बिहार मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Mon, 07/09/2026 - 18:08
Samrat Chaudhary CM Bihar
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बिहार मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना
हाइलाइट
  • बिहार में भिक्षावृत्ति में लगे लोगों के पुनर्वास के लिए योजना
  • पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए ₹10,000 तक की सहायता
  • आवास, भोजन, कपड़े, चिकित्सा और परामर्श जैसी पुनर्वास सुविधाएं
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार
  • अति गरीब और सामाजिक कल्याण के लिए राज्य सोसायटी (SSUPSW)
    • टेलीफोन: 061225465210 / 061225465212
    • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 345 6262
योजना का अवलोकन
योजना का नामबिहार मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना
लाभस्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹10,000 तक की आर्थिक सहायता
लाभार्थीभिक्षावृत्ति पर निर्भर गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोग, जिन्हें पुनर्वास सहायता की जरूरत है
नोडल एजेंसीSAKSHAM (State Society for Ultra Poor and Social Welfare)
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़े अपडेट पाने के लिए यहां सब्सक्राइब करें
आवेदन का तरीकाऑफलाइन, स्वयं संपर्क करके या रेफरल और पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से

योजना के बारे में

भिक्षावृत्ति पर निर्भर लोगों की स्थिति के पीछे अक्सर गरीबी, रहने के लिए उचित जगह न होना, बीमारी, दिव्यांगता, रोजगार के सीमित अवसर और अन्य सामाजिक-आर्थिक परेशानियां जैसी कई वजहें होती हैं। ऐसे में केवल आर्थिक मदद देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने की जगह, देखभाल, कौशल प्रशिक्षण और कमाई के बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराना जरूरी होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को पुनर्वास और आजीविका से जुड़ी सहायता देने पर ध्यान देती है। इस योजना का फोकस पुनर्वास, देखभाल और आजीविका से जुड़ी मदद पर है। पात्र लाभार्थियों को रहने की जगह, भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल, परामर्श और कौशल प्रशिक्षण जैसी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही स्वरोजगार शुरू करने के लिए ₹10,000 तक की आर्थिक सहायता भी मिल सकती है।

इस योजना को बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के माध्यम से State Society for Ultra Poor and Social Welfare (SSUPSW), जिसे SAKSHAM के नाम से भी जाना जाता है, लागू करता है। SAKSHAM समाज कल्याण विभाग के तहत काम करता है और अति गरीब और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा, पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक स्थिति बेहतर करने पर काम करता है। इसमें भिक्षावृत्ति में लगे लोगों को भी सहायता दी जाती है।

जरूरत के अनुसार लाभार्थियों को पुनर्वास गृह, सेवा कुटीर और शांति कुटीर से जोड़ा जा सकता है। इन जगहों पर जरूरतमंद लोगों को रहने की जगह, भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल और परामर्श जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकती हैं। योजना में कौशल प्रशिक्षण और आजीविका के अवसरों पर भी ध्यान दिया जाता है, ताकि लाभार्थी धीरे-धीरे अपनी कमाई का साधन बना सकें।

योजना के तहत मिलने वाली मदद सिर्फ तुरंत पुनर्वास तक सीमित नहीं है। पात्र लाभार्थियों को जरूरी पहचान दस्तावेज बनवाने, बैंकिंग सुविधा लेने और दूसरी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने में भी मदद मिल सकती है। पहचान, पुनर्वास, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका सहायता को एक साथ जोड़कर योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को धीरे-धीरे भिक्षावृत्ति से बाहर निकलने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करना है।

इस योजना में ऐसा नहीं है कि हर व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म भरकर एक तय राशि सीधे प्राप्त कर लेता है। जरूरतमंद व्यक्ति संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है या उसे पुनर्वास के लिए रेफर किया जा सकता है। इसके बाद उसकी स्थिति और जरूरत का आकलन किया जाता है और जरूरत के अनुसार पुनर्वास, प्रशिक्षण या आजीविका से जुड़ी सहायता दी जा सकती है।

लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार बिहार सरकार की दूसरी योजनाओं से भी जोड़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए, पात्र वरिष्ठ नागरिक मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के बारे में जानकारी ले सकते हैं। विधवाएं लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना देख सकती हैं। दिव्यांगजन बिहार राज्य दिव्यांगता पेंशन योजना के लिए जानकारी ले सकते हैं, जबकि जरूरतमंद बच्चे बिहार परवरिश योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Bihar Mukhyamantri Bhikshavritti Nivaran Yojana Official  Image

योजना के लाभ

इस योजना में पुनर्वास के साथ-साथ आजीविका के लिए भी मदद दी जाती है, ताकि लाभार्थी भिक्षावृत्ति से बाहर निकलकर एक बेहतर और स्थिर जीवन की ओर बढ़ सकें।

  • पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार या छोटा आजीविका का काम शुरू करने के लिए ₹10,000 तक की आर्थिक मदद मिल सकती है।
  • इस मदद से चाय की दुकान, सब्जी या फल की गाड़ी, किराना दुकान या कोई दूसरा उपयुक्त छोटा कारोबार शुरू किया जा सकता है।
  • जिन लोगों को संस्थागत पुनर्वास की जरूरत होती है, उन्हें निर्धारित पुनर्वास केंद्रों में रहने की जगह, भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल और परामर्श जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
  • लाभार्थियों को रोजगार या अपना काम शुरू करने में मदद के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल की ट्रेनिंग दी जा सकती है।
  • ट्रेनिंग सेंटर के अनुसार अगरबत्ती, दीपक और दीये, नारियल की झाड़ू, जूट के सामान और दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग दी जा सकती है।
  • लाभार्थियों की जरूरत और स्थिति के अनुसार उन्हें बिहार सरकार की दूसरी उपयुक्त योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • लाभार्थियों को उत्पादक समूहों और सामुदायिक समूहों से भी जोड़ा जा सकता है, ताकि वे मिलकर आजीविका का काम कर सकें और अपनी कमाई के अवसर बढ़ा सकें।
  • परामर्श और पुनर्वास सहायता के जरिए लाभार्थियों को व्यक्तिगत और सामाजिक परेशानियों से निपटने और एक स्थिर व आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है।

योजना के तहत मिलने वाली मदद लाभार्थी की स्थिति, पुनर्वास की जरूरत, कौशल और पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए योजना में सिर्फ एक बार की आर्थिक मदद देने के बजाय तुरंत जरूरत की सहायता के साथ लंबे समय तक आजीविका से जुड़ी मदद पर भी ध्यान दिया जाता है।

पात्रताएं

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना उन लोगों के लिए है जो भिक्षावृत्ति में लगे हैं और जिन्हें पुनर्वास, देखभाल या आजीविका के लिए मदद की जरूरत है। उनकी स्थिति और जरूरत को देखकर तय किया जाता है कि उन्हें किस तरह की सहायता दी जानी चाहिए।

  • व्यक्ति भिक्षावृत्ति में लगा हो और उसे पुनर्वास या आजीविका से जुड़ी मदद की जरूरत हो।
  • भिक्षावृत्ति की स्थिति में पाए जाने वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार बाल देखभाल, सुरक्षा और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • गरीबी में रहने वाले, बिना उचित रहने की जगह वाले या दूसरी मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों को पुनर्वास सहायता के लिए विचार किया जा सकता है।
  • भिक्षावृत्ति में लगे बुजुर्गों को पुनर्वास सहायता दी जा सकती है और उनकी पात्रता के अनुसार वृद्धावस्था की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
  • भिक्षावृत्ति में लगे दिव्यांग लोगों को पुनर्वास के लिए सहायता दी जा सकती है और उनकी पात्रता के अनुसार दिव्यांगजनों से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद की जा सकती है।
  • भिक्षावृत्ति में लगी महिलाओं और विधवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार पुनर्वास सहायता और पात्र सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • मानसिक बीमारी या दूसरी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे और देखभाल या पुनर्वास की जरूरत वाले लोगों को उपयुक्त सुविधाओं से जोड़ा जा सकता है।
  • लाभार्थियों की पहचान सर्वे, फील्ड विजिट, स्वयं संपर्क करने या किसी व्यक्ति, संस्था या संबंधित अधिकारी के रेफरल के जरिए की जा सकती है।
  • पहचान और पुनर्वास की प्रक्रिया के दौरान व्यक्ति की पहचान, परिवार की स्थिति, स्वास्थ्य, रहने की स्थिति और दूसरी जरूरी जानकारी का आकलन किया जा सकता है।
  • स्वावलंबन के तहत स्वरोजगार सहायता के लिए लाभार्थी में छोटा कारोबार या आय कमाने का कोई उपयुक्त काम शुरू करने की क्षमता और उपयुक्तता का आकलन किया जाता है।
  • अंतिम सहायता लाभार्थी की स्थिति, जरूरत, पात्रता और संबंधित अधिकारियों द्वारा किए गए आकलन के आधार पर तय की जाती है।

आवश्यक दस्तावेज

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना में जरूरी दस्तावेज लाभार्थी की स्थिति और मिलने वाली सहायता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। पहचान और सत्यापन के लिए आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड या कोई अन्य वैध पहचान पत्र
  • बैंक खाते की जानकारी या बैंक पासबुक, अगर आर्थिक या स्वरोजगार से जुड़ी सहायता दी जा रही है
  • पते या निवास का प्रमाण, अगर सत्यापन के लिए जरूरी हो
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • दिव्यांगता प्रमाण पत्र, अगर लागू हो
  • लाभार्थी के परिवार और व्यक्तिगत स्थिति से जुड़ी जरूरी जानकारी या दस्तावेज, जैसा कि आकलन के दौरान मांगा जाए

लाभार्थी की स्थिति और मिलने वाली सहायता के आधार पर SAKSHAM या संबंधित जिला अधिकारी कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकते हैं।

लाभार्थियों की पहचान कैसे होती है?

इस योजना में भिक्षावृत्ति में लगे और सरकारी मदद की जरूरत वाले लोगों की पहचान की जाती है। इसके लिए सर्वे, फील्ड स्तर की गतिविधियों और रेफरल का सहारा लिया जा सकता है। इसके बाद व्यक्ति की स्थिति और जरूरत का आकलन किया जाता है।

  • संबंधित अधिकारी सर्वे या फील्ड विजिट के दौरान भिक्षावृत्ति में लगे लोगों की पहचान कर सकते हैं।
  • किसी स्थानीय अधिकारी, संस्था या अन्य संबंधित व्यक्ति के रेफरल के जरिए भी किसी व्यक्ति की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है।
  • इसके बाद संबंधित टीम व्यक्ति की रहने की स्थिति, परिवार, स्वास्थ्य, उम्र और दूसरी जरूरी परिस्थितियों का आकलन करती है।
  • आकलन के आधार पर जरूरत के अनुसार व्यक्ति को आश्रय, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श, कौशल प्रशिक्षण या आजीविका सहायता से जोड़ा जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत मदद पाने के लिए जरूरतमंद व्यक्ति संबंधित जिला अधिकारियों से संपर्क कर सकता है या उसे पुनर्वास के लिए रेफर किया जा सकता है। प्रक्रिया में पहले व्यक्ति की पहचान और उसकी स्थिति का आकलन किया जाता है। इसके बाद जरूरत के अनुसार पुनर्वास और आजीविका से जुड़ी सहायता दी जा सकती है।

  1. अपने जिले के समाज कल्याण विभाग या SAKSHAM कार्यालय से संपर्क करें और बताएं कि आपको मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत पुनर्वास या आजीविका के लिए मदद चाहिए।
  2. सरकारी सर्वे या फील्ड विजिट के दौरान भी आपकी पहचान की जा सकती है। इसके अलावा किसी स्थानीय अधिकारी, संस्था या अन्य संबंधित व्यक्ति के रेफरल से भी आपका मामला अधिकारियों तक पहुंच सकता है।
  3. संबंधित अधिकारी आपकी, आपके परिवार, रहने की स्थिति, स्वास्थ्य और दूसरी जरूरी परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी लेकर यह समझते हैं कि आपको किस तरह की मदद की जरूरत है।
  4. आकलन और सत्यापन के बाद, अगर रहने, देखभाल या परामर्श की जरूरत हो तो आपको उपयुक्त पुनर्वास केंद्र से जोड़ा जा सकता है।
  5. अगर आप आजीविका का काम शुरू करने के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं, तो आपको कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर या स्वावलंबन कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है।
  6. अगर स्वरोजगार के लिए सहायता मंजूर होती है, तो उपयुक्त छोटा आजीविका का काम शुरू करने के लिए लागू सहायता दी जा सकती है।
  7. जरूरत और पात्रता के अनुसार आपको पहचान दस्तावेज, बैंक खाता और सामाजिक सुरक्षा जैसी जरूरी सरकारी सेवाओं और योजनाओं से भी जोड़ा जा सकता है।

पुनर्वास प्रक्रिया या अपने जिले के सही संपर्क की जानकारी के लिए SAKSHAM हेल्पडेस्क के 18003456262 नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।

नोट: MBNY Survey App मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत सर्वे और फील्ड स्तर की गतिविधियों के लिए उपलब्ध है। इसे SAKSHAM की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए लिंक के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।

आवेदन करने के बाद क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति संबंधित अधिकारियों से संपर्क करता है या उसे मदद के लिए रेफर किया जाता है, तो सबसे पहले उसकी स्थिति और जरूरत को समझा जाता है। इसके आधार पर तय किया जाता है कि उसे किस तरह की मदद देना सही रहेगा।

  1. संबंधित अधिकारी लाभार्थी की जरूरी जानकारी और उसकी परिस्थितियों का विवरण दर्ज करते हैं।
  2. आकलन के दौरान लाभार्थी की पहचान और दूसरी जरूरी जानकारी की जांच की जाती है।
  3. व्यक्ति को रहने की जगह, स्वास्थ्य सेवा, परामर्श, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण या आजीविका सहायता में से किस तरह की मदद चाहिए, इसका आकलन किया जाता है।
  4. अगर संस्थागत पुनर्वास की जरूरत होती है, तो व्यक्ति को उपयुक्त पुनर्वास गृह से जोड़ा जा सकता है।
  5. जो लाभार्थी रोजगार या स्वरोजगार के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं, उन्हें कौशल प्रशिक्षण या आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों से जोड़ा जा सकता है।
  6. पात्र लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार दूसरी सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
  7. आकलन और लागू नियमों के आधार पर लाभार्थी को उसके लिए उचित पुनर्वास या आजीविका से जुड़ी सहायता दी जाती है।

योजना के तहत पुनर्वास गृह

पुनर्वास गृह उन लोगों के लिए योजना का एक जरूरी हिस्सा हैं, जिन्हें रहने के लिए सुरक्षित जगह और भिक्षावृत्ति से बाहर निकलने के लिए मदद की जरूरत होती है। यहां लाभार्थियों को जरूरी देखभाल के साथ आगे बेहतर और स्थिर आजीविका की ओर बढ़ने में मदद की जा सकती है।

  • जिन लाभार्थियों के पास रहने के लिए उचित जगह नहीं है या जिन्हें संस्थागत पुनर्वास की जरूरत है, उन्हें पुनर्वास गृह में रहने की सुविधा मिल सकती है।
  • वहां जरूरत के अनुसार भोजन, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरी देखभाल जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
  • स्वास्थ्य और व्यक्तिगत परेशानियों से निपटने के लिए चिकित्सा देखभाल और परामर्श की सुविधा दी जा सकती है।
  • अपनी आजीविका कमाने के बेहतर अवसर पाने के लिए लाभार्थियों को कौशल विकास या व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
  • लाभार्थियों को रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के दूसरे उपयुक्त अवसरों से जुड़ने में मदद की जा सकती है।
  • पुनर्वास के बाद लाभार्थियों को आगे की मदद के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और दूसरी सरकारी सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।

हर पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाएं और दी जाने वाली सेवाएं एक जैसी नहीं हो सकती हैं। लाभार्थी की जरूरत और संबंधित केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर उसे उपयुक्त पुनर्वास केंद्र से जोड़ा जाता है।

नियम और शर्तें

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत मिलने वाली मदद लाभार्थी की स्थिति और लागू सरकारी नियमों के अनुसार दी जाती है। ध्यान रखने वाली मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • मदद देने से पहले संबंधित अधिकारियों द्वारा लाभार्थी की पहचान, स्थिति और पात्रता की जांच की जाती है।
  • किस तरह की मदद दी जाएगी, यह लाभार्थी की जरूरत और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
  • स्वावलंबन कार्यक्रम के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल उपयुक्त आजीविका या स्वरोजगार का काम शुरू करने के लिए किया जाता है।
  • अगर किसी व्यक्ति को संस्थागत देखभाल या पुनर्वास की जरूरत है, तो उसे उपयुक्त पुनर्वास केंद्र से जोड़ा जा सकता है।
  • मिलने वाली सहायता के प्रकार के अनुसार कुछ अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी मांगी जा सकती है।
  • आर्थिक या पुनर्वास सहायता का इस्तेमाल उसी काम के लिए किया जाना चाहिए, जिसके लिए उसे मंजूरी दी गई है।
  • दूसरी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित योजना की अपनी पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क जानकारी

समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार

  • फोन: 06122217244
  • ईमेल: [email protected]
  • पता: समाज कल्याण विभाग, एनेक्सी बिल्डिंग-4, बिहार, पटना – 800015

अति गरीब और सामाजिक कल्याण के लिए राज्य सोसायटी (SSUPSW) (SSUPSW)

  • टेलीफोन: 061225465210 / 061225465212
  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 345 6262
  • ईमेल: @email
  • कार्यालय का पता: दूसरी मंजिल, 'अपना घर', ललित भवन के पीछे, बेली रोड, पटना – 800023, बिहार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना बिहार सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लगे लोगों का पुनर्वास करना और उन्हें परामर्श, कौशल प्रशिक्षण तथा आजीविका से जुड़ी सहायता प्रदान करना है।
 

यह योजना 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों के लिए है जो भिक्षावृत्ति में लगे हैं और जिन्हें पुनर्वास, देखभाल या आजीविका सहायता की आवश्यकता है।
 

पात्र लाभार्थियों को उपयुक्त स्वरोजगार या छोटी आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए ₹10,000 तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। सहायता पात्रता और आकलन के आधार पर दी जाती है।
 

इस सहायता से चाय की दुकान, सब्जी या फल की गाड़ी, किराना दुकान या लाभार्थी के लिए उपयुक्त अन्य छोटी आय-सृजन गतिविधि शुरू की जा सकती है।
 

हां। जिन लोगों को संस्थागत पुनर्वास की आवश्यकता होती है, उन्हें निर्धारित पुनर्वास केंद्रों में आवास, भोजन, कपड़े, चिकित्सा देखभाल और परामर्श जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं।
 

हां। लाभार्थियों को रोजगार या स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा सकता है। प्रशिक्षण में अगरबत्ती, दीपक-दिया, नारियल की झाड़ू, जूट उत्पाद आदि बनाने जैसे कार्य शामिल हो सकते हैं।
 

लाभार्थियों की पहचान सर्वेक्षण, फील्ड विजिट, स्वयं रेफरल या किसी व्यक्ति, संस्था अथवा संबंधित अधिकारी के रेफरल के माध्यम से की जा सकती है। इसके बाद उनकी स्थिति और जरूरत का आकलन किया जाता है।
 

MBNY Survey App योजना के तहत सर्वेक्षण और फील्ड स्तर की गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाने वाला ऐप है। इसे SAKSHAM की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से देखा और डाउनलोड किया जा सकता है।
 

हां। लाभार्थी की स्थिति और जरूरत के आधार पर उन्हें वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगजनों, बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों के लिए उपलब्ध बिहार सरकार की उपयुक्त योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों से जोड़ा जा सकता है।
 

योजना की पात्रता, पुनर्वास, सर्वेक्षण और उपलब्ध सहायता से संबंधित जानकारी के लिए संबंधित समाज कल्याण विभाग या SAKSHAM कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

अगर योजनाओं के बारे में आपका कोई सवाल है, तो उसे योजना के फोरम में सबमिट करें और जवाब पाएँ:

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यह फोरम निम्न कामों के लिए एक बेहतरीन जगह है:

  • सवाल पूछें: अगर आपके मन में योजना से जुड़ा कोई सवाल है या आप इस विषय के किसी पहलू के बारे में और जानकारी चाहते हैं।
  • योजना से जुडी अपनी बातें साझा करें: अपनी जानकारी और अनुभव शेयर करें।
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हम आपको इस फ़ोरम में सक्रिय रूप से भाग लेने और इस बेहतरीन रिसोर्स का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करते है।

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