बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Wed, 22/07/2026 - 16:49
बिहार CM
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 बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना
हाइलाइट
  • नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करें।
  • परियोजना लागत का 50% अनुदान (सब्सिडी) तथा शेष 50% ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है।
  • योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार की संपार्श्विक (Collateral) या मार्जिन मनी की आवश्यकता नहीं है।
  • ऋण की अदायगी 1 वर्ष की मोहलत के बाद शुरू होती है और इसे 84 समान मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • मुख्यमंत्री उद्यमी योजना हेल्पलाइन नंबर: 06122233333
योजना का सारांश
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना
लाभनए उद्योग या व्यवसाय की स्थापना के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता।
लाभार्थीबिहार के अल्पसंख्यक समुदाय के युवा एवं महिलाएँ।
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यममुख्यमंत्री उद्यमी योजना पोर्टल से

योजना के बारे में

उद्योग विभाग, बिहार सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को नए उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा स्वरोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना शुरू की है। यह योजना विशेष रूप से उस बड़ी समस्या का समाधान करती है जिसका सामना अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को व्यवसाय शुरू करते समय करना पड़ता है, जैसे कि बैंक ऋण के लिए संपार्श्विक (Collateral Security) और मार्जिन मनी की व्यवस्था करना।

इस समस्या को दूर करने के लिए पात्र लाभार्थियों को प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 50% राशि (अधिकतम ₹5 लाख) ब्याज मुक्त ऋण के रूप में तथा 50% राशि (अधिकतम ₹5 लाख) अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दी जाती है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक इकाई के लिए ₹25,000 की राशि प्रशिक्षण एवं परियोजना की निगरानी पर अलग से सरकार द्वारा खर्च की जाती है।

ऋण की राशि का भुगतान अंतिम किस्त प्राप्त होने के बाद एक वर्ष की मोहलत (Moratorium Period) समाप्त होने पर 84 समान मासिक किस्तों में करना होता है।

आवेदक आवेदन के समय तीन श्रेणियों में शामिल 58 सूचीबद्ध परियोजनाओं में से किसी एक परियोजना का चयन कर सकते हैं। इन परियोजनाओं में विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र के अनेक प्रकार के व्यवसाय शामिल हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह योजना केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की इकाइयों पर लागू होती है। व्यापार अथवा केवल व्यावसायिक गतिविधियाँ इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष इस योजना का वार्षिक लक्ष्य और बजट संशोधित किया जाता है। इसलिए आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले वर्तमान वर्ष की आवेदन अवधि और लक्ष्य की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य देख लें।

यदि आप अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं और रोजगार या स्वरोजगार के लिए अन्य सरकारी योजनाओं की तलाश कर रहे हैं, तो बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ये योजनाएँ पात्र आवेदकों को व्यवसाय स्थापित करने, स्वरोजगार शुरू करने तथा वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती हैं। अपनी पात्रता के अनुसार इन योजनाओं की जानकारी लेने से आप बिहार सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही अतिरिक्त वित्तीय सहायता एवं उद्यमिता संबंधी लाभों का भी लाभ उठा सकते हैं।

 मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना.

योजना के लाभ

  • प्रत्येक इकाई के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। (सटीक राशि चयनित परियोजना पर निर्भर करेगी।)
  • परियोजना लागत का 50% भाग अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹5 लाख है।
  • परियोजना लागत का शेष 50% भाग ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹5 लाख है।
  • ऋण की राशि 84 समान मासिक किस्तों में चुकानी होती है।
  • ऋण की किस्तें शुरू होने से पहले अंतिम किस्त प्राप्त होने के बाद 1 वर्ष की मोहलत (Moratorium Period) दी जाती है।
  • प्रशिक्षण और धनराशि के उपयोग के आधार पर वित्तीय सहायता कई किस्तों में जारी की जाती है।
  • प्रत्येक इकाई के लिए ₹25,000 की अतिरिक्त राशि पीएमए (PMA) समिति के माध्यम से प्रशिक्षण एवं परियोजना की निगरानी पर खर्च की जाती है।
  • ऋण का भुगतान उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है।
  • इस योजना के लाभार्थियों को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत उपलब्ध लाभ भी प्रदान किए जाते हैं।

सूचीबद्ध परियोजनाएँ

वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत तीन श्रेणियों में कुल 58 परियोजनाएँ सूचीबद्ध हैं। इन परियोजनाओं का चयन ग्रामीण क्षेत्रों की उपयुक्तता, विपणन की संभावनाओं तथा उत्पादों की मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके लिए बिहार के सभी जिला उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकों से प्राप्त सुझावों को भी शामिल किया गया है।

आवेदन के समय आवेदक जिस परियोजना का चयन करता है, उसे बाद में बदला नहीं जा सकता। इसलिए आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे परियोजना का चयन सोच-समझकर करें।

श्रेणी A परियोजनाएँ (उच्च प्राथमिकता वाली परियोजनाएँ)
श्रेणी B परियोजनाएँ (मध्यम प्राथमिकता वाली परियोजनाएँ)
श्रेणी C परियोजनाएँ (विशेष परियोजनाएँ)
ऑयल मिल
पोहा / चूड़ा उत्पादन
शहद प्रसंस्करण
बेकरी उत्पाद निर्माण
मखाना प्रसंस्करण
बेकरी उत्पाद निर्माण
मसाला उत्पादन
दाल मिल
कूलर / पंखा / हीटर असेंबलिंग
आटा / बेसन उत्पादन (पल्वराइज़र मशीन सहित)
सत्तू उत्पादन
एलईडी बल्ब निर्माण
होटल / रेस्टोरेंट / ढाबा
रोलिंग शटर निर्माण
इलेक्ट्रिक स्विच / सॉकेट निर्माण
नोटबुक / कॉपी / फाइल निर्माण (ए-स्क्वायर मशीन के बिना)
ड्राई क्लीनिंग
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) असेंबलिंग यूनिट*

मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर*

सैनिटरी नैपकिन / डिस्पोजेबल डायपर निर्माण
स्पोर्ट्स शूज़ निर्माण
साइबर कैफे / आईटी बिजनेस सेंटर
डिटर्जेंट पाउडर निर्माण
केला फाइबर निर्माण*
ऑटो गैरेज / बाइक वर्कशॉप
प्लास्टिक उत्पाद निर्माण

सोया उत्पाद निर्माण

फ्लेक्स प्रिंटिंग
पेपर बैग निर्माण
जूट आधारित उत्पाद निर्माण
जैम / जेली / सॉस / फलों का जूस निर्माण
पेपर प्लेट निर्माण
मिनी राइस मिल
कॉर्न फ्लेक्स / कॉर्न पफ उत्पादन
चमड़ा / रेक्सीन उत्पाद निर्माण
एग्रीकल्चर ड्रोन ऐज़ अ सर्विस
आइसक्रीम / डेयरी उत्पाद
रेडीमेड वस्त्र निर्माण
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मधुमक्खी पालन एवं हनी बॉक्स निर्माण
कॉर्न फ्लेक्स उत्पादन
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स्टील फर्नीचर निर्माण
मधुमक्खी पालन (सीएनसी राउटर सहित)
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ऑयल मिल / मसाला उत्पादन
कील / कांटी निर्माण
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पोल्ट्री फीड / पशु चारा उत्पादन
हल्के वाणिज्यिक वाहन (Light Commercial Vehicle) की बॉडी निर्माण
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फ्लाई ऐश ईंट / आरसीसी स्पन ह्यूम पाइप निर्माण
पशु चारा उत्पादन
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बांस उत्पाद / बेंत फर्नीचर निर्माण
पोल्ट्री फीड उत्पादन
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सीमेंट जाली / दरवाजा / खिड़की / पेवर एवं टाइल्स निर्माण
फ्लाई ऐश ईंट निर्माण
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आटा / बेसन / सत्तू / मसाला उत्पादन
पेवर ब्लॉक एवं टाइल्स निर्माण
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कृषि उपकरण / गेट-ग्रिल / वेल्डिंग / अस्पताल बेड / रोलिंग शटर निर्माण
स्पोर्ट्स शूज़ / पीवीसी फुटवियर निर्माण
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स्पोर्ट्स शूज़ निर्माण
नोटबुक / कॉपी / फाइल निर्माण (ए-स्क्वायर मशीन सहित)
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नोट: मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर, केला फाइबर निर्माण या इलेक्ट्रिक वाहन (EV) असेंबलिंग यूनिट परियोजना का चयन करने वाले आवेदकों को आवेदन के समय उद्यमी पोर्टल पर संबंधित प्रशिक्षण या कार्य अनुभव का प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। यह शर्त केवल इन तीन परियोजनाओं पर लागू होती हैp

पात्रता मानदंड

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होना चाहिए।
  • आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 / इंटरमीडिएट / आईटीआई / पॉलिटेक्निक / डिप्लोमा अथवा इसके समकक्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • उद्योग / इकाई की स्थापना आवेदक के गृह जिले में ही की जानी चाहिए।
  • जाति / अल्पसंख्यक समुदाय का प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
  • आवेदक एकल स्वामित्व फर्म (Proprietorship Firm), साझेदारी फर्म (Partnership Firm), एलएलपी (LLP) या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Pvt. Ltd. Company) स्थापित कर सकता है।
  • अल्पसंख्यक समुदाय की महिला आवेदक भी इस योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकती हैं, लेकिन वे एक ही समय में सरकार की दो योजनाओं का लाभ नहीं ले सकतीं।
  • उद्योग विभाग की किसी अन्य सरकारी उद्यमिता योजना के अंतर्गत पहले से चयनित आवेदक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

अपात्रता की शर्तें

निम्नलिखित व्यक्ति इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के पात्र नहीं हैं—

  • ऐसे संविदा कर्मचारी या सरकारी कर्मचारी, जिनका मासिक वेतन ₹15,000 से अधिक है।
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें पहले से पीएमईजीपी (PMEGP), मुद्रा ऋण (Mudra Loan), SIPB, स्टार्टअप योजना या उद्योग विभाग से संबंधित औद्योगिक नवाचार योजनाओं का लाभ मिल चुका है।
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें सक्षम न्यायालय द्वारा दिवालिया (Insolvent) या मानसिक रूप से अस्वस्थ (Mentally Unsound) घोषित किया गया हो।
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें सक्षम न्यायालय द्वारा 6 माह या उससे अधिक की सजा सुनाई गई हो।
  • सांसद (MP), विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC), मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, सरपंच, शहरी निकायों के वार्ड सदस्य, नगर परिषद / नगर निगम के सदस्य तथा जिला परिषद के अध्यक्ष एवं सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलर इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।
  • ऐसे आवेदक जो अपने गृह जिले के बाहर उद्योग / इकाई स्थापित करना चाहते हैं।
  • ऐसे आवेदक जो व्यापार (Trading) या केवल व्यावसायिक (Commercial) व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, क्योंकि यह योजना केवल विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र की इकाइयों के लिए लागू है।

लाभार्थियों का चयन कैसे किया जाता है?

  • इस योजना के लिए आवेदन उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं।
  • सबसे पहले, संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित जिला-वार वार्षिक लक्ष्य के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन (Computerised Randomisation) के माध्यम से प्रारंभिक चयन किया जाता है।
  • प्रारंभिक रूप से चयनित आवेदनों की मुख्यालय स्तर पर जांच (Scrutiny) की जाती है।
  • दस्तावेजों का सफलतापूर्वक सत्यापन होने के बाद ही पात्र आवेदकों का अंतिम चयन किया जाता है।
  • चयन समिति में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा नामित एक प्रतिनिधि भी शामिल होता है।
  • यह समिति योजना के क्रियान्वयन, निगरानी तथा आवश्यकता पड़ने पर योजना के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक संशोधन करने के लिए अधिकृत होती है।
  • अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष अल्पसंख्यक लाभार्थियों के लिए वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। इसलिए आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले वर्तमान वर्ष के लक्ष्य एवं आवेदन अवधि की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य देख लें।

धनराशि जारी करने की प्रक्रिया

योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता तीन किस्तों में जारी की जाती है। प्रत्येक किस्त प्रशिक्षण पूरा करने तथा उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilisation Certificate) जमा करने के बाद जारी की जाती है।

पहली किस्त – प्रथम प्रशिक्षण के बाद

  • अंतिम रूप से चयनित लाभार्थियों को 6 दिनों का अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए दो अवसर दिए जाते हैं। यदि लाभार्थी दोनों अवसरों पर अनुपस्थित रहता है, तो उसका चयन रद्द कर दिया जाएगा।
  • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पहली किस्त की राशि आरटीजीएस (RTGS) / एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से लाभार्थी की इकाई के चालू बैंक खाते (Current Account) में भेज दी जाती है।
  • पहली किस्त की राशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा सकता है—
    • साइट तैयार करने (Site Preparation) के लिए अधिकतम ₹1.50 लाख तक।
    • बिजली कनेक्शन तथा सुरक्षा किट (Safety Kit) के लिए ₹25,000।
    • अन्य आवश्यक खर्चों के लिए ₹25,000।
    • यदि परिसर किराये पर लिया गया है, तो 6 माह का अग्रिम किराया अथवा अधिकतम ₹50,000, जो भी कम हो।

नोट: यदि परिसर माता-पिता या दादा-दादी जैसे निकट संबंधियों से किराये पर लिया गया है, तो अग्रिम किराये की राशि नहीं दी जाएगी।

दूसरी किस्त – पहली उपयोगिता प्रमाण-पत्र की स्वीकृति के बाद

  • पहली किस्त प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर उसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilisation Certificate) उद्यमी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। इसके साथ निम्नलिखित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे—
    • जीएसटी चालान (GST Invoice) एवं खरीद रसीदें।
    • मशीनरी की फोटो।
    • कार्यस्थल की GPS लोकेशन सहित फोटो।
  • अपलोड किए गए उपयोगिता प्रमाण-पत्र का सत्यापन क्षेत्रीय पदाधिकारी (Regional Officer) द्वारा किया जाता है और उनकी अनुशंसा के साथ इसे महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र (DIC) को भेजा जाता है।
  • महाप्रबंधक द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद दूसरी किस्त की राशि आरटीजीएस (RTGS) / एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से लाभार्थी की इकाई के चालू खाते में भेज दी जाती है।
  • दूसरी किस्त जारी होने से पहले लाभार्थी को एक और 6 दिनों का प्रशिक्षण लेना होता है।
  • इस प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए भी दो अवसर दिए जाते हैं। यदि दोनों अवसरों पर लाभार्थी अनुपस्थित रहता है, तो अगली किस्त रोक दी जाएगी।

महत्वपूर्ण: यदि लाभार्थी पहली किस्त की 90% राशि निर्धारित 90 दिनों की अवधि पूरी होने से पहले ही खर्च कर देता है, तो क्षेत्रीय पदाधिकारी / महाप्रबंधक अपनी अनुशंसा के आधार पर दूसरी किस्त समय से पहले जारी करने की सिफारिश कर सकते हैं।

तीसरी किस्त – दूसरी उपयोगिता प्रमाण-पत्र की स्वीकृति के बाद

  • दूसरी किस्त प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर उसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
  • उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड करने के लिए दो अवसर दिए जाते हैं।
  • अपलोड किए गए प्रमाण-पत्र का सत्यापन क्षेत्रीय पदाधिकारी द्वारा किया जाता है तथा उनकी अनुशंसा के साथ इसे महाप्रबंधक को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है।
  • महाप्रबंधक द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद तीसरी और अंतिम किस्त की राशि आरटीजीएस (RTGS) / एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से जारी कर दी जाती है।

महत्वपूर्ण: यदि लाभार्थी दूसरी किस्त की 90% राशि निर्धारित समय से पहले खर्च कर देता है, तो अगली किस्त भी समय से पहले जारी करने की अनुशंसा की जा सकती है।

अतिरिक्त सुविधा

  • लाभार्थी मॉडल डीपीआर (Model DPR) में निर्धारित मशीनरी की तुलना में बेहतर या उन्नत मशीन खरीदने के लिए कुल मशीनरी लागत का 25% तक अपनी ओर से अतिरिक्त राशि खर्च कर सकते हैं।
  • लाभार्थी अपनी ओर से अतिरिक्त धनराशि लगाकर मॉडल डीपीआर में निर्धारित क्षमता से अधिक क्षमता वाली मशीनरी भी खरीद सकते हैं।

भुगतान संबंधी नियम

योजना के अंतर्गत होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन निम्नलिखित नियमों के अनुसार करना अनिवार्य है—

  • ₹10,000 से अधिक के सभी भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे। इसके लिए आरटीजीएस (RTGS), एनईएफटी (NEFT), चेक, डिमांड ड्राफ्ट (DD), यूपीआई (UPI) या नेट बैंकिंग का उपयोग किया जा सकता है।
  • ₹10,000 से अधिक का नकद भुगतान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • मशीनरी की खरीद का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से सीधे आपूर्तिकर्ता (Supplier) के बैंक खाते में किया जाना चाहिए।
  • मशीनरी की खरीद के प्रमाण के रूप में केवल जीएसटी चालान (GST Invoice) ही मान्य होगा।
  • उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilisation Certificate) के साथ जीएसटी बिल, मशीनरी की फोटो तथा कार्यस्थल की जीपीएस (GPS) टैग वाली फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।

ऋण की अदायगी एवं वसूली

  • ऋण की अदायगी तीसरी (अंतिम) किस्त प्राप्त होने के एक वर्ष बाद शुरू होती है।
  • परियोजना लागत के 50% भाग के रूप में दिए गए ऋण का भुगतान 84 समान मासिक किस्तों में करना होता है।
  • ऋण की अदायगी उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से की जाती है।
  • यदि कोई लाभार्थी ऋण का समय पर भुगतान नहीं करता है, तो उसे डिफॉल्टर माना जाएगा तथा उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • यदि कोई लाभार्थी योजना के अंतर्गत प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग करता है या निर्धारित समय के भीतर उद्योग/इकाई की स्थापना नहीं करता है, तो उससे
  • पीडीआर अधिनियम (PDR Act - Public Demands Recovery Act) के अंतर्गत एकमुश्त राशि की वसूली की जाएगी।
  • ऋण की अदायगी न करने या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर राशि की वसूली सरकारी भू-राजस्व (Land Revenue) की तरह की जाएगी।

वित्तीय सहायता का स्वरूप

सहायता का प्रकार
राशि
अधिकतम परियोजना लागत
₹10 लाख
अनुदान (सब्सिडी)
परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख)
ऋण राशि
परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख)
ऋण चुकाने की अवधि
84 मासिक किस्तें

मोहलत अवधि (Moratorium Period)

अंतिम किस्त प्राप्त होने के 1 वर्ष बाद ऋण की अदायगी शुरू होगी
प्रशिक्षण एवं निगरानी सहायता
प्रति इकाई ₹25,000

आवश्यक दस्तावेज

  • मैट्रिक (10वीं) का प्रमाण-पत्र (जिसमें जन्मतिथि अंकित हो)
  • इंटरमीडिएट अथवा समकक्ष शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण-पत्र
  • जाति / अल्पसंख्यक समुदाय का प्रमाण-पत्र
  • स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
  • दिव्यांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)
  • आवेदक का नवीनतम फोटो
  • आवेदक के हस्ताक्षर
  • बैंक खाते का विवरण (चालू खाता खोलने के लिए)
  • मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर, केला फाइबर निर्माण तथा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) असेंबलिंग यूनिट के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित प्रशिक्षण या कार्य अनुभव का प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है। (यह दस्तावेज केवल इन तीन परियोजनाओं के लिए आवश्यक है।)

आवेदन प्रक्रिया

इस योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जाती है। नीचे आवेदन करने की सरल चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है—

  • चरण 1 - आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ
    • मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। यही इस योजना का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल है। आवेदन करने से लेकर ऋण की अदायगी तक की पूरी प्रक्रिया इसी पोर्टल के माध्यम से होती है।
    • पोर्टल के न्यू अपडेट (New Update) सेक्शन में आपको बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना 2026 का रजिस्ट्रेशन लिंक दिखाई देगा। उस लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने पंजीकरण (Registration) पेज खुल जाएगा।
  • चरण 2 - पंजीकरण करें और आवेदन पत्र भरें
    • अपनी मूल जानकारी (Basic Details) और मोबाइल नंबर की सहायता से पंजीकरण करें।
    • इसके बाद आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक जानकारी तथा परियोजना (Project) से संबंधित जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
    • इस चरण में सबसे महत्वपूर्ण कार्य परियोजना का चयन करना है। एक बार आवेदन जमा करने के बाद परियोजना बदली नहीं जा सकती, इसलिए सोच-समझकर सही परियोजना का चयन करें।
  • चरण 3 - दस्तावेज़ अपलोड करें और आवेदन जमा करें
    • सभी आवश्यक दस्तावेज स्पष्ट एवं सही तरीके से अपलोड करें।
    • यदि आप मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर, केला फाइबर निर्माण या इलेक्ट्रिक वाहन (EV) असेंबलिंग यूनिट परियोजना के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो संबंधित प्रशिक्षण या कार्य अनुभव का प्रमाण-पत्र भी अपलोड करें। इन तीन परियोजनाओं के लिए यह दस्तावेज़ अनिवार्य है।
    • अंतिम रूप से आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी एक बार ध्यानपूर्वक जांच लें।
  • चरण 4 - चयन प्रक्रिया
    • सभी आवेदनों का चयन जिला-वार निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन (Computerised Randomisation) के माध्यम से किया जाता है।
    • इसके बाद चयनित आवेदनों की मुख्यालय स्तर पर जांच (Scrutiny) की जाती है और केवल उन्हीं आवेदकों का अंतिम चयन किया जाता है जिनके दस्तावेज पूर्ण एवं सही पाए जाते हैं।
  • चरण 5 - प्रथम प्रशिक्षण और पहली किस्त प्राप्त करें
    • अंतिम रूप से चयनित आवेदकों को 6 दिनों का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होता है।
    • प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए दो अवसर दिए जाते हैं। यदि दोनों अवसरों पर अनुपस्थित रहते हैं, तो आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
    • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पहली किस्त की राशि आपकी इकाई के चालू बैंक खाते (Current Account) में भेज दी जाती है। इस राशि का उपयोग साइट तैयार करने, बिजली कनेक्शन तथा प्रारंभिक स्थापना से जुड़े खर्चों के लिए किया जाता है।
  • चरण 6 - पहली उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड करें
    • पहली किस्त प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilisation Certificate) अपलोड करें।
    • इसके साथ जीएसटी चालान (GST Invoice), मशीनरी की फोटो तथा जीपीएस टैग (GPS Tagged) वाली कार्यस्थल की फोटो भी अपलोड करनी होगी।
    • उपयोगिता प्रमाण-पत्र स्वीकृत होने के बाद आपको दूसरे प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाएगा और उसके बाद दूसरी किस्त जारी की जाएगी।
  • चरण 7 - दूसरा प्रशिक्षण और दूसरी किस्त प्राप्त करें
    • दूसरे 6 दिनों के प्रशिक्षण में भाग लें।
    • प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मशीनरी खरीदने के लिए दूसरी किस्त जारी की जाएगी।
    • इस प्रशिक्षण के लिए भी दो अवसर दिए जाते हैं। यदि दोनों अवसरों पर अनुपस्थित रहते हैं, तो अगली किस्त रोक दी जाएगी।
  • चरण 8 - दूसरी उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड करें और तीसरी किस्त प्राप्त करें
    • दूसरी किस्त प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर दूसरी उपयोगिता प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करें।
    • प्रमाण-पत्र स्वीकृत होने के बाद तीसरी और अंतिम किस्त आपके बैंक खाते में भेज दी जाएगी। इस राशि का उपयोग शेष मशीनरी खरीदने तथा परियोजना को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
  • चरण 9 - ऋण की अदायगी करें
    • अंतिम किस्त प्राप्त होने के बाद आपको पूरे एक वर्ष की मोहलत दी जाती है, जिससे आप अपने व्यवसाय को स्थिर कर सकें।
    • इसके बाद आपको 84 समान मासिक किस्तों में ऋण की राशि उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से जमा करनी होगी।
    • किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान करें।

महत्वपूर्ण: यदि आपने किसी भी किस्त की 90% राशि निर्धारित 90 दिनों की अवधि पूरी होने से पहले खर्च कर दी है, तो आप क्षेत्रीय पदाधिकारी (Regional Officer) के माध्यम से अगली किस्त समय से पहले जारी करने का अनुरोध कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण बातें

  • इस योजना का लाभ केवल नए उद्योग/इकाइयों के लिए उपलब्ध है। पहले से संचालित इकाइयाँ इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।
  • उद्योग/इकाई की स्थापना आवेदक के गृह जिले में ही की जानी चाहिए।
  • यह योजना केवल विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र की इकाइयों के लिए लागू है। व्यापार (Trading) इस योजना के अंतर्गत पात्र नहीं है।
  • आवेदन के समय चुनी गई परियोजना बाद में बदली नहीं जा सकती।
  • ₹10,000 से अधिक के सभी भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे। नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • प्रत्येक किस्त प्राप्त होने के बाद 90 दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।
  • किसी भी चरण में प्रशिक्षण के दोनों अवसर छोड़ने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है या अगली किस्त रोक दी जाएगी।
  • इस योजना का वार्षिक लक्ष्य प्रत्येक वर्ष संशोधित किया जाता है। इसलिए आवेदन करने से पहले वर्तमान वर्ष की आवेदन अवधि और लक्ष्य की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य देखें।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का आधिकारिक पोर्टल: https://udyami.bihar.gov.in

  • पता: उद्योग विभाग, बिहार सरकार, पटना, बिहार
  • हेल्पलाइन नंबर: 06122233333

आवेदन प्रक्रिया एवं योजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक अपने जिला उद्योग केन्द्र (District Industries Centre - DIC) अथवा उद्योग विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक योजना है, जिसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र युवाओं और महिलाओं को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
 

इस योजना के तहत प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें 50% राशि (अधिकतम ₹5 लाख) अनुदान (सब्सिडी) तथा शेष 50% राशि (अधिकतम ₹5 लाख) ब्याज मुक्त ऋण के रूप में प्रदान की जाती है।
 

नहीं। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की संपार्श्विक (Collateral Security) या मार्जिन मनी जमा करने की आवश्यकता नहीं होती।
 

बिहार के स्थायी निवासी, अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित 18 से 50 वर्ष आयु के ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने कम से कम 10+2, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता प्राप्त की हो, इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
 

इस योजना के अंतर्गत केवल विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र की सूचीबद्ध परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। व्यापार (Trading) से संबंधित व्यवसाय इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
 

अंतिम किस्त प्राप्त होने के बाद लाभार्थी को 1 वर्ष की मोहलत (Moratorium Period) दी जाती है। इसके बाद ऋण की राशि 84 समान मासिक किस्तों में चुकानी होती है।
 

आवेदन मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदन के दौरान पंजीकरण, परियोजना का चयन, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करना तथा आवेदन जमा करना होता है।
 

योजना से संबंधित जानकारी या सहायता के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना हेल्पलाइन नंबर 06122233333 पर संपर्क किया जा सकता है।
 

हाँ। अंतिम रूप से चयनित लाभार्थियों के लिए 6 दिनों का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। पहली और दूसरी किस्त जारी होने से पहले प्रशिक्षण पूरा करना आवश्यक होता है। यदि लाभार्थी दोनों अवसरों पर प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं होता है, तो आवेदन रद्द किया जा सकता है या अगली किस्त रोक दी जा सकती है।
 

नहीं। आवेदन के समय जिस परियोजना का चयन किया जाता है, उसे आवेदन जमा होने के बाद बदला नहीं जा सकता। इसलिए आवेदकों को आवेदन करते समय परियोजना का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
 

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
  • दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।

हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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Hussain Md
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महोदय,

मैं मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के अंतर्गत RO आधारित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (पेयजल) निर्माण एवं सप्लाई का उद्योग स्थापित करना चाहता हूँ। इसके लिए RO वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, फिल्ट्रेशन एवं पैकेजिंग मशीनरी लगाई जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन में इस उद्योग के लिए उचित परियोजना विकल्प उपलब्ध नहीं हो रहा है। अतः कृपया इस परियोजना के लिए उपयुक्त विकल्प/परियोजना श्रेणी उपलब्ध कराने की कृपा करें, ताकि मैं योजना के अंतर्गत अपना आवेदन सही रूप से कर सकूँ।

धन्यवाद।

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