बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना

द्वारा प्रस्तुत vishaka on Tue, 15/09/2026 - 14:45
बिहार CM
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हाइलाइट
  • योजना के तहत पात्र लाभुकों को परियोजना के लिए ₹10 लाख तक की सहायता मिल सकती है।
  • कुल परियोजना लागत का 50% तक अनुदान और 50% तक ब्याज-मुक्त ऋण दिया जाता है।
  • BC-01 वर्ग के 18 से 50 वर्ष के पुरुष एवं महिला आवेदक पात्र हैं।
  • ऋण की वापसी अंतिम किस्त के 12 महीने बाद 84 किस्तों में की जाती है।
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 1800-345-6214
  • उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]
योजना का अवलोकन
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना
लाभवित्तीय सहायता और ऋण
लाभार्थीअति पिछड़ा वर्ग के उद्यमी
नोडल विभागउद्योग विभाग बिहार सरकार
सब्सक्रिप्शनयोजना की निरंतर जानकारी के लिए यहाँ सब्सक्राइब करे।
आवेदन का तरीकाऑनलाइन

योजना के बारे में

बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा राज्य के अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना संचालित की जाती है। यह योजना मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) का एक घटक है, जिसे वर्ष 2020 में लागू किया गया था। मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवा/युवतियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और उन्हें अपनी इकाई स्थापित करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना का कार्यान्वयन बिहार स्टार्ट-अप फंड ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।

बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत पात्र लाभुकों को इकाई की स्थापना एवं संचालन के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की परियोजना सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसमें कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, अनुदान/सब्सिडी के रूप में तथा शेष 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है। अति पिछड़ा वर्ग घटक में ऋण पर ब्याज नहीं लिया जाता है; 1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान केवल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि प्रत्येक चयनित लाभुक को अनिवार्य रूप से ₹10 लाख की राशि नहीं मिलती। स्वीकृत सहायता संबंधित परियोजना की लागत और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित की जाती है।

योजना में पात्रता की शर्तें भी विभाग द्वारा निर्धारित की गई हैं। आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसने कम-से-कम 10+2/इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता प्राप्त की हो। मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के इस घटक में अति पिछड़ा वर्ग (BC-01) के पुरुष एवं महिला आवेदक पात्र हैं। इसके अलावा, आवेदक को अपनी परियोजना उसी जिले में स्थापित करनी होती है, जिसका वह स्थायी निवासी है। निर्धारित जिले से अलग किसी अन्य जिले में इकाई स्थापित करने की स्थिति में आवेदन रद्द किया जा सकता है।

अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है। प्राप्त आवेदनों में से जिलावार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कम्प्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन के माध्यम से प्रारंभिक चयन किया जाता है। इसके बाद चयनित आवेदनों की मुख्यालय स्तर पर स्क्रुटनी की जाती है और आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित पात्रता के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है। अंतिम रूप से चयनित लाभुकों के लिए योजना में दो चरणों में 6-6 दिन का प्रशिक्षण तथा सहायता राशि के तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान है। किस्तों का भुगतान इकाई के नाम खुले चालू खाते में RTGS/NEFT के माध्यम से किया जाता है।

ऋण की वापसी के मामले में भी लाभुकों को निर्धारित अवधि की सुविधा दी गई है। अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने के बाद ऋण राशि को 84 किस्तों में वापस करना होता है। ऋण भुगतान के लिए उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, प्रत्येक किस्त के उपयोग का विवरण देने के लिए उपयोगिता प्रमाण-पत्र 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक है। किस्तों के उपयोग, प्रशिक्षण और अगली किस्त जारी करने की प्रक्रिया विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाती है।

योजना के लाभ

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि परियोजना सहायता का एक हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाता है, जबकि शेष राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। योजना के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • अधिकतम वित्तीय सहायता: पात्र परियोजना के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता का प्रावधान है।
  • अनुदान: कुल परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, अनुदान/सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। इस हिस्से की वापसी नहीं करनी होती।
  • ब्याज मुक्त ऋण: कुल परियोजना लागत का शेष 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।
  • प्रशिक्षण: चयनित लाभुकों को दो चरणों में 6-6 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • प्रशिक्षण एवं अनुश्रवण मद: लाभुकों के प्रशिक्षण एवं परियोजना अनुश्रवण समिति की सहायता के लिए प्रति इकाई ₹25,000 की दर से व्यय का प्रावधान है।
  • सीधा बैंक भुगतान: स्वीकृत राशि इकाई के नाम से खुले चालू खाते में RTGS/NEFT के माध्यम से भेजी जाती है।
  • ऋण वापसी की सुविधा: अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने बाद ऋण राशि को 84 किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से वापस करने का प्रावधान है।

पात्रताएं

बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना का लाभ लेने से पहले आवेदक को विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों की जाँच कर लेनी चाहिए। मुख्य पात्रता शर्तें निम्नलिखित हैं:

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • कम-से-कम 10+2/इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के अंतर्गत BC-01 यानी अति पिछड़ा वर्ग के पुरुष एवं महिला आवेदक पात्र हैं।
  • आवेदक को अपनी परियोजना उसी जिले में स्थापित करनी होगी, जिसका वह स्थायी निवासी है।
  • योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार इकाई प्रोपराइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्म, LLP अथवा Pvt. Ltd. Company के रूप में स्थापित की जा सकती है।
  • किस्तों के भुगतान के लिए इकाई के नाम चालू खाता आवश्यक होता है।

मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में कौन पात्र नहीं है?

विभाग द्वारा योजना के लिए कुछ अयोग्यता की शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से वे आवेदक शामिल हैं जो निर्धारित सरकारी/योजना संबंधी शर्तों को पूरा नहीं करते। आधिकारिक नियमों के अनुसार:

  • ऐसे संविदाकर्मी या सरकारी कर्मचारी जिनका कुल मासिक वेतन ₹15,000 से अधिक है।
  • उद्योग विभाग की संबंधित योजनाओं से पहले लाभ प्राप्त कर चुके आवेदक, जैसे PMEGP, मुद्रा लोन, SIPB, स्टार्ट-अप अथवा औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना के लाभार्थी।
  • सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित कानूनी अयोग्यता वाले व्यक्ति।
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें सक्षम न्यायालय द्वारा 6 माह या उससे अधिक की कारावास की सजा सुनाई गई हो।
  • निर्धारित श्रेणी के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जिनमें सांसद, विधायक, विधान पार्षद, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, प्रमुख, सरपंच तथा संबंधित शहरी/पंचायती निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • जन वितरण प्रणाली के डीलर।
  • ऐसे आवेदक जो अपने स्थायी निवास वाले जिले के अलावा किसी दूसरे जिले में इकाई स्थापित करना चाहते हैं।
  • ऐसे आवेदक जो योजना के निर्धारित विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के बजाय केवल ट्रेडिंग/व्यापार के लिए सहायता लेना चाहते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में आवेदन के दौरान आवेदक को प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:

  • स्थायी निवास प्रमाण-पत
  • मैट्रिक उत्तीर्णता प्रमाण-पत्र
  • इंटरमीडिएट या समकक्ष योग्यता का प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र
  • दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यदि लागू हो
  • आवेदक का लाइव फोटोग्राफ
  • आवेदक का हस्ताक्षर

मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में आवेदन कैसे करें?

मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आप यहाँ बताए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:-

  • सबसे पहले उद्योग विभाग, बिहार पोर्टल खोलें।
  • नई आवेदन सूचना जारी होने के बाद लॉगिन/पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब पंजीकरण के लिए अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। मध्य नाम दर्ज करना वैकल्पिक है, जबकि ईमेल आईडी अनिवार्य है। केवल आधार कार्ड से पंजीकृत मोबाइल नंबर स्वीकार किया जाता है।
  • अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदक का प्रकार अति पिछड़ा वर्ग चुनें।
  • मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से सत्यापन करें।
  • अपना लॉगिन पासवर्ड ईमेल से प्राप्त करें। पोर्टल स्वयं पासवर्ड बनाकर आपके दर्ज किए गए ईमेल आईडी पर भेजता है, इसलिए आपको पासवर्ड स्वयं बनाने की आवश्यकता नहीं होती
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड से पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • आवेदन फॉर्म को अलग-अलग अनुभागों में पूरा करे व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, पारिवारिक जानकारी, संगठन संबंधी विवरण, परियोजना विवरण, वित्तीय विवरण, बैंक विवरण और दस्तावेज अपलोड।
  • प्रत्येक अनुभाग में भरी गई जानकारी की जांच करें, स्व-प्रमाणन दें और आवेदन जमा करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद आवेदन संख्या/प्रिंटआउट को भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखना उचित है।

चयन एवं स्क्रुटनी

आवेदन जमा होने के बाद विभाग की आधिकारिक चयन प्रक्रिया इस क्रम में चलती है:

  • जिलावार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवेदनों का प्रारंभिक चयन किया जाता है।
  • औपबंधिक चयन कम्प्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन पद्धति से होता है।
  • मुख्यालय स्तर पर गठित टीम द्वारा स्क्रुटनी, फिर वांछित कागजात के आधार पर अंतिम चयन किया जाता है।
  • मुख्य सूची एवं प्रतीक्षा सूची पोर्टल पर प्रकाशित होती हैं।
  • अपने जिले के बाहर इकाई लगाने पर आवेदन रद्द कर दिया जाता है।

प्रशिक्षण एवं तीन किस्तों में भुगतान

बिहार मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में चयन के बाद राशि सीधे नहीं मिलती - प्रशिक्षण और उपयोगिता प्रमाण-पत्र के आधार पर तीन किस्तों में मिलती है:

  • प्रथम किस्त: 06 दिवसीय प्रथम चरण प्रशिक्षण के बाद, इकाई के चालू खाते में RTGS/NEFT से।
  • द्वितीय किस्त: प्रथम किस्त का उपयोगिता प्रमाण-पत्र स्वीकृत होने और 06 दिवसीय द्वितीय चरण प्रशिक्षण के बाद।
  • तृतीय किस्त: द्वितीय किस्त का उपयोगिता प्रमाण-पत्र स्वीकृत होने के बाद।
  • दोनों चरणों में प्रशिक्षण हेतु 02-02 मौके मिलते हैं; अनुपस्थित रहने पर अभ्यर्थिता रद्द या अगली किस्त रोक दी जाती है।
  • पिछली किस्त की 90% राशि खर्च होने पर जाँच एवं अनुशंसा के बाद अगली किस्त की अनुशंसा की जा सकती है।

राशि खर्च करने के मुख्य नियम

किस्त की राशि मनमाने ढंग से खर्च नहीं की जा सकती, विभाग ने सीमाएँ तय की हैं:

  • प्रथम किस्त से परियोजना स्थल की तैयारी पर अधिकतम ₹1.50 लाख, बिजली कनेक्शन एवं सेफ्टी किट पर ₹25 हजार तथा अन्य मद में ₹25 हजार।
  • स्थल किराये पर लेने पर 06 माह का किराया या अधिकतम ₹50 हजार, जो कम हो - पर निकट संबंधी से किराये पर लेने पर अग्रिम मान्य नहीं।
  • मशीनरी क्रय में कुल निर्धारित लागत का अधिकतम 25 प्रतिशत अपनी सुविधानुसार।
  • ₹10,000 से अधिक के भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाना मान्य हैं।
  • मशीनरी का भुगतान आपूर्तिकर्ता के खाते में ऑनलाइन, और जी.एस.टी. विपत्र ही मान्य।

उपयोगिता प्रमाण-पत्र से जुड़े महत्वपूर्ण नियम

योजना के तहत प्राप्त राशि के उपयोग का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर अपलोड नहीं करने पर अगली किस्त की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

  • प्रत्येक किस्त प्राप्त होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
  • विभागीय नियमों के अनुसार यह अवधि 90 दिन निर्धारित है।
  • उपयोगिता प्रमाण-पत्र के साथ निर्धारित खर्च के बिल/वाउचर, मशीनरी की तस्वीर तथा कार्यस्थल की तस्वीर जैसे प्रमाण मांगे जा सकते हैं।
  • कार्यस्थल की तस्वीर में GPS location संबंधी आवश्यकता भी लागू हो सकती है।
  • निर्धारित उपयोग और दस्तावेजों की जाँच के बाद ही अगली किस्त की अनुशंसा की जाती है।
  • लाभुक को योजना की राशि का उपयोग स्वीकृत परियोजना और निर्धारित मदों के अनुसार ही करना चाहिए।

ऋण वापसी एवं वसूली के नियम

अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत दी जाने वाली सहायता में 50 प्रतिशत तक की राशि अनुदान और शेष राशि ऋण के रूप में होती है। अनुदान वाले हिस्से की वापसी नहीं करनी होती, जबकि ऋण वाले हिस्से की वापसी निर्धारित नियमों के अनुसार करनी होती है।

  • ऋण राशि की वापसी अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने बाद शुरू होती है।
  • ऋण राशि का भुगतान 84 किस्तों में करने का प्रावधान है।
  • भुगतान के लिए उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था का उपयोग किया जाता है।
  • निर्धारित समय पर भुगतान नहीं करने पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
  • यदि लाभुक किस्त प्राप्त करने के बाद इकाई स्थापित नहीं करता है या परियोजना की राशि का दुरुपयोग करता है, तो नियमों के अनुसार राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।

महत्वपूर्ण लिंक

सम्पर्क करने का विवरण

  • उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पलाइन नंबर :- 1800-345-6214
  • उद्योग विभाग बिहार सरकार हेल्पडेस्क ईमेल :- [email protected]

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पात्र परियोजना के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता का प्रावधान है। इसमें 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, अनुदान तथा 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹5 लाख, ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है।

नहीं। सहायता की वास्तविक राशि चयनित परियोजना और विभाग द्वारा निर्धारित मॉडल डीपीआर के अनुरूप परियोजनावार निर्धारित होती है।

नहीं। योजना के तहत निर्धारित अनुदान/सब्सिडी वाले हिस्से की वापसी नहीं करनी होती। ऋण वाले हिस्से की वापसी निर्धारित नियमों के अनुसार करनी होती है।

इस घटक के तहत ऋण ब्याज मुक्त है। 1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का प्रावधान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए है।

अंतिम किस्त प्राप्त होने के 12 महीने बाद ऋण राशि की वापसी निर्धारित होती है और इसे 84 किस्तों में ऑनलाइन माध्यम से चुकाना होता है।

इस घटक के अंतर्गत अति पिछड़ा वर्ग यानी BC-01 के पात्र पुरुष एवं महिला आवेदक आवेदन कर सकते हैं।

नहीं। योजना के नियमों के अनुसार आवेदक को अपनी परियोजना उसी जिले में स्थापित करनी होती है, जिसका वह स्थायी निवासी है।

विभाग द्वारा निर्धारित अयोग्यता नियमों के अनुसार संबंधित उद्योग विभागीय योजनाओं के पूर्व लाभार्थी आवेदन के लिए अपात्र हो सकते हैं।

योजना के तहत सहायता राशि तीन किस्तों में जारी की जाती है। प्रत्येक अगली किस्त के लिए निर्धारित प्रशिक्षण, राशि के उपयोग और उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधी शर्तों को पूरा करना होता है।

किस्त प्राप्त होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार उपयोगिता प्रमाण-पत्र 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना होता है।

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