- ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता नई इकाई स्थापित करने के लिए दी जाती है।
- परियोजना लागत का 50% तक, अधिकतम ₹5 लाख, सब्सिडी के रूप में मिलता है।
- बिहार के 18 से 50 वर्ष आयु वाले स्थायी निवासी आवेदन कर सकते हैं।
- योजना के तहत चयन कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन के जरिए जिला-वार लक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 1800-345-6214
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
योजना का अवलोकन | |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना |
| लाभ | ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता |
| लाभार्थी | 18–50 वर्ष के बिहार के इच्छुक उद्यमी |
| नोडल विभाग | उद्योग विभाग, बिहार सरकार |
| सब्सक्रिप्शन | योजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे। |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
योजना के बारे में
उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं में स्वरोजगार विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) संचालित की जाती है। इस योजना के तहत सरकार नई इकाई स्थापित करने के लिए प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता स्वीकृत करती है। यह सहायता दो भागों में दी जाती है- परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख तक, सब्सिडी के रूप में दिया जाता है, जिसे लाभार्थी को वापस नहीं करना होता। शेष 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख तक, ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है। केवल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के घटक में ऋण राशि पर 1 प्रतिशत ब्याज लिया जाता है। योजना में आवेदन आधिकारिक उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाते हैं।
यह योजना अलग-अलग श्रेणियों के लिए विभिन्न घटकों के माध्यम से संचालित होती है। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना SC और ST वर्ग के पुरुषों एवं महिलाओं के लिए है। मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना अत्यंत पिछड़ा वर्ग (BC-01) के पुरुषों एवं महिलाओं के लिए है। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना सभी वर्गों की महिलाओं के लिए है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदकों के लिए है। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना अल्पसंख्यक वर्ग के पुरुषों एवं महिलाओं के लिए है। चयन जिला-वार निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर किया जाता है, इसलिए आवेदक अपनी श्रेणी और जिले के भीतर प्रतिस्पर्धा करता है।
बिहार के स्थायी निवासी, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है और जिन्होंने कम से कम 10+2, ITI या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा उत्तीर्ण किया है, आवेदन कर सकते हैं। इकाई आवेदक के अपने जिले में स्थापित करनी होगी और परियोजना का चयन विभाग की स्वीकृत सूची में से किया जाना चाहिए। योजना के तहत केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं, व्यापारिक गतिविधियां नहीं। चयन जिला-वार लक्ष्यों के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन द्वारा किया जाता है, इसलिए इसमें अंक या साक्षात्कार की भूमिका नहीं होती। चयनित लाभार्थियों को दो चरणों में छह-छह दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। सहायता राशि इकाई के चालू खाते में RTGS/NEFT के माध्यम से तीन किस्तों में भेजी जाती है। ऋण राशि की वापसी 84 किस्तों में करनी होती है, जिसकी शुरुआत अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने बाद होती है।
बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। आवेदक उद्यमी पोर्टल पर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करता है, फॉर्म को अलग-अलग चरणों में भरता है, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करता है और स्व-प्रमाणन के साथ आवेदन जमा करता है। आवेदकों को पहले से अपनी मैट्रिक, इंटरमीडिएट, जाति और स्थायी निवास प्रमाण-पत्र तैयार रखने चाहिए, क्योंकि विभाग आवेदन के लिए एक निश्चित अवधि निर्धारित करता है और प्रत्येक दस्तावेज की स्पष्ट एवं पढ़ने योग्य प्रति मांगता है।
योजना के लाभ
बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को निम्नलिखित लाभ दिए जाते हैं:
- नई इकाई स्थापित करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता।
- परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख तक की सब्सिडी, जिसे वापस नहीं करना होता है।
- शेष 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण राशि पर केवल 1 प्रतिशत ब्याज लिया जाता है।
- राशि का भुगतान तीन किस्तों में RTGS/NEFT के माध्यम से सीधे इकाई के नाम से खोले गए चालू खाते में किया जाता है।
- पहले चरण में छह दिन और दूसरे चरण में छह दिन का उद्यमिता प्रशिक्षण दिया जाता है।
- 84 किस्तों में लंबी ऋण वापसी अवधि, जो अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने बाद शुरू होती है।
पात्रताएं
योजना में आवेदन करने से पहले सभी शर्तों को ध्यान से जांच लें। बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए विभाग ने निम्नलिखित पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 या इंटरमीडिएट, ITI, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष होनी चाहिए।
- आवेदन हेतु आवेदक उस घटक की संबंधित श्रेणी से होना चाहिए जिसके लिए वह आवेदन कर रहा है- SC/ST, EBC (BC-01), किसी भी वर्ग की महिला, युवा घटक के तहत सामान्य या BC-02 पुरुष, अथवा अल्पसंख्यक वर्ग।
- इकाई आवेदक के स्थायी निवास वाले जिले में स्थापित की जानी चाहिए।
- चालू खाता इकाई के नाम से खोला जाना आवश्यक है, क्योंकि किस्तों की राशि इसी खाते में भेजी जाती है।
- परियोजना विभाग की स्वीकृत सूची में शामिल होनी चाहिए और विनिर्माण या सेवा क्षेत्र से संबंधित होनी चाहिए।
कौन पात्र नहीं है
विभाग ने अपात्रता के लिए भी स्पष्ट शर्तें निर्धारित की हैं। निम्नलिखित में से किसी श्रेणी में आने वाला आवेदक योजना का लाभ नहीं ले सकता:
- संविदा या सरकारी कर्मचारी, जिनका कुल मासिक वेतन ₹15,000 से अधिक है।
- वे आवेदक जिन्होंने पहले से उद्योग विभाग की किसी योजना, जैसे PMEGP, मुद्रा लोन, SIPB या स्टार्टअप के तहत लाभ लिया है।
- सक्षम न्यायालय द्वारा दिवालिया या मानसिक रूप से अक्षम घोषित व्यक्ति।
- ऐसे व्यक्ति जिन्हें छह महीने या उससे अधिक की सजा हुई हो।
- निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जिनमें सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच तथा शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य शामिल हैं।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलर।
- वे आवेदक जो चयनित जिले के अलावा किसी अन्य जिले में इकाई स्थापित करना चाहते हैं।
- ट्रेडिंग परियोजनाएं, क्योंकि योजना केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जाते हैं। इसलिए आवेदन शुरू करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन की हुई प्रतियां तैयार रखें:
- जन्म तिथि दर्शाने वाला मैट्रिक प्रमाण-पत्र।
- इंटरमीडिएट या समकक्ष उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र।
- जाति प्रमाण-पत्र।
- स्थायी निवास प्रमाण-पत्र।
- दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो।
- आवेदक का फोटो।
- आवेदक के हस्ताक्षर।
- विभाग के यूजर मैनुअल में बताए अनुसार बैंक खाते का कैंसिल चेक।
आवेदन करने के चरण
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जाते हैं। प्रक्रिया दो हिस्सों में होती है-आवेदन विंडो खुलने के दौरान फॉर्म भरना और चयन सूची जारी होने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करना।
उद्यमी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
विभाग के यूजर मैनुअल के अनुसार, नई आवेदन सूचना पोर्टल पर जारी होने के बाद निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
- सबसे पहले udyamiuser.bihar.gov.in खोलें और नई आवेदन सूचना जारी होने के बाद लॉगिन/पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। मध्य नाम दर्ज करना वैकल्पिक है, जबकि ईमेल आईडी अनिवार्य है। केवल आधार कार्ड से पंजीकृत मोबाइल नंबर स्वीकार किया जाता है।
- अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदक का प्रकार चुनें।
- मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से सत्यापन करें।
- अपना लॉगिन पासवर्ड ईमेल से प्राप्त करें। पोर्टल स्वयं पासवर्ड बनाकर आपके दर्ज किए गए ईमेल आईडी पर भेजता है, इसलिए आपको पासवर्ड स्वयं बनाने की आवश्यकता नहीं होती।
- पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड से udyamiuser.bihar.gov.in पर लॉगिन करें।
- आवेदन फॉर्म को अलग-अलग अनुभागों में पूरा करे व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, पारिवारिक जानकारी, संगठन संबंधी विवरण, परियोजना विवरण, वित्तीय विवरण, बैंक विवरण और दस्तावेज अपलोड।
- दस्तावेजों को केवल JPG, JPEG, PNG या PDF प्रारूप में अपलोड करें।
- प्रत्येक अनुभाग में भरी गई जानकारी की जांच करें, स्व-प्रमाणन दें और आवेदन जमा करें।
आवेदन जमा करने के बाद
फॉर्म जमा करना केवल पहला चरण है। इसके बाद विभाग चयन, जांच, सत्यापन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी करता है, जिसके बाद सहायता राशि जारी की जाती है।
- आवेदकों का प्रारंभिक चयन जिला-वार लक्ष्यों के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन द्वारा किया जाता है।
- प्रारंभिक रूप से चयनित आवेदनों की जांच की जाती है।
- ड्राफ्ट सूची में शामिल आवेदकों को पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। समय पर दस्तावेज अपलोड नहीं करने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाती है।
- संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाता है।
- अंतिम चयनित सूची पोर्टल पर प्रकाशित की जाती है और लाभार्थियों को पहले चरण के छह दिवसीय प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाता है।
- किस्तें क्रमशः जारी की जाती हैं। अगली किस्त जारी करने से पहले पिछली किस्त के उपयोगिता प्रमाण-पत्र को स्वीकार किया जाना आवश्यक है।
सहायता राशि और भुगतान अनुसूची
स्वीकृत राशि एक बार में नहीं मिलती। विभाग राशि को चरणबद्ध तरीके से जारी करता है और अगली किस्त देने से पहले पिछली किस्त के उपयोग की जांच करता है।
- स्वीकृत राशि तीन किस्तों में जारी की जाती है।
- प्रत्येक किस्त RTGS/NEFT के माध्यम से इकाई के चालू खाते में भेजी जाती है।
- पहले प्राप्त राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र अपलोड और स्वीकार होने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाती है।
- जारी राशि में ₹10,000 से अधिक का प्रत्येक भुगतान RTGS, NEFT, चेक, DD, UPI या नेट बैंकिंग जैसे ऑनलाइन माध्यमों से किया जाना आवश्यक है।
- यदि राशि का दुरुपयोग किया जाता है, तो पूरी राशि एकमुश्त वसूल की जाती है।
मदवार व्यय सीमा (Head-wise Expenditure Limits)
लाभार्थी स्वीकृत राशि को अपनी इच्छानुसार खर्च नहीं कर सकता। दिशानिर्देशों में निम्नलिखित मदों के लिए अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है:
- साइट की तैयारी: अधिकतम ₹1.50 लाख।
- बिजली कनेक्शन और सेफ्टी किट: अधिकतम ₹25,000।
- अन्य मद: अधिकतम ₹25,000।
- अग्रिम किराया, जहां लागू हो: छह महीने का किराया या अधिकतम ₹50,000।
चयन प्रक्रिया
इस योजना में अंक, साक्षात्कार और सिफारिश की कोई भूमिका नहीं है। विभाग कंप्यूटरीकृत चयन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदकों का चयन करता है और उसके बाद उनका सत्यापन किया जाता है।
- जिला-वार लक्ष्यों के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन द्वारा आवेदकों का चयन किया जाता है।
- प्रारंभिक सूची प्रकाशित की जाती है और आवेदनों की जांच की जाती है।
- ड्राफ्ट सूची में शामिल आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। ऐसा न करने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाती है।
- संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा आवेदक का सत्यापन किया जाता है।
- अंतिम चयनित सूची प्रकाशित की जाती है और लाभार्थियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाता है।
उप योजनाओं का संक्षिप्त विवरण
बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की शुरुआत बिहार सरकार द्वारा की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए निम्नांकित श्रेणी के नागरिक योग्य है :-
- आवेदक युवा श्रेणी से, सामन्य एवं पिछड़ा वर्ग से होना चाहिए।
- आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्योग को बढ़ावा देना है।
- बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
- युवाओं को कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
- जिसमे उन्हें 5 लाख ऋण के तौर पर मिलेंगे और 5 लाख सरकार अनुदान के रूप में उन्हें देगी (ऋण राशि पर युवाओ को 1% ब्याज देना होगा)।
- योजना में चयन के बाद लाभार्थियों को प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई 25,000 रुपये का भी व्यवस्था की जाएगी।
- यह योजना बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 का भी लाभ प्रदान करेगी।
- पात्र व्यक्ति बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की शुरुआत बिहार सरकार द्वारा की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए निम्नांकित श्रेणी के नागरिक योग्य है :-
- आवेदक बिहार का स्थाई निवासी होना चाहिए।
- आवेदक केवल महिलाएं और ट्रांसजेंडर वर्ग के नागरिक हैं।
- बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
- महिलाओंको कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
- जिसमे उन्हें 5 लाख ऋण के तौर पर मिलेंगे और 5 लाख सरकार अनुदान के रूप में प्रदान किये जायेंगे।
- योजना में चयन के बाद लाभार्थियों को प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई 25,000 रुपये भी प्रदान किए जाएंगे।
- बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 का भी लाभ प्रदान करेगी।
- पात्र व्यक्ति बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना की शुरुआत बिहार सरकार द्वारा की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के लिए निम्नांकित श्रेणी के नागरिक योग्य है :-
- आवेदक बिहार का स्थाई निवासी होना चाहिए।
- आवेदक अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के हो।
- अनुसूचित जाती/ अनुसूचित जनजाति के युवा एवं युवतियों को उद्योग स्थापित करने में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
- सम्बंधित प्रक्षेत्र के युवा युवतियों को कुल परियोजना लागत (प्रति इकाई) का 50% अधिकतम 5 लाख रुपए ब्याज मुक्त ऋण।
- 50 प्रतिशत अधिकतम 5 लाख रुपए विशेष प्रोत्साहन योजनांतर्गत अनुदान/सब्सिडी के रूप में प्रदान किये जायेंगे।
- लाभार्थियों को प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई 25,000 रुपए प्रदान किये जायेंगे।
- यह योजना बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 का भी लाभ प्रदान करेगी।
- पात्र व्यक्ति बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना की शुरुआत बिहार सरकार द्वारा की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के लिए निम्नांकित श्रेणी के नागरिक योग्य है :-
- आवेदक अति पिछड़ा वर्ग के हो।
- आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- अति पिछड़ा वर्ग के युवा एवं युवतियों को उद्योग स्थापित करने में प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।
- बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को निमिन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
- पात्र व्यक्तियों को कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
- जिसमे उन्हें 5 लाख ऋण के तौर पर मिलेंगे और 5 लाख सरकार द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किये जायेंगे।
- योजना में चयन के बाद लाभार्थियों को प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई 25,000 रुपये भी प्रदान किये जायेंगे।
- यह योजना बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 का भी लाभ प्रदान करेगी।
- पात्र व्यक्ति बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना का लाभ निम्नलिखित तरीके से आवेदन करके ले सकते है :-
बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना बिहार सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को उद्योग एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
- बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के लिए निम्नलिखित श्रेणी के नागरिक पात्र हैं:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी और अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होना चाहिए।
- आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2/इंटरमीडिएट, ITI, पॉलिटेक्निक या समकक्ष होनी चाहिए।
- इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को नई उद्योग या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता देकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
- बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
- पात्र लाभार्थियों को प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
- इसमें अधिकतम ₹5 लाख अनुदान (सब्सिडी) के रूप में और अधिकतम ₹5 लाख ब्याज-मुक्त ऋण के रूप में दिए जाते हैं।
- चयनित लाभार्थियों के प्रशिक्षण एवं परियोजना की निगरानी के लिए प्रति इकाई ₹25,000 की अतिरिक्त राशि निर्धारित है।
- ऋण राशि की अदायगी अंतिम किस्त प्राप्त होने के एक वर्ष बाद 84 समान मासिक किस्तों में करनी होती है।
- योजना के तहत केवल विभाग द्वारा स्वीकृत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की परियोजनाएं पात्र हैं; ट्रेडिंग व्यवसाय शामिल नहीं है।
- पात्र व्यक्ति उद्योग विभाग, बिहार सरकार के आधिकारिक उद्यमी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
महत्वपूर्ण लिंक
- बिहार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना।
- बिहार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना।
- बिहार मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना।
- बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना।
- बिहार मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना
- बिहार मुख्यमंत्री उद्यमी योजना लॉगिन
- उद्योग विभाग, बिहार सरकार।
संपर्क जानकारी
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 1800-345-6214
- उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह बिहार सरकार की एक योजना है, जिसके तहत नई विनिर्माण या सेवा इकाई शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें 50% सब्सिडी (अधिकतम ₹5 लाख) और 50% ऋण (अधिकतम ₹5 लाख) शामिल है।
अधिकतम ₹5 लाख तक की सब्सिडी मिलती है, जिसे लाभार्थी को वापस नहीं करना होता है।
हां, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को छोड़कर ऋण ब्याज-मुक्त है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण पर 1% ब्याज लिया जाता है।
नहीं। वर्तमान में आवेदन बंद हैं और अगले आवेदन चक्र की तारीखें अभी अधिसूचित नहीं की गई हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मार्च 2026, शाम 5:00 बजे तक कर दी गई थी।
जिला-वार निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन के माध्यम से चयन किया जाता है। इसमें अंकों या साक्षात्कार की भूमिका नहीं होती है।
चयन सूची udyami.bihar.gov.in के परिणाम अनुभाग में देखी जा सकती है।
राशि तीन किस्तों में RTGS/NEFT के माध्यम से जारी की जाती है। अगली किस्त पिछली राशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र के स्वीकार होने के बाद जारी होती है।
यदि सरकारी या संविदा कर्मचारी का मासिक वेतन ₹15,000 से अधिक है, तो वह आवेदन नहीं कर सकता है।
नहीं। योजना के तहत केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं।
हां। प्रशिक्षण के दो चरण होते हैं और प्रत्येक चरण छह दिन का होता है। दोनों अवसरों पर प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाती है।
अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:
बेझिझक लिंक पर क्लिक करें और चर्चा में शामिल हों!
यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:
- सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
- योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
- दूसरों से जुड़ें: कम्युनिटी से जुड़ें और दूसरों से सीखें।
हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।
| योजना का प्रकार | सरकार |
|---|---|
टिप्पणियाँ
Loan
Mai bahut dukhi hu ki paisa wale ko hi loan milta hai hamako nahi milta hai pr humko loan chahiye
Loan
Kya mango ka bagicha kharidne Or uska pickle banane ke liye yah loan mil sakta hai, or General cast ko v mil sakta hai ya kewal paisa wale ko hi milega
Hindi/english
Humko bhi loan chahiye
नई टिप्पणी जोड़ें