा सेवाएं तथा विज्ञापन प्रकाशित करने पर खर्च किया जा सकता है।
  • पात्र मुस्लिम परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन भरकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करेंगी।
  • जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी प्राप्त सभी आवेदनों का विवरण निर्धारित प्रारूप में रखे जाने वाले रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
  • आवेदन पत्र के साथ आवेदिका को अपने बैंक पासबुक की प्रति, जिसमें IFSC Code स्पष्ट रूप से अंकित हो, संलग्न करनी होगी।
  • योजना के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में NEFT/RTGS के माध्यम से भेजी जाएगी।
  • जिन पात्र आवेदिकाओं के आवेदन सरकारी संकल्प जारी होने से पहले लंबित थे और जिन्हें अनुदान राशि नहीं मिल सकी थी, उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
  • लाभार्थियों के नाम और पते विभाग की वेबसाइट पर तथा एक उर्दू और एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित किए जाएंगे। साथ ही, लाभार्थियों को SMS के माध्यम से भी इसकी सूचना दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र को सही तरीके से भरकर, सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही, स्पष्ट और पूर्ण होनी चाहिए।

  • चरण 1: सबसे पहले जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
  • चरण 2: आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें। इसमें आवेदिका का नाम, मोबाइल नंबर, पूरा पता, जन्म तिथि, परित्यक्ता या तलाकशुदा होने का विवरण, बैंक खाते की जानकारी, आधार संख्या, वार्षिक आय तथा अन्य सभी आवश्यक जानकारी शामिल करें।
  • चरण 3: आवेदन पत्र में निर्धारित स्थान पर अपना हाल ही का स्वप्रमाणित (Self-Attested) पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो चिपकाएं।
  • चरण 4: आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। इनमें बैंक पासबुक की प्रति, आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रति, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र तथा परित्यक्ता/तलाकशुदा प्रमाण पत्र या अनुशंसा पत्र शामिल हैं।
  • यदि आवेदिका अपने पति की पूर्ण मानसिक दिव्यांगता के आधार पर पात्रता का दावा कर रही है, तो संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है।
  • चरण 5: आवेदन पत्र में दिए गए स्व-घोषणा (Self-Declaration) को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसे पूरा भरें। साथ ही, ऐसे दो स्थानीय गवाहों के नाम, पते और मोबाइल नंबर भी लिखें, जो आवेदिका के निकट संबंधी (करीबी रिश्तेदार) न हों।
  • चरण 6: आवेदन पत्र में भरी गई सभी जानकारी और संलग्न दस्तावेजों की एक बार अच्छी तरह जांच करें। इसके बाद पूरा आवेदन पत्र जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में जमा करें और भविष्य के लिए आवेदन रसीद सुरक्षित रखें।

महत्वपूर्ण सूचना

  • आवेदन केवल निर्धारित आवेदन पत्र में ही स्वीकार किया जाएगा।
  • परित्यक्ता/तलाकशुदा अनुशंसा प्रमाण पत्र का निर्धारित प्रारूप जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
  • यह निर्धारित प्रारूप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
  • परित्यक्ता/तलाकशुदा प्रमाण पत्र / अनुशंसा पत्र का निर्धारित प्रारूप भी उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार

  • पता: अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, ब्लॉक संख्या-4, प्रथम तल, पुराना सचिवालय, पटना, बिहार – 800015
  • वेबसाइट: http://www.minoritywelfare.bih.nic.in
  • टोल फ्री नंबर: 18003456123

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह बिहार सरकार की एक वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को ₹25,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
 

इस योजना का लाभ बिहार की पात्र अल्पसंख्यक मुस्लिम परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाओं को दिया जाता है, जो योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं।
 

पात्र लाभार्थी को ₹25,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
 

आवेदन के समय महिला की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
 

आवेदिका की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹4,00,000 से कम होनी चाहिए।
 

नहीं। योजना के अनुसार बेवा/मुसम्मात महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
 

आवेदन निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में ऑफलाइन जमा करना होता है।
 

स्वीकृत सहायता राशि NEFT/RTGS के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
 

नहीं। इस योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला को जीवनकाल में केवल एक बार दिया जाता है।
 

अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है या विभाग के टोल फ्री नंबर 18003456123 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
 

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