झारखंड स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना

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द्वारा प्रस्तुत Minakshi on Sat, 04/07/2026 - 11:01
झारखंड CM
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झारखंड स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना
हाइलाइट
  • झारखंड सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना।
  • पात्र लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता।
  • पेंशन की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
  • आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है।  
ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, हेल्पलाइन नंबर: 2400757, 2223544
योजना का सारांश
योजना का नामझारखंड स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना
नोडल विभागमहिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार
लाभ₹1,000 प्रति माह
लाभार्थीझारखंड के पात्र दिव्यांगजन
सब्सक्रिप्शनयोजना से जुड़ी अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ सब्सक्राइब करें .
आवेदन का माध्यमऑफलाइन

योजना के बारे में

झारखंड स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना झारखंड सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है। इस योजना का उद्देश्य पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने आर्थिक सहायता देना है ताकि वे अपने दैनिक और जरूरी खर्चों को आसानी से पूरा कर सकें। यह योजना महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा सर्वजन पेंशन योजना के अंतर्गत संचालित की जाती है।

इस योजना के तहत पात्र आवेदकों को हर महीने ₹1,000 की पेंशन दी जाती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन, जांच, स्वीकृति और पेंशन भुगतान की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है ताकि आर्थिक सहायता सही और पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुँच सके।

झारखंड के ऐसे निवासी जो योजना की सभी निर्धारित दिव्यांगता और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, वे इस योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेजों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है। जांच पूरी होने के बाद सक्षम अधिकारी आवेदन को स्वीकृति देते हैं और इसके बाद हर महीने पेंशन की राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

यह योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देती, बल्कि राज्य की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाती है। लाभार्थियों का हर साल सत्यापन, आधार के माध्यम से भुगतान और आवेदन की सही तरीके से जांच यह सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ केवल पात्र दिव्यांगजनों को ही समय पर मिले।

झारखंड सरकार नागरिकों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए कई अन्य पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ भी चलाती है। यदि आवेदक पात्रता रखते हैं, तो वे झारखंड मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना (वरिष्ठ नागरिकों के लिए), मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना (पात्र निराश्रित महिलाओं के लिए) तथा राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना (विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता) के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप इन योजनाओं के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो हमारी विस्तृत गाइड भी पढ़ सकते हैं।

योजना के लाभ

  • प्रत्येक पात्र लाभार्थी को हर महीने ₹1,000 की पेंशन दी जाती है।
  • पेंशन की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
  • जब तक लाभार्थी योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता रहता है, तब तक उसे इस योजना के तहत पेंशन मिलती रहती है।

पात्रताएँ

  • आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आवेदन करते समय आवेदक की आयु कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक ऐसा दिव्यांग व्यक्ति होना चाहिए, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act), 2016 के अंतर्गत आता हो।
  • आवेदक निम्न में से किसी भी मान्यता प्राप्त श्रेणी में होना चाहिए, जैसे—
    • दिव्यांग व्यक्ति (Person with Disability - PwD)
    • बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्ति (Person with Benchmark Disability)
    • अधिक सहायता की आवश्यकता वाले दिव्यांग व्यक्ति (Person with Disability having High Support Needs)
    • RPwD Act, 2016 के तहत मान्यता प्राप्त कोई अन्य दिव्यांगता
  • आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए।
  • यदि अभी तक आधार कार्ड जारी नहीं हुआ है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार आधार बनवाने तक स्व-घोषणा स्वीकार की जा सकती है।
  • 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के पास वैध मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए।
  • आवेदक या उसके पति/पत्नी केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी केंद्र/राज्य के सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के स्थायी कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होने चाहिए।
  • आवेदक या उसके पति/पत्नी आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
  • पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदक का आधार से जुड़ा सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
  • आवेदक पहले से महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए।
  • आवेदन पत्र में दी गई सभी जानकारी सही होनी चाहिए और उसके समर्थन में निर्धारित दस्तावेज़ लगाए जाने चाहिए।
  • आवेदक को झारखंड सामाजिक सुरक्षा पेंशन दिशानिर्देशों के तहत सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी शर्तों को भी पूरा करना होगा।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड।
  • मतदाता पहचान पत्र (18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए अनिवार्य)।
  • सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र।
  • निवास प्रमाण पत्र (यदि सत्यापन के समय आवश्यक हो)।
  • आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी वाला बैंक पासबुक।
  • हाल ही का पासपोर्ट आकार का फोटो।
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर।
  • जन्म प्रमाण पत्र या कोई अन्य वैध आयु प्रमाण (विशेष रूप से 18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए)।
  • निर्धारित प्रारूप में पात्रता संबंधी स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration)।
  • सत्यापन के दौरान सक्षम अधिकारी द्वारा मांगा गया कोई अन्य आवश्यक दस्तावेज़।

आवेदन प्रक्रिया

  • चरण 1: आवेदन पत्र प्राप्त करें
    • सबसे पहले अपने क्षेत्र के संबंधित सरकारी कार्यालय में जाकर योजना का निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय से आवेदन पत्र लें।
    • शहरी क्षेत्र के आवेदक अंचल अधिकारी (CO) / अंचल कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें।
    • आवेदन पत्र संबंधित कार्यालय से निःशुल्क मिलता है।
  • चरण 2: आवेदन पत्र भरें
    • आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक और सही-सही भरें।
    • सभी जानकारी सही भरें ताकि सत्यापन के समय किसी प्रकार की परेशानी या देरी न हो।
  • चरण 3: जरूरी दस्तावेज़ संलग्न करें
    • भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित (Self Attested) प्रतियां संलग्न करें।
    • यदि आवेदन अधूरा होगा या कोई जरूरी दस्तावेज़ नहीं लगाया जाएगा, तो आवेदन की प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
  • चरण 4: आवेदन जमा करें
    • भरा हुआ आवेदन पत्र और सभी जरूरी दस्तावेज़ संबंधित कार्यालय में जमा करें।
    • ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय में आवेदन जमा करें।
    • शहरी क्षेत्र के आवेदक: अंचल अधिकारी (CO) / अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करें।
    • आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित कार्यालय आवेदक की जानकारी NSAP-PPS पोर्टल पर आगे की प्रक्रिया के लिए अपलोड करता है।
  • चरण 5: आवेदन का सत्यापन
    • आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी आवेदन में दी गई सभी जानकारी की जांच करते हैं।
    • सत्यापन के दौरान अधिकारी निम्न बातों की जांच कर सकते हैं—
    • आवेदक की दिव्यांगता की पुष्टि करना।
    • निवास और अन्य पात्रता शर्तों की जांच करना।
    • आवेदन के साथ जमा किए गए सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन करना।
    • यदि किसी जानकारी की आवश्यकता होगी या कोई जानकारी अधूरी होगी, तो संबंधित कार्यालय आवेदक से संपर्क कर सकता है।
  • चरण 6: आवेदन की स्वीकृति
    • सत्यापन पूरा होने के बाद सक्षम अधिकारी आवेदन की जांच करते हैं।
    • पात्र आवेदनों को निर्धारित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार NSAP-PPS पोर्टल के माध्यम से स्वीकृति दी जाती है।
    • ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह स्वीकृति प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) द्वारा दी जाती है।
    • शहरी क्षेत्रों के लिए यह स्वीकृति अंचल अधिकारी (CO) द्वारा दी जाती है।
  • चरण 7: लाभार्थी को सूचना
    • आवेदन स्वीकृत होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदक को इसकी सूचना दी जाती है।
    • पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वीकृत लाभार्थियों की सूची सामान्यतः संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय या शहरी वार्ड कार्यालय में प्रदर्शित की जाती है।
  • चरण 8: पेंशन प्राप्त करें
    • आवेदन स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को हर महीने ₹1,000 की पेंशन मिलना शुरू हो जाती है।
    • पेंशन की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
    • सामान्यतः पेंशन की राशि हर महीने की 5 तारीख तक बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
    • राशि जमा होने के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सामान्यतः SMS के माध्यम से सूचना भी भेजी जाती है। ध्यान दें
    • लाभार्थियों को समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate / Jeevan Pramaan Patra) या अन्य आवश्यक सत्यापन कराना पड़ सकता है।

अपील प्रक्रिया

  • यदि किसी आवेदक को लगता है कि उसका आवेदन गलत तरीके से अस्वीकार कर दिया गया है या उसकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ है, तो वह संबंधित सक्षम अधिकारी के पास अपील कर सकता है।

अपील की प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार होती है—

  • पहली अपील
    • यदि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) या अंचल अधिकारी (CO) के निर्णय से आवेदक संतुष्ट नहीं है, तो वह अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास पहली अपील कर सकता है।
  • दूसरी अपील
    • यदि पहली अपील के निर्णय से भी आवेदक संतुष्ट नहीं है, तो वह संबंधित जिले के उप विकास आयुक्त (DDC) के पास दूसरी अपील कर सकता है।
    • निर्धारित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, अपील प्राप्त होने की तारीख से सामान्यतः 30 दिनों के भीतर उसका निस्तारण किया जाता है।

महत्वपूर्ण लिंक

संपर्क विवरण

यदि आपको योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता या शिकायत दर्ज करनी हो, तो आप महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार से निम्न माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं—

  • विभाग: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार
  • हेल्पलाइन नंबर: 2400757, 2223544
  • ईमेल आईडी: [email protected]
  • कार्यालय का पता: प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा, रांची – 834004

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह झारखंड सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र दिव्यांगजनों को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
 

हाँ। सरकार द्वारा समय-समय पर लाभार्थियों का सत्यापन किया जाता है। आवश्यक होने पर जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) भी जमा करना पड़ सकता है।
 

झारखंड के स्थायी निवासी ऐसे दिव्यांग व्यक्ति, जो योजना की सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
 

पात्र लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह की पेंशन दी जाती है।
 

इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किया जाता है। आवेदन पत्र संबंधित सरकारी कार्यालय में जमा करना होता है।
 

ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय में और शहरी क्षेत्र के आवेदक अंचल अधिकारी (CO) कार्यालय में आवेदन जमा करें।
 

हाँ। आवेदक के पास आधार नंबर होना चाहिए। यदि आधार अभी जारी नहीं हुआ है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार अस्थायी रूप से स्व-घोषणा स्वीकार की जा सकती है।
 

पेंशन की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
 

नहीं। यदि कोई व्यक्ति पहले से महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार की किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहा है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।
 

यदि आवेदन गलत तरीके से अस्वीकार हो जाता है, तो आवेदक पहले SDO के पास और आवश्यकता होने पर बाद में DDC के पास अपील कर सकता है।
 

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